सीधा जवाब: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने CII के हाईवे सम्मेलन में कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एक्सप्रेसवे पर 120 km/h की सीमा से 20% तक ज़्यादा स्पीड पर चालान न भेजा जाए, और इससे ऊपर जाने पर चालान हो। लेकिन टाइम्स ऑफ़ इंडिया (30 अक्टूबर 2026) से बात करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा नियमों में सिर्फ़ 5% तक की छूट है, और 20% छूट के लिए कोई नई अधिसूचना अभी सामने नहीं आई है। यानी आज की तारीख़ में बोर्ड पर लिखी स्पीड लिमिट ही मानिए।
गडकरी ने क्या कहा
सवालगडकरी ने स्पीडिंग चालान पर क्या कहा?
जवाब: इकोनॉमिक टाइम्स और फ़ाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्टों (29 अक्टूबर 2026) के अनुसार गडकरी ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि एक्सप्रेसवे पर 120 km/h से 20% ज़्यादा तक चालान न हो, और उससे ऊपर जाने पर ही चालान किया जाए। 120 km/h पर 20% जोड़ें तो यह लगभग 144 km/h बनता है।
उसी कार्यक्रम में उन्होंने हाईवे ठेकेदारों को चेतावनी दी कि “हर गड्ढे का हिसाब होगा” (Every pothole will be accounted for)।
अभी कौन-सी स्पीड लिमिट लागू है
सवालएक्सप्रेसवे पर अभी कानूनी स्पीड लिमिट कितनी है?
जवाब: टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा नियमों में कारों (M1 श्रेणी) के लिए ये अधिकतम सीमाएँ हैं: एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे: 120 km/h; चार-लेन (डिवाइडर वाली) सड़क: 100 km/h; दूसरी सड़कें: 70 km/h दूसरी श्रेणी के वाहनों (बस, ट्रक, दोपहिया) के लिए सीमाएँ इससे कम हैं। ध्यान रहे, राज्य या सड़क एजेंसी किसी हिस्से पर इससे कम सीमा तय कर सकती है।
| सड़क का प्रकार | कार की अधिकतम स्पीड |
|---|---|
| एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे | 120 km/h |
| चार-लेन (डिवाइडर वाली) सड़क | 100 km/h |
| दूसरी सड़कें | 70 km/h |

5% बनाम 20%: पेंच कहाँ है
विशेषज्ञों के अनुसार नियमों में स्पीड लिमिट से 5% तक ऊपर चलने पर चालान से छूट का सीमित प्रावधान है। 20% छूट लागू करने के लिए नियम या अधिसूचना में बदलाव चाहिए, जो अब तक नहीं हुआ है। इसलिए:
- मंत्री का बयान एक निर्देश/प्रस्ताव है, क़ानून में बदलाव नहीं।
- स्पीड कैमरे और इंटरसेप्टर अपनी तय सेटिंग पर ही चालान बना सकते हैं।
- 120 km/h वाले एक्सप्रेसवे पर 140 km/h की रफ़्तार से चालान न आने की गारंटी नहीं है।
विशेषज्ञ क्यों चिंतित हैं
सवालविशेषज्ञ 20% छूट को लेकर क्यों चिंतित हैं?
जवाब: टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार 2024 में भारत में सड़क हादसों में हुई 58% से ज़्यादा मौतें (एक लाख से कुछ अधिक) तेज़ रफ़्तार से जुड़ी थीं। तेज़ रफ़्तार पर रुकने की दूरी तेज़ी से बढ़ती है, और आगे खड़ी या धीमी गाड़ी दिखने पर बचने का समय घट जाता है।
ड्राइवरों के लिए सीधी सलाह
- बोर्ड पर लिखी सीमा ही मानिए, किसी बयान या सोशल मीडिया पोस्ट को नहीं।
- क्रूज़ कंट्रोल या स्पीड-लिमिटर हो तो उसे सीमा से थोड़ा नीचे सेट करें।
- रात, बारिश और कोहरे में सीमा से काफ़ी नीचे चलें और आगे की गाड़ी से ज़्यादा दूरी रखें।
- ओवरस्पीड का चालान कितना है, यह देखें: ट्रैफिक चालान जुर्माना लिस्ट 2026।
- चालान ग़लत लगे तो ग़लत चालान की शिकायत कैसे करें पढ़ें।
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित सफ़र के नियम
सवालएक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब: एक्सप्रेसवे पर रफ़्तार ज़्यादा होती है, इसलिए छोटी-सी चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है। इन बातों का ध्यान रखिए: बोर्ड पर लिखी रफ़्तार ही मानें: अलग-अलग वाहनों और हिस्सों के लिए गति सीमा अलग होती है, और मौसम (जैसे कोहरा) में अस्थायी रूप से घटाई भी जाती है।; लेन अनुशासन: धीमे वाहन बाईं लेन में रहें, दाईं लेन सिर्फ़ ओवरटेक के लिए है। बार-बार लेन बदलना ख़तरनाक है।
