सीधा जवाब: स्कूल आने-जाने में बच्चों की सुरक्षा के लिए तीन बातें सबसे ज़रूरी हैं: (1) स्कूल वैन/ऑटो में क्षमता से ज़्यादा बच्चे नहीं, वाहन का परमिट, फ़िटनेस और चालक का लाइसेंस वैध हो; (2) दोपहिया पर 4 साल से बड़े बच्चे के लिए हेलमेट ज़रूरी है (मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129) और 9 महीने से 4 साल तक के बच्चों के लिए केंद्रीय नियमों में क्रैश हेलमेट, सेफ़्टी हार्नेस और 40 किमी/घंटा की गति सीमा तय है; (3) स्कूल ज़ोन में धीमी रफ़्तार और बच्चों को सड़क पार करने के सही तरीक़े सिखाना।
स्कूल वैन/ऑटो: अभिभावक क्या जाँचें
सवालस्कूल वैन में अभिभावक क्या जाँचें?
जवाब: बच्चे क्षमता के भीतर: ओवरलोडिंग से हादसे में चोट कई गुना; वाहन का परमिट और फ़िटनेस: mParivahan/Vahan पर वाहन नंबर से देख सकते हैं; चालक का वैध लाइसेंस, अनुभव: ज़िम्मेदार ड्राइविंग; दरवाज़े ठीक से बंद होते हों: बच्चे गिरने का ख़तरा; खिड़की पर ग्रिल: हाथ-सिर बाहर न निकले; फ़र्स्ट-एड और आग बुझाने का यंत्र: आपात स्थिति; CNG वाहन हो तो सिलेंडर का टेस्ट: वैध हाइड्रो टेस्ट और कम्प्लायंस प्लेट
| जाँच | क्यों |
|---|---|
| बच्चे क्षमता के भीतर | ओवरलोडिंग से हादसे में चोट कई गुना |
| वाहन का परमिट और फ़िटनेस | mParivahan/Vahan पर वाहन नंबर से देख सकते हैं |
| चालक का वैध लाइसेंस, अनुभव | ज़िम्मेदार ड्राइविंग |
| दरवाज़े ठीक से बंद होते हों | बच्चे गिरने का ख़तरा |
| खिड़की पर ग्रिल | हाथ-सिर बाहर न निकले |
| फ़र्स्ट-एड और आग बुझाने का यंत्र | आपात स्थिति |
| CNG वाहन हो तो सिलेंडर का टेस्ट | वैध हाइड्रो टेस्ट और कम्प्लायंस प्लेट |
दोपहिया पर बच्चे
सवालदोपहिया पर बच्चों के लिए नियम क्या हैं?
जवाब: 4 साल से ऊपर: हेलमेट अनिवार्य (धारा 129)।; 9 महीने से 4 साल: केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में (2022 के संशोधन से) बच्चे के लिए क्रैश हेलमेट, उसे चालक से जोड़ने वाला सेफ़्टी हार्नेस, और गति 40 किमी/घंटा से ज़्यादा नहीं।; बच्चे को आगे टंकी पर बैठाना या तीन सवारी: ख़तरनाक और नियमों के ख़िलाफ़।।
- 4 साल से ऊपर: हेलमेट अनिवार्य (धारा 129)।
- 9 महीने से 4 साल: केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में (2022 के संशोधन से) बच्चे के लिए क्रैश हेलमेट, उसे चालक से जोड़ने वाला सेफ़्टी हार्नेस, और गति 40 किमी/घंटा से ज़्यादा नहीं।
- बच्चे को आगे टंकी पर बैठाना या तीन सवारी: ख़तरनाक और नियमों के ख़िलाफ़।

कार में बच्चे
- बच्चों को पीछे की सीट पर बैठाएँ; छोटे बच्चों के लिए उम्र के हिसाब से चाइल्ड सीट सबसे सुरक्षित है।
- पीछे की सीट पर भी सीटबेल्ट; बड़ों की गोद में बच्चे को बिठाकर सीटबेल्ट लगाना ख़तरनाक है।
- चाइल्ड लॉक का इस्तेमाल करें।
स्कूल ज़ोन में ड्राइवरों के लिए
सवालस्कूल ज़ोन में ड्राइवर क्या ध्यान रखें?
