सीधा जवाब: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 19 अक्टूबर 2026 को दो अलग दस्तावेज़ जारी किए। पहला, अंतिम अधिसूचना S.O. 5723(E): इसमें M1 श्रेणी (यात्री कार) में इमोबिलाइज़र 1 अक्टूबर 2027 से अनिवार्य, इवेंट डेटा रिकॉर्डर (EDR) 1 अक्टूबर 2029 से, और सामने व बगल की टक्कर तथा पैदल यात्री सुरक्षा के नए, सख़्त टेस्ट मानक तय किए गए हैं। दूसरा, ड्राफ़्ट नियम G.S.R. 904(E): इसमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEBS) को नए कार मॉडलों में 1 अक्टूबर 2030 से और सभी मॉडलों में 1 अक्टूबर 2032 से अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। ड्राफ़्ट पर 30 दिन तक आपत्ति और सुझाव माँगे गए हैं।
पक्के नियम: अधिसूचना S.O. 5723(E)
सवालकौन से नियम अब पक्के हो चुके हैं?
जवाब: यह अधिसूचना 21 अक्टूबर 2026 को राजपत्र में छपी। मुख्य तारीख़ें: ऑफ़सेट फ़्रंटल टक्कर में सवारियों की सुरक्षा (AIS-098 Rev. 1): 1 अक्टूबर 2027: 1 अक्टूबर 2028; बगल से टक्कर में सवारियों की सुरक्षा (AIS-099 Rev. 1): 1 अक्टूबर 2027: 1 अक्टूबर 2028; आमने-सामने टक्कर में स्टीयरिंग का व्यवहार (AIS-096 Rev. 1): 1 अक्टूबर 2027: 1 अक्टूबर 2028; पैदल यात्री और कमज़ोर सड़क उपयोगकर्ता सुरक्षा (AIS-100 Rev.
| सुरक्षा मानक | नए मॉडल | सभी मॉडल |
|---|---|---|
| ऑफ़सेट फ़्रंटल टक्कर में सवारियों की सुरक्षा (AIS-098 Rev. 1) | 1 अक्टूबर 2027 | 1 अक्टूबर 2028 |
| बगल से टक्कर में सवारियों की सुरक्षा (AIS-099 Rev. 1) | 1 अक्टूबर 2027 | 1 अक्टूबर 2028 |
| आमने-सामने टक्कर में स्टीयरिंग का व्यवहार (AIS-096 Rev. 1) | 1 अक्टूबर 2027 | 1 अक्टूबर 2028 |
| पैदल यात्री और कमज़ोर सड़क उपयोगकर्ता सुरक्षा (AIS-100 Rev. 1) | 1 अक्टूबर 2028 | — |
| पीछे की टक्कर में फ़्यूल सिस्टम और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन सुरक्षा (AIS-101 Rev. 1) | — | 1 अप्रैल 2029 |
| सामने की टक्कर में सीट बेल्ट जैसे रिस्ट्रेंट सिस्टम (AIS-201) | 1 अक्टूबर 2029 | 1 अक्टूबर 2031 |
| इवेंट डेटा रिकॉर्डर (AIS-192) | 1 अक्टूबर 2029 (एक ही तारीख़) | — |
| M1 कारों में इमोबिलाइज़र अनिवार्य (AIS-076) | 1 अक्टूबर 2027 (एक ही तारीख़) | — |
पैदल यात्री सुरक्षा टेस्ट में FlexPLI (लचीला पैर जैसा टेस्ट उपकरण) का इस्तेमाल 1 अक्टूबर 2032 से अनिवार्य होगा। फ़ुट कंट्रोल (पैडल) की व्यवस्था का नया मानक AIS-035 Rev. 1 नए मॉडलों पर 1 अप्रैल 2028 से लागू होगा।
आसान भाषा में: इमोबिलाइज़र सही चाबी के बिना इंजन स्टार्ट नहीं होने देता, जिससे गाड़ी चोरी मुश्किल होती है। इवेंट डेटा रिकॉर्डर हादसे के समय की गति, ब्रेक जैसी जानकारी दर्ज करता है, जिससे हादसे की जाँच में मदद मिलती है।
ड्राफ़्ट: G.S.R. 904(E) में क्या प्रस्ताव है?
सवालAEBS वाला नियम अभी प्रस्ताव क्यों है?
