सीधा जवाब: 27 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार बिहार परिवहन विभाग ने निर्देश दिया है कि जिन गाड़ियों पर ई-चालान का जुर्माना बकाया है, उन्हें पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट किया जाए और जुर्माना पूरा भरने तक उनसे जुड़ी ऑनलाइन सेवाएँ, जैसे RC नवीकरण, डुप्लिकेट RC, पता बदलना, फिटनेस और प्रदूषण (PUC) प्रमाणपत्र, और स्वामित्व ट्रांसफ़र, रोकी जाएँ। बार-बार नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित हो सकता है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर 2026 के आदेश के बाद आया है। सबसे आसान बचाव: echallan.parivahan.gov.in पर आज ही अपनी गाड़ी के चालान देखें।
बिहार में क्या बदला?
सवालबिहार में पेंडिंग ई-चालान पर कौन-सी सेवाएँ रुकेंगी?
जवाब: अमर उजाला, The Times of India और प्रभात ख़बर की 27 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार परिवहन विभाग ने ज़िलों के अधिकारियों को ये निर्देश दिए हैं: ब्लैकलिस्ट: पेंडिंग ई-चालान वाली गाड़ियाँ परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट की जाएँगी; रुकने वाली सेवाएँ: RC नवीकरण, डुप्लिकेट RC, पता अपडेट, फिटनेस प्रमाणपत्र, PUC प्रमाणपत्र, स्वामित्व ट्रांसफ़र; कब तक: जब तक बकाया जुर्माना पूरी तरह जमा न हो जाए; जाँच: सड़क पर औचक…
| कदम | रिपोर्ट के अनुसार क्या होगा |
|---|---|
| ब्लैकलिस्ट | पेंडिंग ई-चालान वाली गाड़ियाँ परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट की जाएँगी |
| रुकने वाली सेवाएँ | RC नवीकरण, डुप्लिकेट RC, पता अपडेट, फिटनेस प्रमाणपत्र, PUC प्रमाणपत्र, स्वामित्व ट्रांसफ़र |
| कब तक | जब तक बकाया जुर्माना पूरी तरह जमा न हो जाए |
| जाँच | सड़क पर औचक जाँच; बकाया चालान वाली गाड़ी ज़ब्त भी हो सकती है |
| बार-बार उल्लंघन | ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई |
यानी अगर आप बिहार में गाड़ी बेचने, पुरानी गाड़ी का RC रिन्यू कराने या कमर्शियल गाड़ी का फिटनेस कराने वाले हैं, तो पहले चालान साफ़ करना ज़रूरी होगा। ज़िलों में अमल कब और कैसे शुरू होगा, इसके लिए अपने ज़िला परिवहन कार्यालय (DTO) की सूचना देखें।
सुप्रीम कोर्ट का 28 सितंबर 2026 का आदेश
सवालसुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2026 को ई-चालान वसूली पर क्या कहा?
जवाब: सड़क सुरक्षा से जुड़े एस. राजशेखरन बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2026 को ई-चालान वसूली पर राज्यों को निर्देश दिए। LiveLaw की रिपोर्ट के अनुसार: देशभर में ई-चालान की ₹49,194.05 करोड़ की राशि वसूली योग्य थी, जिसमें से ₹26,175.05 करोड़ वसूले गए, यानी लगभग ₹23,000 करोड़ अब भी बकाया।
- देशभर में ई-चालान की ₹49,194.05 करोड़ की राशि वसूली योग्य थी, जिसमें से ₹26,175.05 करोड़ वसूले गए, यानी लगभग ₹23,000 करोड़ अब भी बकाया।
- कोर्ट ने राज्यों से कहा कि बकाया चालान वाली गाड़ियों की औचक जाँच करें, ज़रूरत पड़ने पर गाड़ी ज़ब्त करें, और ऐसी गाड़ियों की ऑनलाइन सेवाएँ रोकें (रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, PUC, ट्रांसफ़र)।
- बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन की बात भी आदेश में है।
- बिजली बिल के साथ चालान वसूली का विचार सुनवाई में चर्चा में आया था, लेकिन Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार यह लिखित आदेश का हिस्सा नहीं है। इसलिए ऐसे किसी दावे वाले मैसेज पर भरोसा न करें।

केंद्रीय नियम पहले से क्या कहते हैं (जनवरी 2026)
सवालचालान भरने या चुनौती देने के लिए कितना समय मिलता है?
