दिल्ली-NCR में GRAP का पहला चरण लागू (21 अक्टूबर 2026): गाड़ी चलाने वालों के लिए क्या बदला

सीधा जवाब: 21 अक्टूबर 2026 को दिल्ली का औसत AQI दोपहर 2 बजे 244 और शाम 4 बजे 245 (‘ख़राब’ श्रेणी) दर्ज हुआ। इसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे NCR में GRAP स्टेज-1 के सभी 25 उपाय तुरंत लागू कर दिए। गाड़ी वालों के लिए सबसे ज़रूरी बातें: PUC की सख़्त जाँच, साफ़ धुआँ छोड़ती गाड़ियों को ज़ब्त करना या अधिकतम जुर्माना, तय उम्र पार कर चुकी डीज़ल/पेट्रोल गाड़ियों पर रोक का पालन, और दिल्ली के लिए न जाने वाले ट्रकों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफ़ेरल एक्सप्रेसवे से मोड़ना।

GRAP क्या है और स्टेज-1 कब लगता है?

GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) प्रदूषण बढ़ने पर चरणों में लागू होने वाले नियमों की सूची है। सितंबर 2026 के संशोधित शेड्यूल के अनुसार चरण दिल्ली के AQI से तय होते हैं:

चरण दिल्ली का AQI श्रेणी
स्टेज-1 201–300 ख़राब
स्टेज-2 301–400 बहुत ख़राब
स्टेज-3 401–450 गंभीर
स्टेज-4 450 से ऊपर अति गंभीर

CAQM के 29 सितंबर 2026 के संशोधन के बाद स्टेज-1 में 25, स्टेज-2 में 8, स्टेज-3 में 10 और स्टेज-4 में 5 उपाय हैं। यानी स्टेज-1 सबसे बड़ा चरण है, और आगे के चरण इसके ऊपर जुड़ते जाते हैं।

PUC और धुआँ: सबसे सीधी सख़्ती

सवालGRAP-1 में PUC को लेकर क्या सख़्ती है?

जवाब: स्टेज-1 के उपाय नंबर 9 में साफ़ लिखा है: वाहनों के PUC नियमों की सख़्त निगरानी और पालन , और दिखने में धुआँ छोड़ने वाली गाड़ियों को ज़ब्त करना और/या अधिकतम जुर्माना लगाना। इसका आपके लिए मतलब: गाड़ी का PUC सर्टिफ़िकेट वैध रखें। ख़त्म होने वाला हो तो पहले ही बनवा लें।; साइलेंसर से काला या नीला धुआँ निकलता है तो मैकेनिक से इंजन ठीक करवाएँ।

  • गाड़ी का PUC सर्टिफ़िकेट वैध रखें। ख़त्म होने वाला हो तो पहले ही बनवा लें।
  • साइलेंसर से काला या नीला धुआँ निकलता है तो मैकेनिक से इंजन ठीक करवाएँ। ऐसी गाड़ी जाँच में रोकी जा सकती है।
  • मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के अनुसार प्रदूषण मानकों के उल्लंघन (धारा 190(2)) पर ₹10,000 तक का जुर्माना और 3 महीने के लिए लाइसेंस अयोग्यता का प्रावधान है।

इससे पहले अक्टूबर में ईंधन पंपों पर PUC जाँच के नियम पर हमारी रिपोर्ट: बिना PUC ईंधन नहीं: दिल्ली-NCR और हरियाणा।

गाड़ी के साइलेंसर से निकलता धुआँ (प्रतीकात्मक)
Photo: webandi via Pixabay (प्रतीकात्मक तस्वीर / Representative image) · Pixabay

पुरानी गाड़ियाँ: रोक का पालन ज़रूरी

सवालक्या पुरानी गाड़ियों पर भी कार्रवाई होगी?

जवाब: उपाय नंबर 11 के अनुसार NGT और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत तय उम्र पार कर चुकी (overaged) डीज़ल/पेट्रोल गाड़ियों पर लगी रोक का सख़्ती से पालन करवाया जाएगा। CAQM के नागरिक चार्टर में भी कहा गया है: एंड-ऑफ़-लाइफ़ या धुआँ छोड़ती गाड़ी न चलाएँ।

अगर आपकी गाड़ी पुरानी है तो उसका रजिस्ट्रेशन और नियम एक बार ज़रूर जाँच लें, ताकि बीच रास्ते परेशानी न हो।

बसों और ट्रकों पर क्या नियम है?