जवाब: यह अभी अंतिम नियम नहीं है। 22 अक्टूबर 2026 को राजपत्र में छपे इस ड्राफ़्ट में प्रस्ताव है: AEBS: 1 अक्टूबर 2028 से जिन M1 और N1 गाड़ियों में AEBS लगा हो, वह AIS-185 के मुताबिक हो। M1 कारों में AEBS नए मॉडल 1 अक्टूबर 2030 और सभी मॉडल 1 अक्टूबर 2032 से अनिवार्य।
- AEBS: 1 अक्टूबर 2028 से जिन M1 और N1 गाड़ियों में AEBS लगा हो, वह AIS-185 के मुताबिक हो। M1 कारों में AEBS नए मॉडल 1 अक्टूबर 2030 और सभी मॉडल 1 अक्टूबर 2032 से अनिवार्य।
- ड्राइवर की नींद और ध्यान की चेतावनी (AIS-184): 1 अक्टूबर 2027 से जिन कारों में हो, मानक के अनुसार हो। टैक्सी के रूप में रजिस्टर होने वाली M1 कारों में 1 अक्टूबर 2029 से अनिवार्य।
- इमरजेंसी लेन कीपिंग (ELKS, AIS-191 Part 1) और ऑटोमैटिक कमांड स्टीयरिंग (ACSF, AIS-193): टैक्सी M1 कारों में 1 अक्टूबर 2029 से अनिवार्य।
- सामान बाँधने (luggage retention) और ISOFIX चाइल्ड सीट एंकरेज (AIS-182) के मानक भी प्रस्तावित हैं।
मंत्रालय ड्राफ़्ट के राजपत्र में उपलब्ध होने के 30 दिन बाद आई आपत्तियों और सुझावों पर विचार करेगा। सुझाव अपर सचिव (MVL, परिवहन और सड़क सुरक्षा), परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली-110001 के पते पर भेजे जा सकते हैं।

आपके लिए इसका क्या मतलब है?
सवालक्या मेरी मौजूदा कार में भी ये चीज़ें लगवानी होंगी?
जवाब: ये नियम नई बनने वाली गाड़ियों के लिए हैं, तय तारीख़ों से। अधिसूचना में मौजूदा गाड़ियों में ये उपकरण लगवाने की कोई शर्त नहीं है।; नई कार ख़रीदते समय कंपनी से पूछें कि गाड़ी में कितने एयरबैग, ISOFIX, इमोबिलाइज़र और ADAS फ़ीचर हैं। एयरबैग पर हमारी सूची: 6 एयरबैग वाली कारें ।; कोई भी तकनीक सीट बेल्ट की जगह नहीं ले सकती।
- ये नियम नई बनने वाली गाड़ियों के लिए हैं, तय तारीख़ों से। अधिसूचना में मौजूदा गाड़ियों में ये उपकरण लगवाने की कोई शर्त नहीं है।
- नई कार ख़रीदते समय कंपनी से पूछें कि गाड़ी में कितने एयरबैग, ISOFIX, इमोबिलाइज़र और ADAS फ़ीचर हैं। एयरबैग पर हमारी सूची: 6 एयरबैग वाली कारें।
- कोई भी तकनीक सीट बेल्ट की जगह नहीं ले सकती। पीछे बैठने वालों के लिए भी नियम जानें: हेलमेट और सीट बेल्ट: पीछे की सवारी के नियम।
बच्चों को बाइक पर ले जाने के नियम
सवालबच्चे को बाइक पर बिठाने के नियम क्या हैं?
जवाब: कई परिवारों के लिए बाइक ही रोज़ का साधन है, और स्कूल छोड़ने से लेकर बाज़ार तक बच्चे साथ होते हैं। सड़क परिवहन मंत्रालय ने फ़रवरी 2022 में केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन करके छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए नियम बनाए (जो प्रकाशन के एक साल बाद से लागू होने थे)।
| नियम (9 महीने से 4 साल के बच्चे) | क्या करना है |
|---|---|
| सेफ़्टी हार्नेस | बच्चे को हार्नेस से चालक के साथ बाँधें |
| हेलमेट | बच्चे के सिर पर ठीक से फ़िट होने वाला क्रैश हेलमेट |
| रफ़्तार | बच्चे को साथ ले जाते समय बाइक 40 किमी/घंटा से ज़्यादा नहीं |
4 साल से बड़े बच्चों के लिए भी: पीछे बैठे हर व्यक्ति के लिए हेलमेट ज़रूरी है, इसलिए बच्चे के नाप का अच्छी क्वालिटी का हेलमेट लें। बच्चे को आगे टंकी पर न बिठाएँ, और दो से ज़्यादा लोग बाइक पर न बैठें।
स्कूल वैन/ऑटो चुनते समय: देखें कि गाड़ी में क्षमता से ज़्यादा बच्चे न हों, ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस हो और गाड़ी के काग़ज़ पूरे हों। बच्चों को सिखाएँ कि गाड़ी से उतरकर सड़क कैसे पार करें और गाड़ी के ठीक पीछे या आगे न खड़े हों, जहाँ ड्राइवर उन्हें देख न सके।
चालान से बचने की 8 आसान आदतें
सवालचालान से बचने के लिए कौन-सी आदतें अपनाएँ?
