सीधा जवाब: मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को तीन अलग-अलग शहरों में बसों से जुड़े हादसे रिपोर्ट हुए। कुशीनगर (पडरौना) में रोडवेज की ख़ाली बस लगभग 5 किमी तक बेकाबू दौड़ती रही, जिसमें एक युवती की मौत और 17 लोग घायल हुए; पुलिस ने नशे में धुत बताए जा रहे चालक को पकड़ा। भोपाल के VIP रोड पर RGPV के छात्रों-कर्मचारियों को ले जा रही बस डिवाइडर और बिजली के खंभे से टकराकर पलटी, 11 लोग घायल हुए। चेन्नई में MTC बस ने मद्रास हाई कोर्ट के पास लगभग 9 खड़ी कारों को टक्कर मारी; कोई घायल नहीं हुआ। तीनों मामलों की जाँच चल रही है।
तीन हादसे: क्या हुआ?
सवाल27 अक्टूबर 2026 को कौन-से तीन बस हादसे हुए?
जवाब: कुशीनगर (पडरौना), UP: 27 अक्टूबर शाम: सवारी उतारकर लौट रही पडरौना डिपो की ख़ाली रोडवेज बस ने ई-रिक्शा, कार, ऑटो और राहगीरों को टक्कर मारी; पुलिस ने रवींद्रनगर धूस थाने के सामने बैरिकेडिंग कर बस रोकी: 1 युवती (निजी अस्पताल में नर्स) की मौत, 17 घायल, 3 की हालत गंभीर (हिन्दुस्तान): रिपोर्ट के अनुसार चालक नशे में धुत था; पुलिस मेडिकल जाँच और कारणों की पड़ताल कर रही है; भोपाल,…
| शहर | कब | क्या हुआ | नुक़सान | ड्राइवर पर क्या रिपोर्ट हुआ |
|---|---|---|---|---|
| कुशीनगर (पडरौना), UP | 27 अक्टूबर शाम | सवारी उतारकर लौट रही पडरौना डिपो की ख़ाली रोडवेज बस ने ई-रिक्शा, कार, ऑटो और राहगीरों को टक्कर मारी; पुलिस ने रवींद्रनगर धूस थाने के सामने बैरिकेडिंग कर बस रोकी | 1 युवती (निजी अस्पताल में नर्स) की मौत, 17 घायल, 3 की हालत गंभीर (हिन्दुस्तान) | रिपोर्ट के अनुसार चालक नशे में धुत था; पुलिस मेडिकल जाँच और कारणों की पड़ताल कर रही है |
| भोपाल, MP | 27 अक्टूबर, सुबह क़रीब 10:30 बजे | राजा भोज प्रतिमा और करबला के बीच मोड़ पर RGPV की किराए की बस डिवाइडर पर चढ़ी, खंभे से टकराकर पलटी | 11 घायल (8 छात्र, 3 कर्मचारी), 3 छात्र गंभीर | छात्रों का आरोप: 30 मिनट देरी की भरपाई के लिए तेज़ रफ़्तार; चालक का दावा: स्टीयरिंग जाम हुआ; चालक हिरासत में |
| चेन्नई, TN | 27 अक्टूबर, सुबह क़रीब 11:30 बजे | रूट 109A की MTC बस NSC बोस रोड पर खड़ी कारों से टकराकर डिवाइडर पर चढ़ी | लगभग 9 कारें क्षतिग्रस्त, कोई घायल नहीं | मेडिकल जाँच में नशा नहीं पाया गया; चालक का दावा: ब्रेक फ़ेल; BNS धारा 281 (लापरवाह ड्राइविंग) में केस |
अलग-अलग अख़बारों में कुशीनगर के घायलों की संख्या और मृतका के नाम में फ़र्क है, इसलिए यहाँ हिन्दुस्तान की विस्तृत रिपोर्ट के आंकड़े दिए हैं। ड्राइवरों के दावे (स्टीयरिंग जाम, ब्रेक फ़ेल) जाँच के विषय हैं; अंतिम कारण पुलिस और तकनीकी जाँच से ही तय होगा।
भोपाल हादसे से सबक: यात्रियों की चेतावनी
The Times of India के अनुसार भोपाल हादसे से लगभग दो मिनट पहले एक छात्र ने दोस्त को मैसेज किया था कि बस बहुत तेज़ चल रही है, और छात्रों ने ड्राइवर से कई बार धीमा चलने को कहा था। यह दिखाता है कि यात्री अक्सर ख़तरा पहले भाँप लेते हैं; ज़रूरत है कि उस चेतावनी पर तुरंत कार्रवाई का रास्ता हो, जैसे संस्था के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज या 112 को फ़ोन।

क़ानून क्या कहता है?
