सीधा जवाब: सड़क परिवहन मंत्रालय के बयान (The Economic Times की 1 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट) के अनुसार NHAI ने वित्त वर्ष 2025-26 में 5,313 किमी नेशनल हाईवे का निर्माण किया, जो 4,640 किमी के लक्ष्य से लगभग 15% ज़्यादा है। हालाँकि यह 2024-25 के 5,614 किमी से थोड़ा कम है। 2025-26 में NHAI का पूँजीगत ख़र्च ₹2,44,362 करोड़ रहा, जो ₹2,38,384 करोड़ की बजटीय सहायता से 2.5% ज़्यादा है; अंतर के ₹5,978 करोड़ NHAI ने अपने संसाधनों से जुटाए।
आंकड़े एक नज़र में
| मद | आंकड़ा |
|---|---|
| 2025-26 में NHAI निर्माण | 5,313 किमी |
| 2025-26 लक्ष्य | 4,640 किमी |
| 2024-25 में NHAI निर्माण | 5,614 किमी |
| 2025-26 पूँजीगत ख़र्च (NHAI) | ₹2,44,362 करोड़ |
| बजटीय सहायता | ₹2,38,384 करोड़ |
रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय के कुल निर्माण में NHAI का हिस्सा लगभग 45% है। मंत्रालय की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट के हवाले से बताया गया कि दिसंबर 2025 तक मंत्रालय ने 4,989 किमी का निर्माण किया था।
बड़ी तस्वीर: निर्माण बनाम नए ठेके
सवालहाईवे निर्माण और नए ठेकों की रफ़्तार में क्या फ़र्क है?
जवाब: ET की रिपोर्ट यह भी बताती है कि दिसंबर 2025 तक 2,257 किमी के नए ठेके दिए गए थे, जबकि 2024-25 में कुल 7,538 किमी और 2015-25 के दस साल में औसतन 10,973 किमी सालाना के ठेके दिए गए थे। यानी नए प्रोजेक्ट देने की रफ़्तार धीमी रही, जिसका असर आने वाले सालों के निर्माण पर पड़ सकता है।

नए हाईवे = नई स्पीड, नए टोल, नए नियम
सवालनया हाईवे बनने से ड्राइवरों के लिए क्या बदलता है?
जवाब: आम ड्राइवर के लिए नया हाईवे तीन बदलाव लाता है: तेज़ रफ़्तार: चौड़ी, चिकनी सड़क पर स्पीड अपने-आप बढ़ जाती है। स्पीड लिमिट बोर्ड देखें; कई एक्सप्रेसवे पर कैमरे से ओवरस्पीड चालान बनते हैं।; नए टोल: हिस्सा पूरा होने पर NH फीस नियमों के तहत टोल शुरू हो सकता है।; एक्सेस कंट्रोल: कई एक्सप्रेसवे पर दोपहिया, तिपहिया और धीमे वाहनों की एंट्री बंद होती है।।
- तेज़ रफ़्तार: चौड़ी, चिकनी सड़क पर स्पीड अपने-आप बढ़ जाती है। स्पीड लिमिट बोर्ड देखें; कई एक्सप्रेसवे पर कैमरे से ओवरस्पीड चालान बनते हैं।
- नए टोल: हिस्सा पूरा होने पर NH फीस नियमों के तहत टोल शुरू हो सकता है।
- एक्सेस कंट्रोल: कई एक्सप्रेसवे पर दोपहिया, तिपहिया और धीमे वाहनों की एंट्री बंद होती है।
नए हाईवे पर सुरक्षित ड्राइविंग
सवालनए हाईवे पर सुरक्षित ड्राइविंग कैसे करें?
जवाब: लेन बदलने से पहले इंडिकेटर और मिरर।; भारी वाहन बाईं लेन में; ओवरटेक सिर्फ़ दाईं ओर से।; हर 2 घंटे पर रुकें; थकान और "हाईवे हिप्नोसिस" से बचें।; टायर प्रेशर सही रखें; तेज़ रफ़्तार पर कम हवा वाले टायर फट सकते हैं।; ब्रेकडाउन हो तो किनारे, हैज़र्ड लाइट, और लोग बैरियर के पार।।
- लेन बदलने से पहले इंडिकेटर और मिरर।
- भारी वाहन बाईं लेन में; ओवरटेक सिर्फ़ दाईं ओर से।
- हर 2 घंटे पर रुकें; थकान और “हाईवे हिप्नोसिस” से बचें।
- टायर प्रेशर सही रखें; तेज़ रफ़्तार पर कम हवा वाले टायर फट सकते हैं।
- ब्रेकडाउन हो तो किनारे, हैज़र्ड लाइट, और लोग बैरियर के पार।
हाईवे पर मदद और शिकायत के आधिकारिक रास्ते
सवालनेशनल हाईवे पर मदद या शिकायत के लिए कहाँ संपर्क करें?