जवाब: सड़क परिवहन मंत्रालय ने 20 जनवरी 2026 को G.S.R. 48(E) से केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में बदलाव किया, जो 21 जनवरी 2026 से लागू हैं: ई-चालान 3 दिन के अंदर और फ़िज़िकल चालान 15 दिन के अंदर भेजना होगा।; चालान जारी होने के 45 दिन के अंदर आप उसे भर सकते हैं या पोर्टल पर सबूत के साथ चुनौती दे सकते हैं।
- ई-चालान 3 दिन के अंदर और फ़िज़िकल चालान 15 दिन के अंदर भेजना होगा।
- चालान जारी होने के 45 दिन के अंदर आप उसे भर सकते हैं या पोर्टल पर सबूत के साथ चुनौती दे सकते हैं।
- कुछ न करने पर चालान स्वीकार माना जाएगा और अगले 30 दिन में भरना होगा।
- चालान न भरने पर लाइसेंस और गाड़ी से जुड़े काम (टैक्स छोड़कर) रुक सकते हैं, और गाड़ी पोर्टल पर “Not to be Transacted” दिख सकती है।
पूरी फ़ाइन लिस्ट और 15 अगस्त 2026 से लागू बदलाव हमारी गाइड में हैं: ट्रैफ़िक चालान जुर्माना 2026: पूरी फ़ाइन लिस्ट।
वाहन मालिक अभी क्या करें
- echallan.parivahan.gov.in पर गाड़ी नंबर डालकर पेंडिंग चालान देखें। सिर्फ़ सरकारी पोर्टल इस्तेमाल करें। स्टेप-बाय-स्टेप तरीका: ई-चालान कैसे चेक करें और भरें।
- चालान ग़लत लगे तो 45 दिन के अंदर सबूत के साथ चुनौती दें: ग़लत चालान को चुनौती कैसे दें।
- पुराने चालान कोर्ट में हों तो नेशनल लोक अदालत एक रास्ता है। साल की आख़िरी नेशनल लोक अदालत NALSA कैलेंडर के अनुसार 12 दिसंबर 2026 को है: लोक अदालत में चालान की गाइड।
- पुरानी गाड़ी ख़रीद रहे हैं तो सौदे से पहले उसके चालान ज़रूर जाँचें, वरना ट्रांसफ़र अटक सकता है।
- चालान के नाम पर आए SMS के लिंक पर क्लिक न करें: फ़र्ज़ी ई-चालान SMS से कैसे बचें।
चालान ऑनलाइन कैसे देखें और भरें
सवालअपना ट्रैफ़िक चालान ऑनलाइन कैसे देखें और भरें?
जवाब: आजकल ज़्यादातर चालान कैमरों या पुलिस के हैंडहेल्ड डिवाइस से इलेक्ट्रॉनिक रूप में कटते हैं। अपने चालान की सही स्थिति देखने का सबसे भरोसेमंद तरीका सरकारी e-Challan पोर्टल है। ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (किसी मैसेज के लिंक से नहीं)।; चालान की स्थिति देखने वाले विकल्प में गाड़ी नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें।
- ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (किसी मैसेज के लिंक से नहीं)।
- चालान की स्थिति देखने वाले विकल्प में गाड़ी नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें।
- चालान की तारीख़, जगह, उल्लंघन और रक़म जाँचें; जहाँ तस्वीर उपलब्ध हो, वह भी देखें।
- सही लगे तो पोर्टल पर ही ऑनलाइन भुगतान करें और रसीद डाउनलोड करके रखें।
- चालान ग़लत लगे या भुगतान का विकल्प न दिखे, तो वह कोर्ट/वर्चुअल कोर्ट में भेजा गया हो सकता है; इसके लिए अपने राज्य की ट्रैफ़िक पुलिस या वर्चुअल कोर्ट की जानकारी देखें।
| ठगी के संकेत | क्या करें |
|---|---|
| अनजान नंबर से लिंक वाला “चालान” मैसेज | लिंक न खोलें, पोर्टल पर ख़ुद जाँचें |
| APK फ़ाइल डाउनलोड करने को कहा जाए | बिल्कुल डाउनलोड न करें |
| “आज ही भरें वरना गिरफ़्तारी” जैसी धमकी | घबराएँ नहीं, यह दबाव की चाल है |
| पैसे कट गए | तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें |
वर्चुअल कोर्ट में चालान: भुगतान या चुनौती
सवालचालान वर्चुअल कोर्ट में चला जाए तो क्या करें?
