सीधा जवाब: अपनी गाड़ी का PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट Parivahan पोर्टल के PUC सेक्शन (puc.parivahan.gov.in) पर वाहन नंबर और चेसिस नंबर के आख़िरी अंक डालकर चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। गाड़ी के दस्तावेज़ों की स्थिति mParivahan ऐप में भी दिखती है। आम तौर पर नई BS-IV/BS-VI गाड़ी के लिए पहला PUC एक साल तक और उसके बाद हर टेस्ट छह महीने तक वैध रहता है (राज्य/वाहन के अनुसार अंतर हो सकता है)। बिना वैध PUC पकड़े जाने पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत ₹10,000 तक जुर्माना और/या जेल का प्रावधान है।
PUC ऑनलाइन कैसे चेक करें
सवालPUC ऑनलाइन कैसे चेक करें?
जवाब: puc.parivahan.gov.in पर जाएँ।; "PUC Certificate" विकल्प चुनें।; वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आख़िरी 5 अंक डालें।; वैध PUC होगा तो विवरण दिखेगा और डाउनलोड/प्रिंट कर सकते हैं।। mParivahan ऐप: वाहन नंबर डालकर RC विवरण के साथ PUC की वैधता की जानकारी भी देख सकते हैं; DigiLocker में दस्तावेज़ रखना भी मान्य है।
- puc.parivahan.gov.in पर जाएँ।
- “PUC Certificate” विकल्प चुनें।
- वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आख़िरी 5 अंक डालें।
- वैध PUC होगा तो विवरण दिखेगा और डाउनलोड/प्रिंट कर सकते हैं।
नज़दीकी PUC सेंटर कैसे ढूँढें
सवालनज़दीकी अधिकृत PUC सेंटर कैसे ढूँढें?
जवाब: ज़्यादातर पेट्रोल पंपों और कई वर्कशॉप पर अधिकृत PUC सेंटर होते हैं।; अपने राज्य के परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अधिकृत केंद्रों की सूची देखें।; अधिकृत सेंटर की पहचान: टेस्ट के बाद सर्टिफिकेट ऑनलाइन (Vahan से जुड़ा) बनता है और उस पर QR/यूनिक नंबर होता है। हाथ से लिखी पर्ची पर भरोसा न करें।।
- ज़्यादातर पेट्रोल पंपों और कई वर्कशॉप पर अधिकृत PUC सेंटर होते हैं।
- अपने राज्य के परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अधिकृत केंद्रों की सूची देखें।
- अधिकृत सेंटर की पहचान: टेस्ट के बाद सर्टिफिकेट ऑनलाइन (Vahan से जुड़ा) बनता है और उस पर QR/यूनिक नंबर होता है। हाथ से लिखी पर्ची पर भरोसा न करें।

PUC की वैधता: सामान्य नियम
| स्थिति | आम तौर पर वैधता |
|---|---|
| नई गाड़ी (BS-IV/BS-VI) | रजिस्ट्रेशन से 1 साल |
| उसके बाद हर टेस्ट | 6 महीने (टेस्ट रीडिंग और राज्य नियम के अनुसार कम भी हो सकती है) |
सटीक वैधता आपके सर्टिफिकेट पर लिखी होती है।
बिना PUC पकड़े गए तो
सवालबिना वैध PUC पकड़े जाने पर क्या होता है?
जवाब: धारा 190(2): प्रदूषण मानकों के उल्लंघन पर ₹10,000 तक जुर्माना और/या 3 महीने तक जेल, और लाइसेंस निलंबन का प्रावधान।; कुछ शहरों में बिना वैध PUC ईंधन न देने जैसे नियम भी लागू किए गए हैं; दिल्ली में दिसंबर 2025 से ऐसा नियम लागू हुआ।; बीमा नवीनीकरण के समय भी PUC माँगा जा सकता है।।
- धारा 190(2): प्रदूषण मानकों के उल्लंघन पर ₹10,000 तक जुर्माना और/या 3 महीने तक जेल, और लाइसेंस निलंबन का प्रावधान।
- कुछ शहरों में बिना वैध PUC ईंधन न देने जैसे नियम भी लागू किए गए हैं; दिल्ली में दिसंबर 2025 से ऐसा नियम लागू हुआ।
- बीमा नवीनीकरण के समय भी PUC माँगा जा सकता है।
PUC टेस्ट में फ़ेल हो गए तो
सवालPUC टेस्ट में फ़ेल हो जाएँ तो क्या करें?
