भुवनेश्वर: CRP स्क्वायर पर तेज़ रफ़्तार नाइट बस ने राहगीरों, खड़ी कार और ऑटो को रौंदा, गाड़ियों को 100 मीटर घसीटा; दो महिलाओं की मौत, ड्राइवर हिरासत में

सीधा जवाब: रविवार, 1 नवंबर 2026 की सुबह भुवनेश्वर के नयापल्ली इलाक़े में CRP स्क्वायर के पास एक तेज़ रफ़्तार नाइट बस ने पहले सड़क किनारे पैदल चल रहे लोगों को टक्कर मारी, फिर खड़ी कार और मालवाहक ऑटो को क़रीब 100 मीटर तक घसीटते हुए चाय की दुकान से जा टकराई। हादसे में गीतांजलि राणा (24), बरगढ़ और जुना मंडल (41), नयागढ़ की मौत हो गई। कलिंगा टीवी के अनुसार बस ड्राइवर नुसाद अली को हिरासत में ले लिया गया है।

हादसा कैसे हुआ

सवालभुवनेश्वर के CRP स्क्वायर पर हादसा कैसे हुआ?

जवाब: टाइम्स ऑफ़ इंडिया (TOI) के अनुसार रात भर चलकर आ रही बस ने कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया। बस ने पहले राहगीरों को टक्कर मारी, फिर सड़क किनारे खड़ी एक कार और मालवाहक ऑटो-रिक्शा से टकराकर उन्हें क़रीब 100 मीटर तक घसीटा। इसके बाद वह सड़क किनारे की चाय दुकान और दूसरी दुकानों से टकराई और एक भूमिगत पेयजल चैंबर को भी नुक़सान पहुँचाया।

TOI की 2 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार दोनों महिलाएँ खड़ी कार के अंदर बैठी थीं। पहली रिपोर्ट में बस के सुबह टहलने वालों को टक्कर मारने की बात कही गई थी। एक चश्मदीद सस्मित मिश्रा ने TOI से कहा, “बस तेज़ रफ़्तार में आई और सड़क किनारे चल रहे लोगों को टक्कर मार दी। कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही उसने खड़ी गाड़ियों को टक्कर मारकर घसीट लिया।”

मृतक, घायल और ड्राइवर

सवालहादसे में किसकी मौत हुई और ड्राइवर का क्या हुआ?

जवाब: मृतक: गीतांजलि राणा (24), बरगढ़ ज़िला; जुना मंडल (41), नयागढ़ ज़िला।; घायल: प्रदीप जेना (45) और सुनीता मेहेर (26); दोनों को कैपिटल हॉस्पिटल ले जाया गया।; ड्राइवर: TOI के अनुसार ड्राइवर हादसे के बाद भाग गया था।

  • मृतक: गीतांजलि राणा (24), बरगढ़ ज़िला; जुना मंडल (41), नयागढ़ ज़िला।
  • घायल: प्रदीप जेना (45) और सुनीता मेहेर (26); दोनों को कैपिटल हॉस्पिटल ले जाया गया।
  • ड्राइवर: TOI के अनुसार ड्राइवर हादसे के बाद भाग गया था। कलिंगा टीवी की बाद की रिपोर्ट के अनुसार बस की पहचान कोलकाता से भुवनेश्वर आ रही डॉल्फ़िन बस के रूप में हुई; ड्राइवर नुसाद अली को नयापल्ली थाने में हिरासत में लेकर पूछताछ हो रही है और बस खंडगिरि थाने में रखी गई है।

पुलिस यह जाँच रही है कि हादसा तेज़ रफ़्तार से हुआ या किसी और लापरवाही से।

सुबह फ़ुटपाथ पर पैदल चलते लोग (प्रतीकात्मक)
Photo: MARTINOPHUC via Pixabay (प्रतीकात्मक तस्वीर / Representative image) · Pixabay

सुबह पैदल चलते समय सावधानी

सवालसुबह सड़क किनारे टहलते या पैदल चलते समय क्या सावधानी रखें?