जवाब: नेशनल हाईवे पर सफ़र करते समय मुसीबत आए या सड़क में कोई ख़राबी दिखे, तो इन आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें: हाईवे पर गाड़ी ख़राब, हादसा, सड़क पर रुकावट: NHAI हेल्पलाइन 1033; किसी भी आपात स्थिति (पुलिस, एम्बुलेंस, आग): 112; गड्ढे, टूटी सड़क, टोल या सुविधा से जुड़ी शिकायत: NHAI का राजमार्गयात्रा ऐप; FASTag से ग़लत कटौती: FASTag जारी करने वाला बैंक, और 1033
| ज़रूरत | कहाँ संपर्क करें |
|---|---|
| हाईवे पर गाड़ी ख़राब, हादसा, सड़क पर रुकावट | NHAI हेल्पलाइन 1033 |
| किसी भी आपात स्थिति (पुलिस, एम्बुलेंस, आग) | 112 |
| गड्ढे, टूटी सड़क, टोल या सुविधा से जुड़ी शिकायत | NHAI का राजमार्गयात्रा ऐप |
| FASTag से ग़लत कटौती | FASTag जारी करने वाला बैंक, और 1033 |
राजमार्गयात्रा NHAI का नागरिक-केंद्रित ऐप है, जिसमें हाईवे से जुड़ी जानकारी, आसपास की सुविधाएँ और शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है।
कॉल करते समय क्या बताएँ: हाईवे का नंबर (जैसे NH-48), किस शहर से किस शहर की ओर जा रहे हैं, नज़दीकी किलोमीटर पत्थर, टोल प्लाज़ा, ढाबा या पुल, और क्या मदद चाहिए। जितनी सटीक जानकारी, उतनी जल्दी मदद।
शिकायत करते समय: तस्वीर लें (सुरक्षित जगह से), जगह का नाम लिखें और शिकायत नंबर संभालकर रखें, ताकि बाद में उसकी स्थिति देख सकें।
मदद करने वाले के अधिकार: डरिए नहीं
सवालघायल की मदद करने पर क्या पुलिस परेशान कर सकती है?
जवाब: हादसे की जगह पर कई लोग इसलिए रुकते नहीं कि "पुलिस के चक्कर में पड़ जाएँगे"। यह डर दूर करने के लिए मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 में धारा 134A जोड़ी गई, और सड़क परिवहन मंत्रालय ने 29 सितंबर 2020 को गुड समैरिटन (नेक मददगार) के अधिकारों के नियम प्रकाशित किए।
| मदद करने वाले का अधिकार | इसका मतलब |
|---|---|
| तुरंत जाने की छूट | पुलिस को सूचना देने या घायल को अस्पताल पहुँचाने के बाद आप जा सकते हैं |
| पहचान बताना ज़रूरी नहीं | पुलिस या कोई और व्यक्ति नाम, पता, फ़ोन नंबर बताने को मजबूर नहीं कर सकता |
| अस्पताल का ख़र्च नहीं | अस्पताल आपसे भर्ती की औपचारिकता या इलाज का ख़र्च नहीं माँग सकता |
| पावती (रसीद) | नाम बताना चाहें तो अस्पताल लिखित पावती दे सकता है |
| गवाह बनना मर्ज़ी से | गवाह बनना या न बनना आपकी पसंद है |
नियमों के मुताबिक़ हर सरकारी और निजी अस्पताल को इन अधिकारों का चार्टर हिंदी, अंग्रेज़ी और स्थानीय भाषा में प्रवेश द्वार या साफ़ दिखने वाली जगह पर और अपनी वेबसाइट पर लगाना होता है। अगर कोई अस्पताल या कर्मचारी परेशान करे, तो शांति से इन नियमों का ज़िक्र कीजिए। याद रखिए: आपकी कुछ मिनट की मदद किसी की ज़िंदगी बचा सकती है।
हादसे की जगह पर पहले 10 मिनट: क्या करें
चोट लगने के बाद का पहला घंटा सबसे क़ीमती माना जाता है, इसलिए हादसे की जगह पर मौजूद आम लोग बहुत कुछ कर सकते हैं। ज़रूरी है कि मदद करते हुए आप ख़ुद सुरक्षित रहें।
- अपनी सुरक्षा पहले: अपनी गाड़ी सड़क से हटाकर रोकें, हैज़र्ड लाइट जलाएँ। रात या कोहरे में पीछे से आ रहे वाहनों को इशारा करने के लिए किसी को दूर खड़ा करें।