जवाब: गाड़ी की सर्विस कराएँ: एयर फ़िल्टर, स्पार्क प्लग, इंजेक्टर, इंजन ऑयल।; काला/नीला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है; मैकेनिक को दिखाएँ।; ठीक कराने के बाद दोबारा टेस्ट कराएँ।।
- गाड़ी की सर्विस कराएँ: एयर फ़िल्टर, स्पार्क प्लग, इंजेक्टर, इंजन ऑयल।
- काला/नीला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है; मैकेनिक को दिखाएँ।
- ठीक कराने के बाद दोबारा टेस्ट कराएँ।
प्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं
सवालप्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं?
जवाब: सर्दियों में कई शहरों की हवा बहुत ख़राब हो जाती है, और गाड़ियों का धुआँ इसकी एक बड़ी वजह है। हर व्यक्ति की छोटी-छोटी आदतें मिलकर फ़र्क़ डालती हैं: लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद: धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं; कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना: सड़क पर कम गाड़ियाँ; छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन: शून्य या बहुत कम धुआँ; समय पर सर्विस और PUC: इंजन साफ़…
| आदत | फ़ायदा |
|---|---|
| लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद | धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं |
| कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना | सड़क पर कम गाड़ियाँ |
| छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन | शून्य या बहुत कम धुआँ |
| समय पर सर्विस और PUC | इंजन साफ़ जलता है |
| टायर में सही हवा | इंजन पर कम ज़ोर, कम धुआँ |
| धुआँ छोड़ती गाड़ी को नज़रअंदाज़ न करें | काला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है |
सेहत का ध्यान भी: बहुत ख़राब हवा वाले दिनों में दोपहिया चालक और खुली गाड़ियों के ड्राइवर सबसे ज़्यादा धुआँ झेलते हैं। ज़रूरत न हो तो भीड़ के समय सफ़र टालें, और साँस की बीमारी वाले लोग डॉक्टर की सलाह मानें।
आधिकारिक जानकारी कहाँ देखें: अपने शहर की हवा की गुणवत्ता (AQI) और प्रदूषण से जुड़ी पाबंदियों की जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), राज्य प्रदूषण बोर्ड और ट्रैफ़िक पुलिस की आधिकारिक घोषणाओं से लें। सोशल मीडिया पर चल रही “कल से गाड़ियाँ बंद” जैसी अफ़वाहों पर भरोसा न करें।
चालान से बचने की 8 आसान आदतें
आजकल ज़्यादातर बड़े शहरों में कैमरों से अपने-आप चालान कटते हैं, और कई बार लोगों को हफ़्तों बाद पता चलता है। सबसे सस्ता तरीका है नियम मानना:
- स्टॉप लाइन से पहले रुकें: रेड लाइट पर ज़ेब्रा क्रॉसिंग या स्टॉप लाइन पार न करें।
- बोर्ड वाली रफ़्तार: शहर, हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग सीमा होती है; स्पीड कैमरे वाले हिस्सों में बोर्ड देखें।
- हेलमेट और सीटबेल्ट: दोपहिया पर दोनों सवार हेलमेट पहनें, कार में आगे-पीछे सब सीटबेल्ट लगाएँ।
- फ़ोन हाथ में नहीं: गाड़ी चलाते हुए फ़ोन पर बात या मैसेज न करें।
- सही लेन और सही दिशा: ग़लत दिशा (रॉन्ग साइड) में चलना ख़तरनाक भी है और आम चालान भी।
- नंबर प्लेट साफ़ और मानक: टूटी, धुंधली या डिज़ाइनर नंबर प्लेट से दिक़्क़त हो सकती है।
- काग़ज़ अपडेट: बीमा, PUC और लाइसेंस की तारीख़ याद रखें; DigiLocker/mParivahan में रखे दस्तावेज़ मान्य हैं।
- पार्किंग सही जगह: नो-पार्किंग में खड़ी गाड़ी चालान के साथ टो भी हो सकती है।
महीने में एक बार जाँच: echallan.parivahan.gov.in पर अपनी गाड़ी का नंबर डालकर देख लें कि कोई चालान लंबित तो नहीं। समय पर जानकारी होने से आप सही समय पर भुगतान कर सकते हैं, ग़लत चालान को चुनौती दे सकते हैं, या लोक अदालत जैसे विकल्प का इंतज़ार कर सकते हैं।
आम ट्रैफ़िक नियम और जुर्माने: एक नज़र में
