काला धुआँ छोड़ती गाड़ी: शिकायत कैसे करें, मालिक पर क्या कार्रवाई होती है, और अपनी गाड़ी को कैसे ठीक रखें

सीधा जवाब: अगर कोई गाड़ी लगातार गाढ़ा काला धुआँ छोड़ रही है, तो उसका नंबर, जगह और समय नोट करके (सुरक्षित तरीके से फ़ोटो लेकर) अपने शहर की ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग के आधिकारिक हेल्पलाइन/ऐप/सोशल मीडिया हैंडल पर शिकायत कीजिए। मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के बाद धारा 190(2) के तहत सड़क सुरक्षा, शोर या वायु प्रदूषण के मानक तोड़कर गाड़ी चलाने पर 3 महीने तक जेल, या ₹10,000 तक जुर्माना, या दोनों, और 3 महीने तक लाइसेंस रखने से अयोग्यता का प्रावधान है। अपनी गाड़ी से धुआँ निकले, तो डाँट का इंतज़ार मत कीजिए: सर्विसिंग कराइए और वैध PUC रखिए।

काला धुआँ क्यों निकलता है?

सवालगाड़ी से काला धुआँ क्यों निकलता है?

जवाब: काला धुआँ आम तौर पर इस बात का संकेत है कि ईंधन ठीक से नहीं जल रहा। इसके आम कारण हैं: गंदा या चोक एयर फ़िल्टर, जिससे इंजन को पूरी हवा नहीं मिलती; ख़राब फ़्यूल इंजेक्टर या फ़्यूल पंप की गड़बड़ी (ख़ासकर डीज़ल गाड़ियों में); ओवरलोडिंग, जिससे इंजन पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है; लंबे समय से सर्विसिंग न होना, घिसे पुर्ज़े; मिलावटी या घटिया ईंधन।

  • गंदा या चोक एयर फ़िल्टर, जिससे इंजन को पूरी हवा नहीं मिलती
  • ख़राब फ़्यूल इंजेक्टर या फ़्यूल पंप की गड़बड़ी (ख़ासकर डीज़ल गाड़ियों में)
  • ओवरलोडिंग, जिससे इंजन पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है
  • लंबे समय से सर्विसिंग न होना, घिसे पुर्ज़े
  • मिलावटी या घटिया ईंधन
धुएँ का रंग आम संकेत
काला ईंधन ज़्यादा, हवा कम; फ़िल्टर/इंजेक्टर की जाँच
नीला/सलेटी इंजन ऑयल जल रहा हो सकता है
सफ़ेद, गाढ़ा और लगातार कूलेंट से जुड़ी समस्या हो सकती है

यह सिर्फ़ सामान्य जानकारी है; सही वजह मैकेनिक की जाँच से ही पता चलती है।

क़ानून क्या कहता है?

सवालप्रदूषण फैलाने वाली गाड़ी पर क़ानून क्या कहता है?

जवाब: केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत वाहनों को तय उत्सर्जन मानकों का पालन करना होता है और वैध PUC (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) रखना होता है। 2019 के संशोधन के बाद मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) में प्रावधान है कि जो व्यक्ति सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण या वायु प्रदूषण से जुड़े मानकों का उल्लंघन करते हुए वाहन चलाता है या चलवाता है, उसे 3 महीने तक की जेल, या ₹10,000…

उल्लंघन सज़ा (धारा 190(2), 2019 संशोधन)
प्रदूषण/शोर/सड़क सुरक्षा मानक तोड़ना 3 महीने तक जेल, या ₹10,000 तक जुर्माना, या दोनों
साथ में 3 महीने तक लाइसेंस से अयोग्यता
इंजन की मरम्मत (प्रतीकात्मक)
Photo: padrinan via Pixabay · Pixabay

शिकायत कहाँ करें?

सवालकाला धुआँ छोड़ती गाड़ी की शिकायत कहाँ करें?

जवाब: ट्रैफिक पुलिस: अपने शहर की ट्रैफिक पुलिस का हेल्पलाइन नंबर, आधिकारिक ऐप या सोशल मीडिया हैंडल।; परिवहन विभाग: राज्य परिवहन विभाग की वेबसाइट या हेल्पलाइन।; प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड: कई राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी शिकायत लेते हैं।। शिकायत में गाड़ी का नंबर, जगह, तारीख़ और समय ज़रूर दें। फ़ोटो या वीडियो तभी लें जब आप सुरक्षित हों; गाड़ी चलाते हुए फ़ोन न उठाएँ, और किसी ड्राइवर से उलझें नहीं।

  1. ट्रैफिक पुलिस: अपने शहर की ट्रैफिक पुलिस का हेल्पलाइन नंबर, आधिकारिक ऐप या सोशल मीडिया हैंडल।
  2. परिवहन विभाग: राज्य परिवहन विभाग की वेबसाइट या हेल्पलाइन।
  3. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड: कई राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी शिकायत लेते हैं।

PUC फ़ेल हो तो क्या करें?