सवालबाहर से आने वाली बसों और ट्रकों पर क्या नियम है?

जवाब: बसें: उपाय नंबर 19 के अनुसार हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब, हिमाचल, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड तथा जम्मू-कश्मीर से आने वाली इंटर-सिटी/इंटर-स्टेट बसें, EV, CNG या BS-VI डीज़ल को छोड़कर , दिल्ली-NCR में नहीं चल सकेंगी। संशोधित शेड्यूल में यह नियम स्टेज-2 से हटाकर स्टेज-1 में लाया गया है।

  • बसें: उपाय नंबर 19 के अनुसार हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब, हिमाचल, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड तथा जम्मू-कश्मीर से आने वाली इंटर-सिटी/इंटर-स्टेट बसें, EV, CNG या BS-VI डीज़ल को छोड़कर, दिल्ली-NCR में नहीं चल सकेंगी। संशोधित शेड्यूल में यह नियम स्टेज-2 से हटाकर स्टेज-1 में लाया गया है।
  • ट्रक: उपाय नंबर 10 के तहत दिल्ली के लिए न जाने वाले ट्रकों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफ़ेरल एक्सप्रेसवे से भेजा जाएगा।

त्योहारों में बस से घर जाने वाले यात्री टिकट लेते समय देख लें कि बस किस श्रेणी की है, ताकि बीच में रोक न लगे।

ट्रैफ़िक और सार्वजनिक परिवहन

  • उपाय नंबर 8: भीड़ वाले कॉरिडोर और चौराहों पर ट्रैफ़िक को सिंक्रनाइज़ करना और पर्याप्त पुलिसकर्मी लगाना।
  • उपाय नंबर 24–25: दफ़्तरों को कर्मचारियों के लिए साझा आवागमन के लिए प्रोत्साहित करना, और CNG/इलेक्ट्रिक बसें, मेट्रो और RRTS की फ़्रीक्वेंसी बढ़ाना।

आप क्या कर सकते हैं: छोटी चेकलिस्ट

CAQM के स्टेज-1 नागरिक चार्टर से:

  1. AQI SAMEER ऐप पर और GRAP का चालू चरण CAQM की वेबसाइट पर देखें।
  2. इंजन की ट्यूनिंग ठीक रखें और टायर में सही हवा रखें।
  3. PUC सर्टिफ़िकेट अपडेट रखें।
  4. लाल बत्ती पर इंजन बंद करें, गाड़ी को बेवजह चालू न छोड़ें।
  5. हो सके तो सार्वजनिक परिवहन या कार-पूलिंग अपनाएँ।
  6. प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधि की शिकायत 311 ऐप, ग्रीन दिल्ली ऐप या SAMEER ऐप पर करें।
  7. त्योहार पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाएँ, पटाखों से बचें।

PUC ऑनलाइन जाँच और सर्टिफ़िकेट के नियम

सवालPUC सर्टिफ़िकेट की वैधता ऑनलाइन कैसे जाँचें?

जवाब: प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफ़िकेट बताता है कि जाँच के दिन आपकी गाड़ी का धुआँ तय मानकों के भीतर था। इसे बनवाना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है समय पर नवीनीकरण। ऑनलाइन वैधता कैसे देखें: puc.parivahan.gov.in पर जाएँ।; "PUC Certificate" विकल्प में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आख़िरी अंक डालें।; सर्टिफ़िकेट की वैधता की तारीख़ देखें और ज़रूरत हो तो प्रिंट/डाउनलोड करें।।

  1. puc.parivahan.gov.in पर जाएँ।
  2. “PUC Certificate” विकल्प में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आख़िरी अंक डालें।
  3. सर्टिफ़िकेट की वैधता की तारीख़ देखें और ज़रूरत हो तो प्रिंट/डाउनलोड करें।
बात क्या करें
PUC कहाँ बनता है अधिकृत PUC जाँच केंद्र, अक्सर पेट्रोल पंपों पर
जाँच के समय केंद्र से कंप्यूटर से बना सर्टिफ़िकेट लें, जिस पर गाड़ी की तस्वीर/रीडिंग हो
फ़ेल हो जाए सर्विस कराकर दोबारा जाँच कराएँ; काला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है
वैधता ख़त्म होने वाली हो पहले से नवीनीकरण कराएँ, आख़िरी दिन का इंतज़ार न करें

