सीधा जवाब: अक्टूबर 2026 के आख़िरी हफ़्ते में हैदराबाद क्षेत्र की तीन पुलिस कमिश्नरेट ने नशे में ड्राइविंग के कुल 773 केस दर्ज किए: हैदराबाद 328 और साइबराबाद 205 (दोनों 30-31 अक्टूबर), और मलकाजगिरी 240 (25-31 अक्टूबर)। पकड़े गए लोगों में भारी बहुमत दोपहिया चालकों का था। कई लोगों के ख़ून में अल्कोहल (BAC) कानूनी सीमा 30 mg/100 ml से दस गुना से भी ज़्यादा मिला।
तीनों कमिश्नरेट के आँकड़े
सवालहैदराबाद क्षेत्र में नशे में ड्राइविंग के कितने केस दर्ज हुए?
जवाब: हैदराबाद (30-31 अक्टूबर): 328: 280: 18: 30; साइबराबाद (30-31 अक्टूबर): 205: 177: 8: 20; मलकाजगिरी (25-31 अक्टूबर): 240: 202: 7: 31; कुल: 773: 659: 33: 81 स्रोत: द हिंदू, सियासत डेली और तेलंगाना टुडे (1 नवंबर 2026)। यानी पकड़े गए हर 100 में से क़रीब 85 लोग बाइक या स्कूटर पर थे। द हिंदू के मुताबिक़ मलकाजगिरी में पकड़े गए सभी लोग पुरुष थे।
| कमिश्नरेट | केस | दोपहिया | तिपहिया/ऑटो | चारपहिया व अन्य |
|---|---|---|---|---|
| हैदराबाद (30-31 अक्टूबर) | 328 | 280 | 18 | 30 |
| साइबराबाद (30-31 अक्टूबर) | 205 | 177 | 8 | 20 |
| मलकाजगिरी (25-31 अक्टूबर) | 240 | 202 | 7 | 31 |
| कुल | 773 | 659 | 33 | 81 |
तेलंगाना टुडे के अनुसार साइबराबाद में इस ड्राइव में कोई भारी वाहन चालक नहीं पकड़ा गया। नए साल की रात के पुराने आँकड़े: नए साल पर दिल्ली-हैदराबाद में नशे में ड्राइविंग के आँकड़े।
BAC कितना मिला
सवालपकड़े गए लोगों के ख़ून में अल्कोहल कितना था?
जवाब: सियासत डेली के अनुसार हैदराबाद के 328 मामलों में BAC (mg/100 ml) इस तरह था: 30-50: 69 · 51-100: 141 · 101-150: 61 · 151-200: 35; 201-250: 12 · 251-300: 3 · 301 से ऊपर: 7। तेलंगाना टुडे के अनुसार साइबराबाद में 174 लोगों का BAC 36-200, 20 का 201-300 और 11 का 301-550 के बीच था। साइबराबाद के ट्रैफ़िक ADCP (प्रशासन) जी.
- 30-50: 69 · 51-100: 141 · 101-150: 61 · 151-200: 35
- 201-250: 12 · 251-300: 3 · 301 से ऊपर: 7

अदालतों ने क्या सज़ा दी
सवालनशे में ड्राइविंग के मामलों में अदालतों ने क्या फ़ैसला दिया?
जवाब: साइबराबाद: 26 से 31 अक्टूबर के बीच अदालतों ने 289 मामले निपटाए: 26 को जुर्माना और जेल, 2 को जुर्माना और सामुदायिक सेवा, 261 को सिर्फ़ जुर्माना।; मलकाजगिरी: उसी हफ़्ते अदालतों ने 339 मामले निपटाए: 5 को जेल और जुर्माना, 23 को जुर्माना और सामुदायिक सेवा, 311 को सिर्फ़ जुर्माना।।
- साइबराबाद: 26 से 31 अक्टूबर के बीच अदालतों ने 289 मामले निपटाए: 26 को जुर्माना और जेल, 2 को जुर्माना और सामुदायिक सेवा, 261 को सिर्फ़ जुर्माना।
- मलकाजगिरी: उसी हफ़्ते अदालतों ने 339 मामले निपटाए: 5 को जेल और जुर्माना, 23 को जुर्माना और सामुदायिक सेवा, 311 को सिर्फ़ जुर्माना।
यानी जेल कम लोगों को हुई, पर कोर्ट जाना, जुर्माना और लाइसेंस पर कार्रवाई का ख़तरा हर पकड़े गए व्यक्ति पर रहता है।
कानून क्या कहता है
सवालनशे में ड्राइविंग पर कितना जुर्माना और सज़ा है?