जवाब: आजकल ज़्यादातर बड़े शहरों में कैमरों से अपने-आप चालान कटते हैं, और कई बार लोगों को हफ़्तों बाद पता चलता है। सबसे सस्ता तरीका है नियम मानना: स्टॉप लाइन से पहले रुकें: रेड लाइट पर ज़ेब्रा क्रॉसिंग या स्टॉप लाइन पार न करें।; बोर्ड वाली रफ़्तार: शहर, हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग सीमा होती है; स्पीड कैमरे वाले हिस्सों में बोर्ड देखें।
- स्टॉप लाइन से पहले रुकें: रेड लाइट पर ज़ेब्रा क्रॉसिंग या स्टॉप लाइन पार न करें।
- बोर्ड वाली रफ़्तार: शहर, हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग सीमा होती है; स्पीड कैमरे वाले हिस्सों में बोर्ड देखें।
- हेलमेट और सीटबेल्ट: दोपहिया पर दोनों सवार हेलमेट पहनें, कार में आगे-पीछे सब सीटबेल्ट लगाएँ।
- फ़ोन हाथ में नहीं: गाड़ी चलाते हुए फ़ोन पर बात या मैसेज न करें।
- सही लेन और सही दिशा: ग़लत दिशा (रॉन्ग साइड) में चलना ख़तरनाक भी है और आम चालान भी।
- नंबर प्लेट साफ़ और मानक: टूटी, धुंधली या डिज़ाइनर नंबर प्लेट से दिक़्क़त हो सकती है।
- काग़ज़ अपडेट: बीमा, PUC और लाइसेंस की तारीख़ याद रखें; DigiLocker/mParivahan में रखे दस्तावेज़ मान्य हैं।
- पार्किंग सही जगह: नो-पार्किंग में खड़ी गाड़ी चालान के साथ टो भी हो सकती है।
महीने में एक बार जाँच: echallan.parivahan.gov.in पर अपनी गाड़ी का नंबर डालकर देख लें कि कोई चालान लंबित तो नहीं। समय पर जानकारी होने से आप सही समय पर भुगतान कर सकते हैं, ग़लत चालान को चुनौती दे सकते हैं, या लोक अदालत जैसे विकल्प का इंतज़ार कर सकते हैं।
डिजिटल काग़ज़: मोबाइल में रखें, परेशानी से बचें
ड्राइविंग लाइसेंस या RC घर पर भूल जाना आम बात है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने अगस्त 2018 में राज्यों को एडवाइज़री भेजी कि DigiLocker या mParivahan ऐप में उपलब्ध ड्राइविंग लाइसेंस, RC और दूसरे परिवहन दस्तावेज़ मूल काग़ज़ों के बराबर क़ानूनी रूप से मान्य माने जाएँ।
| दस्तावेज़ | कहाँ रखें |
|---|---|
| ड्राइविंग लाइसेंस | DigiLocker / mParivahan |
| RC (रजिस्ट्रेशन) | DigiLocker / mParivahan |
| बीमा पॉलिसी | बीमा कंपनी की PDF/ऐप; कई पॉलिसियाँ DigiLocker में भी जुड़ती हैं |
| PUC | puc.parivahan.gov.in से डाउनलोड |
कैसे शुरू करें:
- आधिकारिक ऐप स्टोर से DigiLocker या mParivahan ऐप डाउनलोड करें।
- मोबाइल नंबर/आधार से लॉग-इन करें।
- “Issued Documents” में परिवहन विभाग से अपना लाइसेंस और RC जोड़ें।
ध्यान रखें: फ़ोन की गैलरी में रखी फ़ोटो या स्कैन कॉपी वही दर्जा नहीं रखती जो इन आधिकारिक ऐप में जारी दस्तावेज़ रखता है। फ़ोन की बैटरी चार्ज रखें, और लंबे सफ़र में एक फ़ोटोकॉपी भी साथ रखें। किसी अनजान “दस्तावेज़ अपडेट” लिंक पर अपनी जानकारी न डालें।

निष्कर्ष
2027 से 2032 के बीच भारत में बनने वाली कारें टक्कर, चोरी और हादसे की जाँच के लिहाज़ से ज़्यादा सुरक्षित होंगी। लेकिन सड़क पर सबसे बड़ा फ़र्क़ आज भी सीट बेल्ट, हेलमेट, सही गति और नशे से दूरी से ही पड़ता है। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड TRAFFIC RULES EVERYONE MUST FOLLOW भी पढ़ सकते हैं।