क़ानून क्या कहता है: मोटर वाहन अधिनियम की संशोधित धारा 190(2) के तहत सड़क सुरक्षा, शोर या वायु प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन करके गाड़ी चलाने पर 3 महीने तक जेल या ₹10,000 तक जुर्माना या दोनों, और 3 महीने के लिए लाइसेंस रखने से अयोग्यता का प्रावधान है। साफ़ धुआँ सिर्फ़ चालान से बचने के लिए नहीं, आपके अपने परिवार की साँसों के लिए भी ज़रूरी है।

प्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं

सवालप्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं?

जवाब: सर्दियों में कई शहरों की हवा बहुत ख़राब हो जाती है, और गाड़ियों का धुआँ इसकी एक बड़ी वजह है। हर व्यक्ति की छोटी-छोटी आदतें मिलकर फ़र्क़ डालती हैं: लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद: धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं; कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना: सड़क पर कम गाड़ियाँ; छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन: शून्य या बहुत कम धुआँ; समय पर सर्विस और PUC: इंजन साफ़…

आदत फ़ायदा
लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं
कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना सड़क पर कम गाड़ियाँ
छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन शून्य या बहुत कम धुआँ
समय पर सर्विस और PUC इंजन साफ़ जलता है
टायर में सही हवा इंजन पर कम ज़ोर, कम धुआँ
धुआँ छोड़ती गाड़ी को नज़रअंदाज़ न करें काला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है

सेहत का ध्यान भी: बहुत ख़राब हवा वाले दिनों में दोपहिया चालक और खुली गाड़ियों के ड्राइवर सबसे ज़्यादा धुआँ झेलते हैं। ज़रूरत न हो तो भीड़ के समय सफ़र टालें, और साँस की बीमारी वाले लोग डॉक्टर की सलाह मानें।

आधिकारिक जानकारी कहाँ देखें: अपने शहर की हवा की गुणवत्ता (AQI) और प्रदूषण से जुड़ी पाबंदियों की जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), राज्य प्रदूषण बोर्ड और ट्रैफ़िक पुलिस की आधिकारिक घोषणाओं से लें। सोशल मीडिया पर चल रही “कल से गाड़ियाँ बंद” जैसी अफ़वाहों पर भरोसा न करें।

चालान से बचने की 8 आसान आदतें

आजकल ज़्यादातर बड़े शहरों में कैमरों से अपने-आप चालान कटते हैं, और कई बार लोगों को हफ़्तों बाद पता चलता है। सबसे सस्ता तरीका है नियम मानना:

  1. स्टॉप लाइन से पहले रुकें: रेड लाइट पर ज़ेब्रा क्रॉसिंग या स्टॉप लाइन पार न करें।
  2. बोर्ड वाली रफ़्तार: शहर, हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग सीमा होती है; स्पीड कैमरे वाले हिस्सों में बोर्ड देखें।
  3. हेलमेट और सीटबेल्ट: दोपहिया पर दोनों सवार हेलमेट पहनें, कार में आगे-पीछे सब सीटबेल्ट लगाएँ।
  4. फ़ोन हाथ में नहीं: गाड़ी चलाते हुए फ़ोन पर बात या मैसेज न करें।
  5. सही लेन और सही दिशा: ग़लत दिशा (रॉन्ग साइड) में चलना ख़तरनाक भी है और आम चालान भी।
  6. नंबर प्लेट साफ़ और मानक: टूटी, धुंधली या डिज़ाइनर नंबर प्लेट से दिक़्क़त हो सकती है।
  7. काग़ज़ अपडेट: बीमा, PUC और लाइसेंस की तारीख़ याद रखें; DigiLocker/mParivahan में रखे दस्तावेज़ मान्य हैं।
  8. पार्किंग सही जगह: नो-पार्किंग में खड़ी गाड़ी चालान के साथ टो भी हो सकती है।