जवाब: मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत 100 ml ख़ून में 30 mg से ज़्यादा अल्कोहल होने पर गाड़ी चलाना अपराध है। 2019 के संशोधन के बाद पहली बार में 6 महीने तक जेल और/या ₹10,000 तक जुर्माना , और 3 साल के अंदर दोबारा पकड़े जाने पर 2 साल तक जेल और/या ₹15,000 तक जुर्माना हो सकता है।
नशे में हादसा होने पर बीमा क्लेम भी अटक सकता है: नशे में ड्राइविंग और बीमा क्लेम।
शराब पीकर गाड़ी नहीं: घर पहुँचने के सुरक्षित विकल्प
सवालशराब पीने के बाद घर कैसे पहुँचें?
जवाब: धारा 185 के तहत ख़ून में 30 mg प्रति 100 ml से ज़्यादा अल्कोहल के साथ गाड़ी चलाना अपराध है। 2019 संशोधन के बाद पहली बार 6 महीने तक जेल या ₹10,000 तक जुर्माना या दोनों, और 3 साल के भीतर दोबारा पकड़े जाने पर 2 साल तक जेल या ₹15,000 तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। लेकिन असली ख़तरा जुर्माना नहीं, हादसा है।
| विकल्प | कब काम आता है |
|---|---|
| डेज़िग्नेटेड ड्राइवर | ग्रुप में कोई एक व्यक्ति पूरी शाम शराब न पिए और सबको घर छोड़े |
| कैब/ऑटो | शहर में, देर रात भी |
| मेट्रो/बस | आख़िरी सेवा का समय पहले देख लें |
| वहीं रुक जाना | शादी या दूर के समारोह में |
| परिवार को बुलाना | पास में रहते हों |
कुछ ग़लतफ़हमियाँ: कॉफ़ी, ठंडा पानी या खाना खाने से ख़ून में अल्कोहल जल्दी कम नहीं होता; शरीर को समय चाहिए। “बस एक पेग” भी शरीर, वज़न और खाली पेट के हिसाब से सीमा पार करा सकता है। देर रात तक पीने के बाद अगली सुबह भी शरीर में अल्कोहल रह सकता है।
दोस्त ज़िद करे तो: चाबी अपने पास ले लें, कैब बुक कर दें, और उसकी गाड़ी में न ख़ुद बैठें, न दूसरों को बैठने दें।
चालान ऑनलाइन कैसे देखें और भरें
आजकल ज़्यादातर चालान कैमरों या पुलिस के हैंडहेल्ड डिवाइस से इलेक्ट्रॉनिक रूप में कटते हैं। अपने चालान की सही स्थिति देखने का सबसे भरोसेमंद तरीका सरकारी e-Challan पोर्टल है।
- ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (किसी मैसेज के लिंक से नहीं)।
- चालान की स्थिति देखने वाले विकल्प में गाड़ी नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें।
- चालान की तारीख़, जगह, उल्लंघन और रक़म जाँचें; जहाँ तस्वीर उपलब्ध हो, वह भी देखें।
- सही लगे तो पोर्टल पर ही ऑनलाइन भुगतान करें और रसीद डाउनलोड करके रखें।
- चालान ग़लत लगे या भुगतान का विकल्प न दिखे, तो वह कोर्ट/वर्चुअल कोर्ट में भेजा गया हो सकता है; इसके लिए अपने राज्य की ट्रैफ़िक पुलिस या वर्चुअल कोर्ट की जानकारी देखें।
| ठगी के संकेत | क्या करें |
|---|---|
| अनजान नंबर से लिंक वाला “चालान” मैसेज | लिंक न खोलें, पोर्टल पर ख़ुद जाँचें |
| APK फ़ाइल डाउनलोड करने को कहा जाए | बिल्कुल डाउनलोड न करें |
| “आज ही भरें वरना गिरफ़्तारी” जैसी धमकी | घबराएँ नहीं, यह दबाव की चाल है |
| पैसे कट गए | तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें |

निष्कर्ष