सवालनशे या तेज़ रफ़्तार में बस चलाने पर क़ानून क्या कहता है?
जवाब: नशे में ड्राइविंग (धारा 185): पहली बार ₹10,000 तक जुर्माना और/या 6 महीने तक जेल; दोबारा ₹15,000 और 2 साल तक जेल।; ख़तरनाक ड्राइविंग (धारा 184): पहली बार ₹1,000–₹5,000 और/या 6 महीने से 1 साल तक जेल।; भारतीय न्याय संहिता की धारा 281: सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही या जल्दबाज़ी से गाड़ी चलाने का अपराध, जिसमें चेन्नई के चालक पर केस दर्ज हुआ।।
- नशे में ड्राइविंग (धारा 185): पहली बार ₹10,000 तक जुर्माना और/या 6 महीने तक जेल; दोबारा ₹15,000 और 2 साल तक जेल।
- ख़तरनाक ड्राइविंग (धारा 184): पहली बार ₹1,000–₹5,000 और/या 6 महीने से 1 साल तक जेल।
- भारतीय न्याय संहिता की धारा 281: सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही या जल्दबाज़ी से गाड़ी चलाने का अपराध, जिसमें चेन्नई के चालक पर केस दर्ज हुआ।
पूरी फ़ाइन लिस्ट: ट्रैफ़िक चालान जुर्माना 2026। पहले के बस हादसों पर हमारी रिपोर्टें: गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर AC बस की टक्कर और पंजाब: श्रद्धालुओं की बस खंभे से टकराकर पलटी।
बस में सफ़र करते समय यात्री क्या करें
सवालबस ड्राइवर तेज़ या लापरवाही से चला रहा हो तो यात्री क्या करें?
जवाब: बैठते ही इमरजेंसी गेट/खिड़की देख लें और उसके आगे सामान न रखने दें।; ड्राइवर बहुत तेज़, लहराकर या नशे में लगे तो शांति से कंडक्टर/ड्राइवर से कहें; न सुने तो 112 पर फ़ोन करें और बस नंबर बताएँ।; कॉलेज या स्कूल बस हो तो संस्था के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज को तुरंत सूचना दें; अभिभावक और छात्र मिलकर रफ़्तार की शिकायत लिखित में दें।
- बैठते ही इमरजेंसी गेट/खिड़की देख लें और उसके आगे सामान न रखने दें।
- ड्राइवर बहुत तेज़, लहराकर या नशे में लगे तो शांति से कंडक्टर/ड्राइवर से कहें; न सुने तो 112 पर फ़ोन करें और बस नंबर बताएँ।
- कॉलेज या स्कूल बस हो तो संस्था के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज को तुरंत सूचना दें; अभिभावक और छात्र मिलकर रफ़्तार की शिकायत लिखित में दें। बच्चों की बसों के नियम: स्कूल वैन और बस के नियम।
- हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुँचाने में मदद करें; गुड समैरिटन नियम मदद करने वालों को क़ानूनी सुरक्षा देते हैं।
- सड़क पर चलते या खड़े हों तो बड़ी गाड़ियों के रास्ते और मोड़ से दूरी रखें; बेकाबू गाड़ी के सामने रुकने का समय नहीं मिलता।
बस यात्री अपनी सुरक्षा के लिए क्या करें
सवालबस में सफ़र करते समय अपनी सुरक्षा के लिए क्या करें?
