सीधा जवाब: दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) की 9 सितंबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार दिल्ली में 2026 की तीसरी नेशनल लोक अदालत अब रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को होगी। ट्रैफिक चालान के लिए वही चालान शामिल हैं जो 30 जून 2026 तक वर्चुअल कोर्ट पोर्टल पर लंबित हैं और समझौते लायक़ (compoundable) हैं। इनकी स्लिप दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat से 19 अक्टूबर 2026 सुबह 10 बजे से डाउनलोड होगी। रोज़ 50,000 और कुल 2 लाख चालानों की सीमा है, इसलिए जल्दी कीजिए।
एक नज़र में
| बात | जानकारी (DSLSA अधिसूचना, 9 सितंबर 2026) |
|---|---|
| तारीख़ | रविवार, 25 अक्टूबर 2026 |
| जगह | 7 ज़िला कोर्ट परिसर: तीस हज़ारी, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, रोहिणी, साकेत, द्वारका, राउज़ एवेन्यू |
| ट्रैफिक चालान | 30.06.2026 तक वर्चुअल कोर्ट पर लंबित, समझौते लायक़ |
| स्लिप डाउनलोड | 19 अक्टूबर 2026, सुबह 10 बजे से |
| सीमा | रोज़ 50,000 चालान, कुल 2 लाख |
| वेबसाइट | traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat |
अधिसूचना के अनुसार हाई कोर्ट, DRT, स्थायी लोक अदालतों और उपभोक्ता आयोगों में भी बेंचें लगेंगी, और तलाक़ को छोड़कर सभी समझौते लायक़ दीवानी व आपराधिक मामले लिए जाएँगे। प्री-लिटिगेशन आवेदन तारीख़ से कम से कम 7 दिन पहले DSLSA तक पहुँचने चाहिए।
तारीख़ क्यों बदली?
सवालदिल्ली में लोक अदालत की तारीख़ क्यों बदली?
जवाब: देश के ज़्यादातर राज्यों में तीसरी नेशनल लोक अदालत 12 सितंबर 2026 को लगी थी। दिल्ली में तारीख़ पहले 12 सितंबर से 10 अक्टूबर की गई और फिर DSLSA की 9 सितंबर की अधिसूचना से 25 अक्टूबर (रविवार) कर दी गई। NALSA के 12 सितंबर के अस्थायी आंकड़ों में भी दिल्ली को इसीलिए शामिल नहीं किया गया था और दिल्ली की तारीख़ 25 अक्टूबर बताई गई थी (LiveLaw)।

कौन-से चालान शामिल हैं?
सवाल25 अक्टूबर की लोक अदालत में कौन-से चालान शामिल हैं?
जवाब: सबसे ज़रूरी शर्त: चालान वर्चुअल कोर्ट पोर्टल पर पहुँच चुका हो, यानी ऑनलाइन भुगतान की अवधि निकलने के बाद कोर्ट भेजा जा चुका हो, और वह 30 जून 2026 तक लंबित हो। साथ ही चालान समझौते लायक़ होना चाहिए। गंभीर अपराधों से जुड़े चालान, जैसे जिनमें FIR दर्ज हो या जो कोर्ट में मुक़दमे के रूप में चल रहे हों, आम तौर पर लोक अदालत में नहीं निपटते।
स्लिप कैसे डाउनलोड करें?
सवालदिल्ली लोक अदालत की चालान स्लिप कैसे डाउनलोड करें?
जवाब: 19 अक्टूबर 2026 सुबह 10 बजे के बाद traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat खोलें।; वाहन नंबर या चालान नंबर डालें और दिख रहे योग्य चालान चुनें।; स्लिप डाउनलोड करके प्रिंट निकालें। स्लिप पर आम तौर पर कोर्ट परिसर, कोर्ट नंबर और मजिस्ट्रेट की जानकारी होती है।; सीमा पूरी होने पर स्लिप नहीं मिलेगी, इसलिए पहले दिनों में ही कोशिश करें।।
- 19 अक्टूबर 2026 सुबह 10 बजे के बाद traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat खोलें।
- वाहन नंबर या चालान नंबर डालें और दिख रहे योग्य चालान चुनें।
- स्लिप डाउनलोड करके प्रिंट निकालें। स्लिप पर आम तौर पर कोर्ट परिसर, कोर्ट नंबर और मजिस्ट्रेट की जानकारी होती है।
- सीमा पूरी होने पर स्लिप नहीं मिलेगी, इसलिए पहले दिनों में ही कोशिश करें।
किसी अनजान वेबसाइट, WhatsApp लिंक या “एजेंट” से स्लिप न बनवाएँ। स्लिप सिर्फ़ आधिकारिक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल से लें।
उस दिन क्या साथ ले जाएँ?
सवाललोक अदालत के दिन क्या साथ ले जाएँ?