शराब पी है तो गाड़ी की चाबी किसी और को दें, कैब लें या किसी दोस्त के साथ जाएँ। बाइक पर नशे में संतुलन बिगड़ना सबसे जानलेवा होता है, और आँकड़े बताते हैं कि पकड़े जाने वालों में सबसे ज़्यादा बाइक सवार ही हैं। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड NEW MOTOR VEHICLE ACT भी पढ़ सकते हैं।
गाड़ी पर लगा Rakshak Code QR हादसे की स्थिति में मदद करने वाले को आपके परिवार या इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक तुरंत पहुँचने देता है, आपका नंबर सार्वजनिक किए बिना।
आख़िरी अपडेट: 2 नवंबर 2026
यह भी पढ़ें: बेंगलुरु स्पेशल ड्राइव: 617 ड्रंक ड्राइविंग और 179 ओवरस्पीडिंग केस
स्रोत (Sources)
- The Hindu, Drunk driving crackdown sees 773 cases across Hyderabad, Cyberabad and Malkajgiri Commissionerates (1 नवंबर 2026): https://www.thehindu.com/news/national/telangana/drunk-driving-crackdown-sees-773-cases-across-hyderabad-cyberabad-and-malkajgiri-commissionerates/article71652685.ece
- Siasat Daily, 328 motorists booked for drunk driving in Hyderabad over weekend (1 नवंबर 2026): https://www.siasat.com/328-motorists-booked-for-drunk-driving-in-hyderabad-over-weekend-3568267/
- Telangana Today, Hyderabad: Cyberabad traffic police book 205 motorists for drunk driving (1 नवंबर 2026): https://telanganatoday.com/hyderabad-cyberabad-traffic-police-book-205-motorists-for-drunk-driving
- The Indian Express, नए ट्रैफ़िक जुर्माने (1 सितंबर 2019): https://indianexpress.com/article/india/new-traffic-fines-list-motor-vehicles-act-2019-5955543/
- PIB, मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के प्रावधान (सारांश): https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/MVA.pdf
- Parivahan ई-चालान पोर्टल: https://echallan.parivahan.gov.in/
- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in/
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. हैदराबाद क्षेत्र में कुल कितने केस दर्ज हुए?
773: हैदराबाद 328, साइबराबाद 205 और मलकाजगिरी 240।
2. सबसे ज़्यादा कौन पकड़े गए?
दोपहिया चालक: तीनों कमिश्नरेट में कुल 659।
3. शराब की कानूनी सीमा क्या है?
100 ml ख़ून में 30 mg। इससे ऊपर गाड़ी चलाना धारा 185 के तहत अपराध है।
4. पहली बार पकड़े जाने पर क्या सज़ा है?
6 महीने तक जेल और/या ₹10,000 तक जुर्माना; अदालत सामुदायिक सेवा भी दे सकती है।
5. नशे में ड्राइविंग से जानलेवा हादसा हो तो क्या धारा लगती है?
द हिंदू के अनुसार मलकाजगिरी और तेलंगाना टुडे के अनुसार साइबराबाद ट्रैफ़िक पुलिस ने चेतावनी दी कि नशे में गाड़ी चलाते हुए जानलेवा हादसा करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (ग़ैर-इरादतन हत्या) में केस दर्ज हो सकता है, जिसमें 10 साल तक की जेल और जुर्माना है।


