सीधा जवाब: अभी (26 अक्टूबर 2026) दिल्ली-NCR में GRAP स्टेज-1 लागू है। लेकिन अगर दिल्ली का AQI 401–450 (स्टेज-3) या 450 से ऊपर (स्टेज-4) पहुँचता है, तो गाड़ियों पर बड़ी रोक लगती है। CAQM ने 28 सितंबर 2026 की बैठक में GRAP शेड्यूल बदला है: स्टेज-3 में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल (या उससे पुरानी) चार-पहिया LMV पर रोक अब दिल्ली, गुरुग्राम, फ़रीदाबाद, ग़ाज़ियाबाद, गौतम बुद्ध नगर के साथ सोनीपत में भी लागू होगी, और ज़रूरी सामान ढोने वाली BS-IV व उससे पुरानी मालवाहक गाड़ियों की छूट हटा दी गई है।
पहले समझें: कौन सा चरण कब?
| चरण | दिल्ली का AQI |
|---|---|
| स्टेज-1 (ख़राब) | 201–300 |
| स्टेज-2 (बहुत ख़राब) | 301–400 |
| स्टेज-3 (गंभीर) | 401–450 |
| स्टेज-4 (अति गंभीर) | 450 से ऊपर |
ऊपर के चरण लगने पर पिछले चरणों के उपाय भी जारी रहते हैं। CAQM के मुताबिक़ पूर्वानुमान के आधार पर कोई चरण AQI उस स्तर तक पहुँचने से पहले भी लगाया जा सकता है।
स्टेज-3 में कारों पर क्या रोक है?
सवालस्टेज-3 में किन कारों पर रोक लगती है?
जवाब: संशोधित शेड्यूल के स्टेज-3 के उपाय नंबर 4 के अनुसार NCR राज्य सरकारें और दिल्ली सरकार इन पर सख़्त रोक लगाएँगी: BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल या उससे पुराने मानक की चार-पहिया हल्की मोटर गाड़ियाँ (LMV); इलाक़े: दिल्ली और ज़्यादा गाड़ियों वाले ज़िले (HVD) गुरुग्राम, फ़रीदाबाद, सोनीपत, ग़ाज़ियाबाद और गौतम बुद्ध नगर।
- BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल या उससे पुराने मानक की चार-पहिया हल्की मोटर गाड़ियाँ (LMV)
- इलाक़े: दिल्ली और ज़्यादा गाड़ियों वाले ज़िले (HVD) गुरुग्राम, फ़रीदाबाद, सोनीपत, ग़ाज़ियाबाद और गौतम बुद्ध नगर
सोनीपत इस सूची में 2026 के संशोधन से नया जुड़ा है।
छूट: दिव्यांगजन ऐसी गाड़ी चला सकते हैं, अगर वह उनके लिए ख़ास तौर पर अनुकूलित हो और केवल निजी इस्तेमाल में हो।

स्टेज-3 में मालवाहक गाड़ियाँ
- दिल्ली में रजिस्टर्ड डीज़ल BS-IV और पुरानी मध्यम मालवाहक गाड़ियाँ (MGV) दिल्ली में नहीं चल सकेंगी।
- दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड डीज़ल BS-IV और पुरानी MGV और हल्की मालवाहक गाड़ियाँ (LGV) दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगी। LGV वाली बात 2026 के शेड्यूल में साफ़ तौर पर लिखी गई है।
स्टेज-4 में ट्रक
- दिल्ली में ट्रकों (HGV) का प्रवेश बंद। सिर्फ़ LNG, CNG, इलेक्ट्रिक और BS-VI डीज़ल ट्रकों को प्रवेश मिलेगा।
- दिल्ली में रजिस्टर्ड डीज़ल BS-IV और पुराने HGV पर सख़्त रोक।
ज़रूरी सामान की छूट का क्या हुआ?
सवालज़रूरी सामान ढोने वाली गाड़ियों की छूट का क्या हुआ?
जवाब: पहले ज़रूरी सामान ढोने वाली कुछ गाड़ियों को छूट मिलती थी। PIB के अनुसार 2026 के संशोधन में BS-IV और उससे पुराने मालवाहक वाहनों (स्टेज-3 में LGV/MGV और स्टेज-4 में ट्रक/HGV) के लिए यह छूट हटा दी गई है। यानी अगर आप छोटे कारोबारी हैं या डिलीवरी का काम करते हैं, तो पहले से वैकल्पिक इंतज़ाम सोच लें।
अपनी गाड़ी का BS स्तर कैसे पता करें?
सवालअपनी गाड़ी का BS स्तर कैसे पता करें?