जवाब: जो ई-चालान तय समय में नहीं भरे जाते या जिन्हें विभाग कोर्ट भेज देता है, वे कई राज्यों में "वर्चुअल कोर्ट" पहुँच जाते हैं। यहाँ ऑनलाइन ही केस देखा जा सकता है, और आप तय कर सकते हैं कि जुर्माना भरना है या चालान को चुनौती देनी है।
वर्चुअल कोर्ट के आधिकारिक FAQ के अनुसार तरीका:
- vcourts.gov.in पर जाएँ और अपना राज्य/विभाग चुनें।
- मोबाइल नंबर, CNR नंबर, पार्टी का नाम या चालान/वाहन नंबर से केस खोजें।
- केस के सामने “View” पर क्लिक करके पूरा चालान देखें।
- भुगतान करना हो तो वहीं दिखाई गई राशि ऑनलाइन भरें और रसीद सेव करें।
- चुनौती देनी हो तो “I wish to contest the case” चुनें। OTP से सत्यापन होता है; मोबाइल नंबर ग़लत हो तो चेसिस या इंजन नंबर के आख़िरी 4 अंक से सत्यापन का विकल्प है।
| फ़ैसला | आगे क्या होगा |
|---|---|
| जुर्माना भरा | रसीद मिलेगी, केस निपट जाएगा |
| चुनौती चुनी | केस नियमित कोर्ट में जाएगा, ऑनलाइन भुगतान का विकल्प बंद हो जाएगा |
| कुछ नहीं किया | केस लंबित रहेगा; बाद में दिक़्क़त बढ़ सकती है |
सावधानी: चुनौती तभी चुनें जब आपके पास मज़बूत सबूत हों (जैसे उस समय कहीं और होने का सबूत, या गाड़ी पहले ही बिक चुकी हो)। सुनवाई की तारीख़ और कोर्ट का नाम स्क्रीन पर दिखता है; उसे सेव कर लें और तारीख़ पर ज़रूर पेश हों।

निष्कर्ष
बिहार का यह कदम साफ़ संकेत है कि अब बकाया चालान को नज़रअंदाज़ करना महँगा पड़ेगा: RC, फिटनेस या गाड़ी बेचने जैसे ज़रूरी काम अटक सकते हैं। हर कुछ हफ़्तों में सरकारी पोर्टल पर अपने चालान देख लेना सबसे सस्ता बचाव है। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड E-CHALLAN भी पढ़ सकते हैं।
कई चालान इसलिए भी कटते हैं कि ग़लत जगह खड़ी गाड़ी का मालिक समय पर मिलता नहीं। गाड़ी पर Rakshak Code QR लगा हो तो कोई भी स्कैन करके कॉल, WhatsApp या इमरजेंसी कॉन्टैक्ट बटन से आपसे संपर्क कर सकता है, और आपका नंबर किसी को दिखता नहीं।
आख़िरी अपडेट: 28 अक्टूबर 2026
स्रोत (Sources)
- अमर उजाला, “बिहार: ई-चालान न भरने पर बिहार में गाड़ियां होंगी ब्लैकलिस्ट, रुकेंगी ऑनलाइन सेवाएं” (27 अक्टूबर 2026): https://www.amarujala.com/bihar/patna/bihar-e-challan-pending-vehicles-blacklisted-online-services-stopped-2026-10-27
- The Times of India, “Govt to restrict services for vehicles with unpaid e-challans” (पटना, 27 अक्टूबर 2026): https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/govt-to-restrict-services-for-vehicles-with-unpaid-e-challans/articleshow/135233682.cms
- प्रभात ख़बर, “ई-चालान नहीं चुकाया तो नहीं होगा अब गाड़ी का फिटनेस और आरसी रिन्यूवल”: https://www.prabhatkhabar.com/state/bihar/unpaid-e-challans-will-now-halt-vehicle-fitness-rc-renewal-services
- सुप्रीम कोर्ट, S. Rajaseekaran v. Union of India, आदेश दिनांक 28 सितंबर 2026: https://api.sci.gov.in/supremecourt/2012/20376/20376_2012_6_301_74787_Order_28-Sep-2026.pdf
