सीधा जवाब: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने 23 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि सर्दी में कोहरे को देखते हुए 1 नवंबर 2026 से 15 फ़रवरी 2027 तक (या कोहरा कम होने तक) उसके एक्सप्रेसवे पर अधिकतम स्पीड चरणों में घटाई जाएगी। कार (LMV/M-1) के लिए 1 से 15 नवंबर तक दिन (सुबह 8 से रात 8) में 100 किमी/घंटा और रात में 80 किमी/घंटा; 15 नवंबर से दिन में 80 और रात में 60 किमी/घंटा होगी। बसों और ट्रकों के लिए सीमा इससे भी कम है। यह नियम आगरा–लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे पर लागू होगा।
किन एक्सप्रेसवे पर लागू होगा?
यूपीडा की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ये उपाय यूपीडा के इन एक्सप्रेसवे पर लागू होंगे:
- आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे
- गंगा एक्सप्रेसवे
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ख़ास ध्यान उन हिस्सों पर रहेगा जहाँ घना कोहरा और कम दृश्यता की आशंका ज़्यादा रहती है, जैसे मोड़ और नदियों-नालों के पास वाले हिस्से।
ध्यान दें: नोएडा–ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे यूपीडा की इस सूची में नहीं हैं। इन पर स्पीड लिमिट संबंधित प्राधिकरण और ट्रैफ़िक पुलिस तय करते हैं, इसलिए वहाँ के लिए उनकी अलग घोषणा देखें।
कार और जीप (LMV और M-1) के लिए नई सीमा
सवालकार चलाने वालों के लिए नई स्पीड लिमिट कितनी है?
जवाब: 1 से 15 नवंबर 2026: 100 किमी/घंटा: 80 किमी/घंटा; 15 नवंबर 2026 से 15 फ़रवरी 2027: 80 किमी/घंटा: 60 किमी/घंटा यानी नवंबर के दूसरे पखवाड़े से रात में कार की अधिकतम स्पीड 60 किमी/घंटा रहेगी। लंबी यात्रा की योजना बनाते समय इसी हिसाब से समय जोड़ें।
| अवधि | दिन (सुबह 8 से रात 8) | रात (रात 8 से सुबह 8) |
|---|---|---|
| 1 से 15 नवंबर 2026 | 100 किमी/घंटा | 80 किमी/घंटा |
| 15 नवंबर 2026 से 15 फ़रवरी 2027 | 80 किमी/घंटा | 60 किमी/घंटा |

बस और ट्रक के लिए सीमा
सवालबस और ट्रक के लिए कोहरे में कितनी स्पीड तय है?
जवाब: बस (M-2 और M-3 श्रेणी): 1 से 15 नवंबर: 80 किमी/घंटा: 60 किमी/घंटा; उसके बाद: 60 किमी/घंटा: 50 किमी/घंटा मालवाहक वाहन (ट्रक आदि): शुरुआती अवधि (1 से 15 नवंबर): 60 किमी/घंटा: 50 किमी/घंटा; 15 नवंबर से: 50 किमी/घंटा: 40 किमी/घंटा यूपीडा ने कहा है कि इन सीमाओं का प्रचार अख़बारों, इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड और दूसरे माध्यमों से किया जाएगा।
| अवधि | दिन | रात |
|---|---|---|
| 1 से 15 नवंबर | 80 किमी/घंटा | 60 किमी/घंटा |
| उसके बाद | 60 किमी/घंटा | 50 किमी/घंटा |
| अवधि | दिन | रात |
|---|---|---|
| शुरुआती अवधि (1 से 15 नवंबर) | 60 किमी/घंटा | 50 किमी/घंटा |
| 15 नवंबर से | 50 किमी/घंटा | 40 किमी/घंटा |
50 मीटर से कम दृश्यता में क्या होगा?
सवालघने कोहरे में गाड़ी रोकी क्यों जाएगी?