जवाब: गाड़ी की RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट) में उत्सर्जन मानक (Emission Norms) लिखा होता है।; mParivahan या DigiLocker में अपनी RC देखें।; पक्का न हो तो डीलर या RTO से पूछ लें।। GRAP-3 लगने पर रोक वाली गाड़ी लेकर निकलने से चालान हो सकता है। इसलिए जानकारी पहले ही कर लें।
- गाड़ी की RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट) में उत्सर्जन मानक (Emission Norms) लिखा होता है।
- mParivahan या DigiLocker में अपनी RC देखें।
- पक्का न हो तो डीलर या RTO से पूछ लें।
आसान तैयारी: अभी से
- अपनी गाड़ी का BS स्तर देख लें।
- अगर गाड़ी BS-III पेट्रोल या BS-IV डीज़ल है, तो मेट्रो, बस या कार-पूल का विकल्प सोच कर रखें।
- रोज़ AQI SAMEER ऐप पर और चालू चरण caqm.nic.in पर देखें।
- PUC अपडेट रखें; यह हर चरण में ज़रूरी है।
प्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं
सवालप्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं?
जवाब: सर्दियों में कई शहरों की हवा बहुत ख़राब हो जाती है, और गाड़ियों का धुआँ इसकी एक बड़ी वजह है। हर व्यक्ति की छोटी-छोटी आदतें मिलकर फ़र्क़ डालती हैं: लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद: धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं; कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना: सड़क पर कम गाड़ियाँ; छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन: शून्य या बहुत कम धुआँ; समय पर सर्विस और PUC: इंजन साफ़…
| आदत | फ़ायदा |
|---|---|
| लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद | धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं |
| कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना | सड़क पर कम गाड़ियाँ |
| छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन | शून्य या बहुत कम धुआँ |
| समय पर सर्विस और PUC | इंजन साफ़ जलता है |
| टायर में सही हवा | इंजन पर कम ज़ोर, कम धुआँ |
| धुआँ छोड़ती गाड़ी को नज़रअंदाज़ न करें | काला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है |
सेहत का ध्यान भी: बहुत ख़राब हवा वाले दिनों में दोपहिया चालक और खुली गाड़ियों के ड्राइवर सबसे ज़्यादा धुआँ झेलते हैं। ज़रूरत न हो तो भीड़ के समय सफ़र टालें, और साँस की बीमारी वाले लोग डॉक्टर की सलाह मानें।
आधिकारिक जानकारी कहाँ देखें: अपने शहर की हवा की गुणवत्ता (AQI) और प्रदूषण से जुड़ी पाबंदियों की जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), राज्य प्रदूषण बोर्ड और ट्रैफ़िक पुलिस की आधिकारिक घोषणाओं से लें। सोशल मीडिया पर चल रही “कल से गाड़ियाँ बंद” जैसी अफ़वाहों पर भरोसा न करें।
PUC ऑनलाइन जाँच और सर्टिफ़िकेट के नियम
सवालPUC सर्टिफ़िकेट की वैधता ऑनलाइन कैसे जाँचें?
जवाब: प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफ़िकेट बताता है कि जाँच के दिन आपकी गाड़ी का धुआँ तय मानकों के भीतर था। इसे बनवाना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है समय पर नवीनीकरण। ऑनलाइन वैधता कैसे देखें: puc.parivahan.gov.in पर जाएँ।; "PUC Certificate" विकल्प में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आख़िरी अंक डालें।; सर्टिफ़िकेट की वैधता की तारीख़ देखें और ज़रूरत हो तो प्रिंट/डाउनलोड करें।।
- puc.parivahan.gov.in पर जाएँ।
- “PUC Certificate” विकल्प में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आख़िरी अंक डालें।
- सर्टिफ़िकेट की वैधता की तारीख़ देखें और ज़रूरत हो तो प्रिंट/डाउनलोड करें।
| बात | क्या करें |
|---|---|
| PUC कहाँ बनता है | अधिकृत PUC जाँच केंद्र, अक्सर पेट्रोल पंपों पर |
| जाँच के समय | केंद्र से कंप्यूटर से बना सर्टिफ़िकेट लें, जिस पर गाड़ी की तस्वीर/रीडिंग हो |
| फ़ेल हो जाए | सर्विस कराकर दोबारा जाँच कराएँ; काला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है |
| वैधता ख़त्म होने वाली हो | पहले से नवीनीकरण कराएँ, आख़िरी दिन का इंतज़ार न करें |
