सीधा जवाब: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 (CMVR) में संशोधन अधिसूचित किया है, जिसकी जानकारी PIB ने 26 अक्टूबर 2026 को दी। इसमें उत्सर्जन प्रमाणन के प्रावधानों में E85 के साथ E100 को भी साफ़ तौर पर शामिल किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि E85/E100 केवल उन्हीं गाड़ियों के लिए है जो फ्लेक्स-फ्यूल के लिए बनी और प्रमाणित हैं। मौजूदा गाड़ियों के मालिकों को न ईंधन बदलना है, न गाड़ी में बदलाव कराना है।
क्या बदला: अधिसूचना की मुख्य बातें
सवालCMVR संशोधन में E100 को लेकर क्या बदला?
जवाब: The Hindu BusinessLine के अनुसार अधिसूचना 23 अक्टूबर की है और यह राजपत्र में प्रकाशन की तारीख़ से लागू होती है।; कई उत्सर्जन तालिकाओं में "E85" की जगह अब "E85 or E100" लिखा जाएगा। E100 का मतलब लगभग पूरी तरह इथेनॉल वाला ईंधन।; एक व्याख्यात्मक नोट जोड़ा गया है कि E85 या E100 का इस्तेमाल निर्माता (OEM) द्वारा फ्लेक्स-फ्यूल के रूप में डिज़ाइन की गई गाड़ियों में ही होगा।
- The Hindu BusinessLine के अनुसार अधिसूचना 23 अक्टूबर की है और यह राजपत्र में प्रकाशन की तारीख़ से लागू होती है।
- कई उत्सर्जन तालिकाओं में “E85” की जगह अब “E85 or E100” लिखा जाएगा। E100 का मतलब लगभग पूरी तरह इथेनॉल वाला ईंधन।
- एक व्याख्यात्मक नोट जोड़ा गया है कि E85 या E100 का इस्तेमाल निर्माता (OEM) द्वारा फ्लेक्स-फ्यूल के रूप में डिज़ाइन की गई गाड़ियों में ही होगा।
- बायोडीज़ल से जुड़े प्रावधान अपडेट हुए (एक तालिका में B10 की जगह B100), पेट्रोल कॉलम के शीर्षक में E10 और E20 का साफ़ ज़िक्र हुआ, और नियम 115(18)(i) की एक तालिका में सकल वाहन भार की सीमा 3,000 किलो से 3,500 किलो की गई।
- यह अंतिम अधिसूचना 27 अप्रैल के मसौदे के बाद आई है; मंत्रालय के अनुसार आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया गया।
E85 और E100 क्या हैं
PIB के अनुसार E85 पेट्रोल और इथेनॉल का मिश्रण है जिसमें आयतन के हिसाब से 85% तक इथेनॉल होता है; “E” इथेनॉल और अंक उसका अनुपात बताता है। फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ी एक ही टैंक से अलग-अलग मिश्रण पर चल सकती है, क्योंकि उसके ईंधन सिस्टम के पुर्ज़े उन मिश्रणों के हिसाब से चुने जाते हैं और इंजन कंट्रोल ईंधन के हिसाब से अपने आप एडजस्ट होता है। ब्राज़ील और अमेरिका में यह तकनीक पहले से इस्तेमाल हो रही है।
BusinessLine के अनुसार मारुति सुज़ुकी ने जून में अपनी पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार के लॉन्च पर कहा था कि गाड़ी E20 से E100 तक चल सकती है, लेकिन उस समय के नियम फ्लेक्स-फ्यूल को E20 से E85 तक परिभाषित करते थे, इसलिए प्रमाणन E85 पर हुआ था।

पुरानी गाड़ी में E85/E100 डाल सकते हैं?
सवालक्या सामान्य पेट्रोल गाड़ी में E85 या E100 डाल सकते हैं?