जवाब: प्रिंट की हुई चालान स्लिप; ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी की RC; चालान की कॉपी या SMS; पहचान पत्र; पहले कोई भुगतान किया हो तो उसकी रसीद। समय से पहले पहुँचें, क्योंकि भीड़ ज़्यादा रहती है। लोक अदालत में जुर्माना आपसी सहमति से तय होता है; पहले से किसी तय "माफ़ी" का वादा नहीं होता। तय राशि भरें और रसीद संभालकर रखें।
- प्रिंट की हुई चालान स्लिप
- ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी की RC
- चालान की कॉपी या SMS
- पहचान पत्र
- पहले कोई भुगतान किया हो तो उसकी रसीद
चालान से बचने की 8 आसान आदतें
सवालचालान से बचने के लिए कौन-सी आदतें अपनाएँ?
जवाब: आजकल ज़्यादातर बड़े शहरों में कैमरों से अपने-आप चालान कटते हैं, और कई बार लोगों को हफ़्तों बाद पता चलता है। सबसे सस्ता तरीका है नियम मानना: स्टॉप लाइन से पहले रुकें: रेड लाइट पर ज़ेब्रा क्रॉसिंग या स्टॉप लाइन पार न करें।; बोर्ड वाली रफ़्तार: शहर, हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग सीमा होती है; स्पीड कैमरे वाले हिस्सों में बोर्ड देखें।
- स्टॉप लाइन से पहले रुकें: रेड लाइट पर ज़ेब्रा क्रॉसिंग या स्टॉप लाइन पार न करें।
- बोर्ड वाली रफ़्तार: शहर, हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग सीमा होती है; स्पीड कैमरे वाले हिस्सों में बोर्ड देखें।
- हेलमेट और सीटबेल्ट: दोपहिया पर दोनों सवार हेलमेट पहनें, कार में आगे-पीछे सब सीटबेल्ट लगाएँ।
- फ़ोन हाथ में नहीं: गाड़ी चलाते हुए फ़ोन पर बात या मैसेज न करें।
- सही लेन और सही दिशा: ग़लत दिशा (रॉन्ग साइड) में चलना ख़तरनाक भी है और आम चालान भी।
- नंबर प्लेट साफ़ और मानक: टूटी, धुंधली या डिज़ाइनर नंबर प्लेट से दिक़्क़त हो सकती है।
- काग़ज़ अपडेट: बीमा, PUC और लाइसेंस की तारीख़ याद रखें; DigiLocker/mParivahan में रखे दस्तावेज़ मान्य हैं।
- पार्किंग सही जगह: नो-पार्किंग में खड़ी गाड़ी चालान के साथ टो भी हो सकती है।
महीने में एक बार जाँच: echallan.parivahan.gov.in पर अपनी गाड़ी का नंबर डालकर देख लें कि कोई चालान लंबित तो नहीं। समय पर जानकारी होने से आप सही समय पर भुगतान कर सकते हैं, ग़लत चालान को चुनौती दे सकते हैं, या लोक अदालत जैसे विकल्प का इंतज़ार कर सकते हैं।
लोक अदालत के फ़ैसले के बारे में ज़रूरी बातें
लोक अदालत आपसी सहमति से मामले निपटाने का मंच है, जिसे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राज्य/ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण आयोजित करते हैं। ट्रैफ़िक चालान के अलावा बैंक वसूली, बिजली-पानी के बिल और कई छोटे दीवानी मामले भी यहाँ आते हैं।
| बात | क्या जानना ज़रूरी |
|---|---|
| फ़ैसले की ताक़त | विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 21 के तहत अवॉर्ड दीवानी अदालत की डिक्री जैसा माना जाता है |
| अपील | अवॉर्ड अंतिम होता है, उसके ख़िलाफ़ अपील नहीं होती |
| सहमति | मामला दोनों पक्षों की सहमति से ही निपटता है; ज़बरदस्ती नहीं |
| कोर्ट फ़ीस | अदालत में लंबित मामला लोक अदालत में निपटे तो चुकाई गई कोर्ट फ़ीस लौटाने का प्रावधान है |
जाने से पहले तैयारी: चालान नंबर या टोकन/स्लिप, गाड़ी की RC, पहचान पत्र और भुगतान का साधन साथ रखें। जिस शहर में लोक अदालत है, वहाँ की ट्रैफ़िक पुलिस या विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट पर तय प्रक्रिया ज़रूर देखें, क्योंकि कई जगह पहले से ऑनलाइन टोकन या अपॉइंटमेंट लेना होता है।
ध्यान दें: हर चालान लोक अदालत में नहीं आता। गंभीर अपराधों से जुड़े या कोर्ट में अलग से चल रहे मामलों के लिए नियम अलग हो सकते हैं। किसी दलाल को पैसे देकर “चालान माफ़” करवाने के झाँसे में न आएँ।
डिजिटल काग़ज़: मोबाइल में रखें, परेशानी से बचें