जवाब: लंबी दूरी की बसों, ख़ासकर रात की स्लीपर बसों में यात्री अक्सर सबसे ज़्यादा असहाय होते हैं। कुछ आदतें मुश्किल समय में फ़र्क़ ला सकती हैं: बैठते ही रास्ता पहचानें: मुख्य दरवाज़ा, आपातकालीन खिड़की/दरवाज़ा और शीशा तोड़ने वाला हथौड़ा कहाँ है, यह देख लें। स्लीपर बस में अपनी बर्थ से निकलने का रास्ता समझ लें।
- बैठते ही रास्ता पहचानें: मुख्य दरवाज़ा, आपातकालीन खिड़की/दरवाज़ा और शीशा तोड़ने वाला हथौड़ा कहाँ है, यह देख लें। स्लीपर बस में अपनी बर्थ से निकलने का रास्ता समझ लें।
- गलियारा ख़ाली रखें: बैग, बोरी या सामान रास्ते में न रखें; आग या पलटने की हालत में यही रास्ता जान बचाता है।
- ज्वलनशील सामान नहीं: पेट्रोल, गैस सिलेंडर, पटाखे जैसी चीज़ें बस में न ले जाएँ, और कोई ले जा रहा हो तो कंडक्टर को बताएँ।
- ड्राइवर को टोकें: तेज़ रफ़्तार, फ़ोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाना या थका हुआ ड्राइवर दिखे तो विनम्रता से टोकें; ज़रूरत हो तो 112 पर सूचना दें।
- सीटबेल्ट हो तो लगाएँ: जिन बसों में सीटबेल्ट है, उनका इस्तेमाल करें।
- टिकट और बस नंबर संभालें: परिवार को बस का नंबर और यात्रा का समय भेज दें।
| आपात स्थिति | क्या करें |
|---|---|
| धुआँ या जलने की गंध | ड्राइवर को तुरंत रुकने को कहें, सबको जगाएँ |
| आग | सामान छोड़कर नज़दीकी रास्ते से निकलें, धुएँ में झुककर चलें |
| बस पलटी | पहले बच्चों और बुज़ुर्गों को निकालने में मदद करें, फिर बस से दूर हटें |
बाहर निकलकर 112 पर कॉल करें और जगह की सटीक पहचान बताएँ।
शराब पीकर गाड़ी नहीं: घर पहुँचने के सुरक्षित विकल्प
सवालशराब पीने के बाद घर कैसे पहुँचें?
जवाब: धारा 185 के तहत ख़ून में 30 mg प्रति 100 ml से ज़्यादा अल्कोहल के साथ गाड़ी चलाना अपराध है। 2019 संशोधन के बाद पहली बार 6 महीने तक जेल या ₹10,000 तक जुर्माना या दोनों, और 3 साल के भीतर दोबारा पकड़े जाने पर 2 साल तक जेल या ₹15,000 तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। लेकिन असली ख़तरा जुर्माना नहीं, हादसा है।
| विकल्प | कब काम आता है |
|---|---|
| डेज़िग्नेटेड ड्राइवर | ग्रुप में कोई एक व्यक्ति पूरी शाम शराब न पिए और सबको घर छोड़े |
| कैब/ऑटो | शहर में, देर रात भी |
| मेट्रो/बस | आख़िरी सेवा का समय पहले देख लें |
| वहीं रुक जाना | शादी या दूर के समारोह में |
| परिवार को बुलाना | पास में रहते हों |
कुछ ग़लतफ़हमियाँ: कॉफ़ी, ठंडा पानी या खाना खाने से ख़ून में अल्कोहल जल्दी कम नहीं होता; शरीर को समय चाहिए। “बस एक पेग” भी शरीर, वज़न और खाली पेट के हिसाब से सीमा पार करा सकता है। देर रात तक पीने के बाद अगली सुबह भी शरीर में अल्कोहल रह सकता है।
दोस्त ज़िद करे तो: चाबी अपने पास ले लें, कैब बुक कर दें, और उसकी गाड़ी में न ख़ुद बैठें, न दूसरों को बैठने दें।

निष्कर्ष
तीनों हादसों की वजहें अलग बताई जा रही हैं: नशा, तेज़ रफ़्तार, या तकनीकी ख़राबी का दावा। लेकिन सबक एक है: बस ऑपरेटर ड्राइवरों की जाँच (नशा, थकान, समय का दबाव) और बसों की नियमित तकनीकी जाँच गंभीरता से करें, और यात्री ख़तरा दिखते ही बोलें। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड REASONS FOR ROAD ACCIDENT IN INDIA भी पढ़ सकते हैं।
हादसे की स्थिति में मदद करने वाले लोग आपके परिवार तक तुरंत पहुँच सकें, इसके लिए अपनी गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए। स्कैन करने पर कॉल, WhatsApp और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट के बटन मिलते हैं, और आपका नंबर किसी को दिखता नहीं।
आख़िरी अपडेट: 28 अक्टूबर 2026
स्रोत (Sources)