जवाब: नहीं। मंत्रालय के बयान के अनुसार: E85/E100 "बाज़ार में आम तौर पर उपलब्ध या अब तक इस्तेमाल हो रही दूसरी गाड़ियों" पर लागू नहीं होगा।; गाड़ी का E10 या E20 के अनुकूल होना, E85 के लिए उपयुक्त होने का सबूत नहीं है।; यह अधिसूचना मौजूदा गाड़ियों के मालिकों से न अभी, न भविष्य में E85 पर जाने या गाड़ी बदलवाने की माँग करती है।।
- E85/E100 “बाज़ार में आम तौर पर उपलब्ध या अब तक इस्तेमाल हो रही दूसरी गाड़ियों” पर लागू नहीं होगा।
- गाड़ी का E10 या E20 के अनुकूल होना, E85 के लिए उपयुक्त होने का सबूत नहीं है।
- यह अधिसूचना मौजूदा गाड़ियों के मालिकों से न अभी, न भविष्य में E85 पर जाने या गाड़ी बदलवाने की माँग करती है।
यानी आपकी सामान्य पेट्रोल कार या बाइक में ऊँचे इथेनॉल वाला ईंधन डालना निर्माता के निर्देशों के ख़िलाफ़ हो सकता है।
पंप पर क्या देखें
सवालपेट्रोल पंप पर सही ईंधन कैसे चुनें?
जवाब: गाड़ी पर लगा फ्यूल कम्पैटिबिलिटी स्टिकर (आम तौर पर फ्यूल लिड के पास) देखें।; ओनर्स मैनुअल में लिखे ईंधन के निर्देश मानें; शक हो तो अधिकृत सर्विस सेंटर से पूछें।; पंप की नोज़ल पर लिखा ईंधन (E20, E85 आदि) भरवाने से पहले पढ़ें। BusinessLine के अनुसार पेट्रोलियम मंत्रालय ने जून में 48 सरकारी आउटलेट पर E85 शुरू किया था, और दिसंबर 2026 तक 500 आउटलेट का लक्ष्य बताया गया है।
- गाड़ी पर लगा फ्यूल कम्पैटिबिलिटी स्टिकर (आम तौर पर फ्यूल लिड के पास) देखें।
- ओनर्स मैनुअल में लिखे ईंधन के निर्देश मानें; शक हो तो अधिकृत सर्विस सेंटर से पूछें।
- पंप की नोज़ल पर लिखा ईंधन (E20, E85 आदि) भरवाने से पहले पढ़ें। BusinessLine के अनुसार पेट्रोलियम मंत्रालय ने जून में 48 सरकारी आउटलेट पर E85 शुरू किया था, और दिसंबर 2026 तक 500 आउटलेट का लक्ष्य बताया गया है।
- उत्सर्जन की जाँच समय पर कराएँ: PUC ऑनलाइन कैसे चेक करें। दिल्ली-NCR में PUC और ईंधन के नियम: No PUC, No Fuel।
प्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं
सवालप्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं?
जवाब: सर्दियों में कई शहरों की हवा बहुत ख़राब हो जाती है, और गाड़ियों का धुआँ इसकी एक बड़ी वजह है। हर व्यक्ति की छोटी-छोटी आदतें मिलकर फ़र्क़ डालती हैं: लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद: धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं; कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना: सड़क पर कम गाड़ियाँ; छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन: शून्य या बहुत कम धुआँ; समय पर सर्विस और PUC: इंजन साफ़…
| आदत | फ़ायदा |
|---|---|
| लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद | धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं |
| कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना | सड़क पर कम गाड़ियाँ |
| छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन | शून्य या बहुत कम धुआँ |
| समय पर सर्विस और PUC | इंजन साफ़ जलता है |
| टायर में सही हवा | इंजन पर कम ज़ोर, कम धुआँ |
| धुआँ छोड़ती गाड़ी को नज़रअंदाज़ न करें | काला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है |
सेहत का ध्यान भी: बहुत ख़राब हवा वाले दिनों में दोपहिया चालक और खुली गाड़ियों के ड्राइवर सबसे ज़्यादा धुआँ झेलते हैं। ज़रूरत न हो तो भीड़ के समय सफ़र टालें, और साँस की बीमारी वाले लोग डॉक्टर की सलाह मानें।
आधिकारिक जानकारी कहाँ देखें: अपने शहर की हवा की गुणवत्ता (AQI) और प्रदूषण से जुड़ी पाबंदियों की जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), राज्य प्रदूषण बोर्ड और ट्रैफ़िक पुलिस की आधिकारिक घोषणाओं से लें। सोशल मीडिया पर चल रही “कल से गाड़ियाँ बंद” जैसी अफ़वाहों पर भरोसा न करें।