ड्राइविंग लाइसेंस या RC घर पर भूल जाना आम बात है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने अगस्त 2018 में राज्यों को एडवाइज़री भेजी कि DigiLocker या mParivahan ऐप में उपलब्ध ड्राइविंग लाइसेंस, RC और दूसरे परिवहन दस्तावेज़ मूल काग़ज़ों के बराबर क़ानूनी रूप से मान्य माने जाएँ।
| दस्तावेज़ | कहाँ रखें |
|---|---|
| ड्राइविंग लाइसेंस | DigiLocker / mParivahan |
| RC (रजिस्ट्रेशन) | DigiLocker / mParivahan |
| बीमा पॉलिसी | बीमा कंपनी की PDF/ऐप; कई पॉलिसियाँ DigiLocker में भी जुड़ती हैं |
| PUC | puc.parivahan.gov.in से डाउनलोड |
कैसे शुरू करें:
- आधिकारिक ऐप स्टोर से DigiLocker या mParivahan ऐप डाउनलोड करें।
- मोबाइल नंबर/आधार से लॉग-इन करें।
- “Issued Documents” में परिवहन विभाग से अपना लाइसेंस और RC जोड़ें।
ध्यान रखें: फ़ोन की गैलरी में रखी फ़ोटो या स्कैन कॉपी वही दर्जा नहीं रखती जो इन आधिकारिक ऐप में जारी दस्तावेज़ रखता है। फ़ोन की बैटरी चार्ज रखें, और लंबे सफ़र में एक फ़ोटोकॉपी भी साथ रखें। किसी अनजान “दस्तावेज़ अपडेट” लिंक पर अपनी जानकारी न डालें।

निष्कर्ष
दिल्ली वालों के लिए दो तारीख़ें याद रखनी हैं: 19 अक्टूबर (स्लिप) और 25 अक्टूबर (लोक अदालत)। चालान की स्थिति आज ही देख लें, ताकि आख़िरी समय की भागदौड़ न हो। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड Procedure of Lok Adalat भी पढ़ सकते हैं।
सड़क पर किसी मुसीबत में परिवार तक ख़बर पहुँचे, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए: मदद करने वाला उसे स्कैन करके आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक पहुँच सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 10 अक्टूबर 2026
स्रोत (Sources)
- DSLSA, नेशनल लोक अदालत 10.10.2026 से 25.10.2026 (रविवार) स्थगित होने की अधिसूचना (9 सितंबर 2026): https://dslsa.org/09-09-2026-notification-regarding-postponement-national-lok-adalat-to-be-held-on-10-10-2026-to-25-10-2026-sunday/
- DSLSA अधिसूचना (PDF): https://cdnbbsr.s3waas.gov.in/s395b7a6d9a47c56ff9118bb45379fc884/uploads/2026/09/202609101222120803.pdf
- दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, लोक अदालत: https://traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat
- LiveLaw, तीसरी नेशनल लोक अदालत के अस्थायी आंकड़े (12 सितंबर 2026): https://www.livelaw.in/news-updates/3rd-national-lok-adalat-2026-settles-over-210-crore-cases-13589-crore-disputes-resolved-nalsa-549877
- Parivahan ई-चालान पोर्टल: https://echallan.parivahan.gov.in/
- PIB, DigiLocker/mParivahan पर दस्तावेज़ों की मान्यता (अगस्त 2018): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1542222
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987, धारा 21: https://indiacode.ecourtsindia.com/legal-services-authorities-act-1987/section/21/
- NALSA, नेशनल लोक अदालत: https://nalsa.gov.in/national-lok-adalat/
- MoRTH एडवाइज़री, 8 अगस्त 2018 (Parivahan): https://parivahan.gov.in/sites/default/files/NOTIFICATION%26ADVISORY/08-08-2018.pdf
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. दिल्ली में नेशनल लोक अदालत कब है?
DSLSA की अधिसूचना के अनुसार रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को।
2. चालान स्लिप कब से मिलेगी?
19 अक्टूबर 2026 सुबह 10 बजे से traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat पर।
3. कितनी स्लिप मिलेंगी?
अधिसूचना के अनुसार रोज़ 50,000 और कुल 2 लाख चालानों तक।
4. 30 जून के बाद कोर्ट गए चालान का क्या?
ये इस लोक अदालत में शामिल नहीं हैं। इन्हें आधिकारिक पोर्टल/वर्चुअल कोर्ट पर देखें या अगली लोक अदालत का इंतज़ार करें।
5. क्या स्लिप के बिना कोर्ट जा सकते हैं?
दिल्ली में ट्रैफिक चालान के लिए स्लिप वाली व्यवस्था है; बिना स्लिप निपटारा मुश्किल हो सकता है, इसलिए स्लिप ज़रूर लें।


