सीधा जवाब: रविवार, 1 नवंबर 2026 की रात क़रीब 11 बजे हरियाणा के रोहतक में झज्जर-रोहतक रोड पर शिमली गांव के पास सड़क किनारे गाड़ी का टायर बदल रहे चार युवकों को एक तेज़ रफ़्तार कार ने टक्कर मार दी। दैनिक जागरण के अनुसार दो साथी टॉर्च जलाकर आने वाले वाहनों को इशारा कर रहे थे, फिर भी कार की रफ़्तार कम नहीं हुई। नगेंद्र (20), मुकेश (28) और भोला (27) की मौत हो गई और अंशुल गंभीर रूप से घायल है। कार चालक फ़रार है।
हादसा कैसे हुआ
सवालरोहतक के शिमली गांव के पास हादसा कैसे हुआ?
जवाब: जागरण के मुताबिक़ ढाका टेंट हाउस में काम करने वाले छह युवक झज्जर के बेरी गेट से टेंट का सामान गाड़ी में लादकर रोहतक लौट रहे थे। शिमली गांव के पास गाड़ी का टायर फट गया । चार युवक जैक लगाकर स्टेपनी बदलने लगे, जबकि सूरज और जितेश गाड़ी के पीछे खड़े होकर टॉर्च से पीछे से आने वाले वाहनों को इशारा कर रहे थे।
घायलों को लोगों की मदद से PGIMS रोहतक पहुँचाया गया, जहाँ तीन को मृत घोषित कर दिया गया। शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने अज्ञात कार चालक के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है। News18 के अनुसार तीनों अपने परिवारों में अकेले कमाने वाले थे; नगेंद्र के घर में अब सिर्फ़ उसकी माँ बची हैं।
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| तारीख़ और समय | 1 नवंबर 2026, रात क़रीब 11 बजे |
| जगह | शिमली गांव के पास, झज्जर-रोहतक रोड (हरियाणा) |
| कारण | टायर फटने पर सड़क किनारे स्टेपनी बदलते समय पीछे से टक्कर |
| मृतक | नगेंद्र (20, मैनपुरी), मुकेश (28, सीतापुर), भोला (27, रोहतक) |
| घायल | अंशुल, PGIMS में भर्ती |
| आरोपी | अज्ञात कार चालक, फ़रार |
रिपोर्टों में अंतर
सवालरिपोर्टों में क्या अलग बताया गया है?
जवाब: News18 हिंदी ने घायल की हालत के बारे में लिखा कि एक मज़दूर का हाथ टूट गया है, जबकि जागरण ने घायल अंशुल की हालत गंभीर बताई। News18 ने गाड़ी में चार मज़दूर बताए, जागरण ने छह (चार टायर बदल रहे थे, दो इशारा कर रहे थे)। हमने जागरण की विस्तृत रिपोर्ट को आधार बनाया है; पुलिस की आधिकारिक जानकारी को अंतिम मानें।

सड़क किनारे टायर कैसे बदलें
सवालसड़क किनारे टायर बदलते समय सुरक्षित कैसे रहें?
जवाब: इस हादसे में साथियों ने टॉर्च से चेतावनी दी, फिर भी तेज़ रफ़्तार ड्राइवर नहीं रुका। सड़क किनारे खड़ी गाड़ी के पास काम करना रात में सबसे ख़तरनाक है, इसलिए: टायर फटे तो स्टीयरिंग सीधा रखें, धीरे-धीरे रफ़्तार कम करें और गाड़ी को जितना हो सके सड़क से बाहर (कच्चे किनारे पर) ले जाएँ।; हैज़र्ड लाइट तुरंत चालू करें।
- टायर फटे तो स्टीयरिंग सीधा रखें, धीरे-धीरे रफ़्तार कम करें और गाड़ी को जितना हो सके सड़क से बाहर (कच्चे किनारे पर) ले जाएँ।
- हैज़र्ड लाइट तुरंत चालू करें।
- गाड़ी के पीछे कम से कम 50–100 मीटर दूर चेतावनी त्रिकोण या कोई चमकीली चीज़ रखें।
- जिस तरफ़ ट्रैफ़िक चल रहा है, उस तरफ़ का पहिया बदलना हो तो ख़ास सावधानी रखें; बाकी लोग गाड़ी से दूर, सड़क से हटकर खड़े हों, गाड़ी और सड़क के बीच नहीं।
- हाईवे पर हों तो ख़ुद टायर बदलने के बजाय 1033 (NHAI हेल्पलाइन) पर मदद माँगें।
सड़क किनारे खड़ी गाड़ी से टक्कर के ख़तरे पर हमारी पोस्ट गुरुग्राम में खड़ी बस से टकराई कार और एक्सप्रेसवे पर खड़े ट्रकों से पीछे से टक्कर भी पढ़ें।
जब टक्कर मारकर भाग जाए: हिट-एंड-रन मुआवज़ा
सवालअगर टक्कर मारने वाली गाड़ी का पता न चले तो मुआवज़ा मिलता है?