जवाब: सुबह टहलने के लिए पार्क, फ़ुटपाथ या सर्विस लेन चुनें; मुख्य सड़क के किनारे टहलना जोखिम भरा है।; फ़ुटपाथ न हो तो सामने से आते ट्रैफ़िक की ओर मुँह करके चलें, ताकि आने वाली गाड़ी दिखे।; अँधेरे या धुंध में हल्के रंग या रिफ़्लेक्टिव कपड़े पहनें।

  1. सुबह टहलने के लिए पार्क, फ़ुटपाथ या सर्विस लेन चुनें; मुख्य सड़क के किनारे टहलना जोखिम भरा है।
  2. फ़ुटपाथ न हो तो सामने से आते ट्रैफ़िक की ओर मुँह करके चलें, ताकि आने वाली गाड़ी दिखे।
  3. अँधेरे या धुंध में हल्के रंग या रिफ़्लेक्टिव कपड़े पहनें।
  4. चौराहों पर सुबह के समय ट्रैफ़िक कम होने से गाड़ियाँ तेज़ चलती हैं; सिग्नल होने पर भी सड़क पार करने से पहले दोनों ओर देखें।
  5. गाड़ी पार्क करके उसके अंदर बैठे हों, तो कोशिश करें कि गाड़ी मुख्य सड़क से हटकर खड़ी हो।

नाइट बस और थकान

सवालरात भर चलने वाली बसों में हादसे का ख़तरा क्यों बढ़ता है?

जवाब: रात भर चलने वाली बसों में सुबह के समय ड्राइवर की थकान और झपकी का ख़तरा सबसे ज़्यादा होता है, और ख़ाली सड़कें तेज़ रफ़्तार को बढ़ावा देती हैं। यात्री के तौर पर, ड्राइवर बहुत तेज़ चला रहा हो या झपकी लेता दिखे, तो कंडक्टर या बस कंपनी से शिकायत करें, या ज़रूरत हो तो 112 पर कॉल करें।

हादसे में घायल को तुरंत मदद मिले, इसके लिए:

हादसे की जगह पर पहले 10 मिनट: क्या करें

सवालहादसे की जगह पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?

जवाब: चोट लगने के बाद का पहला घंटा सबसे क़ीमती माना जाता है, इसलिए हादसे की जगह पर मौजूद आम लोग बहुत कुछ कर सकते हैं। ज़रूरी है कि मदद करते हुए आप ख़ुद सुरक्षित रहें। अपनी सुरक्षा पहले: अपनी गाड़ी सड़क से हटाकर रोकें, हैज़र्ड लाइट जलाएँ। रात या कोहरे में पीछे से आ रहे वाहनों को इशारा करने के लिए किसी को दूर खड़ा करें।

  1. अपनी सुरक्षा पहले: अपनी गाड़ी सड़क से हटाकर रोकें, हैज़र्ड लाइट जलाएँ। रात या कोहरे में पीछे से आ रहे वाहनों को इशारा करने के लिए किसी को दूर खड़ा करें।
  2. 112 पर कॉल करें: जगह का नाम, नज़दीकी पहचान (पुल, ढाबा, पेट्रोल पंप, किलोमीटर पत्थर) और घायलों की संख्या बताएँ।
  3. इंजन बंद कराएँ: हादसे वाली गाड़ी का इंजन बंद करवाएँ। ईंधन या गैस की गंध आए तो बीड़ी-सिगरेट और चिंगारी से दूर रहें।
  4. बिना ज़रूरत न हिलाएँ: गर्दन या रीढ़ में चोट की आशंका हो तो घायल को तभी हटाएँ जब आग या दूसरी गाड़ी से तुरंत ख़तरा हो।
  5. ख़ून रोकें: बहते ख़ून पर साफ़ कपड़े से लगातार दबाव रखें।
  6. होश में रखें: घायल से बात करते रहें, भीड़ हटाएँ ताकि हवा मिले। बेहोश व्यक्ति के मुँह में पानी न डालें।
  7. अस्पताल पहुँचाएँ: एम्बुलेंस देर से आए और घायल को ले जाना सुरक्षित हो, तो नज़दीकी अस्पताल ले जाएँ।

वीडियो बनाने से ज़्यादा ज़रूरी है मदद करना। अगर आप ख़ुद कुछ नहीं कर सकते, तो कम से कम सही जगह और जानकारी के साथ 112 पर कॉल ज़रूर करें।

बस यात्री अपनी सुरक्षा के लिए क्या करें

लंबी दूरी की बसों, ख़ासकर रात की स्लीपर बसों में यात्री अक्सर सबसे ज़्यादा असहाय होते हैं। कुछ आदतें मुश्किल समय में फ़र्क़ ला सकती हैं:

