सीधा जवाब: अगर SMS या WhatsApp पर “आपका चालान कटा है, तुरंत इस लिंक पर भुगतान करें” जैसा मैसेज आए, तो लिंक पर क्लिक न करें। चालान हमेशा ख़ुद echallan.parivahan.gov.in या अपने राज्य की ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर वाहन नंबर डालकर जाँचें। कोई भी असली विभाग आपसे APK फ़ाइल डाउनलोड करवाने, OTP या UPI PIN माँगने का काम नहीं करता। धोखा हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दें।
ठगी कैसे होती है?
सवालचालान के नाम पर ठगी कैसे होती है?
जवाब: ठग आम तौर पर ये तरीक़े अपनाते हैं: – चालान के नाम पर डराने वाला मैसेज: "आज भुगतान नहीं किया तो कोर्ट केस/लाइसेंस रद्द।" – असली जैसी दिखने वाली वेबसाइट का लिंक, जिसके पते में छोटा-सा फ़र्क होता है। – "चालान देखने के लिए ऐप डाउनलोड करें" के नाम पर APK फ़ाइल , जो फ़ोन के मैसेज और OTP पढ़ सकती है।
असली और नकली में फ़र्क
सवालअसली और नकली ई-चालान मैसेज में फ़र्क कैसे पहचानें?
जवाब: वेबसाइट: echallan.parivahan.gov.in या राज्य पुलिस की .gov.in साइट: अजीब डोमेन, छोटा लिंक, स्पेलिंग की गलती; डिटेल: चालान नंबर, वाहन नंबर, तारीख़, जगह, अपराध: अधूरी जानकारी, सिर्फ़ "तुरंत भुगतान करें"; ऐप: आधिकारिक ऐप स्टोर से सरकारी ऐप: WhatsApp पर भेजी गई APK फ़ाइल; भुगतान: आधिकारिक पोर्टल के पेमेंट गेटवे पर: किसी व्यक्ति के UPI ID पर पैसे भेजने को कहना
| जाँच | असली चालान | संदिग्ध/नकली मैसेज |
|---|---|---|
| वेबसाइट | echallan.parivahan.gov.in या राज्य पुलिस की .gov.in साइट | अजीब डोमेन, छोटा लिंक, स्पेलिंग की गलती |
| डिटेल | चालान नंबर, वाहन नंबर, तारीख़, जगह, अपराध | अधूरी जानकारी, सिर्फ़ “तुरंत भुगतान करें” |
| ऐप | आधिकारिक ऐप स्टोर से सरकारी ऐप | WhatsApp पर भेजी गई APK फ़ाइल |
| भुगतान | आधिकारिक पोर्टल के पेमेंट गेटवे पर | किसी व्यक्ति के UPI ID पर पैसे भेजने को कहना |

सही तरीका: ख़ुद जाँचें
सवालचालान की असली जाँच कहाँ और कैसे करें?
जवाब: ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (लिंक पर क्लिक न करें)।; "Check Online Services" में वाहन नंबर, चालान नंबर या DL नंबर डालें।; चालान दिखे तो वहीं से भुगतान करें; न दिखे तो मैसेज को फ़र्ज़ी मानें।; शक हो तो अपने शहर की ट्रैफिक पुलिस हेल्पलाइन से पुष्टि करें।।
- ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (लिंक पर क्लिक न करें)।
- “Check Online Services” में वाहन नंबर, चालान नंबर या DL नंबर डालें।
- चालान दिखे तो वहीं से भुगतान करें; न दिखे तो मैसेज को फ़र्ज़ी मानें।
- शक हो तो अपने शहर की ट्रैफिक पुलिस हेल्पलाइन से पुष्टि करें।
ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें
सवालचालान ठगी में पैसे कट जाएँ तो तुरंत क्या करें?