सवालPUC टेस्ट में फ़ेल हो जाए तो क्या करें?

जवाब: घबराएँ नहीं: PUC फ़ेल होने का मतलब है कि गाड़ी को मरम्मत की ज़रूरत है।; सर्विसिंग कराएँ: एयर फ़िल्टर, फ़्यूल सिस्टम, इंजन ऑयल और स्पार्क प्लग/इंजेक्टर की जाँच कराएँ।; दोबारा टेस्ट: मरम्मत के बाद अधिकृत PUC सेंटर पर दोबारा टेस्ट कराएँ।; ऑनलाइन जाँच: PUC की वैधता Parivahan के PUC पोर्टल पर वाहन नंबर से देखी जा सकती है।।

  • घबराएँ नहीं: PUC फ़ेल होने का मतलब है कि गाड़ी को मरम्मत की ज़रूरत है।
  • सर्विसिंग कराएँ: एयर फ़िल्टर, फ़्यूल सिस्टम, इंजन ऑयल और स्पार्क प्लग/इंजेक्टर की जाँच कराएँ।
  • दोबारा टेस्ट: मरम्मत के बाद अधिकृत PUC सेंटर पर दोबारा टेस्ट कराएँ।
  • ऑनलाइन जाँच: PUC की वैधता Parivahan के PUC पोर्टल पर वाहन नंबर से देखी जा सकती है।

अपनी गाड़ी साफ़ कैसे रखें?

समय पर सर्विसिंग, ओवरलोडिंग से बचना, अच्छे पंप से ईंधन और टायर में सही हवा, ये चार आदतें धुआँ कम रखती हैं और माइलेज भी बेहतर करती हैं। यानी हवा भी साफ़ और जेब भी हल्की नहीं।

प्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं

सवालप्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं?

जवाब: सर्दियों में कई शहरों की हवा बहुत ख़राब हो जाती है, और गाड़ियों का धुआँ इसकी एक बड़ी वजह है। हर व्यक्ति की छोटी-छोटी आदतें मिलकर फ़र्क़ डालती हैं: लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद: धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं; कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना: सड़क पर कम गाड़ियाँ; छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन: शून्य या बहुत कम धुआँ; समय पर सर्विस और PUC: इंजन साफ़…

आदत फ़ायदा
लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं
कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना सड़क पर कम गाड़ियाँ
छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन शून्य या बहुत कम धुआँ
समय पर सर्विस और PUC इंजन साफ़ जलता है
टायर में सही हवा इंजन पर कम ज़ोर, कम धुआँ
धुआँ छोड़ती गाड़ी को नज़रअंदाज़ न करें काला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है

सेहत का ध्यान भी: बहुत ख़राब हवा वाले दिनों में दोपहिया चालक और खुली गाड़ियों के ड्राइवर सबसे ज़्यादा धुआँ झेलते हैं। ज़रूरत न हो तो भीड़ के समय सफ़र टालें, और साँस की बीमारी वाले लोग डॉक्टर की सलाह मानें।

आधिकारिक जानकारी कहाँ देखें: अपने शहर की हवा की गुणवत्ता (AQI) और प्रदूषण से जुड़ी पाबंदियों की जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), राज्य प्रदूषण बोर्ड और ट्रैफ़िक पुलिस की आधिकारिक घोषणाओं से लें। सोशल मीडिया पर चल रही “कल से गाड़ियाँ बंद” जैसी अफ़वाहों पर भरोसा न करें।

चालान से बचने की 8 आसान आदतें

आजकल ज़्यादातर बड़े शहरों में कैमरों से अपने-आप चालान कटते हैं, और कई बार लोगों को हफ़्तों बाद पता चलता है। सबसे सस्ता तरीका है नियम मानना:

