सीधा जवाब: NALSA के कैलेंडर के अनुसार 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत शनिवार, 14 मार्च 2026 को ज़्यादातर राज्यों में लगेगी। दिल्ली में यह 22 मार्च 2026 (रविवार) को होगी: DSLSA ने 10 मार्च के नोटिस में तारीख़ बदली। लोक अदालत में आम तौर पर समझौता-योग्य (compoundable) ट्रैफिक चालान, जैसे रेड लाइट, ओवरस्पीड, हेलमेट/सीटबेल्ट, नो-पार्किंग, निपटाए जाते हैं; नशे में ड्राइविंग, गंभीर हादसे या नाबालिग से जुड़े मामले आम तौर पर शामिल नहीं होते। छूट मिलेगी या नहीं, यह अदालत/अधिकारियों के फ़ैसले पर निर्भर है।
तारीख़ें एक नज़र में
सवाल2026 की पहली नेशनल लोक अदालत कब है?
जवाब: ज़्यादातर राज्य: शनिवार, 14 मार्च 2026; दिल्ली: रविवार, 22 मार्च 2026 NALSA के 4 दिसंबर 2025 के पत्र के अनुसार 2026 में नेशनल लोक अदालत मार्च, मई, सितंबर और दिसंबर के दूसरे शनिवार को होनी हैं; राज्य अपनी परिस्थिति के अनुसार तारीख़ बदल सकते हैं।
| राज्य | तारीख़ |
|---|---|
| ज़्यादातर राज्य | शनिवार, 14 मार्च 2026 |
| दिल्ली | रविवार, 22 मार्च 2026 |
The Economic Times के अनुसार दिल्ली में तीस हज़ारी, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, रोहिणी, साकेत, द्वारका और राउज़ एवेन्यू कोर्ट परिसरों में लोक अदालत लगेगी।
कौन से चालान शामिल, कौन से नहीं
सवाललोक अदालत में कौन से ट्रैफिक चालान निपटते हैं?
जवाब: ओवरस्पीड, रेड लाइट जंप: नशे में ड्राइविंग; नो-पार्किंग, ग़लत लेन: गंभीर चोट या मौत वाले हादसे; हेलमेट/सीटबेल्ट: रेसिंग/तेज़ रफ़्तार की होड़; कैमरे से बने ई-चालान: नाबालिग से जुड़े अपराध; कुछ मामलों में PUC/बीमा से जुड़े: पहले से ट्रायल में चल रहे मामले अंतिम सूची हर राज्य की लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी/ट्रैफिक पुलिस तय करती है।
| आम तौर पर शामिल | आम तौर पर शामिल नहीं |
|---|---|
| ओवरस्पीड, रेड लाइट जंप | नशे में ड्राइविंग |
| नो-पार्किंग, ग़लत लेन | गंभीर चोट या मौत वाले हादसे |
| हेलमेट/सीटबेल्ट | रेसिंग/तेज़ रफ़्तार की होड़ |
| कैमरे से बने ई-चालान | नाबालिग से जुड़े अपराध |
| कुछ मामलों में PUC/बीमा से जुड़े | पहले से ट्रायल में चल रहे मामले |

प्रक्रिया: क़दम-दर-क़दम
सवाललोक अदालत में चालान निपटाने की प्रक्रिया क्या है?
जवाब: चालान की स्थिति देखें: echallan.parivahan.gov.in या राज्य ट्रैफिक पुलिस की साइट पर।; ऑनलाइन भरने लायक़ है? अगर चालान कोर्ट नहीं गया है, तो सीधे ऑनलाइन भर सकते हैं।; कोर्ट गया चालान: लोक अदालत के लिए टोकन/स्लिप लें (जहाँ ज़रूरी हो)। दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर स्लिप डाउनलोड होती है।; तय दिन कोर्ट परिसर जाएँ और स्लिप पर लिखी बेंच पर पहुँचें।
- चालान की स्थिति देखें: echallan.parivahan.gov.in या राज्य ट्रैफिक पुलिस की साइट पर।
- ऑनलाइन भरने लायक़ है? अगर चालान कोर्ट नहीं गया है, तो सीधे ऑनलाइन भर सकते हैं।
- कोर्ट गया चालान: लोक अदालत के लिए टोकन/स्लिप लें (जहाँ ज़रूरी हो)। दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर स्लिप डाउनलोड होती है।
- तय दिन कोर्ट परिसर जाएँ और स्लिप पर लिखी बेंच पर पहुँचें।
- तय राशि भरें और रसीद सँभालें; चालान सिस्टम में बंद हो जाता है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- ड्राइविंग लाइसेंस, RC
- चालान की कॉपी या SMS
- पहचान पत्र
- टोकन/स्लिप (जहाँ लागू)
चालान ऑनलाइन कैसे देखें और भरें
सवालअपना ट्रैफ़िक चालान ऑनलाइन कैसे देखें और भरें?
