सीधा जवाब: ग्रेटर चेन्नई ट्रैफिक पुलिस (GCTP) 21 से 30 सितंबर 2026 तक शहर में 15 विशेष कॉल सेंटर चलाएगी, जो सुबह 9 से शाम 7 बजे तक खुले रहेंगे। The Hindu (17 सितंबर 2026) के अनुसार यहाँ पुलिसकर्मी लोगों को उनके पेंडिंग ई-चालान और जुर्माने की जानकारी देंगे, फ़ोन पर भी और आमने-सामने भी। पुलिस का कहना है कि कई लोगों को कैमरों से कटे चालानों का पता ही नहीं होता, और कुछ लोग मंत्रालय से आए असली SMS लिंक को भी फ़र्ज़ी समझकर नहीं खोलते। सबसे सुरक्षित तरीका: लिंक की जगह ख़ुद आधिकारिक पोर्टल पर वाहन नंबर डालकर चालान देखें।
पहल एक नज़र में
| बात | जानकारी (The Hindu, 17 सितंबर 2026) |
|---|---|
| किसकी पहल | ग्रेटर चेन्नई ट्रैफिक पुलिस (GCTP) |
| कब | 21 से 30 सितंबर 2026 (10 दिन) |
| समय | सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक |
| कितने सेंटर | 15, शहर के अलग-अलग पुलिस बूथ और थानों में |
| क्या मदद | पेंडिंग चालान की जानकारी, बल्क SMS अलर्ट, फ़ोन/आमने-सामने पूछताछ |
| भुगतान | ई-चालान पोर्टल, NextGen ई-चालान, Paytm, डाकघर, तमिलनाडु ई-सेवई केंद्र |
सेंटर अयनावरम, रॉयपेट्टा, अभिरामपुरम, अन्ना सलाई, अन्ना नगर, मदुरावोयल, माधवरम, फ़्लावर बाज़ार, वाशरमेनपेट, पुलियनथोप, मांबलम, अड्यार, कथिपारा फ़्लाईओवर के पास ट्रैफिक माउंट सब-डिवीज़न और वेपेरी में पुलिस कमिश्नर कार्यालय के ITMS मुख्यालय जैसे इलाक़ों में होंगे।
क्यों शुरू की गई यह पहल?
सवालचेन्नई पुलिस ने ये हेल्प सेंटर क्यों शुरू किए?
जवाब: पुलिस के अनुसार बहुत से वाहन चालकों को उन ई-चालानों की जानकारी ही नहीं होती जो ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों और ट्रैफिक नियम निगरानी ज़ोन जैसे सिस्टम से अपने-आप बन जाते हैं। साथ ही, कुछ लोग सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की ओर से आए लिंक को भी धोखा समझकर नहीं खोलते।

असली या फ़र्ज़ी: कैसे पहचानें?
सवालअसली और फ़र्ज़ी चालान SMS में फ़र्क़ कैसे करें?
जवाब: चालान के नाम पर ठगी के मैसेज भी आते हैं, इसलिए सबसे भरोसेमंद नियम है: लिंक पर नहीं, पोर्टल पर भरोसा करें। SMS में आए लिंक पर क्लिक करने की जगह ख़ुद echallan.parivahan.gov.in खोलें और वाहन नंबर या चालान नंबर डालकर देखें।; अगर पोर्टल पर वही चालान दिखता है, तो वहीं से भरें। नहीं दिखता, तो मैसेज पर भरोसा न करें।
- SMS में आए लिंक पर क्लिक करने की जगह ख़ुद echallan.parivahan.gov.in खोलें और वाहन नंबर या चालान नंबर डालकर देखें।
- अगर पोर्टल पर वही चालान दिखता है, तो वहीं से भरें। नहीं दिखता, तो मैसेज पर भरोसा न करें।
- कोई असली विभाग APK फ़ाइल डाउनलोड करने, OTP या UPI PIN बताने को नहीं कहता।
- शक हो तो नज़दीकी ट्रैफिक पुलिस हेल्प डेस्क या थाने से पूछें। धोखा हो जाए तो 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
भुगतान के आधिकारिक तरीके
सवालई-चालान भरने के आधिकारिक तरीके क्या हैं?