- 112 पर कॉल करें: जगह का नाम, नज़दीकी पहचान (पुल, ढाबा, पेट्रोल पंप, किलोमीटर पत्थर) और घायलों की संख्या बताएँ।
- इंजन बंद कराएँ: हादसे वाली गाड़ी का इंजन बंद करवाएँ। ईंधन या गैस की गंध आए तो बीड़ी-सिगरेट और चिंगारी से दूर रहें।
- बिना ज़रूरत न हिलाएँ: गर्दन या रीढ़ में चोट की आशंका हो तो घायल को तभी हटाएँ जब आग या दूसरी गाड़ी से तुरंत ख़तरा हो।
- ख़ून रोकें: बहते ख़ून पर साफ़ कपड़े से लगातार दबाव रखें।
- होश में रखें: घायल से बात करते रहें, भीड़ हटाएँ ताकि हवा मिले। बेहोश व्यक्ति के मुँह में पानी न डालें।
- अस्पताल पहुँचाएँ: एम्बुलेंस देर से आए और घायल को ले जाना सुरक्षित हो, तो नज़दीकी अस्पताल ले जाएँ।
वीडियो बनाने से ज़्यादा ज़रूरी है मदद करना। अगर आप ख़ुद कुछ नहीं कर सकते, तो कम से कम सही जगह और जानकारी के साथ 112 पर कॉल ज़रूर करें।

निष्कर्ष
हाईवे का जाल तेज़ी से बढ़ रहा है। सड़कें बेहतर हों, तो ज़िम्मेदारी भी बढ़ती है: स्पीड लिमिट, लेन अनुशासन और आराम। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड TRAFFIC RULES EVERYONE MUST FOLLOW भी पढ़ सकते हैं।
लंबे सफ़र में किसी भी मुश्किल के लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए। मदद करने वाला उसे स्कैन करके आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक पहुँच सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 3 अप्रैल 2026
स्रोत (Sources)
- The Economic Times, “NHAI surpasses target; constructs 5313 km in 2025-26” (1 अप्रैल 2026): https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/roadways/nhai-surpasses-target-constructs-5313-km-in-2025-26/articleshow/129954210.cms
- NHAI: https://nhai.gov.in/
- MoRTH: https://morth.gov.in/
- NHAI राजमार्गयात्रा: https://rajmargyatra.nhai.gov.in/
- राजमार्गयात्रा, About Us: https://rajmargyatra.nhai.gov.in/aboutus
- PIB, “Rules published for protection of Good Samaritans” (GSR 594(E), 29 सितंबर 2020): https://pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1660551
- MoRTH, Good Samaritan नियम (प्रेस नोट/पाठ): https://morth.nic.in/sites/default/files/circulars_document/GOOD%20SAMARITIAN%20%28PRESS%20RELEASE%29.pdf
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. 2025-26 में NHAI ने कितने किमी हाईवे बनाए?
5,313 किमी (लक्ष्य 4,640 किमी)।
2. क्या यह पिछले साल से ज़्यादा है?
नहीं, 2024-25 में 5,614 किमी बने थे।
3. नए हाईवे पर टोल कब शुरू होता है?
NH फीस नियम, 2008 और संबंधित अधिसूचना के अनुसार।
4. मंत्रालय के कुल निर्माण में NHAI का हिस्सा कितना है?
ET की रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय के कुल हाईवे निर्माण में NHAI का हिस्सा लगभग 45% है।
5. नेशनल हाईवे की हेल्पलाइन कौन-सी है?
NHAI की राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 है; आपात स्थिति में 112 पर भी कॉल करें। शिकायत राजमार्गयात्रा ऐप से भी दर्ज की जा सकती है।