जवाब: विज्ञप्ति के अनुसार अगर दृश्यता 50 मीटर से कम हो और कोई वाहन चलता रहे, तो सुरक्षा टीम पुलिस के साथ मिलकर ऐसे वाहनों की पहचान करेगी। उन्हें पास के टोल प्लाज़ा, वे-साइड सुविधा, पेट्रोल पंप या रेस्टोरेंट तक पहुँचने का रास्ता बताया जाएगा। ज़रूरत पड़ने पर वाहनों को वहाँ इकट्ठा करके काफ़िले (convoy) में आगे भेजा जाएगा। इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई जाएगी।
इसका सीधा मतलब है: बहुत घने कोहरे में “किसी तरह पहुँच जाएँ” वाली सोच छोड़ें। रुकना ही सुरक्षित विकल्प है, और अब व्यवस्था भी यही कहती है।
नियम कैसे लागू होगा?
सवालनई स्पीड लिमिट का पालन कैसे करवाया जाएगा?
जवाब: ATMS कैमरे: एक्सप्रेसवे पर लगे स्वचालित यातायात प्रबंधन सिस्टम (ATMS) की स्पीड निगरानी को नई सीमाओं के हिसाब से सेट किया जाएगा, ताकि उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई हो सके।; 24×7 गश्त: सुरक्षा और गश्ती दल चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे; एंबुलेंस और गश्ती वाहनों की तेज़ तैनाती की व्यवस्था होगी।; जागरूकता: टोल प्लाज़ा पर पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम से घोषणाएँ, रेडियो/FM पर सलाह, और प्रवेश-निकास बिंदुओं पर साइनबोर्ड।
- ATMS कैमरे: एक्सप्रेसवे पर लगे स्वचालित यातायात प्रबंधन सिस्टम (ATMS) की स्पीड निगरानी को नई सीमाओं के हिसाब से सेट किया जाएगा, ताकि उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई हो सके।
- 24×7 गश्त: सुरक्षा और गश्ती दल चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे; एंबुलेंस और गश्ती वाहनों की तेज़ तैनाती की व्यवस्था होगी।
- जागरूकता: टोल प्लाज़ा पर पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम से घोषणाएँ, रेडियो/FM पर सलाह, और प्रवेश-निकास बिंदुओं पर साइनबोर्ड।
- सड़क पर सुधार: रिफ़्लेक्टिव टेप और साइनबोर्ड की जाँच, प्रवेश-निकास बिंदुओं पर फ़ॉग लाइट, संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त संकेत और ब्लिंकर।
- समय-सीमा: सभी एजेंसियों को तैयारियाँ पूरी करने के लिए 31 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा दी गई है।
स्पीड लिमिट तोड़ी तो क्या होगा?
ओवरस्पीडिंग पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 183 के तहत चालान होता है। कैमरे से हुआ चालान सीधे आपकी गाड़ी के नंबर पर ई-चालान के रूप में आता है। सबसे बड़ा जोखिम चालान नहीं, कोहरे में आगे खड़ी गाड़ी से टक्कर है: 100 किमी/घंटा पर गाड़ी हर सेकंड लगभग 28 मीटर चलती है, यानी 50 मीटर की दृश्यता में आपके पास दो सेकंड से भी कम समय होता है।
कोहरे में यात्रा से पहले चेकलिस्ट
- निकलने से पहले मौसम और कोहरे की चेतावनी देखें; हो सके तो सुबह के घने कोहरे वाले घंटे टालें।
- हेडलाइट लो-बीम पर रखें, फ़ॉग लैंप और पीछे की लाइटें काम कर रही हों।
- विंडशील्ड, वाइपर और डीफ़ॉगर ठीक रखें।
- आगे वाली गाड़ी से सामान्य से कहीं ज़्यादा दूरी रखें; लेन बार-बार न बदलें।
- गाड़ी में चेतावनी तिकोन, टॉर्च और फ़ोन चार्जर रखें।
- अपने परिवार को रूट और पहुँचने का अनुमानित समय बताकर निकलें।
कोहरे में गाड़ी चलाने के व्यावहारिक तरीके
सवालघने कोहरे में गाड़ी कैसे चलाएँ?