जवाब: The Hindu के अनुसार चेन्नई में पेंडिंग जुर्माना आधिकारिक ई-चालान पोर्टल या NextGen ई-चालान प्लेटफ़ॉर्म से ऑनलाइन, Paytm से, डाकघरों में और तमिलनाडु ई-सेवई केंद्रों पर भरा जा सकता है। नशे में ड्राइविंग से जुड़े जुर्माने कोर्ट के ज़रिए भरे जाते हैं। भरने के बाद रसीद या स्क्रीनशॉट संभालकर रखें।
बार-बार नियम तोड़ने पर क्या?
सवालबार-बार एक ही नियम तोड़ने पर क्या होता है?
जवाब: पुलिस ने साफ़ किया है कि एक ही नियम बार-बार तोड़ने वालों पर बढ़ा हुआ जुर्माना और दूसरी क़ानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस का निलंबन या रद्द होना भी शामिल है। इसलिए पुराने चालान टालना समझदारी नहीं; छोटा जुर्माना समय पर भरना बाद की बड़ी परेशानी से बचाता है।
चालान ऑनलाइन कैसे देखें और भरें
सवालअपना ट्रैफ़िक चालान ऑनलाइन कैसे देखें और भरें?
जवाब: आजकल ज़्यादातर चालान कैमरों या पुलिस के हैंडहेल्ड डिवाइस से इलेक्ट्रॉनिक रूप में कटते हैं। अपने चालान की सही स्थिति देखने का सबसे भरोसेमंद तरीका सरकारी e-Challan पोर्टल है। ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (किसी मैसेज के लिंक से नहीं)।; चालान की स्थिति देखने वाले विकल्प में गाड़ी नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें।
- ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (किसी मैसेज के लिंक से नहीं)।
- चालान की स्थिति देखने वाले विकल्प में गाड़ी नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें।
- चालान की तारीख़, जगह, उल्लंघन और रक़म जाँचें; जहाँ तस्वीर उपलब्ध हो, वह भी देखें।
- सही लगे तो पोर्टल पर ही ऑनलाइन भुगतान करें और रसीद डाउनलोड करके रखें।
- चालान ग़लत लगे या भुगतान का विकल्प न दिखे, तो वह कोर्ट/वर्चुअल कोर्ट में भेजा गया हो सकता है; इसके लिए अपने राज्य की ट्रैफ़िक पुलिस या वर्चुअल कोर्ट की जानकारी देखें।
| ठगी के संकेत | क्या करें |
|---|---|
| अनजान नंबर से लिंक वाला “चालान” मैसेज | लिंक न खोलें, पोर्टल पर ख़ुद जाँचें |
| APK फ़ाइल डाउनलोड करने को कहा जाए | बिल्कुल डाउनलोड न करें |
| “आज ही भरें वरना गिरफ़्तारी” जैसी धमकी | घबराएँ नहीं, यह दबाव की चाल है |
| पैसे कट गए | तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें |
लोक अदालत के फ़ैसले के बारे में ज़रूरी बातें
लोक अदालत आपसी सहमति से मामले निपटाने का मंच है, जिसे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राज्य/ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण आयोजित करते हैं। ट्रैफ़िक चालान के अलावा बैंक वसूली, बिजली-पानी के बिल और कई छोटे दीवानी मामले भी यहाँ आते हैं।
| बात | क्या जानना ज़रूरी |
|---|---|
| फ़ैसले की ताक़त | विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 21 के तहत अवॉर्ड दीवानी अदालत की डिक्री जैसा माना जाता है |
| अपील | अवॉर्ड अंतिम होता है, उसके ख़िलाफ़ अपील नहीं होती |
| सहमति | मामला दोनों पक्षों की सहमति से ही निपटता है; ज़बरदस्ती नहीं |
| कोर्ट फ़ीस | अदालत में लंबित मामला लोक अदालत में निपटे तो चुकाई गई कोर्ट फ़ीस लौटाने का प्रावधान है |
जाने से पहले तैयारी: चालान नंबर या टोकन/स्लिप, गाड़ी की RC, पहचान पत्र और भुगतान का साधन साथ रखें। जिस शहर में लोक अदालत है, वहाँ की ट्रैफ़िक पुलिस या विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट पर तय प्रक्रिया ज़रूर देखें, क्योंकि कई जगह पहले से ऑनलाइन टोकन या अपॉइंटमेंट लेना होता है।
ध्यान दें: हर चालान लोक अदालत में नहीं आता। गंभीर अपराधों से जुड़े या कोर्ट में अलग से चल रहे मामलों के लिए नियम अलग हो सकते हैं। किसी दलाल को पैसे देकर “चालान माफ़” करवाने के झाँसे में न आएँ।
वर्चुअल कोर्ट में चालान: भुगतान या चुनौती