जवाब: कई हादसों में टक्कर मारने वाला वाहन पकड़ा नहीं जाता। ऐसे पीड़ितों के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने 25 फ़रवरी 2022 को "Compensation to Victims of Hit and Run Motor Accidents Scheme, 2022" अधिसूचित की, जो 1 अप्रैल 2022 से पुरानी सोलेशियम योजना, 1989 की जगह लागू है।
| स्थिति | पहले (सोलेशियम योजना) | अब (2022 योजना) |
|---|---|---|
| मृत्यु | ₹25,000 | ₹2,00,000 |
| गंभीर चोट | ₹12,500 | ₹50,000 |
कैसे आवेदन करें:
- हादसे की FIR या पुलिस रिपोर्ट की कॉपी लें, जिसमें लिखा हो कि वाहन का पता नहीं चला।
- इलाज के काग़ज़, मेडिकल रिपोर्ट और (मृत्यु के मामले में) पोस्टमार्टम रिपोर्ट व मृत्यु प्रमाण पत्र संभालकर रखें।
- योजना में दावा “Claims Enquiry Officer” के पास तय फ़ॉर्म में किया जाता है; मंज़ूरी “Claims Settlement Commissioner” देते हैं और राशि सीधे बैंक खाते में आती है। अपने इलाक़े के सही दफ़्तर की जानकारी पुलिस थाने या ज़िला प्रशासन से लें।
- बैंक खाते का विवरण और पहचान पत्र साथ रखें।
मंत्रालय के अनुसार आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया गया है। अगर बाद में वाहन पकड़ा जाता है, तो मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) में अलग से दावा भी किया जा सकता है।
रात में सफ़र: ज़्यादा सावधानी क्यों ज़रूरी
सवालरात में गाड़ी चलाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब: रात में दिखाई कम देता है, थकान और नींद का असर बढ़ जाता है, और सड़क किनारे बिना रोशनी के खड़े वाहन अचानक सामने आ जाते हैं। रात के सफ़र में ये आदतें मदद करती हैं: डिपर का सही इस्तेमाल: सामने से गाड़ी आए या आगे किसी गाड़ी के पीछे चल रहे हों, तो हाई-बीम से लो-बीम पर आएँ।
- डिपर का सही इस्तेमाल: सामने से गाड़ी आए या आगे किसी गाड़ी के पीछे चल रहे हों, तो हाई-बीम से लो-बीम पर आएँ। सामने की तेज़ रोशनी से बचने के लिए नज़र सड़क के बाएँ किनारे पर रखें।
- रफ़्तार हेडलाइट की पहुँच के भीतर: जितनी दूर रोशनी में दिख रहा है, उतनी दूरी में रुक पाने वाली रफ़्तार रखें।
- नींद से लड़ें नहीं, रुकें: जम्हाई, आँखें भारी होना या लेन से भटकना नींद के संकेत हैं। सुरक्षित जगह रुककर आराम करें।
- खड़े वाहनों से सावधान: हाईवे पर बिना लाइट खड़े ट्रक या ट्रैक्टर-ट्रॉली बड़ा ख़तरा हैं; दूर से रफ़्तार कम करें।
- अपनी गाड़ी को दिखने लायक रखें: हेडलाइट, टेल-लाइट, ब्रेक लाइट और रिफ़्लेक्टर साफ़ और चालू हों।
- शीशे साफ़: गंदा विंडस्क्रीन रात में रोशनी बिखेरता है।
| जोखिम | बचाव |
|---|---|
| सामने से चकाचौंध | नज़र बाएँ किनारे पर, रफ़्तार कम |
| नींद | रुककर आराम, संभव हो तो ड्राइवर बदलें |
| सड़क किनारे खड़ा वाहन | दूर से धीमे, ओवरटेक सोच-समझकर |
मदद करने वाले के अधिकार: डरिए नहीं
हादसे की जगह पर कई लोग इसलिए रुकते नहीं कि “पुलिस के चक्कर में पड़ जाएँगे”। यह डर दूर करने के लिए मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 में धारा 134A जोड़ी गई, और सड़क परिवहन मंत्रालय ने 29 सितंबर 2020 को गुड समैरिटन (नेक मददगार) के अधिकारों के नियम प्रकाशित किए। इनके अनुसार नेकनीयती से आपात मदद करने वाले व्यक्ति पर घायल की चोट या मौत के लिए दीवानी या आपराधिक कार्रवाई नहीं होती।
| मदद करने वाले का अधिकार | इसका मतलब |
|---|---|
| तुरंत जाने की छूट | पुलिस को सूचना देने या घायल को अस्पताल पहुँचाने के बाद आप जा सकते हैं |
| पहचान बताना ज़रूरी नहीं | पुलिस या कोई और व्यक्ति नाम, पता, फ़ोन नंबर बताने को मजबूर नहीं कर सकता |
| अस्पताल का ख़र्च नहीं | अस्पताल आपसे भर्ती की औपचारिकता या इलाज का ख़र्च नहीं माँग सकता |
| पावती (रसीद) | नाम बताना चाहें तो अस्पताल लिखित पावती दे सकता है |
