सीधा जवाब: नेशनल हाईवे फ़ीस (दरों का निर्धारण और वसूली) नियम, 2008 के अनुसार दो स्थितियों में टोल घटाकर 40% किया जाता है: (1) सार्वजनिक धन (public funded) से बने प्रोजेक्ट में, जब यूज़र फ़ीस से उसकी पूँजीगत लागत वसूल हो जाए; और (2) निजी कंसेशन वाले प्रोजेक्ट में, जब कंसेशन अवधि ख़त्म हो जाए और सड़क सरकार को सौंप दी जाए। दोनों स्थितियों में घटी हुई दर भी हर साल नियमों के अनुसार संशोधित होती है। यानी लागत वसूल होने पर टोल पूरी तरह बंद नहीं होता, बल्कि कम दर पर जारी रहता है।
नियम क्या कहता है?
सवालNH फ़ीस नियम में 40% टोल के बारे में क्या लिखा है?
जवाब: NH फ़ीस नियम 2008 के नियम 6 में लिखा है कि कंसेशन समझौते के तहत अधिसूचित फ़ीस कंसेशन अवधि के अंत तक ली जाएगी, और कंसेशन ख़त्म होने के बाद केंद्र सरकार या कार्यकारी एजेंसी सड़क, पुल, सुरंग या बाईपास के हस्तांतरण की तारीख़ की फ़ीस का 40% वसूलेगी, जो हर साल संशोधित होगी।
| प्रोजेक्ट का प्रकार | 40% कब | उसके बाद |
|---|---|---|
| सार्वजनिक धन (public funded) | पूँजीगत लागत यूज़र फ़ीस से वसूल होने पर | 40% दर, हर साल संशोधन |
| निजी कंसेशन (BOT आदि) | कंसेशन अवधि ख़त्म होकर सड़क सरकार को सौंपे जाने पर | 40% दर, हर साल संशोधन |
नवंबर 2022 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक सांसद को लिखे पत्र में भी यही दोहराया था कि सार्वजनिक धन वाले प्रोजेक्ट में लागत वसूलने के बाद यूज़र फ़ीस घटाकर 40% की जाती है और यह NH फ़ीस नियमों के अनुसार हर साल समायोजित होती है (ABP News, 18 नवंबर 2022)।
दो तरह के टोल प्लाज़ा
सवालसार्वजनिक धन वाले और निजी कंसेशन वाले टोल में क्या फ़र्क़ है?
जवाब: सार्वजनिक धन वाले: सरकार ने सड़क अपने बजट से बनाई। टोल सरकार या उसकी तरफ़ से कोई ठेकेदार वसूलता है, और पैसा केंद्र सरकार के पास जमा होता है। लागत वसूली के बाद दर 40% पर आती है। निजी कंसेशन वाले: किसी कंपनी ने सड़क बनाई या चलाई और बदले में तय अवधि तक टोल वसूलने का हक़ पाया। कंसेशन अवधि तक समझौते की दर लागू रहती है।

आम भ्रम
सवालक्या लागत वसूल होते ही टोल बंद हो जाता है?
जवाब: "लागत वसूल, टोल बंद": नियम के अनुसार टोल बंद नहीं होता, घटकर 40% होता है और आगे भी हर साल संशोधित होता है।; "हर पुराने टोल पर 40% लगना चाहिए": हर प्रोजेक्ट की स्थिति अलग है; कंसेशन अवधि या लागत वसूली की स्थिति देखनी पड़ती है।; "बढ़ोतरी ग़ैरक़ानूनी है": नियमों के तहत टोल दरें हर साल 1 अप्रैल से संशोधित होती हैं, इसलिए दर बढ़ना अपने-आप में ग़लत नहीं है।।
- “लागत वसूल, टोल बंद”: नियम के अनुसार टोल बंद नहीं होता, घटकर 40% होता है और आगे भी हर साल संशोधित होता है।
- “हर पुराने टोल पर 40% लगना चाहिए”: हर प्रोजेक्ट की स्थिति अलग है; कंसेशन अवधि या लागत वसूली की स्थिति देखनी पड़ती है।
- “बढ़ोतरी ग़ैरक़ानूनी है”: नियमों के तहत टोल दरें हर साल 1 अप्रैल से संशोधित होती हैं, इसलिए दर बढ़ना अपने-आप में ग़लत नहीं है।
अपने रूट की जानकारी कैसे लें?
