सीधा जवाब: पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ़्टी ऑर्गनाइज़ेशन (PESO) ने दिल्ली-NCR की सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को निर्देश दिया है कि CNG सिर्फ़ उन्हीं सिलेंडरों में भरी जाए जो मान्य मानकों पर खरे हों और जिनके पास वैध हाइड्रो टेस्ट सर्टिफ़िकेट हो। New Indian Express (30 अगस्त 2026) के अनुसार संदेश साफ़ है: “No valid hydro test, no CNG”। यानी बिना सर्टिफ़िकेट या एक्सपायर सर्टिफ़िकेट वाली गाड़ी को स्टेशन गैस देने से मना कर सकता है। अपनी गाड़ी का सर्टिफ़िकेट और सिलेंडर पर लिखी आख़िरी टेस्ट तारीख़ आज ही देख लीजिए।
यह निर्देश क्यों आया?
रिपोर्ट के अनुसार यह निर्देश इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के एक रिटेल आउटलेट पर हाल में हुए सिलेंडर धमाके के बाद आया, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई और दो घायल हुए। इस घटना ने दिखाया कि भराई के समय एक कमज़ोर या अनधिकृत सिलेंडर पूरे स्टेशन के लिए ख़तरा बन सकता है।
निर्देश में क्या कहा गया है?
सवालPESO के नए निर्देश में क्या कहा गया है?
जवाब: New Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक़ PESO ने गुरुवार को दिल्ली-NCR के CNG स्टेशनों पर सख़्त सुरक्षा पालन का निर्देश दिया। कंपनियों से कहा गया है कि आउटलेट पर सुरक्षा संकेत (साइनेज) साफ़ दिखें, गैस सिर्फ़ मानकों पर खरे और वैध हाइड्रो टेस्ट सर्टिफ़िकेट वाले सिलेंडरों में भरी जाए, और बिना सर्टिफ़िकेट या एक्सपायर सिलेंडर वाली गाड़ियों को रिफ़िल से मना किया जाए।
| बात | जानकारी (NIE, 30 अगस्त 2026) |
|---|---|
| किसने | PESO |
| किसके लिए | दिल्ली-NCR की सभी CGD कंपनियाँ |
| मुख्य नियम | वैध हाइड्रो टेस्ट नहीं, तो CNG नहीं |
| और क्या | साफ़ सुरक्षा साइनेज, स्टाफ़ को जागरूकता |
| आधार | गैस सिलेंडर नियम 2016, Form-G लाइसेंस शर्तें |
| टेस्ट का ख़र्च | शहर में लगभग ₹500 से ₹3,000 (रिपोर्ट के अनुसार) |
रिपोर्ट यह भी बताती है कि गौतम बुद्ध नगर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा) प्रशासन ने इससे पहले ही CNG स्टेशनों पर जाँच कड़ी कर दी थी।

हाइड्रो टेस्ट क्या है?
सवालहाइड्रो टेस्ट क्या है और कितने साल में ज़रूरी है?
जवाब: हाइड्रो टेस्ट (हाइड्रोस्टैटिक टेस्ट) एक समय-समय पर होने वाली सुरक्षा जाँच है, जिसमें देखा जाता है कि गैस सिलेंडर दबाव सहने लायक़ मज़बूत है या नहीं। इसमें सिलेंडर को पानी से भरकर तय दबाव पर परखा जाता है, ताकि रिसाव, कमज़ोरी या ढाँचे की ख़राबी पकड़ में आ सके। गैस सिलेंडर (संशोधन) नियम 2025 में CNG सिलेंडरों के लिए हर तीन साल में हाइड्रोस्टैटिक टेस्ट का प्रावधान जोड़ा गया है।
अपनी गाड़ी की तारीख़ कैसे देखें?
सवालअपनी CNG गाड़ी की हाइड्रो टेस्ट तारीख़ कैसे देखें?