निष्कर्ष
E100 वाला संशोधन फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों के प्रमाणन का रास्ता साफ़ करता है, लेकिन आम गाड़ी मालिकों के लिए इसमें कोई नई बाध्यता नहीं है। सबसे ज़रूरी बात: अपनी गाड़ी के स्टिकर और मैनुअल में लिखा ईंधन ही भरवाएँ। इससे जुड़ी जानकारी के लिए 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में एंट्री के नियम: BS-IV मालवाहक गाड़ियों की छूट ख़त्म, बाहर की ग़ैर-BS-VI गाड़ियों पर सर्दियों की रोक और दिल्ली-NCR में 1 अक्टूबर से 'नो PUC, नो फ़्यूल': हरियाणा के NCR ज़िलों में भी सख़्ती, वाहन मालिक क्या करें भी देखें। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड TRAFFIC RULES EVERYONE MUST FOLLOW भी पढ़ सकते हैं।
गाड़ी के ज़रूरी कागज़ों और PUC-बीमा की तारीख़ों के रिमाइंडर के लिए Rakshak Code QR लगाइए। स्कैन करने पर कॉल, WhatsApp और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट के बटन मिलते हैं, और आपका नंबर किसी को दिखता नहीं।
आख़िरी अपडेट: 29 अक्टूबर 2026
स्रोत (Sources)
- PIB, “Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) updates rules to facilitate E85/E100 flex fuel vehicles” (26 अक्टूबर 2026): https://www.pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=2328642&lang=1®=3
- The Hindu BusinessLine, “Centre includes E100 in emission framework for flex-fuel vehicles” (26 अक्टूबर 2026): https://www.thehindubusinessline.com/news/centre-includes-e100-in-emission-framework-for-flex-fuel-vehicles/article71626174.ece
- Business Standard, “Govt allows E100 flex-fuel vehicles, amends Central Motor Vehicle Rules” (26 अक्टूबर 2026): https://www.business-standard.com/industry/news/govt-allows-e100-flex-fuel-vehicles-amends-central-motor-vehicle-rules-126102601438_1.html
- The Economic Times, “Govt amends motor vehicle rules to allow E100 fuel for flex-fuel vehicles”: https://economictimes.indiatimes.com/industry/renewables/govt-amends-motor-vehicle-rules-to-allow-e100-fuel-for-flex-fuel-vehicles/articleshow/135206748.cms
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB): https://cpcb.gov.in/
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. नया संशोधन कब लागू हुआ?
PIB के अनुसार नियम राजपत्र में प्रकाशन की तारीख़ से लागू हैं। BusinessLine के मुताबिक अधिसूचना 23 अक्टूबर 2026 की है और PIB ने 26 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी।
2. E100 किन गाड़ियों के लिए है?
सिर्फ़ उन गाड़ियों के लिए जिन्हें निर्माता ने फ्लेक्स-फ्यूल के रूप में डिज़ाइन किया है और जो E85/E100 के लिए प्रमाणित हैं।
3. क्या मेरी E20 वाली कार E85 पर चल सकती है?
मंत्रालय के अनुसार E10 या E20 के अनुकूल होना E85 के लिए उपयुक्तता साबित नहीं करता। स्टिकर और मैनुअल देखें।
4. इथेनॉल बढ़ाने का फ़ायदा क्या बताया गया?
सरकार के अनुसार घरेलू इथेनॉल के ज़्यादा इस्तेमाल से आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घट सकती है, और सही तरह से बनी गाड़ियों में कुछ प्रदूषक व ग्रीनहाउस गैसें कम हो सकती हैं, जो फ़ीडस्टॉक और उत्पादन प्रक्रिया पर निर्भर है।
5. क्या E20 के बाद देशभर में मिश्रण बढ़ाने का फ़ैसला हुआ है?
The Hindu BusinessLine के अनुसार पेट्रोलियम मंत्रालय ने जुलाई में कहा था कि देशभर में बेस ब्लेंड को 20% से आगे बढ़ाने का कोई फ़ैसला नहीं हुआ है। E100 वाला संशोधन केवल फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों के प्रमाणन से जुड़ा है।