जो ई-चालान तय समय में नहीं भरे जाते या जिन्हें विभाग कोर्ट भेज देता है, वे कई राज्यों में “वर्चुअल कोर्ट” पहुँच जाते हैं। यहाँ ऑनलाइन ही केस देखा जा सकता है, और आप तय कर सकते हैं कि जुर्माना भरना है या चालान को चुनौती देनी है।
वर्चुअल कोर्ट के आधिकारिक FAQ के अनुसार तरीका:
- vcourts.gov.in पर जाएँ और अपना राज्य/विभाग चुनें।
- मोबाइल नंबर, CNR नंबर, पार्टी का नाम या चालान/वाहन नंबर से केस खोजें।
- केस के सामने “View” पर क्लिक करके पूरा चालान देखें।
- भुगतान करना हो तो वहीं दिखाई गई राशि ऑनलाइन भरें और रसीद सेव करें।
- चुनौती देनी हो तो “I wish to contest the case” चुनें। OTP से सत्यापन होता है; मोबाइल नंबर ग़लत हो तो चेसिस या इंजन नंबर के आख़िरी 4 अंक से सत्यापन का विकल्प है।
| फ़ैसला | आगे क्या होगा |
|---|---|
| जुर्माना भरा | रसीद मिलेगी, केस निपट जाएगा |
| चुनौती चुनी | केस नियमित कोर्ट में जाएगा, ऑनलाइन भुगतान का विकल्प बंद हो जाएगा |
| कुछ नहीं किया | केस लंबित रहेगा; बाद में दिक़्क़त बढ़ सकती है |
सावधानी: चुनौती तभी चुनें जब आपके पास मज़बूत सबूत हों (जैसे उस समय कहीं और होने का सबूत, या गाड़ी पहले ही बिक चुकी हो)। सुनवाई की तारीख़ और कोर्ट का नाम स्क्रीन पर दिखता है; उसे सेव कर लें और तारीख़ पर ज़रूर पेश हों।

निष्कर्ष
चेन्नई की यह पहल दिखाती है कि ठगी का डर और असली चालान की अनदेखी, दोनों से बचने का एक ही रास्ता है: आधिकारिक पोर्टल। आप किसी भी शहर में हों, महीने में एक बार अपना वाहन नंबर डालकर चालान देख लीजिए। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड E-CHALLAN भी पढ़ सकते हैं।
सड़क पर किसी मुसीबत में परिवार तक ख़बर पहुँचे, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए: मदद करने वाला उसे स्कैन करके आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक पहुँच सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 18 सितंबर 2026
स्रोत (Sources)
- The Hindu, “Traffic police to set up 15 centres to help motorists clear pending e-challans” (17 सितंबर 2026): https://www.thehindu.com/news/cities/chennai/traffic-police-to-set-up-15-centres-for-to-help-motorists-clear-pending-e-challans/article71476194.ece
- Parivahan ई-चालान पोर्टल: https://echallan.parivahan.gov.in/
- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in/
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987, धारा 21: https://indiacode.ecourtsindia.com/legal-services-authorities-act-1987/section/21/
- NALSA, नेशनल लोक अदालत: https://nalsa.gov.in/national-lok-adalat/
- Virtual Courts, FAQ: https://vcourts.gov.in/virtualcourt/faq.php
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. चेन्नई के हेल्प सेंटर कब तक खुले हैं?
The Hindu के अनुसार 21 से 30 सितंबर 2026 तक, सुबह 9 से शाम 7 बजे तक।
2. क्या ये सेंटर चालान भी लेते हैं?
सेंटर मुख्य रूप से पेंडिंग चालान और जुर्माने की जानकारी देते हैं। भुगतान पोर्टल, Paytm, डाकघर या ई-सेवई केंद्र पर किया जा सकता है।
3. नशे में ड्राइविंग का जुर्माना कहाँ भरें?
पुलिस के अनुसार यह जुर्माना कोर्ट के ज़रिए भरा जाता है।
4. SMS असली है या नहीं, कैसे जानें?
लिंक न खोलें; ख़ुद आधिकारिक पोर्टल पर वाहन नंबर डालकर देखें कि चालान वहाँ दिखता है या नहीं।
5. चालान के नाम पर आया मैसेज असली है या नकली, कैसे पहचानें?
मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें; ख़ुद echallan.parivahan.gov.in पर जाकर गाड़ी नंबर या चालान नंबर से जाँचें। ठगी हो जाए तो 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।