जवाब: घने कोहरे में सामने कुछ मीटर तक ही दिखता है, और तेज़ रफ़्तार में कई गाड़ियों की एक के बाद एक टक्कर (पाइल-अप) हो जाती है। रफ़्तार इतनी कि दिखने वाली दूरी में रुक सकें: जितना आगे दिख रहा है, उतनी दूरी में गाड़ी रोक पाना ज़रूरी है।; लो-बीम और फ़ॉग लैंप: हाई-बीम कोहरे में रोशनी वापस आँखों में फेंकती है। लो-बीम और (अगर लगे हों) फ़ॉग लैंप जलाएँ।
- रफ़्तार इतनी कि दिखने वाली दूरी में रुक सकें: जितना आगे दिख रहा है, उतनी दूरी में गाड़ी रोक पाना ज़रूरी है।
- लो-बीम और फ़ॉग लैंप: हाई-बीम कोहरे में रोशनी वापस आँखों में फेंकती है। लो-बीम और (अगर लगे हों) फ़ॉग लैंप जलाएँ।
- ज़्यादा दूरी: आगे वाली गाड़ी से सामान्य से कहीं ज़्यादा दूरी रखें।
- हैज़र्ड लाइट चलते हुए नहीं: चलती गाड़ी में हैज़र्ड लाइट से पीछे वाले को लगता है कि आप रुके हैं; इसे सिर्फ़ रुकने पर जलाएँ।
- सड़क पर न रुकें: रुकना ज़रूरी हो तो सड़क से पूरी तरह हटकर, हैज़र्ड लाइट के साथ।
- सफ़ाई और डीफ़ॉगर: विंडस्क्रीन, हेडलाइट और पीछे की लाइटें साफ़ रखें, डीफ़ॉगर चलाएँ।
- खिड़की थोड़ी खोलें: पीछे या बगल से आ रहे वाहनों की आवाज़ सुनाई देती है।
- सफ़र टाल सकें तो टालें: सुबह-सुबह और देर रात कोहरा सबसे घना होता है; मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी देखकर निकलें।
| ग़लती | सही तरीका |
|---|---|
| हाई-बीम | लो-बीम / फ़ॉग लैंप |
| आगे वाले की टेल-लाइट से चिपककर चलना | ज़्यादा दूरी |
| चलते हुए हैज़र्ड लाइट | सिर्फ़ रुकने पर |
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित सफ़र के नियम
एक्सप्रेसवे पर रफ़्तार ज़्यादा होती है, इसलिए छोटी-सी चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है। इन बातों का ध्यान रखिए:
- बोर्ड पर लिखी रफ़्तार ही मानें: अलग-अलग वाहनों और हिस्सों के लिए गति सीमा अलग होती है, और मौसम (जैसे कोहरा) में अस्थायी रूप से घटाई भी जाती है।
- लेन अनुशासन: धीमे वाहन बाईं लेन में रहें, दाईं लेन सिर्फ़ ओवरटेक के लिए है। बार-बार लेन बदलना ख़तरनाक है।
- बीच सड़क कभी न रुकें: फ़ोन, रास्ता पूछने या सामान ठीक करने के लिए कैरिजवे पर रुकना जानलेवा हो सकता है। रुकना ही हो तो तय रेस्ट एरिया या शोल्डर पर।
- टायर और गाड़ी की जाँच: सफ़र से पहले टायर का दबाव, घिसाव, कूलेंट और ब्रेक देख लें। तेज़ रफ़्तार पर कमज़ोर टायर फटने का ख़तरा बढ़ता है।
- थकान को हल्के में न लें: नींद या आँखें भारी लगें तो रुककर आराम करें; लंबे सफ़र में बीच-बीच में ब्रेक लें।
- दूरी बनाए रखें: आगे वाली गाड़ी से इतनी दूरी रखें कि अचानक ब्रेक पर रुक सकें।
| मुसीबत | क्या करें |
|---|---|
| गाड़ी ख़राब | बाईं ओर शोल्डर पर, हैज़र्ड लाइट, पीछे चेतावनी तिकोन |
| सवारियाँ | बैरियर के पार सुरक्षित जगह खड़ी हों, गाड़ी में न बैठें |
| मदद | NHAI हेल्पलाइन 1033 या 112 पर कॉल करें |
हाईवे पर मदद और शिकायत के आधिकारिक रास्ते
नेशनल हाईवे पर सफ़र करते समय मुसीबत आए या सड़क में कोई ख़राबी दिखे, तो इन आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें:
| ज़रूरत | कहाँ संपर्क करें |
|---|---|