  • बैठते ही रास्ता पहचानें: मुख्य दरवाज़ा, आपातकालीन खिड़की/दरवाज़ा और शीशा तोड़ने वाला हथौड़ा कहाँ है, यह देख लें। स्लीपर बस में अपनी बर्थ से निकलने का रास्ता समझ लें।
  • गलियारा ख़ाली रखें: बैग, बोरी या सामान रास्ते में न रखें; आग या पलटने की हालत में यही रास्ता जान बचाता है।
  • ज्वलनशील सामान नहीं: पेट्रोल, गैस सिलेंडर, पटाखे जैसी चीज़ें बस में न ले जाएँ, और कोई ले जा रहा हो तो कंडक्टर को बताएँ।
  • ड्राइवर को टोकें: तेज़ रफ़्तार, फ़ोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाना या थका हुआ ड्राइवर दिखे तो विनम्रता से टोकें; ज़रूरत हो तो 112 पर सूचना दें।
  • सीटबेल्ट हो तो लगाएँ: जिन बसों में सीटबेल्ट है, उनका इस्तेमाल करें।
  • टिकट और बस नंबर संभालें: परिवार को बस का नंबर और यात्रा का समय भेज दें।
आपात स्थिति क्या करें
धुआँ या जलने की गंध ड्राइवर को तुरंत रुकने को कहें, सबको जगाएँ
आग सामान छोड़कर नज़दीकी रास्ते से निकलें, धुएँ में झुककर चलें
बस पलटी पहले बच्चों और बुज़ुर्गों को निकालने में मदद करें, फिर बस से दूर हटें

बाहर निकलकर 112 पर कॉल करें और जगह की सटीक पहचान बताएँ।

रात में बस चलाता ड्राइवर (प्रतीकात्मक)
Photo: ahmetyuksek via Pixabay (प्रतीकात्मक तस्वीर / Representative image) · Pixabay

निष्कर्ष

तड़के ख़ाली सड़कें सुरक्षित लगती हैं, पर यही समय थके हुए ड्राइवरों और तेज़ रफ़्तार का होता है। पैदल चलने वाले सड़क से दूरी रखें और बस ऑपरेटर ड्राइवरों को पूरा आराम दें। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड REASONS FOR ROAD ACCIDENT IN INDIA भी पढ़ सकते हैं।

गाड़ी पर लगा Rakshak Code QR हादसे की स्थिति में लोगों को गाड़ी मालिक के परिवार या इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक तुरंत पहुँचने देता है, बिना किसी का नंबर सार्वजनिक किए।

आख़िरी अपडेट: 2 नवंबर 2026

यह भी पढ़ें: मैसूरु KSRTC बस-स्कूटर हादसा और वेल्लोर NH48 ओमनीबस-लॉरी टक्कर

स्रोत (Sources)

  1. The Times of India, 2 women killed, several injured as speeding bus runs amok in Bhubaneswar (1 नवंबर 2026): https://timesofindia.indiatimes.com/city/bhubaneswar/series-of-accidents-reported-in-bhubaneswars-nayapalli-area-2-dead-several-injured/articleshow/135416667.cms
  2. The Times of India, Bus kills two women, injures several in early morning accident (2 नवंबर 2026): https://timesofindia.indiatimes.com/city/bhubaneswar/bus-kills-two-women-injures-several-in-early-morning-accident/articleshow/135436064.cms
  3. Kalinga TV, Bhubaneswar Hit-and-Run: Dolphin bus identified, driver detained (1 नवंबर 2026): https://kalingatv.com/odisha/bhubaneswar-hit-and-run-dolphin-bus-identified-driver-detained/
  4. MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. हादसा कहाँ और कब हुआ?

1 नवंबर 2026 की सुबह भुवनेश्वर के नयापल्ली में CRP स्क्वायर के पास।

2. कितने लोगों की मौत हुई?

दो महिलाओं की: गीतांजलि राणा (24) और जुना मंडल (41)। दो लोग घायल हैं।

3. क्या ड्राइवर पकड़ा गया?

कलिंगा टीवी के अनुसार ड्राइवर नुसाद अली को नयापल्ली थाने में हिरासत में लिया गया है।

4. बस कौन सी थी?

कलिंगा टीवी के अनुसार कोलकाता से भुवनेश्वर आ रही डॉल्फ़िन बस।

5. बस कहाँ से आ रही थी?

कलिंगा टीवी के अनुसार यह कोलकाता से भुवनेश्वर आ रही डॉल्फ़िन बस थी, जिसे खंडगिरि थाने में ज़ब्त रखा गया है।

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