जवाब: आजकल ज़्यादातर चालान कैमरों या पुलिस के हैंडहेल्ड डिवाइस से इलेक्ट्रॉनिक रूप में कटते हैं। अपने चालान की सही स्थिति देखने का सबसे भरोसेमंद तरीका सरकारी e-Challan पोर्टल है। ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (किसी मैसेज के लिंक से नहीं)।; चालान की स्थिति देखने वाले विकल्प में गाड़ी नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें।
- ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (किसी मैसेज के लिंक से नहीं)।
- चालान की स्थिति देखने वाले विकल्प में गाड़ी नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें।
- चालान की तारीख़, जगह, उल्लंघन और रक़म जाँचें; जहाँ तस्वीर उपलब्ध हो, वह भी देखें।
- सही लगे तो पोर्टल पर ही ऑनलाइन भुगतान करें और रसीद डाउनलोड करके रखें।
- चालान ग़लत लगे या भुगतान का विकल्प न दिखे, तो वह कोर्ट/वर्चुअल कोर्ट में भेजा गया हो सकता है; इसके लिए अपने राज्य की ट्रैफ़िक पुलिस या वर्चुअल कोर्ट की जानकारी देखें।
| ठगी के संकेत | क्या करें |
|---|---|
| अनजान नंबर से लिंक वाला “चालान” मैसेज | लिंक न खोलें, पोर्टल पर ख़ुद जाँचें |
| APK फ़ाइल डाउनलोड करने को कहा जाए | बिल्कुल डाउनलोड न करें |
| “आज ही भरें वरना गिरफ़्तारी” जैसी धमकी | घबराएँ नहीं, यह दबाव की चाल है |
| पैसे कट गए | तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें |
लोक अदालत के फ़ैसले के बारे में ज़रूरी बातें
सवाललोक अदालत का फ़ैसला कितना पक्का होता है?
जवाब: लोक अदालत आपसी सहमति से मामले निपटाने का मंच है, जिसे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राज्य/ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण आयोजित करते हैं। ट्रैफ़िक चालान के अलावा बैंक वसूली, बिजली-पानी के बिल और कई छोटे दीवानी मामले भी यहाँ आते हैं।
| बात | क्या जानना ज़रूरी |
|---|---|
| फ़ैसले की ताक़त | विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 21 के तहत अवॉर्ड दीवानी अदालत की डिक्री जैसा माना जाता है |
| अपील | अवॉर्ड अंतिम होता है, उसके ख़िलाफ़ अपील नहीं होती |
| सहमति | मामला दोनों पक्षों की सहमति से ही निपटता है; ज़बरदस्ती नहीं |
| कोर्ट फ़ीस | अदालत में लंबित मामला लोक अदालत में निपटे तो चुकाई गई कोर्ट फ़ीस लौटाने का प्रावधान है |
जाने से पहले तैयारी: चालान नंबर या टोकन/स्लिप, गाड़ी की RC, पहचान पत्र और भुगतान का साधन साथ रखें। जिस शहर में लोक अदालत है, वहाँ की ट्रैफ़िक पुलिस या विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट पर तय प्रक्रिया ज़रूर देखें, क्योंकि कई जगह पहले से ऑनलाइन टोकन या अपॉइंटमेंट लेना होता है।
ध्यान दें: हर चालान लोक अदालत में नहीं आता। गंभीर अपराधों से जुड़े या कोर्ट में अलग से चल रहे मामलों के लिए नियम अलग हो सकते हैं। किसी दलाल को पैसे देकर “चालान माफ़” करवाने के झाँसे में न आएँ।
वर्चुअल कोर्ट में चालान: भुगतान या चुनौती
जो ई-चालान तय समय में नहीं भरे जाते या जिन्हें विभाग कोर्ट भेज देता है, वे कई राज्यों में “वर्चुअल कोर्ट” पहुँच जाते हैं। यहाँ ऑनलाइन ही केस देखा जा सकता है, और आप तय कर सकते हैं कि जुर्माना भरना है या चालान को चुनौती देनी है।
वर्चुअल कोर्ट के आधिकारिक FAQ के अनुसार तरीका:
- vcourts.gov.in पर जाएँ और अपना राज्य/विभाग चुनें।
- मोबाइल नंबर, CNR नंबर, पार्टी का नाम या चालान/वाहन नंबर से केस खोजें।
- केस के सामने “View” पर क्लिक करके पूरा चालान देखें।