जवाब: स्कूल के बोर्ड दिखते ही रफ़्तार कम करें।; सुबह और छुट्टी के समय ख़ास सावधानी: बच्चे अचानक सड़क पर आ सकते हैं।; स्कूल बस रुकी हो तो उसके पास से धीमे निकलें।; हॉर्न कम, धैर्य ज़्यादा।।
- स्कूल के बोर्ड दिखते ही रफ़्तार कम करें।
- सुबह और छुट्टी के समय ख़ास सावधानी: बच्चे अचानक सड़क पर आ सकते हैं।
- स्कूल बस रुकी हो तो उसके पास से धीमे निकलें।
- हॉर्न कम, धैर्य ज़्यादा।
बच्चों को सिखाएँ
सवालबच्चों को सड़क पार करना कैसे सिखाएँ?
जवाब: रुकें, देखें (दाएँ-बाएँ-दाएँ), फिर पार करें।; ज़ेब्रा क्रॉसिंग/फ़ुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल।; खड़ी गाड़ियों के बीच से अचानक न निकलें।; वैन/बस से उतरकर उसके आगे से नहीं, सुरक्षित जगह से सड़क पार करें।; अनजान व्यक्ति की गाड़ी में न बैठें।।
- रुकें, देखें (दाएँ-बाएँ-दाएँ), फिर पार करें।
- ज़ेब्रा क्रॉसिंग/फ़ुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल।
- खड़ी गाड़ियों के बीच से अचानक न निकलें।
- वैन/बस से उतरकर उसके आगे से नहीं, सुरक्षित जगह से सड़क पार करें।
- अनजान व्यक्ति की गाड़ी में न बैठें।
सही हेलमेट कैसे चुनें
सवालसही हेलमेट कैसे चुनें?
जवाब: हेलमेट तभी जान बचाता है जब वह अच्छी क्वालिटी का हो और ठीक से पहना गया हो। सड़क किनारे बिकने वाले सस्ते, पतले हेलमेट सिर्फ़ चालान से बचाते हैं, चोट से नहीं। क़ानूनी बात: सड़क परिवहन मंत्रालय के "Helmet for Riders of Two-Wheeler Motor Vehicles (Quality Control) Order, 2020" के तहत 1 जून 2021 से दोपहिया चालकों के हेलमेट का BIS प्रमाणित होना ज़रूरी है।
| क्या देखें | क्यों |
|---|---|
| ISI मार्क और IS 4151 | मानक के अनुसार बना और जाँचा गया हेलमेट |
| सही नाप | ढीला हेलमेट टक्कर में सिर से निकल सकता है |
| चिन-स्ट्रैप | हर बार बाँधें; बिना स्ट्रैप हेलमेट बेकार है |
| साफ़ वाइज़र | खरोंच वाला वाइज़र रात में रोशनी बिखेरता है |
| पुराना या गिरा हुआ हेलमेट | ज़ोर से गिरा या टक्कर खाया हेलमेट अंदर से कमज़ोर हो सकता है, बदल दें |
पीछे बैठने वाले भी: हेलमेट सिर्फ़ चालक के लिए नहीं, पीछे बैठने वाले के लिए भी उतना ही ज़रूरी है। बच्चों के लिए उनके नाप का हेलमेट लें।
पहनने का सही तरीका: हेलमेट माथे के ऊपर तक आए, दोनों तरफ़ से कसा हुआ लगे, और स्ट्रैप इतना कसा हो कि ठुड्डी और स्ट्रैप के बीच एक-दो उंगली ही जाए।
निकलने से पहले गाड़ी की 5 मिनट की जाँच
कई हादसे गाड़ी की छोटी-सी ख़राबी से शुरू होते हैं, जिसे निकलने से पहले पकड़ा जा सकता था। यह जाँच सूची किसी भी कार, बाइक या छोटे व्यावसायिक वाहन के लिए काम की है:
| क्या देखें | कैसे |
|---|---|
| टायर | हवा का दबाव कंपनी की बताई मात्रा के अनुसार; घिसाव, कट या उभार तो नहीं |
| ब्रेक | पैडल ढीला या आवाज़ तो नहीं; बाइक में आगे-पीछे दोनों ब्रेक |
| लाइट और इंडिकेटर | हेडलाइट (लो/हाई), ब्रेक लाइट, इंडिकेटर, पीछे के रिफ़्लेक्टर |
| वाइपर और शीशे | वाइपर ठीक चले, शीशे और मिरर साफ़ हों |
| तरल पदार्थ | इंजन ऑयल, कूलेंट, ब्रेक ऑयल का स्तर |
| काग़ज़ | ड्राइविंग लाइसेंस, RC, बीमा और PUC |
गाड़ी में ये चीज़ें रखें: फ़र्स्ट-एड किट, टॉर्च, चेतावनी तिकोन, पानी, चार्ज किया फ़ोन और परिवार/इमरजेंसी के नंबर।
ख़ुद की जाँच भी: नींद पूरी हो, शराब या नींद लाने वाली दवा न ली हो, और रास्ता पहले से देख लिया हो। परिवार को बता दें कि आप कब निकले और कब तक पहुँचने का अंदाज़ा है।