  1. स्टॉप लाइन से पहले रुकें: रेड लाइट पर ज़ेब्रा क्रॉसिंग या स्टॉप लाइन पार न करें।
  2. बोर्ड वाली रफ़्तार: शहर, हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग सीमा होती है; स्पीड कैमरे वाले हिस्सों में बोर्ड देखें।
  3. हेलमेट और सीटबेल्ट: दोपहिया पर दोनों सवार हेलमेट पहनें, कार में आगे-पीछे सब सीटबेल्ट लगाएँ।
  4. फ़ोन हाथ में नहीं: गाड़ी चलाते हुए फ़ोन पर बात या मैसेज न करें।
  5. सही लेन और सही दिशा: ग़लत दिशा (रॉन्ग साइड) में चलना ख़तरनाक भी है और आम चालान भी।
  6. नंबर प्लेट साफ़ और मानक: टूटी, धुंधली या डिज़ाइनर नंबर प्लेट से दिक़्क़त हो सकती है।
  7. काग़ज़ अपडेट: बीमा, PUC और लाइसेंस की तारीख़ याद रखें; DigiLocker/mParivahan में रखे दस्तावेज़ मान्य हैं।
  8. पार्किंग सही जगह: नो-पार्किंग में खड़ी गाड़ी चालान के साथ टो भी हो सकती है।

महीने में एक बार जाँच: echallan.parivahan.gov.in पर अपनी गाड़ी का नंबर डालकर देख लें कि कोई चालान लंबित तो नहीं। समय पर जानकारी होने से आप सही समय पर भुगतान कर सकते हैं, ग़लत चालान को चुनौती दे सकते हैं, या लोक अदालत जैसे विकल्प का इंतज़ार कर सकते हैं।

शहर में प्रदूषण (प्रतीकात्मक)
Photo: Kanenori via Pixabay · Pixabay

निष्कर्ष

काला धुआँ सिर्फ़ गाड़ी की ख़राबी नहीं, आसपास के बच्चों और बुज़ुर्गों की सेहत पर बोझ है। शिकायत शांति से और सही जगह कीजिए, और अपनी गाड़ी की देखभाल ख़ुद से शुरू कीजिए। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड Pollution Under Control(PUC Certificate) FAQs भी पढ़ सकते हैं।

सड़क पर किसी मुसीबत में परिवार तक ख़बर पहुँचे, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए: मदद करने वाला उसे स्कैन करके आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक पहुँच सकता है, आपका नंबर देखे बिना।

सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।

आख़िरी अपडेट: 14 जुलाई 2026

स्रोत (Sources)

  1. मोटर वाहन अधिनियम, धारा 190(2) (2019 संशोधन सहित) (Indian Kanoon): https://indiankanoon.org/doc/168501353/
  2. केरल हाई कोर्ट निर्णय, W.P.(C) 23021/2018 (28 अक्टूबर 2019), जिसमें संशोधित धारा 190(2) उद्धृत है: https://mvd.kerala.gov.in/sites/default/files/Downloads/215700230212018_1.pdf
  3. Parivahan, PUC पोर्टल: https://puc.parivahan.gov.in/puc/
  4. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB): https://cpcb.gov.in/
  5. Parivahan ई-चालान पोर्टल: https://echallan.parivahan.gov.in/
  6. PIB, DigiLocker/mParivahan पर दस्तावेज़ों की मान्यता (अगस्त 2018): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1542222

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. प्रदूषण मानक तोड़ने पर कितना जुर्माना है?

धारा 190(2) के तहत ₹10,000 तक जुर्माना, या 3 महीने तक जेल, या दोनों, और 3 महीने तक लाइसेंस से अयोग्यता।

2. काला धुआँ छोड़ती गाड़ी की शिकायत कहाँ करें?

अपने शहर की ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग के आधिकारिक हेल्पलाइन, ऐप या सोशल मीडिया हैंडल पर।

3. मेरी गाड़ी से काला धुआँ निकल रहा है, क्या करूँ?

जल्दी सर्विसिंग कराएँ, ख़ासकर एयर फ़िल्टर और फ़्यूल सिस्टम की जाँच, फिर PUC टेस्ट कराएँ।

4. PUC ऑनलाइन कैसे देखें?

Parivahan के PUC पोर्टल पर वाहन नंबर डालकर वैधता देखी जा सकती है।

5. रेड लाइट पर इंजन बंद करने से कोई फ़र्क़ पड़ता है?

हाँ, लंबे रेड सिग्नल या जाम में इंजन बेवजह चालू रखने से धुआँ और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं; सुरक्षित हो तो इंजन बंद करना बेहतर आदत है।

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