जवाब: 1930 (नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें: जितनी जल्दी, पैसे रुकने की उतनी संभावना।; cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।; बैंक को सूचित करें और कार्ड/UPI ब्लॉक करवाएँ।; अगर APK इंस्टॉल हो गई हो, तो फ़ोन का इंटरनेट बंद करें, ऐप हटाएँ और ज़रूरी पासवर्ड बदलें।; संदिग्ध नंबर/मैसेज की शिकायत संचार साथी पोर्टल के "चक्षु" फ़ीचर पर भी कर सकते हैं।।
- 1930 (नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें: जितनी जल्दी, पैसे रुकने की उतनी संभावना।
- cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
- बैंक को सूचित करें और कार्ड/UPI ब्लॉक करवाएँ।
- अगर APK इंस्टॉल हो गई हो, तो फ़ोन का इंटरनेट बंद करें, ऐप हटाएँ और ज़रूरी पासवर्ड बदलें।
- संदिग्ध नंबर/मैसेज की शिकायत संचार साथी पोर्टल के “चक्षु” फ़ीचर पर भी कर सकते हैं।
वर्चुअल कोर्ट में चालान: भुगतान या चुनौती
सवालचालान वर्चुअल कोर्ट में चला जाए तो क्या करें?
जवाब: जो ई-चालान तय समय में नहीं भरे जाते या जिन्हें विभाग कोर्ट भेज देता है, वे कई राज्यों में "वर्चुअल कोर्ट" पहुँच जाते हैं। यहाँ ऑनलाइन ही केस देखा जा सकता है, और आप तय कर सकते हैं कि जुर्माना भरना है या चालान को चुनौती देनी है।
वर्चुअल कोर्ट के आधिकारिक FAQ के अनुसार तरीका:
- vcourts.gov.in पर जाएँ और अपना राज्य/विभाग चुनें।
- मोबाइल नंबर, CNR नंबर, पार्टी का नाम या चालान/वाहन नंबर से केस खोजें।
- केस के सामने “View” पर क्लिक करके पूरा चालान देखें।
- भुगतान करना हो तो वहीं दिखाई गई राशि ऑनलाइन भरें और रसीद सेव करें।
- चुनौती देनी हो तो “I wish to contest the case” चुनें। OTP से सत्यापन होता है; मोबाइल नंबर ग़लत हो तो चेसिस या इंजन नंबर के आख़िरी 4 अंक से सत्यापन का विकल्प है।
| फ़ैसला | आगे क्या होगा |
|---|---|
| जुर्माना भरा | रसीद मिलेगी, केस निपट जाएगा |
| चुनौती चुनी | केस नियमित कोर्ट में जाएगा, ऑनलाइन भुगतान का विकल्प बंद हो जाएगा |
| कुछ नहीं किया | केस लंबित रहेगा; बाद में दिक़्क़त बढ़ सकती है |
सावधानी: चुनौती तभी चुनें जब आपके पास मज़बूत सबूत हों (जैसे उस समय कहीं और होने का सबूत, या गाड़ी पहले ही बिक चुकी हो)। सुनवाई की तारीख़ और कोर्ट का नाम स्क्रीन पर दिखता है; उसे सेव कर लें और तारीख़ पर ज़रूर पेश हों।
चालान ऑनलाइन कैसे देखें और भरें
आजकल ज़्यादातर चालान कैमरों या पुलिस के हैंडहेल्ड डिवाइस से इलेक्ट्रॉनिक रूप में कटते हैं। अपने चालान की सही स्थिति देखने का सबसे भरोसेमंद तरीका सरकारी e-Challan पोर्टल है।
- ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (किसी मैसेज के लिंक से नहीं)।
- चालान की स्थिति देखने वाले विकल्प में गाड़ी नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें।
- चालान की तारीख़, जगह, उल्लंघन और रक़म जाँचें; जहाँ तस्वीर उपलब्ध हो, वह भी देखें।
- सही लगे तो पोर्टल पर ही ऑनलाइन भुगतान करें और रसीद डाउनलोड करके रखें।
- चालान ग़लत लगे या भुगतान का विकल्प न दिखे, तो वह कोर्ट/वर्चुअल कोर्ट में भेजा गया हो सकता है; इसके लिए अपने राज्य की ट्रैफ़िक पुलिस या वर्चुअल कोर्ट की जानकारी देखें।
| ठगी के संकेत | क्या करें |
|---|---|
| अनजान नंबर से लिंक वाला “चालान” मैसेज | लिंक न खोलें, पोर्टल पर ख़ुद जाँचें |
| APK फ़ाइल डाउनलोड करने को कहा जाए | बिल्कुल डाउनलोड न करें |
| “आज ही भरें वरना गिरफ़्तारी” जैसी धमकी | घबराएँ नहीं, यह दबाव की चाल है |