हादसे के समय आपके परिवार तक जल्दी ख़बर पहुँच सके, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए। स्कैन करने पर कॉल, WhatsApp और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट के बटन मिलते हैं, और आपका नंबर किसी को दिखता नहीं।
आख़िरी अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
स्रोत (Sources)
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, अधिसूचना S.O. 5723(E) (19 अक्टूबर 2026), Gazette Tracker पर पूरा पाठ: https://gazettetracker.com/g/CG-DL-E-21102026-277325
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, ड्राफ़्ट नियम G.S.R. 904(E) (19 अक्टूबर 2026), Gazette Tracker पर पूरा पाठ: https://gazettetracker.com/g/CG-DL-E-22102026-277340
- Business Today, “Why new cars may need automatic emergency braking from 2030 under MoRTH proposal” (23 अक्टूबर 2026): https://www.businesstoday.in/auto/story/why-new-cars-may-need-automatic-emergency-braking-from-2030-under-morth-proposal-563354-2026-10-23
- India Today, “Mandatory Advanced Emergency Braking System proposed for all passenger cars by October 2032” (23 अक्टूबर 2026): https://www.indiatoday.in/auto/cars/story/mandatory-advanced-emergency-braking-system-proposed-for-all-passenger-cars-by-october-2032-3023408-2026-10-23
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, आधिकारिक वेबसाइट: https://morth.nic.in/
- PIB, 4 साल से कम उम्र के बच्चों की दोपहिया सुरक्षा के नियम (फ़रवरी 2022): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1798731
- Parivahan ई-चालान पोर्टल: https://echallan.parivahan.gov.in/
- PIB, DigiLocker/mParivahan पर दस्तावेज़ों की मान्यता (अगस्त 2018): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1542222
- MoRTH एडवाइज़री, 8 अगस्त 2018 (Parivahan): https://parivahan.gov.in/sites/default/files/NOTIFICATION%26ADVISORY/08-08-2018.pdf
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या AEBS अब पक्का अनिवार्य हो गया है?
नहीं। AEBS वाला प्रावधान ड्राफ़्ट G.S.R. 904(E) में है। आपत्ति-सुझाव की अवधि के बाद अंतिम अधिसूचना आने पर ही यह पक्का होगा।
2. इमोबिलाइज़र कब से ज़रूरी है?
अंतिम अधिसूचना S.O. 5723(E) के अनुसार M1 श्रेणी की गाड़ियों में 1 अक्टूबर 2027 से।
3. M1 और N1 श्रेणी क्या है?
M1 मुख्य रूप से यात्री कारें हैं। N1 वे मालवाहक गाड़ियाँ हैं जिनका अधिकतम वज़न 3.5 टन तक है।
4. क्या बाइक पर भी ये नियम हैं?
इन दोनों दस्तावेज़ों में मुख्य ज़ोर M1 (और AEBS के मामले में N1) गाड़ियों पर है। स्टीयरिंग प्रयास वाले प्रस्तावित नियम में बिना स्टीयरिंग व्हील वाले तिपहिया और मोटरसाइकिल को बाहर रखा गया है।
5. ‘नए मॉडल’ और ‘सभी मॉडल’ का क्या मतलब है?
‘नए मॉडल’ की तारीख़ से पहली बार मंज़ूरी पाने वाले नए मॉडल पर नियम लागू होता है, और ‘सभी मॉडल’ की तारीख़ से उस श्रेणी में बनने वाली हर गाड़ी पर।