जवाब: हाइड्रो टेस्ट सर्टिफ़िकेट: पिछली बार टेस्ट जहाँ हुआ था, वहाँ से मिला काग़ज़ देखें। उसमें टेस्ट की तारीख़ और अगली देय तारीख़ होती है।; मेटल/कंप्लायंस प्लेट: आम तौर पर गैस भरने वाले पॉइंट के पास लगी प्लेट पर सिलेंडर नंबर और आख़िरी टेस्ट की तारीख़ होती है।; सिलेंडर पर स्टैंप: सिलेंडर पर भी टेस्ट की तारीख़ खुदी होती है।
- हाइड्रो टेस्ट सर्टिफ़िकेट: पिछली बार टेस्ट जहाँ हुआ था, वहाँ से मिला काग़ज़ देखें। उसमें टेस्ट की तारीख़ और अगली देय तारीख़ होती है।
- मेटल/कंप्लायंस प्लेट: आम तौर पर गैस भरने वाले पॉइंट के पास लगी प्लेट पर सिलेंडर नंबर और आख़िरी टेस्ट की तारीख़ होती है।
- सिलेंडर पर स्टैंप: सिलेंडर पर भी टेस्ट की तारीख़ खुदी होती है।
- कंपनी-फ़िटेड CNG: फ़ैक्ट्री फ़िटेड गाड़ी है तो डीलर की सर्विस बुक या सर्विस सेंटर से पूछें।
अगर तारीख़ निकल चुकी है, या काग़ज़ खो गए हैं, तो इंतज़ार न करें। स्टेशन पर लौटाए जाने से बेहतर है पहले ही टेस्ट करा लेना।
टेस्ट कहाँ और कैसे कराएँ?
सवालहाइड्रो टेस्ट कहाँ और कैसे कराएँ?
जवाब: टेस्ट सिर्फ़ PESO से मान्यता प्राप्त सिलेंडर टेस्टिंग स्टेशन पर कराएँ। अपने CNG फ़िटर, कंपनी डीलर या गैस कंपनी से नज़दीकी अधिकृत सेंटर की जानकारी लें। टेस्ट के बाद सर्टिफ़िकेट संभालकर रखें और प्लेट/सिलेंडर पर नई तारीख़ दर्ज हुई है, यह ज़रूर देखें। बिना रसीद और बिना सर्टिफ़िकेट वाले "जल्दी काम" के ऑफ़र से बचें।
गैस लीक का शक हो तो तुरंत क्या करें
सवालCNG गाड़ी में गैस लीक का शक हो तो क्या करें?
जवाब: CNG हवा से हल्की होती है और खुले में जल्दी फैल जाती है, लेकिन बंद गाड़ी, गैराज या भीड़ वाली जगह में लीक हुई गैस किसी चिंगारी से आग पकड़ सकती है। इसलिए शक होते ही ये कदम उठाइए: गाड़ी सुरक्षित जगह, किनारे पर रोकें और इंजन बंद करें।; सभी सवारियों को उतारकर गाड़ी से दूर खड़ा करें।
- गाड़ी सुरक्षित जगह, किनारे पर रोकें और इंजन बंद करें।
- सभी सवारियों को उतारकर गाड़ी से दूर खड़ा करें।
- आसपास कोई बीड़ी-सिगरेट न जलाए; लाइट या इलेक्ट्रिक स्विच बार-बार ऑन-ऑफ़ न करें।
- अगर आपको सिलेंडर का मैनुअल वाल्व पता है और ऐसा करना सुरक्षित है, तो उसे बंद करें।
- दरवाज़े खोल दें ताकि गैस निकल जाए।
- गाड़ी को पेट्रोल मोड पर भी तब तक न चलाएँ जब तक अधिकृत वर्कशॉप जाँच न कर ले।
- आग लगे तो दूर हटें और 112 पर कॉल करें; ख़ुद बुझाने का जोखिम न लें।
| लीक के संकेत | संभावित कारण |
|---|---|
| तेज़ गंध | पाइप, फ़िटिंग या वाल्व से रिसाव |
| सीटी जैसी आवाज़ | ढीला जोड़ या फटा पाइप |
| गैस जल्दी ख़त्म होना | धीमा, लगातार रिसाव |
| सिलेंडर पर जंग या उभार | सिलेंडर कमज़ोर हो चुका है |
