सीधा जवाब: 15 अगस्त 2026 से जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत मोटर वाहन कानून में बदलाव लागू हो गए हैं। छोटी गलतियों पर पहली बार अब दर्ज चेतावनी मिलेगी, बिना बीमा का जुर्माना प्रीमियम से जुड़ गया है, लेकिन हेलमेट (₹1,000), ओवरस्पीडिंग (₹1,000–₹2,000) और शराब पीकर ड्राइविंग (₹10,000) जैसे जुर्माने पहले जैसे ही हैं।
15 अगस्त 2026 से क्या बदला?
सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) ने 24 जुलाई 2026 की अधिसूचना S.O. 4100(E) से तय किया कि जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के मोटर वाहन अधिनियम वाले प्रावधान 15 अगस्त 2026 से लागू होंगे। इस कानून को 7 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिली थी। आम ड्राइवर के लिए मुख्य बदलाव ये हैं:
- पहली गलती पर चेतावनी: जिन गलतियों के लिए कानून में अलग जुर्माना नहीं लिखा (धारा 177), और सड़क नियमों के रेगुलेशन तोड़ने (धारा 177A) पर पहली बार सिर्फ़ दर्ज चेतावनी मिलेगी। दोबारा करने पर ₹500 से ₹1,500 (177A में ₹500 से ₹1,000) तक की पेनल्टी।
- बेवजह हॉर्न या साइलेंसर कट-आउट (194F): पहली बार चेतावनी, फिर ₹1,000 से ₹2,000।
- बिना बीमा (196): अब जेल नहीं, लेकिन पेनल्टी प्रीमियम से जुड़ी है, जो पहले से ज़्यादा भी हो सकती है।
- ड्राइविंग लाइसेंस: एक्सपायरी के बाद भी 30 दिन तक लाइसेंस मान्य रहेगा।
पूरी फाइन लिस्ट (15 अगस्त 2026 तक)
ये राशियाँ केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार हैं। राज्य सरकारें धारा 200 के तहत compounding (मौके पर भरी जाने वाली) राशि अलग तय कर सकती हैं, इसलिए आपके शहर में रकम थोड़ी अलग हो सकती है।
| उल्लंघन | धारा | जुर्माना (पहली बार / दोबारा) | अन्य सज़ा |
|---|---|---|---|
| ओवरस्पीडिंग: कार/LMV | 183(1) | ₹1,000–₹2,000 | दोबारा पकड़े जाने पर DL ज़ब्त |
| ओवरस्पीडिंग: मीडियम/हेवी वाहन | 183(1) | ₹2,000–₹4,000 | दोबारा पकड़े जाने पर DL ज़ब्त |
| रेड लाइट जंप, हाथ में मोबाइल लेकर ड्राइविंग, रॉन्ग साइड, खतरनाक ड्राइविंग | 184 | ₹1,000–₹5,000 / ₹10,000 (3 साल के अंदर दोबारा) | पहली बार 6 महीने–1 साल, दोबारा 2 साल तक जेल (या जुर्माना, या दोनों) |
| शराब पीकर ड्राइविंग | 185 | ₹10,000 / ₹15,000 | पहली बार 6 महीने तक, दोबारा 2 साल तक जेल (या जुर्माना, या दोनों) |
| बिना हेलमेट | 194D | ₹1,000 | 3 महीने के लिए DL अयोग्य |
| ट्रिपल राइडिंग (टू-व्हीलर) | 194C | ₹1,000 | 3 महीने के लिए DL अयोग्य |
| बिना सीट बेल्ट | 194B | ₹1,000 | 14 साल से छोटे बच्चे को बेल्ट/चाइल्ड सीट के बिना बैठाने पर भी ₹1,000 |
| PUC/प्रदूषण मानक तोड़ना | 190(2)(i) | ₹10,000 तक / ₹10,000 तक | पहली बार 3 महीने DL अयोग्य; दोबारा 6 महीने तक जेल भी हो सकती है |
| बिना लाइसेंस ड्राइविंग | 181 | ₹5,000 | 3 महीने तक जेल (या दोनों) |
| बिना बीमा | 196 | बेस TP प्रीमियम का 3 गुना या ₹5,000 / 5 गुना या ₹10,000 (जो ज़्यादा हो) | जेल नहीं |