महीने में एक बार जाँच: echallan.parivahan.gov.in पर अपनी गाड़ी का नंबर डालकर देख लें कि कोई चालान लंबित तो नहीं। समय पर जानकारी होने से आप सही समय पर भुगतान कर सकते हैं, ग़लत चालान को चुनौती दे सकते हैं, या लोक अदालत जैसे विकल्प का इंतज़ार कर सकते हैं।

शहर में ट्रैफिक जाम (प्रतीकात्मक)
Photo: wal_172619 via Pixabay (प्रतीकात्मक तस्वीर / Representative image) · Pixabay

निष्कर्ष

स्टेज-1 चेतावनी है कि हवा ख़राब हो रही है। PUC अपडेट रखना, गाड़ी की सर्विस समय पर करवाना और बेवजह इंजन चालू न रखना, ये छोटे कदम आपको चालान से भी बचाते हैं और हवा भी थोड़ी साफ़ रखते हैं। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड Pollution Under Control(PUC Certificate) FAQs भी पढ़ सकते हैं।

सड़क पर कभी कोई परेशानी हो तो लोग आपसे या आपके परिवार से जल्दी संपर्क कर सकें, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए। स्कैन करने पर कॉल, WhatsApp और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट के बटन मिलते हैं, और आपका नंबर किसी को दिखता नहीं।

आख़िरी अपडेट: 26 अक्टूबर 2026

स्रोत (Sources)

  1. PIB, “CAQM invokes Stage-I of GRAP in Delhi-NCR with immediate effect amid sharp rise in AQI” (21 अक्टूबर 2026): https://www.pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=2326133&lang=1&reg=3
  2. CAQM, GRAP स्टेज-1 आदेश (21 अक्टूबर 2026): https://caqm.nic.in/FileUploadDomain/WebsiteDocument/GRAP/GRAP%20Orders/320b067c-7942-4be6-a708-cf04f5321392.pdf
  3. PIB, “CAQM Approves Revised GRAP Schedule” (29 सितंबर 2026): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2316597
  4. CAQM, संशोधित GRAP शेड्यूल (सितंबर 2026): https://caqm.nic.in/FileUploadDomain/WebsiteDocument/GRAP/GRAP%20Schedule/01fcdebf-83e1-4cfe-bc0c-d0b1470a4d4e.pdf
  5. मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019, भारत का राजपत्र: https://egazette.gov.in/WriteReadData/2019/210413.pdf
  6. CAQM, आधिकारिक वेबसाइट: https://caqm.nic.in/
  7. Parivahan PUC पोर्टल: https://puc.parivahan.gov.in/
  8. मोटर वाहन अधिनियम, धारा 190(2) (2019 संशोधन सहित) (Indian Kanoon): https://indiankanoon.org/doc/168501353/
  9. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB): https://cpcb.gov.in/
  10. Parivahan ई-चालान पोर्टल: https://echallan.parivahan.gov.in/
  11. PIB, DigiLocker/mParivahan पर दस्तावेज़ों की मान्यता (अगस्त 2018): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1542222

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. GRAP स्टेज-1 कब से लागू है?

21 अक्टूबर 2026 से, पूरे NCR में, तुरंत प्रभाव से।

2. क्या स्टेज-1 में कोई गाड़ी पूरी तरह बंद होती है?

स्टेज-1 में मुख्य ज़ोर PUC, धुआँ छोड़ती गाड़ियों, पुरानी गाड़ियों की रोक के पालन और बाहर से आने वाली ग़ैर-BS-VI डीज़ल बसों पर है। BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल कारों पर रोक स्टेज-3 के नियमों में आती है।

3. PUC न होने पर कितना जुर्माना है?

मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के अनुसार प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर ₹10,000 तक का जुर्माना और 3 महीने तक लाइसेंस अयोग्यता का प्रावधान है।

4. GRAP का चालू चरण कहाँ देखें?

CAQM की आधिकारिक वेबसाइट caqm.nic.in पर।

5. GRAP किसने लागू किया?

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाक़ों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की GRAP उप-समिति ने 21 अक्टूबर 2026 को यह फ़ैसला लिया।

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