नियमित जाँच ही बचाव है: किट और पाइप की समय-समय पर अधिकृत वर्कशॉप से जाँच कराएँ, और सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग की तारीख़ का ध्यान रखें।
CNG किट क़ानूनी और सुरक्षित है, कैसे पहचानें
पेट्रोल गाड़ी में बाद में CNG किट लगवाना आम है, लेकिन सस्ती और बिना मंज़ूरी वाली किट सबसे बड़ा ख़तरा बन सकती है। किट लगवाने से पहले और बाद में ये बातें जाँचिए:
| क्या जाँचें | क्यों |
|---|---|
| किट टाइप-अप्रूव्ड हो और अधिकृत फ़िटर से लगे | मंज़ूर डिज़ाइन और सही फ़िटिंग से लीक का ख़तरा घटता है |
| फ़िटमेंट सर्टिफ़िकेट और बिल | RC में दर्ज कराने और बीमा के लिए ज़रूरी |
| RC में CNG का endorsement | बाद में लगी किट RC में दर्ज न हो तो गाड़ी के काग़ज़ अधूरे हैं |
| बीमा कंपनी को सूचना | किट की जानकारी न हो तो क्लेम में दिक़्क़त हो सकती है |
| सिलेंडर पर हाइड्रो टेस्ट की तारीख़ | तय समय पर जाँच न हुई तो सिलेंडर असुरक्षित हो सकता है |
सड़क परिवहन मंत्रालय ने CNG/LPG किट को RC में दर्ज करने के लिए Vahan पोर्टल पर “CNG Vahan Sewa” के ज़रिए प्रक्रिया की एडवाइज़री जारी की है। इस व्यवस्था में किट और सिलेंडर की जानकारी ऑनलाइन दर्ज होती है और उसके बाद RC में endorsement होता है।
ये ग़लतियाँ न करें: पुराना या बिना निशान वाला सिलेंडर न लगवाएँ, सिलेंडर पर वेल्डिंग या “जुगाड़” मरम्मत न कराएँ, और किसी दूसरी गाड़ी से निकला सिलेंडर बिना जाँच के न लगवाएँ। हाइड्रो टेस्ट हमेशा PESO से मान्यता प्राप्त केंद्र पर कराएँ।
पुरानी CNG गाड़ी ख़रीदते समय जाँच सूची
कम ख़र्च के कारण बहुत से परिवार और टैक्सी-ऑटो चालक पुरानी CNG गाड़ी ख़रीदते हैं। सस्ती गाड़ी तभी फ़ायदे का सौदा है जब उसकी गैस किट और सिलेंडर सुरक्षित हों।
| क्या जाँचें | कैसे |
|---|---|
| RC में CNG दर्ज | RC पर ईंधन में CNG लिखा हो, या बाद में लगी किट का endorsement हो |
| हाइड्रो टेस्ट | सिलेंडर का पिछला टेस्ट कब हुआ, सर्टिफ़िकेट और सिलेंडर पर लगी तारीख़ देखें; अगला टेस्ट 3 साल के भीतर |
| सिलेंडर की हालत | जंग, गड्ढे, उभार या वेल्डिंग के निशान न हों |
| किट का फ़िटमेंट सर्टिफ़िकेट | किसने किट लगाई, कब लगाई |
| बीमा | पॉलिसी में CNG किट दर्ज हो |
| लीक टेस्ट | किसी अधिकृत वर्कशॉप से ख़रीदने से पहले जाँच करवाएँ |
ये संकेत दिखें तो सौदा न करें: सिलेंडर पर वेल्डिंग या रंग से छिपाए गए निशान, बिना काग़ज़ की किट, विक्रेता का “काग़ज़ बाद में बन जाएँगे” कहना, या हाइड्रो टेस्ट की तारीख़ बहुत पहले निकल चुकी होना।
ख़रीदने के बाद RC ट्रांसफ़र के साथ बीमा भी अपने नाम कराएँ और CNG किट की जानकारी बीमा कंपनी को दें।

निष्कर्ष