| हाईवे पर गाड़ी ख़राब, हादसा, सड़क पर रुकावट | NHAI हेल्पलाइन 1033 |
| किसी भी आपात स्थिति (पुलिस, एम्बुलेंस, आग) | 112 |
| गड्ढे, टूटी सड़क, टोल या सुविधा से जुड़ी शिकायत | NHAI का राजमार्गयात्रा ऐप |
| FASTag से ग़लत कटौती | FASTag जारी करने वाला बैंक, और 1033 |
राजमार्गयात्रा NHAI का नागरिक-केंद्रित ऐप है, जिसमें हाईवे से जुड़ी जानकारी, आसपास की सुविधाएँ और शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है।
कॉल करते समय क्या बताएँ: हाईवे का नंबर (जैसे NH-48), किस शहर से किस शहर की ओर जा रहे हैं, नज़दीकी किलोमीटर पत्थर, टोल प्लाज़ा, ढाबा या पुल, और क्या मदद चाहिए। जितनी सटीक जानकारी, उतनी जल्दी मदद।
शिकायत करते समय: तस्वीर लें (सुरक्षित जगह से), जगह का नाम लिखें और शिकायत नंबर संभालकर रखें, ताकि बाद में उसकी स्थिति देख सकें।

निष्कर्ष
कोहरे के मौसम में स्पीड घटाना कोई असुविधा नहीं, ज़िंदगी बचाने का सबसे आसान तरीका है। नई सीमाएँ याद रखें, कैमरे सेट किए जा रहे हैं, और सबसे ज़रूरी, कम दिखे तो रुक जाएँ। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड TRAFFIC RULES EVERYONE MUST FOLLOW भी पढ़ सकते हैं।
हाईवे पर कोई अनहोनी हो जाए तो मदद करने वाला आपके परिवार तक जल्दी पहुँच सके, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए। स्कैन करते ही कॉल, WhatsApp और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट के बटन मिलते हैं, और आपका नंबर किसी को दिखता नहीं।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 25 अक्टूबर 2026
स्रोत (Sources)
- यूपीडा, प्रेस विज्ञप्ति: शीतकालीन मौसम में कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु एक्सप्रेसवे पर व्यापक सुरक्षा उपाय (लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026): https://upeida.up.gov.in/downloadmedia/UploadedPressRelease/pdf/C_202610231742044012.pdf
- यूपीडा, आधिकारिक वेबसाइट: https://upeida.up.gov.in/en
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
- NHAI राजमार्गयात्रा (हेल्पलाइन 1033): https://rajmargyatra.nhai.gov.in/
- राजमार्गयात्रा, About Us: https://rajmargyatra.nhai.gov.in/aboutus
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. नई स्पीड लिमिट कब से कब तक लागू है?
1 नवंबर 2026 से 15 फ़रवरी 2027 तक, या कोहरे की स्थिति सुधरने तक, जैसा लागू हो।
2. क्या यह यमुना एक्सप्रेसवे पर भी लागू है?
यूपीडा की विज्ञप्ति में आगरा–लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे के नाम हैं। यमुना और नोएडा–ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के लिए वहाँ के प्राधिकरण/ट्रैफ़िक पुलिस की घोषणा देखें।
3. 15 नवंबर के बाद रात में कार की अधिकतम स्पीड कितनी है?
60 किमी/घंटा; दिन में 80 किमी/घंटा।
4. कोहरे में दृश्यता 50 मीटर से कम हो तो क्या करें?
पास के टोल प्लाज़ा, पेट्रोल पंप या वे-साइड सुविधा पर रुकें। यूपीडा के अनुसार ज़रूरत पड़ने पर वाहनों को वहीं से काफ़िले में आगे भेजा जाएगा।
5. नई स्पीड लिमिट की घोषणा किसने की?
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह घोषणा की।