- LiveLaw, “Impound Vehicles With Unpaid E-Challans, Freeze Online Services: Supreme Court Orders”: https://www.livelaw.in/top-stories/impound-vehicles-with-unpaid-e-challans-freeze-online-services-supreme-court-orders-notes-over-23000-crore-traffic-fines-pending-552686
- Moneycontrol, “Will unpaid e-challans be recovered through electricity bills? What Supreme Court order says”: https://www.moneycontrol.com/news/india/will-unpaid-e-challans-be-recovered-through-electricity-bills-what-supreme-court-order-says-about-recovering-rs-49194-crore-14043098.html
- केंद्रीय मोटर वाहन (तृतीय संशोधन) नियम, 2026, G.S.R. 48(E), 20 जनवरी 2026 (केरल MVD पर प्रति): https://mvd.kerala.gov.in/sites/default/files/Downloads/G.S.R.48%28E%29%20dt%2020-01-2026.pdf
- eChallan पोर्टल (MoRTH/Parivahan): https://echallan.parivahan.gov.in/
- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in/
- Virtual Courts, FAQ: https://vcourts.gov.in/virtualcourt/faq.php
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. बिहार में पेंडिंग ई-चालान पर कौन-सी सेवाएँ रुकेंगी?
रिपोर्टों के अनुसार RC नवीकरण, डुप्लिकेट RC, पता अपडेट, फिटनेस प्रमाणपत्र, PUC प्रमाणपत्र और स्वामित्व ट्रांसफ़र, जब तक जुर्माना पूरा न भरा जाए।
2. क्या बकाया चालान पर गाड़ी ज़ब्त हो सकती है?
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को औचक जाँच और ज़रूरत पड़ने पर बकाया चालान वाली गाड़ियाँ ज़ब्त करने को कहा है। बिहार के निर्देशों में भी यह बात रिपोर्ट हुई है।
3. चालान भरने के लिए कितना समय मिलता है?
केंद्रीय नियमों (G.S.R. 48(E)) के अनुसार 45 दिन में भरें या चुनौती दें; उसके बाद चालान स्वीकार माना जाएगा और अगले 30 दिन में भरना होगा।
4. क्या बिजली बिल से चालान कटेगा?
नहीं, ऐसा कोई लिखित आदेश नहीं है। यह विचार सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में चर्चा में आया था, पर 28 सितंबर के लिखित आदेश में शामिल नहीं है।
5. क्या यह नियम सिर्फ़ बिहार में है?
सुप्रीम कोर्ट का 28 सितंबर 2026 का आदेश सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए है, और केंद्रीय नियमों में भी चालान न भरने पर गाड़ी/लाइसेंस से जुड़े काम रोकने का प्रावधान है। बिहार ने इसे लागू करने के निर्देश जारी किए हैं; दूसरे राज्यों में अमल का तरीका और तारीख़ अलग हो सकती है।
More like this
- 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में एंट्री के नियम: BS-IV मालवाहक गाड़ियों की छूट ख़त्म, बाहर की ग़ैर-BS-VI गाड़ियों पर सर्दियों की रोक
- टोल प्लाज़ा से 20 किमी के अंदर रहते हैं? 1 नवंबर 2026 से ₹1,500 या ₹3,000 सालाना का 'कंसेशनल लोकल पास'
- '100 मीटर लंबी कतार पर टोल फ़्री': यह नियम अब लागू नहीं, टोल पर देरी हो तो शिकायत कहाँ करें