सवालअपने रूट के टोल की आधिकारिक जानकारी कैसे लें?
जवाब: राजमार्गयात्रा ऐप: रूट के टोल प्लाज़ा और दरें देखने के लिए।; NHAI वेबसाइट: टोल प्लाज़ा की जानकारी और यूज़र फ़ीस अधिसूचना।; हेल्पलाइन 1033: टोल से जुड़ी शिकायत या जानकारी के लिए।; RTI: किसी ख़ास प्लाज़ा की लागत वसूली या कंसेशन की स्थिति जाननी हो, तो संबंधित कार्यालय से सूचना का अधिकार के तहत जानकारी माँगी जा सकती है।।
- राजमार्गयात्रा ऐप: रूट के टोल प्लाज़ा और दरें देखने के लिए।
- NHAI वेबसाइट: टोल प्लाज़ा की जानकारी और यूज़र फ़ीस अधिसूचना।
- हेल्पलाइन 1033: टोल से जुड़ी शिकायत या जानकारी के लिए।
- RTI: किसी ख़ास प्लाज़ा की लागत वसूली या कंसेशन की स्थिति जाननी हो, तो संबंधित कार्यालय से सूचना का अधिकार के तहत जानकारी माँगी जा सकती है।
| सवाल | कहाँ देखें |
|---|---|
| मेरे रूट पर कितना टोल? | राजमार्गयात्रा ऐप |
| प्लाज़ा किस प्रकार का है? | NHAI वेबसाइट / यूज़र फ़ीस अधिसूचना |
| शिकायत | 1033 हेल्पलाइन |
FASTag चालू रखने के आसान नियम
सवालFASTag ठीक से काम करे, इसके लिए क्या करें?
जवाब: टोल पर रुकावट और दोगुने शुल्क से बचने का सबसे आसान तरीका है कि FASTag हमेशा सक्रिय और सही गाड़ी से जुड़ा रहे। एक गाड़ी, एक FASTag: NHAI की "One Vehicle One FASTag" पहल के तहत एक गाड़ी पर एक ही सक्रिय टैग होना चाहिए; KYC पूरा रखें: अधूरे KYC वाले टैग बंद किए जा सकते हैं; टैग विंडस्क्रीन पर अंदर से चिपकाएँ: हाथ में रखा या ढीला टैग स्कैन…
| क्या करें | क्यों |
|---|---|
| एक गाड़ी, एक FASTag | NHAI की “One Vehicle One FASTag” पहल के तहत एक गाड़ी पर एक ही सक्रिय टैग होना चाहिए |
| KYC पूरा रखें | अधूरे KYC वाले टैग बंद किए जा सकते हैं |
| टैग विंडस्क्रीन पर अंदर से चिपकाएँ | हाथ में रखा या ढीला टैग स्कैन नहीं होता, टैग ख़राब भी हो सकता है |
| सफ़र से पहले बैलेंस देखें | कम बैलेंस पर टैग ब्लैकलिस्ट हो सकता है |
| गाड़ी बेचें तो टैग बंद कराएँ | पुराने टैग से आपकी कटौती होती रह सकती है |
ग़लत कटौती हो तो: अपने FASTag जारी करने वाले बैंक के कस्टमर केयर या ऐप पर शिकायत करें और लेनदेन का SMS संभालकर रखें। नेशनल हाईवे से जुड़ी शिकायत NHAI की हेल्पलाइन 1033 पर भी की जा सकती है।
गाड़ी की श्रेणी जाँचें: टैग पर गाड़ी की श्रेणी (जैसे कार/जीप/वैन) सही दर्ज होनी चाहिए। ग़लत श्रेणी से ज़्यादा टोल कट सकता है; ऐसा हो तो बैंक से टैग की जानकारी ठीक कराएँ।
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित सफ़र के नियम
एक्सप्रेसवे पर रफ़्तार ज़्यादा होती है, इसलिए छोटी-सी चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है। इन बातों का ध्यान रखिए:
- बोर्ड पर लिखी रफ़्तार ही मानें: अलग-अलग वाहनों और हिस्सों के लिए गति सीमा अलग होती है, और मौसम (जैसे कोहरा) में अस्थायी रूप से घटाई भी जाती है।
- लेन अनुशासन: धीमे वाहन बाईं लेन में रहें, दाईं लेन सिर्फ़ ओवरटेक के लिए है। बार-बार लेन बदलना ख़तरनाक है।
- बीच सड़क कभी न रुकें: फ़ोन, रास्ता पूछने या सामान ठीक करने के लिए कैरिजवे पर रुकना जानलेवा हो सकता है। रुकना ही हो तो तय रेस्ट एरिया या शोल्डर पर।