| गवाह बनना मर्ज़ी से | गवाह बनना या न बनना आपकी पसंद है |
नियमों के मुताबिक़ हर सरकारी और निजी अस्पताल को इन अधिकारों का चार्टर हिंदी, अंग्रेज़ी और स्थानीय भाषा में प्रवेश द्वार या साफ़ दिखने वाली जगह पर और अपनी वेबसाइट पर लगाना होता है। अगर कोई अस्पताल या कर्मचारी परेशान करे, तो शांति से इन नियमों का ज़िक्र कीजिए। याद रखिए: आपकी कुछ मिनट की मदद किसी की ज़िंदगी बचा सकती है।

निष्कर्ष
शिमली का हादसा दिखाता है कि रात में सड़क किनारे कुछ मिनट का काम भी जानलेवा हो सकता है, और तेज़ रफ़्तार ड्राइवर चेतावनी को भी अनदेखा कर देता है। गाड़ी को सड़क से बाहर ले जाएँ, चेतावनी त्रिकोण रखें और ज़रूरत हो तो हेल्पलाइन बुलाएँ। हादसे की हालत में आपके परिवार तक तुरंत ख़बर पहुँचे, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाएँ; स्कैन करने वाला आपका नंबर देखे बिना इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को कॉल कर सकता है। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड REASONS FOR ROAD ACCIDENT IN INDIA भी पढ़ सकते हैं।
आख़िरी अपडेट: 4 नवंबर 2026
स्रोत (Sources)
- दैनिक जागरण, रोहतक में हादसा: टॉर्च दिखाते रहे साथी, तेज रफ्तार कार ने गाड़ी का टायर बदल रहे युवकों को कुचला; 3 की मौत (2 नवंबर 2026): https://www.jagran.com/haryana/rohtak-three-people-were-crushed-by-speeding-car-while-changing-tire-in-rohtak-on-road-side-despite-flashlight-signal-driver-refused-to-slow-down-40425276.html
- News18 हिंदी, रोहतक में हिट एंड रन: टायर बदल रहे 3 लोगों को तेज रफ्तार कार ने रौंदा (3 नवंबर 2026): https://hindi.news18.com/news/haryana/rohtak-hit-and-run-tragic-road-accident-three-workers-changing-tire-killed-by-car-ws-l-10960527.html
- दैनिक भास्कर, Rohtak Road Accident: https://www.bhaskar.com/local/haryana/rohtak/news/rohtak-shimli-road-accident-car-collision-death-up-residents-139572123.html
- PIB, हिट-एंड-रन पीड़ितों के मुआवज़े की नई योजना (25 फ़रवरी 2022): https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=1801698
- PIB, लोकसभा उत्तर: हिट-एंड-रन मुआवज़ा और Motor Vehicle Accident Fund: https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1845885
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
- PIB, “Rules published for protection of Good Samaritans” (GSR 594(E), 29 सितंबर 2020): https://pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1660551
- MoRTH, Good Samaritan नियम (प्रेस नोट/पाठ): https://morth.nic.in/sites/default/files/circulars_document/GOOD%20SAMARITIAN%20%28PRESS%20RELEASE%29.pdf
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. रोहतक हादसे में किनकी मौत हुई?
मैनपुरी के नगेंद्र (20), सीतापुर के मुकेश (28) और रोहतक के भोला (27) की मौत हुई। तीनों एक टेंट हाउस में काम करते थे।
2. क्या कार चालक पकड़ा गया?
अभी नहीं। पुलिस ने अज्ञात चालक के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर तलाश शुरू की है।
3. ड्राइवर न मिले तो परिवार को मुआवज़ा कैसे मिलेगा?
हिट-एंड-रन योजना में मौत पर ₹2 लाख और गंभीर चोट पर ₹50,000 मिलते हैं। आवेदन का तरीका यहाँ देखें।
4. रात में टायर फटे तो पहला काम क्या है?
गाड़ी को सड़क से हटाएँ, हैज़र्ड लाइट चालू करें, पीछे चेतावनी त्रिकोण रखें और सभी लोग सड़क से दूर खड़े हों।
5. गाड़ी का नंबर नोट न हो पाए तो क्या करें?
तुरंत 112 पर कॉल करें और गाड़ी का रंग, मॉडल, दिशा और समय बताएँ। आसपास के ढाबों, टोल प्लाज़ा और दुकानों के CCTV से पुलिस गाड़ी पहचान सकती है, इसलिए जगह और समय सही-सही बताना ज़रूरी है।
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