| एम्बुलेंस/फायर ब्रिगेड को रास्ता न देना | 194E | ₹10,000 / ₹10,000 तक | दोबारा: 6 महीने तक जेल (या दोनों) |
| नाबालिग का गाड़ी चलाना | 199A | अभिभावक/मालिक पर ₹25,000 | 3 साल तक जेल, RC 12 महीने रद्द, नाबालिग को 25 साल तक DL नहीं |
| गलत/नो-पार्किंग (जहाँ अलग पेनल्टी नहीं) | 177 / 177A | पहली बार दर्ज चेतावनी / ₹500–₹1,500 (177A में ₹500–₹1,000) | टोइंग चार्ज अलग, राज्य के हिसाब से |
राज्यों में फ़र्क के दो उदाहरण:
– गुजरात ने 2019 में अपनी अधिसूचना से कई राशियाँ घटाई थीं, जैसे हेलमेट और सीट बेल्ट पर ₹500 (केंद्र में ₹1,000)।
– दिल्ली में गाड़ी टो होने पर पार्किंग की compounding राशि के साथ टोइंग चार्ज भी लगता है: टू-व्हीलर ₹200 और कार ₹400, और 48 घंटे बाद हर दिन की कस्टडी फीस अलग।

चालान की प्रक्रिया में नया क्या है (जनवरी 2026 के नियम)
MoRTH ने 20 जनवरी 2026 को G.S.R. 48(E) से केंद्रीय मोटर वाहन नियम बदले, जो 21 जनवरी 2026 से लागू हैं:
- e-Challan 3 दिन के अंदर और फिज़िकल चालान 15 दिन के अंदर भेजना होगा।
- चालान जारी होने के 45 दिन के अंदर आप उसे भर सकते हैं या पोर्टल पर सबूत के साथ चुनौती दे सकते हैं।
- कुछ न करने पर चालान स्वीकार माना जाएगा और अगले 30 दिन में भरना होगा।
- चुनौती खारिज होने के बाद कोर्ट जाने के लिए चालान की 50% राशि पहले जमा करनी होगी।
- चालान न भरने पर लाइसेंस और गाड़ी से जुड़े काम (टैक्स छोड़कर) रुक सकते हैं, और गाड़ी पोर्टल पर “Not to be Transacted” दिख सकती है।
- 1 जनवरी 2026 से एक कैलेंडर साल में 5 या ज़्यादा उल्लंघन, लाइसेंसिंग अथॉरिटी के लिए DL अयोग्य करने का आधार बन सकते हैं।
e-Challan कैसे चेक करें और भरें
- सिर्फ़ सरकारी पोर्टल echallan.parivahan.gov.in खोलें। पोर्टल ने खुद चेतावनी दी है कि मिलती-जुलती नकली वेबसाइटें लोगों से पैसे ठग रही हैं।
- होमपेज पर चालान देखने/ऑनलाइन भुगतान (Pay Online) वाला विकल्प चुनें।
- चालान नंबर, गाड़ी नंबर या DL नंबर डालें, फिर कैप्चा भरें।
- पेंडिंग चालान की लिस्ट दिखेगी। “Pay Now” पर क्लिक करके UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करें।
- भुगतान के बाद रसीद डाउनलोड करके रखें।
अगर चालान गलत लगे, तो 45 दिन के अंदर अपने राज्य के ट्रैफिक पोर्टल पर शिकायत करें।
पुराने चालान: लोक अदालत एक आसान रास्ता
अगर आपके पुराने चालान कोर्ट में चले गए हैं, तो घबराने की ज़रूरत नहीं। कई राज्यों में ऐसे चालान नेशनल लोक अदालत में आपसी सहमति से निपटाए जाते हैं। यहाँ कोई कोर्ट फीस नहीं लगती और कई बार बजट के हिसाब से समाधान मिल जाता है। NALSA के 2026 कैलेंडर के अनुसार अगली नेशनल लोक अदालत 12 सितंबर 2026 को है, और साल की आख़िरी 12 दिसंबर 2026 को। अपने ज़िले की DLSA या ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर देखें कि आपका चालान इसमें शामिल हो सकता है या नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या 15 अगस्त 2026 के बाद हर गलती पर पहली बार सिर्फ़ चेतावनी मिलेगी?