- टायर और गाड़ी की जाँच: सफ़र से पहले टायर का दबाव, घिसाव, कूलेंट और ब्रेक देख लें। तेज़ रफ़्तार पर कमज़ोर टायर फटने का ख़तरा बढ़ता है।
- थकान को हल्के में न लें: नींद या आँखें भारी लगें तो रुककर आराम करें; लंबे सफ़र में बीच-बीच में ब्रेक लें।
- दूरी बनाए रखें: आगे वाली गाड़ी से इतनी दूरी रखें कि अचानक ब्रेक पर रुक सकें।
| मुसीबत | क्या करें |
|---|---|
| गाड़ी ख़राब | बाईं ओर शोल्डर पर, हैज़र्ड लाइट, पीछे चेतावनी तिकोन |
| सवारियाँ | बैरियर के पार सुरक्षित जगह खड़ी हों, गाड़ी में न बैठें |
| मदद | NHAI हेल्पलाइन 1033 या 112 पर कॉल करें |

निष्कर्ष
टोल के नियम पेचीदा लगते हैं, लेकिन मूल बात सीधी है: लागत वसूली या कंसेशन ख़त्म होने के बाद टोल कम होता है, ख़त्म नहीं। सही जानकारी आधिकारिक स्रोत से लें, और अफ़वाहों पर बहस से बचें। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड भारत में टोल कलेक्शन में क्रांति लाएगा जीएनएसएस (GNSS) भी पढ़ सकते हैं।
सड़क पर किसी मुसीबत में परिवार तक ख़बर पहुँचे, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए: मदद करने वाला उसे स्कैन करके आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक पहुँच सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 4 सितंबर 2026
स्रोत (Sources)
- National Highways Fee (Determination of Rates and Collection) Rules, 2008 (LegitQuest): https://www.legitquest.com/act/national-highways-fee-determination-of-rates-and-collection-rules-2008/9B4C
- NH Fee Rules 2008 (MoRTH PDF): http://morth.gov.in/sites/default/files/Levy%20and%20collection%20of%20user-NH%20Fee%20Rules%202008-merged.pdf
- ABP News, “Toll Fees In Public-Funded NH Projects To Be Reduced By 40%” (18 नवंबर 2022): https://news.abplive.com/news/india/toll-plaza-rates-decision-to-reduce-toll-gate-fees-by-40-percent-all-over-india-public-funded-projects-nitin-gadkari-1564241
- NHAI: https://nhai.gov.in/
- PIB, NHAI “One Vehicle One FASTag” पहल: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1996191
- IHMCL, FASTag उपयोगकर्ता जानकारी: https://ihmcl.co.in/fastag-user/
- NHAI राजमार्गयात्रा (हेल्पलाइन 1033): https://rajmargyatra.nhai.gov.in/
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. टोल कब घटकर 40% होता है?
सार्वजनिक धन वाले प्रोजेक्ट में लागत वसूल होने पर, और निजी कंसेशन वाले प्रोजेक्ट में कंसेशन ख़त्म होने पर।
2. क्या लागत वसूल होने पर टोल ख़त्म हो जाता है?
नहीं। NH फ़ीस नियम 2008 के अनुसार टोल घटकर 40% होता है और हर साल संशोधित होता है।
3. यह नियम किस क़ानून में है?
नेशनल हाईवे फ़ीस (दरों का निर्धारण और वसूली) नियम, 2008 के नियम 6 में।
4. अपने रूट के टोल की जानकारी कहाँ मिलेगी?
राजमार्गयात्रा ऐप और NHAI वेबसाइट पर; शिकायत के लिए 1033 पर कॉल करें।
5. एक गाड़ी पर एक से ज़्यादा FASTag रख सकते हैं?
नहीं। NHAI की “One Vehicle One FASTag” पहल के तहत एक गाड़ी के लिए एक ही सक्रिय FASTag होना चाहिए; पुराने अतिरिक्त टैग बंद कराएँ और KYC पूरा रखें।