- भुगतान करना हो तो वहीं दिखाई गई राशि ऑनलाइन भरें और रसीद सेव करें।
- चुनौती देनी हो तो “I wish to contest the case” चुनें। OTP से सत्यापन होता है; मोबाइल नंबर ग़लत हो तो चेसिस या इंजन नंबर के आख़िरी 4 अंक से सत्यापन का विकल्प है।
| फ़ैसला | आगे क्या होगा |
|---|---|
| जुर्माना भरा | रसीद मिलेगी, केस निपट जाएगा |
| चुनौती चुनी | केस नियमित कोर्ट में जाएगा, ऑनलाइन भुगतान का विकल्प बंद हो जाएगा |
| कुछ नहीं किया | केस लंबित रहेगा; बाद में दिक़्क़त बढ़ सकती है |
सावधानी: चुनौती तभी चुनें जब आपके पास मज़बूत सबूत हों (जैसे उस समय कहीं और होने का सबूत, या गाड़ी पहले ही बिक चुकी हो)। सुनवाई की तारीख़ और कोर्ट का नाम स्क्रीन पर दिखता है; उसे सेव कर लें और तारीख़ पर ज़रूर पेश हों।

निष्कर्ष
लोक अदालत पुराने चालानों को निपटाने का आसान, सस्ता मौका है। समय पर स्लिप लें, दस्तावेज़ साथ रखें, और आगे से नियम मानें ताकि चालान बने ही नहीं। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड Procedure of Lok Adalat भी पढ़ सकते हैं।
गाड़ी से जुड़ी ज़रूरी सूचना आप तक सुरक्षित पहुँचे, इसके लिए Rakshak Code QR लगाइए। कोई भी उसे स्कैन करके आपसे संपर्क कर सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 13 मार्च 2026
स्रोत (Sources)
- The Economic Times, “Lok Adalat 2026 Date: How to settle traffic challans…” (13 मार्च 2026): https://economictimes.indiatimes.com/news/new-updates/lok-adalat-2026-date-how-to-settle-traffic-challans-eligibility-and-online-offline-process/articleshow/129540588.cms
- DSLSA नोटिस (10 मार्च 2026), 14 मार्च की लोक अदालत 22 मार्च को: https://dslsa.org/10-03-2026-upcoming-national-lok-adalat-scheduled-to-be-held-on-14-03-2026-to-22-03-2026-sunday/
- NALSA, 2026 नेशनल लोक अदालत कैलेंडर: https://cdnbbsr.s3waas.gov.in/s3ec054172f3101212a2009c74b547b6dd/uploads/2025/11/2026020289.pdf
- Parivahan ई-चालान: https://echallan.parivahan.gov.in/
- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in/
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987, धारा 21: https://indiacode.ecourtsindia.com/legal-services-authorities-act-1987/section/21/
- NALSA, नेशनल लोक अदालत: https://nalsa.gov.in/national-lok-adalat/
- Virtual Courts, FAQ: https://vcourts.gov.in/virtualcourt/faq.php
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या लोक अदालत में चालान पूरी तरह माफ़ हो जाता है?
ज़रूरी नहीं। कई मामलों में राशि कम हो सकती है, लेकिन फ़ैसला अदालत का होता है।
2. दिल्ली में तारीख़ क्यों बदली?
ET के अनुसार DSLSA ने दूसरे शनिवार को अदालतें चलने के कारण सत्र 22 मार्च (रविवार) को रखा।
3. फ़र्ज़ी लोक अदालत लिंक से कैसे बचें?
सिर्फ़ आधिकारिक .gov.in/.nic.in साइट से टोकन लें; किसी को OTP न दें।
4. दिल्ली में लोक अदालत किन कोर्ट परिसरों में लगेगी?
ET के अनुसार तीस हज़ारी, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, रोहिणी, साकेत, द्वारका और राउज़ एवेन्यू कोर्ट परिसरों में।
5. चालान के नाम पर आया मैसेज असली है या नकली, कैसे पहचानें?
मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें; ख़ुद echallan.parivahan.gov.in पर जाकर गाड़ी नंबर या चालान नंबर से जाँचें। ठगी हो जाए तो 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।