नहीं। चेतावनी सिर्फ़ उन छोटी गलतियों पर है जिनका अलग जुर्माना तय नहीं है (177, 177A) और बेवजह हॉर्न (194F) पर। हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर ड्राइविंग पर तय जुर्माना ही लगेगा।
2. बिना बीमा गाड़ी चलाने पर अब कितना जुर्माना है?
पहली बार प्रीमियम का 3 गुना या ₹5,000, दोबारा 5 गुना या ₹10,000, जो भी ज़्यादा हो। जेल नहीं होगी।
3. e-Challan कितने दिन में भरना है?
45 दिन में भरें या चुनौती दें। उसके बाद चालान स्वीकार माना जाएगा और अगले 30 दिन में भरना होगा।
4. लाइसेंस एक्सपायर हो गया तो क्या तुरंत चालान कटेगा?
एक्सपायरी के बाद 30 दिन तक लाइसेंस मान्य रहता है। इसी बीच रिन्यू करा लें।
निष्कर्ष: नियम समझें, और ज़रूरत पड़ने पर पहुँच में रहें
नए नियमों का मकसद छोटी गलतियों पर लोगों को कोर्ट के चक्कर से बचाना है, लेकिन सुरक्षा से जुड़े जुर्माने अब भी सख़्त हैं। हेलमेट, सीट बेल्ट, वैध PUC और बीमा रखना सबसे सस्ता बचाव है।
रोज़मर्रा में कई चालान और परेशानियाँ बस इसलिए होती हैं कि गाड़ी का मालिक समय पर मिलता नहीं, जैसे गलत जगह खड़ी गाड़ी जो किसी का रास्ता रोक रही हो। गाड़ी पर Rakshak Code QR लगा हो, तो कोई भी उसे स्कैन करके आपसे संपर्क कर सकता है, और आपका फ़ोन नंबर उसे दिखता भी नहीं। आप समय पर गाड़ी हटा सकते हैं, और टोइंग या नो-पार्किंग की झंझट से बचने का मौका मिलता है। सड़क हादसे जैसी किसी मुश्किल घड़ी में भी मदद करने वाला व्यक्ति आपके परिवार या इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक जल्दी पहुँच सकता है।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
स्रोत (Sources)
- जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026 (Act 8 of 2026), भारत का राजपत्र, 8 अप्रैल 2026, अनुसूची क्रम सं. 51 (मोटर वाहन अधिनियम): https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/271642.pdf
- MoRTH अधिसूचना S.O. 4100(E), 24 जुलाई 2026 (लागू होने की तारीख 15 अगस्त 2026): https://morth.gov.in/backend/documents/uploaded/1785219142_ZYNyxGJGJI.pdf
- PIB, जन विश्वास बिल 2026 पर बैकग्राउंडर (DL 30 दिन grace आदि): https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2026/apr/doc202644839301.pdf
- मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 (No. 32 of 2019), भारत का राजपत्र: https://egazette.gov.in/WriteReadData/2019/210413.pdf
- केंद्रीय मोटर वाहन (तृतीय संशोधन) नियम, 2026, G.S.R. 48(E), 20 जनवरी 2026 (केरल MVD पर प्रति): https://mvd.kerala.gov.in/sites/default/files/Downloads/G.S.R.48%28E%29%20dt%2020-01-2026.pdf
- eChallan पोर्टल (MoRTH/Parivahan): https://echallan.parivahan.gov.in/
- दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, FAQ (टोइंग चार्ज): https://traffic.delhipolice.gov.in/faq
- NALSA नेशनल लोक अदालत शेड्यूल 2026 (हिमाचल प्रदेश SLSA): https://himachalpradesh.nalsa.gov.in/lok-adalat/
- The Indian Express, “Motor Vehicles Act: Gujarat trims fine for traffic violations”, 11 सितंबर 2019: https://indianexpress.com/article/india/motor-vehicles-act-gujarat-trims-fine-for-traffic-violations-5984457/