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के 63 प्रावधान 1 सितंबर 2019 से लागू हुए, जिनमें कई जुर्माने पहले से कई गुना बढ़ाए गए। नीचे केंद्रीय क़ानून में तय कुछ आम उल्लंघनों के जुर्माने हैं। ध्यान रहे, कई राज्य कुछ अपराधों में अपनी कंपाउंडिंग (मौक़े पर भुगतान) दरें तय करते हैं, इसलिए आपके राज्य में रक़म अलग हो सकती है।
| उल्लंघन (धारा) | 2019 संशोधन के बाद |
|---|---|
| सामान्य उल्लंघन (177) | ₹500 |
| ओवरस्पीडिंग, हल्का मोटर वाहन (183) | ₹1,000 |
| ख़तरनाक ड्राइविंग (184) | ₹5,000 तक |
| नशे में ड्राइविंग (185) | ₹10,000 तक (पहली बार) |
| बिना सीटबेल्ट (194B) | ₹1,000 |
| दोपहिया पर ओवरलोडिंग/तीन सवारी (194C) | ₹2,000 और 3 महीने लाइसेंस अयोग्यता |
| बिना हेलमेट (194D) | ₹1,000 और 3 महीने लाइसेंस अयोग्यता |
| एम्बुलेंस/आपात वाहन को रास्ता न देना (194E) | ₹10,000 |
| बिना बीमा (196) | ₹2,000 |
ध्यान रखें: जुर्माना सिर्फ़ सज़ा नहीं, चेतावनी है। हेलमेट, सीटबेल्ट और तय रफ़्तार, ये तीन आदतें ज़्यादातर चालानों और कई जानलेवा हादसों से बचा सकती हैं। चालान मिलने पर उसे आधिकारिक e-Challan पोर्टल पर ही जाँचें और भरें।

निष्कर्ष
PUC पाँच मिनट का काम है, लेकिन इसके न होने का जुर्माना भारी। तारीख़ याद रखें और समय पर नवीनीकरण कराएँ। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड Pollution Under Control(PUC Certificate) FAQs भी पढ़ सकते हैं।
गाड़ी से जुड़ी ज़रूरी सूचना आप तक सुरक्षित पहुँचे, इसके लिए Rakshak Code QR लगाइए। कोई भी उसे स्कैन करके आपसे संपर्क कर सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 26 मई 2026
स्रोत (Sources)
- Parivahan PUC पोर्टल: https://puc.parivahan.gov.in/
- मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 (गज़ट, धारा 190): https://egazette.gov.in/WriteReadData/2019/210413.pdf
- Parivahan सेवा: https://parivahan.gov.in/
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB): https://cpcb.gov.in/
- Parivahan ई-चालान पोर्टल: https://echallan.parivahan.gov.in/
- PIB, DigiLocker/mParivahan पर दस्तावेज़ों की मान्यता (अगस्त 2018): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1542222
- The Indian Express, “New traffic fines take effect from today: Rs 1,000 for no helmet, Rs 10,000 for drunken driving” (1 सितंबर 2019): https://indianexpress.com/article/india/new-traffic-fines-list-motor-vehicles-act-2019-5955543/
- PIB/MoRTH, मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2019 के प्रमुख प्रावधान (30 जुलाई 2019): https://parivahan.gov.in/sites/default/files/NOTIFICATION%26ADVISORY/30-July-2019.pdf
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या PUC की डिजिटल कॉपी मान्य है?
DigiLocker/mParivahan में दिखने वाले दस्तावेज़ मान्य माने जाते हैं।
2. PUC बनवाने में कितना ख़र्च आता है?
राज्य सरकार दरें तय करती है; सेंटर पर रेट लिस्ट देखें।
3. इलेक्ट्रिक गाड़ी को PUC चाहिए?
नहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों से टेलपाइप उत्सर्जन नहीं होता।
4. रेड लाइट पर इंजन बंद करने से कोई फ़र्क़ पड़ता है?
हाँ, लंबे रेड सिग्नल या जाम में इंजन बेवजह चालू रखने से धुआँ और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं; सुरक्षित हो तो इंजन बंद करना बेहतर आदत है।
5. कैमरे से कटने वाले आम चालान कौन-से हैं?
आम तौर पर ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप, स्टॉप लाइन पार करना, बिना हेलमेट/सीटबेल्ट, ग़लत लेन और ग़लत दिशा में चलना; ये आदतें सुधारकर ज़्यादातर चालानों से बचा जा सकता है।