| पैसे कट गए | तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें |
लोक अदालत के फ़ैसले के बारे में ज़रूरी बातें
लोक अदालत आपसी सहमति से मामले निपटाने का मंच है, जिसे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राज्य/ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण आयोजित करते हैं। ट्रैफ़िक चालान के अलावा बैंक वसूली, बिजली-पानी के बिल और कई छोटे दीवानी मामले भी यहाँ आते हैं।
| बात | क्या जानना ज़रूरी |
|---|---|
| फ़ैसले की ताक़त | विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 21 के तहत अवॉर्ड दीवानी अदालत की डिक्री जैसा माना जाता है |
| अपील | अवॉर्ड अंतिम होता है, उसके ख़िलाफ़ अपील नहीं होती |
| सहमति | मामला दोनों पक्षों की सहमति से ही निपटता है; ज़बरदस्ती नहीं |
| कोर्ट फ़ीस | अदालत में लंबित मामला लोक अदालत में निपटे तो चुकाई गई कोर्ट फ़ीस लौटाने का प्रावधान है |
जाने से पहले तैयारी: चालान नंबर या टोकन/स्लिप, गाड़ी की RC, पहचान पत्र और भुगतान का साधन साथ रखें। जिस शहर में लोक अदालत है, वहाँ की ट्रैफ़िक पुलिस या विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट पर तय प्रक्रिया ज़रूर देखें, क्योंकि कई जगह पहले से ऑनलाइन टोकन या अपॉइंटमेंट लेना होता है।
ध्यान दें: हर चालान लोक अदालत में नहीं आता। गंभीर अपराधों से जुड़े या कोर्ट में अलग से चल रहे मामलों के लिए नियम अलग हो सकते हैं। किसी दलाल को पैसे देकर “चालान माफ़” करवाने के झाँसे में न आएँ।

निष्कर्ष
चालान का डर दिखाकर ठगी आम हो रही है। नियम एक ही है: लिंक नहीं, पोर्टल। ख़ुद जाँचें, ख़ुद भरें। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड E-CHALLAN भी पढ़ सकते हैं।
असली मदद के लिए संपर्क का सुरक्षित रास्ता भी ज़रूरी है। गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए: कोई भी उसे स्कैन करके आपको सूचना दे सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 28 फ़रवरी 2026
स्रोत (Sources)
- Parivahan ई-चालान पोर्टल: https://echallan.parivahan.gov.in/
- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in/
- संचार साथी (DoT), चक्षु: https://sancharsaathi.gov.in/
- Virtual Courts, FAQ: https://vcourts.gov.in/virtualcourt/faq.php
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987, धारा 21: https://indiacode.ecourtsindia.com/legal-services-authorities-act-1987/section/21/
- NALSA, नेशनल लोक अदालत: https://nalsa.gov.in/national-lok-adalat/
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या ट्रैफिक पुलिस SMS से चालान भेजती है?
कई राज्यों में चालान की सूचना SMS से आती है, लेकिन भुगतान हमेशा आधिकारिक पोर्टल पर ख़ुद जाकर करें।
2. मैसेज में मेरा सही वाहन नंबर है, तो क्या वह असली है?
ज़रूरी नहीं। पोर्टल पर ख़ुद जाँचें।
3. पैसे कट गए, क्या वापस मिल सकते हैं?
तुरंत 1930 पर शिकायत करने से संभावना बढ़ती है; गारंटी नहीं है।
4. क्या चालान भरने के लिए कोई ऐप डाउनलोड करना ज़रूरी है?
नहीं। चालान आधिकारिक पोर्टल echallan.parivahan.gov.in या राज्य पुलिस की आधिकारिक साइट/ऐप पर देखे और भरे जा सकते हैं। WhatsApp पर आई APK फ़ाइल कभी इंस्टॉल न करें।
5. वर्चुअल कोर्ट में चालान कैसे देखें?
vcourts.gov.in पर अपना राज्य/विभाग चुनकर मोबाइल नंबर, CNR नंबर, चालान या वाहन नंबर से केस खोजें; वहीं से भुगतान या “I wish to contest the case” का विकल्प चुना जा सकता है।