रात में सफ़र: ज़्यादा सावधानी क्यों ज़रूरी
रात में दिखाई कम देता है, थकान और नींद का असर बढ़ जाता है, और सड़क किनारे बिना रोशनी के खड़े वाहन अचानक सामने आ जाते हैं। रात के सफ़र में ये आदतें मदद करती हैं:
- डिपर का सही इस्तेमाल: सामने से गाड़ी आए या आगे किसी गाड़ी के पीछे चल रहे हों, तो हाई-बीम से लो-बीम पर आएँ। सामने की तेज़ रोशनी से बचने के लिए नज़र सड़क के बाएँ किनारे पर रखें।
- रफ़्तार हेडलाइट की पहुँच के भीतर: जितनी दूर रोशनी में दिख रहा है, उतनी दूरी में रुक पाने वाली रफ़्तार रखें।
- नींद से लड़ें नहीं, रुकें: जम्हाई, आँखें भारी होना या लेन से भटकना नींद के संकेत हैं। सुरक्षित जगह रुककर आराम करें।
- खड़े वाहनों से सावधान: हाईवे पर बिना लाइट खड़े ट्रक या ट्रैक्टर-ट्रॉली बड़ा ख़तरा हैं; दूर से रफ़्तार कम करें।
- अपनी गाड़ी को दिखने लायक रखें: हेडलाइट, टेल-लाइट, ब्रेक लाइट और रिफ़्लेक्टर साफ़ और चालू हों।
- शीशे साफ़: गंदा विंडस्क्रीन रात में रोशनी बिखेरता है।
| जोखिम | बचाव |
|---|---|
| सामने से चकाचौंध | नज़र बाएँ किनारे पर, रफ़्तार कम |
| नींद | रुककर आराम, संभव हो तो ड्राइवर बदलें |
| सड़क किनारे खड़ा वाहन | दूर से धीमे, ओवरटेक सोच-समझकर |

निष्कर्ष
बच्चों की सुरक्षा की शुरुआत घर से होती है: सही वाहन, सही हेलमेट, सही आदतें। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड TRAFFIC RULES EVERYONE MUST FOLLOW भी पढ़ सकते हैं।
किसी भी अनहोनी में परिवार तक जल्दी सूचना पहुँचे, इसके लिए वाहन पर Rakshak Code QR लगाइए। मदद करने वाला उसे स्कैन करके आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक पहुँच सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 3 जुलाई 2026
स्रोत (Sources)
- मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 (धारा 129): https://egazette.gov.in/WriteReadData/2019/210413.pdf
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
- Parivahan (Vahan/mParivahan): https://parivahan.gov.in/
- BIS, Helmet for Riders of Two-Wheeler Motor Vehicles (Quality Control) Order, 2020 (26 नवंबर 2020): https://www.bis.gov.in/wp-content/uploads/2020/12/Helmet-for-riders-of-Two-Wheeler-Motor-Vehicles-Quality-Control-Order-2020.pdf
- PIB, केवल BIS प्रमाणित दोपहिया हेलमेट: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1676466
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. स्कूल वैन ओवरलोड हो तो शिकायत कहाँ करें?
स्कूल प्रबंधन, ज़िला परिवहन कार्यालय (RTO) या ट्रैफिक पुलिस से।
2. क्या छोटे बच्चे के लिए हेलमेट ज़रूरी है?
4 साल से बड़े के लिए हाँ; 9 महीने से 4 साल के लिए केंद्रीय नियमों में क्रैश हेलमेट और हार्नेस तय हैं।
3. क्या बच्चों को आगे की सीट पर बैठा सकते हैं?
छोटे बच्चों को पीछे बैठाना सबसे सुरक्षित है।
4. क्या बिना ISI मार्क वाला हेलमेट बेचना मना है?
हाँ। Helmet for Riders of Two-Wheeler Motor Vehicles (Quality Control) Order, 2020 के तहत 1 जून 2021 से दोपहिया हेलमेट का BIS प्रमाणित (IS 4151:2015, ISI मार्क) होना ज़रूरी है।
5. लंबे सफ़र में कितनी देर बाद आराम करना चाहिए?
कोई एक तय नियम नहीं है, लेकिन नींद, आँखें भारी होना या ध्यान भटकना महसूस हो तो तुरंत सुरक्षित जगह रुककर आराम करें; लंबे सफ़र में बीच-बीच में ब्रेक लेना और संभव हो तो ड्राइवर बदलना बेहतर है।