- बोर्ड पर लिखी रफ़्तार ही मानें: अलग-अलग वाहनों और हिस्सों के लिए गति सीमा अलग होती है, और मौसम (जैसे कोहरा) में अस्थायी रूप से घटाई भी जाती है।
- लेन अनुशासन: धीमे वाहन बाईं लेन में रहें, दाईं लेन सिर्फ़ ओवरटेक के लिए है। बार-बार लेन बदलना ख़तरनाक है।
- बीच सड़क कभी न रुकें: फ़ोन, रास्ता पूछने या सामान ठीक करने के लिए कैरिजवे पर रुकना जानलेवा हो सकता है। रुकना ही हो तो तय रेस्ट एरिया या शोल्डर पर।
- टायर और गाड़ी की जाँच: सफ़र से पहले टायर का दबाव, घिसाव, कूलेंट और ब्रेक देख लें। तेज़ रफ़्तार पर कमज़ोर टायर फटने का ख़तरा बढ़ता है।
- थकान को हल्के में न लें: नींद या आँखें भारी लगें तो रुककर आराम करें; लंबे सफ़र में बीच-बीच में ब्रेक लें।
- दूरी बनाए रखें: आगे वाली गाड़ी से इतनी दूरी रखें कि अचानक ब्रेक पर रुक सकें।
| मुसीबत | क्या करें |
|---|---|
| गाड़ी ख़राब | बाईं ओर शोल्डर पर, हैज़र्ड लाइट, पीछे चेतावनी तिकोन |
| सवारियाँ | बैरियर के पार सुरक्षित जगह खड़ी हों, गाड़ी में न बैठें |
| मदद | NHAI हेल्पलाइन 1033 या 112 पर कॉल करें |

निष्कर्ष
गडकरी का बयान बताता है कि सरकार एक्सप्रेसवे पर मामूली ओवरस्पीड पर चालान को लेकर नरमी चाहती है, लेकिन जब तक नियम नहीं बदलते, क़ानून वही है जो पहले था। रफ़्तार से ज़्यादा ज़रूरी है सुरक्षित पहुँचना। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड TRAFFIC RULES EVERYONE MUST FOLLOW भी पढ़ सकते हैं।
हाईवे पर गाड़ी कहीं खड़ी करनी पड़े या कोई हादसा हो जाए, तो लोग आपसे या आपके परिवार से तुरंत संपर्क कर सकें, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए। स्कैन करने पर कॉल, WhatsApp और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट के बटन मिलते हैं, और आपका नंबर किसी को दिखता नहीं।
आख़िरी अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
स्रोत (Sources)
- The Economic Times, “Nitin Gadkari says no challan for speeding up to 20% over the limit” (29 अक्टूबर 2026): https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/roadways/nitin-gadkari-says-no-challan-for-speeding-up-to-20-over-the-limit-what-he-told-officials-when-challans-should-be-issued-what-motorists-must-know/articleshow/135297762.cms
- The Times of India, “Gadkari’s 140 kmph no-challan proposal faces legal, road safety hurdles” (30 अक्टूबर 2026): https://timesofindia.indiatimes.com/india/gadkaris-140-kmph-no-challan-proposal-faces-legal-road-safety-hurdles/articleshow/135336881.cms
- Financial Express, “No traffic challans for speeding up to 120 kmph, even 20% above allowed: Nitin Gadkari”: https://www.financialexpress.com/business/roadways-no-traffic-challans-for-speeding-up-to-120-kmph-even-20-above-allowed-nitin-gadkari-4371089/
- NHAI राजमार्गयात्रा (हेल्पलाइन 1033): https://rajmargyatra.nhai.gov.in/
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या अब एक्सप्रेसवे पर 144 km/h तक चलाना क़ानूनी है?
नहीं। अभी तक कोई नई अधिसूचना नहीं आई है। एक्सप्रेसवे पर कारों की अधिकतम सीमा 120 km/h ही है, और कई हिस्सों पर इससे कम भी हो सकती है।
2. मौजूदा नियम में कितनी छूट है?
विशेषज्ञों के अनुसार स्पीड लिमिट से 5% तक ऊपर चलने पर चालान से सीमित छूट का प्रावधान है।
3. क्या यह छूट हर सड़क पर लागू होगी?
मंत्री ने एक्सप्रेसवे की बात की थी। चार-लेन और दूसरी सड़कों के लिए कोई बदलाव नहीं बताया गया है।
4. बयान के बाद भी चालान आए तो क्या करें?
चालान का विवरण (स्पीड, जगह, समय, फ़ोटो) देखें। ग़लत लगे तो पोर्टल पर सबूत के साथ चुनौती दें।
5. क्या पुराने ओवरस्पीड चालान इस बयान से रद्द हो जाएँगे?
अब तक ऐसी कोई अधिसूचना या आदेश सामने नहीं आया है जो पुराने चालान रद्द करे। जो चालान आपको ग़लत लगे, उसे तय समय में पोर्टल पर सबूत के साथ चुनौती दें।