यह सख़्ती परेशानी नहीं, सुरक्षा है। सिलेंडर की तारीख़ एक बार देख लेने में दो मिनट लगते हैं, और इससे स्टेशन पर लौटाए जाने की परेशानी और बड़े ख़तरे दोनों से बचाव होता है। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड Prevent Road Accidents भी पढ़ सकते हैं।
सड़क पर किसी मुसीबत में परिवार तक ख़बर पहुँचे, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए: मदद करने वाला उसे स्कैन करके आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक पहुँच सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 31 अगस्त 2026
स्रोत (Sources)
- New Indian Express, “No valid hydrotest, no fuel: Delhi CNG stations asked to tighten norms” (30 अगस्त 2026): https://www.newindianexpress.com/cities/delhi/2026/Aug/30/no-valid-hydrotest-no-fuel-delhi-cngstations-asked-to-tighten-norms
- गैस सिलेंडर नियम 2016 (संशोधन 2025 सहित, सरकारी वेबसाइट पर): https://thc.nic.in/Central%20Governmental%20Rules/Gas%20Cylinder%20Rules,%202016.pdf
- PESO, Gas Cylinder Rules 2016: https://www.peso.gov.in/web/en/gas-cylinder-rules-2016
- IOAGPL, CNG हाइड्रो टेस्टिंग: https://ioagpl.com/hydro-testing/
- PNGRB, “Learnings from recent incidents at CNG stations”: http://pngrb.gov.in/pdf/orders/GGL18022022-4.pdf
- MoRTH, CNG/LPG किट endorsement (CNG Vahan Sewa) एडवाइज़री: https://morth.nic.in/en/advisory-regarding-endorsement-cnglpg-kits-through-cng-vahan-sewa-letter-dated-15112018-0
- PESO, मान्यता प्राप्त CNG सिलेंडर टेस्टिंग स्टेशन: https://www.peso.gov.in/web/en/approved-cng-cylinders-testing-station
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या बिना हाइड्रो टेस्ट सर्टिफ़िकेट के CNG भरवाई जा सकती है?
PESO के निर्देश के बाद दिल्ली-NCR में स्टेशन ऐसी गाड़ियों में गैस भरने से मना कर सकते हैं। सर्टिफ़िकेट वैध रखें।
2. हाइड्रो टेस्ट में कितना ख़र्च आता है?
New Indian Express के अनुसार शहर में लगभग ₹500 से ₹3,000, जो सिलेंडर और सेंटर के हिसाब से अलग हो सकता है।
3. टेस्ट कितने साल में ज़रूरी है?
गैस सिलेंडर (संशोधन) नियम 2025 के अनुसार CNG सिलेंडरों के लिए हर तीन साल में।
4. यह नियम किन इलाक़ों में लागू है?
यह PESO निर्देश दिल्ली-NCR की CGD कंपनियों के लिए है। दूसरे शहरों में भी नियम के अनुसार वैध टेस्ट ज़रूरी है।
5. CNG लीक की पहचान कैसे करें?
गैस की तेज़ गंध, सिलेंडर या पाइप के पास सीटी जैसी आवाज़, या गैस का अचानक जल्दी ख़त्म होना लीक के संकेत हो सकते हैं; ऐसे में गाड़ी रोककर इंजन बंद करें और अधिकृत वर्कशॉप से जाँच कराएँ।