- हिन्दुस्तान, “Kushinagar News: कुशीनगर में काल बनकर दौड़ी बस, युवती की मौत, 17 घायल” (28 अक्टूबर 2026): https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/kushinagar/story-kushinagar-roadways-bus-runs-amok-in-padrauna-one-dead-and-17-injured-201793128019209.html
- अमर उजाला, “कुशीनगर में रोडवेज बस का कहर” (27 अक्टूबर 2026): https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/kushinagar/roadways-bus-driver-ran-over-several-people-one-person-died-and-many-others-were-injured-in-kushinagar-2026-10-27
- The Times of India, “‘It’s going too fast’: Student’s message minutes before RGPV bus flips, 11 injured” (28 अक्टूबर 2026): https://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/its-going-too-fast-students-message-minutes-before-rgpv-bus-flips-11-injured/articleshow/135244650.cms
- Free Press Journal, “Bhopal Bus Accident: Running Late, Speeding College Bus Rams Into Divider On VIP Road”: https://www.freepressjournal.in/bhopal/bhopal-bus-accident-running-late-speeding-college-bus-rams-into-divider-on-vip-road-students-staff-injured
- The New Indian Express, “MTC bus rams 9 cars near Madras HC, driver arrested for rash driving” (28 अक्टूबर 2026): https://www.newindianexpress.com/cities/chennai/2026/Oct/28/mtc-bus-rams-9-cars-near-madras-hc-driver-arrested-for-rash-driving
- The Hindu, “MTC bus crashes into parked cars near High Court”: https://www.thehindu.com/news/cities/chennai/mtc-bus-crashes-into-parked-cars-near-high-court/article71632282.ece
- मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019, भारत का राजपत्र (धारा 184, 185): https://egazette.gov.in/WriteReadData/2019/210413.pdf
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
- The Indian Express, नए ट्रैफ़िक जुर्माने (1 सितंबर 2019): https://indianexpress.com/article/india/new-traffic-fines-list-motor-vehicles-act-2019-5955543/
- PIB, मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के प्रावधान (सारांश): https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/MVA.pdf
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. कुशीनगर हादसे में क्या हुआ?
27 अक्टूबर 2026 की शाम पडरौना में रोडवेज की ख़ाली बस लगभग 5 किमी तक बेकाबू दौड़ी और कई गाड़ियों व लोगों को टक्कर मारी। हिन्दुस्तान के अनुसार एक युवती की मौत हुई और 17 घायल हुए; पुलिस ने बैरिकेडिंग कर बस रोकी और चालक को पकड़ा।
2. भोपाल में RGPV की बस कैसे पलटी?
VIP रोड पर एक मोड़ पर बस डिवाइडर पर चढ़कर बिजली के खंभे से टकराई और पलट गई। छात्रों ने तेज़ रफ़्तार का आरोप लगाया; चालक ने स्टीयरिंग जाम होने का दावा किया। 11 लोग घायल हुए।
3. चेन्नई में MTC बस हादसे में कोई घायल हुआ?
नहीं। The New Indian Express के अनुसार लगभग 9 खड़ी कारें क्षतिग्रस्त हुईं, कोई घायल नहीं हुआ। चालक ने ब्रेक फ़ेल होने का दावा किया; जाँच चल रही है।
4. बस ड्राइवर की शिकायत कहाँ करें?
आपात स्थिति में तुरंत 112 पर फ़ोन करें। सरकारी बस (रोडवेज/नगर बस) हो तो बस नंबर और रूट नोट करके संबंधित परिवहन निगम की हेल्पलाइन या डिपो में लिखित शिकायत दें; निजी/कॉलेज बस हो तो संस्था और नज़दीकी थाने को सूचना दें।
5. बस में आग लगे तो सबसे पहले क्या करें?
घबराएँ नहीं, सामान छोड़कर सबसे नज़दीकी दरवाज़े, आपातकालीन खिड़की या दरवाज़े से निकलें, धुएँ में झुककर चलें और बाहर निकलकर बस से दूर खड़े होकर 112 पर कॉल करें।