क़ानून क्या कहता है: मोटर वाहन अधिनियम की संशोधित धारा 190(2) के तहत सड़क सुरक्षा, शोर या वायु प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन करके गाड़ी चलाने पर 3 महीने तक जेल या ₹10,000 तक जुर्माना या दोनों, और 3 महीने के लिए लाइसेंस रखने से अयोग्यता का प्रावधान है। साफ़ धुआँ सिर्फ़ चालान से बचने के लिए नहीं, आपके अपने परिवार की साँसों के लिए भी ज़रूरी है।
भारी वाहनों के साथ सड़क साझा करते समय
ट्रक, डंपर और ट्रेलर बड़े और भारी होते हैं, उन्हें रुकने में ज़्यादा दूरी लगती है और ड्राइवर को आसपास की कई जगहें दिखाई नहीं देतीं। छोटे वाहन, बाइक और पैदल चलने वाले इन्हीं “अंधे कोनों” (ब्लाइंड स्पॉट) में सबसे ज़्यादा ख़तरे में होते हैं।
| ख़तरे की जगह | क्या करें |
|---|---|
| ट्रक के ठीक पीछे | इतनी दूरी रखें कि साइड-मिरर में ट्रक ड्राइवर दिखे |
| ट्रक के बाएँ बगल में | ज़्यादा देर न रुकें; मुड़ते समय ट्रक बाईं ओर दबता है |
| ढलान और मोड़ | ओवरटेक न करें; भारी वाहन के ब्रेक पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है |
| सड़क किनारे खड़ा ट्रक | रात में दूर से रफ़्तार कम करें; कई ट्रकों पर रिफ़्लेक्टर या लाइट नहीं होती |
ओवरटेक करने के नियम सीधे हैं: सिर्फ़ दाईं ओर से, तभी जब आगे साफ़ दिखे; इंडिकेटर दें, और ट्रक से आगे निकलकर इतनी दूरी बनाकर ही वापस लेन में आएँ कि वह आपको पीछे से न छुए।
भारी वाहन चालकों के लिए: ओवरलोडिंग न करें, लंबे सफ़र में आराम लें, ख़राब होने पर गाड़ी सड़क से पूरी तरह हटाएँ और पीछे चेतावनी तिकोन, पार्किंग लाइट या रिफ़्लेक्टर लगाएँ। सड़क पर बिना रोशनी के खड़ा ट्रक रात में बहुत बड़ा ख़तरा है।

निष्कर्ष
GRAP-3 अचानक लग सकता है, ख़ासकर नवंबर-दिसंबर में। अपनी गाड़ी का BS स्तर आज ही जान लें और विकल्प तैयार रखें, ताकि काम और कमाई पर असर कम हो। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड Pollution Under Control(PUC Certificate) FAQs भी पढ़ सकते हैं।
किसी भी हालत में आपकी गाड़ी के पास कोई आपसे संपर्क करना चाहे, तो Rakshak Code QR मदद करता है। स्कैन करते ही कॉल, WhatsApp और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट के बटन मिलते हैं, और आपका नंबर निजी रहता है।
आख़िरी अपडेट: 26 अक्टूबर 2026
स्रोत (Sources)
- PIB, “CAQM Approves Revised GRAP Schedule; Tightens Measures for Vehicles, Dust and Pollution Control” (29 सितंबर 2026): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2316597
- CAQM, संशोधित GRAP शेड्यूल (सितंबर 2026): https://caqm.nic.in/FileUploadDomain/WebsiteDocument/GRAP/GRAP%20Schedule/01fcdebf-83e1-4cfe-bc0c-d0b1470a4d4e.pdf
- PIB, “CAQM invokes Stage-I of GRAP in Delhi-NCR” (21 अक्टूबर 2026): https://www.pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=2326133&lang=1®=3
- CAQM, आधिकारिक वेबसाइट: https://caqm.nic.in/
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB): https://cpcb.gov.in/
- Parivahan PUC पोर्टल: https://puc.parivahan.gov.in/
- मोटर वाहन अधिनियम, धारा 190(2) (2019 संशोधन सहित) (Indian Kanoon): https://indiankanoon.org/doc/168501353/
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या अभी BS-IV डीज़ल कार चलाने पर रोक है?
नहीं। 26 अक्टूबर 2026 तक स्टेज-1 लागू है। यह रोक स्टेज-3 लगने पर लागू होती है।
2. क्या नोएडा और ग़ाज़ियाबाद में भी यह रोक लगेगी?
हाँ। शेड्यूल में गौतम बुद्ध नगर और ग़ाज़ियाबाद HVD ज़िलों में शामिल हैं।
3. क्या CNG या BS-VI डीज़ल ट्रक दिल्ली आ सकते हैं?
स्टेज-4 में भी LNG, CNG, इलेक्ट्रिक और BS-VI डीज़ल ट्रकों को प्रवेश की अनुमति है।
4. कुल कितने उपाय हैं?
संशोधित शेड्यूल में कुल 48 उपाय हैं: स्टेज-1 में 25, स्टेज-2 में 8, स्टेज-3 में 10 और स्टेज-4 में 5।
5. क्या दिव्यांगजनों को छूट है?
संशोधित शेड्यूल के नोट के अनुसार दिव्यांगजन BS-III पेट्रोल/BS-IV डीज़ल LMV चला सकते हैं, अगर गाड़ी उनके लिए ख़ास तौर पर अनुकूलित हो और सिर्फ़ निजी इस्तेमाल में हो।


