सीधा जवाब: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देश संख्या 101 के तहत 1 अक्टूबर 2026 से पूरे दिल्ली और NCR में “नो PUC, नो फ़्यूल” नियम लागू हो गया है। यानी वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के बिना पेट्रोल, डीज़ल और CNG स्टेशन ईंधन नहीं देंगे। The Tribune (3 अक्टूबर 2026) के अनुसार हरियाणा परिवहन विभाग ने अपने NCR ज़िलों के सभी पेट्रोल पंपों को ईंधन देने से पहले PUCC जाँचने का निर्देश दिया है। बिना वैध PUC गाड़ी चलाने पर लागू नियमों के तहत ₹10,000 तक का जुर्माना हो सकता है। आज ही अपना PUC देख लीजिए।
नियम क्या है?
सवाल'नो PUC, नो फ़्यूल' नियम क्या है?
जवाब: आधार: CAQM निर्देश संख्या 101 (15 मई 2026); कब से: 1 अक्टूबर 2026; कहाँ: दिल्ली और पूरा NCR; किन स्टेशनों पर: पेट्रोल, डीज़ल और CNG; जाँच कैसे: ANPR कैमरे से वाहन नंबर का ऑनलाइन PUC डेटाबेस से मिलान; जहाँ कैमरे नहीं, वहाँ स्टाफ़ हाथ से जाँचेगा; बिना PUC: ईंधन नहीं, वाहन नंबर दर्ज, नज़दीकी PUC सेंटर भेजा जाएगा; जुर्माना: बिना वैध PUC गाड़ी चलाने पर ₹10,000 तक (परिवहन विभाग के…
| बात | जानकारी (The Tribune, 3 अक्टूबर 2026) |
|---|---|
| आधार | CAQM निर्देश संख्या 101 (15 मई 2026) |
| कब से | 1 अक्टूबर 2026 |
| कहाँ | दिल्ली और पूरा NCR |
| किन स्टेशनों पर | पेट्रोल, डीज़ल और CNG |
| जाँच कैसे | ANPR कैमरे से वाहन नंबर का ऑनलाइन PUC डेटाबेस से मिलान; जहाँ कैमरे नहीं, वहाँ स्टाफ़ हाथ से जाँचेगा |
| बिना PUC | ईंधन नहीं, वाहन नंबर दर्ज, नज़दीकी PUC सेंटर भेजा जाएगा |
| जुर्माना | बिना वैध PUC गाड़ी चलाने पर ₹10,000 तक (परिवहन विभाग के अनुसार) |
केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के अनुसार पहले रजिस्ट्रेशन की तारीख़ से एक साल बाद हर मोटर वाहन के पास वैध PUCC होना चाहिए। CAQM के अनुसार बड़ी संख्या में वाहन बिना वैध PUCC के चल रहे हैं।
पंप पर जाँच कैसे होगी?
सवालपेट्रोल पंप पर PUC की जाँच कैसे होगी?
जवाब: हरियाणा के निर्देशों के अनुसार फ़्यूल स्टेशन ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों से वाहन नंबर को ऑनलाइन PUC डेटाबेस से मिलाएँगे। यह सिस्टम VAHAN और PUCC डेटाबेस से जुड़ा है। जब तक सभी NCR ज़िलों में कैमरे पूरी तरह नहीं लग जाते, पंप स्टाफ़ हर गाड़ी का PUCC हाथ से जाँचेगा।

छूट कब?
सवालकिन हालात में बिना PUC के ईंधन मिल सकता है?
जवाब: The Tribune के अनुसार CAQM के निर्देश 101 में साफ़ किया गया है कि मेडिकल इमरजेंसी, क़ानून-व्यवस्था की ड्यूटी, आपदा राहत कार्य, या दिल्ली सरकार/NCR राज्य सरकारों द्वारा तय अन्य असाधारण हालात में बिना वैध PUCC के भी ईंधन दिया जा सकता है। यह आम लोगों के लिए रोज़ की छूट नहीं है।
क्यों ज़रूरी है यह सख़्ती?
CAQM के अनुसार NCR में ख़ासकर सर्दियों में हवा की गुणवत्ता ख़राब रहती है और PM2.5 सबसे बड़ा प्रदूषक है। वाहनों का धुआँ सर्दियों में PM2.5 के लगभग 23% और गर्मियों में लगभग 18% हिस्से के लिए ज़िम्मेदार है। निर्देश न मानने पर CAQM अधिनियम 2021 की धारा 14 के तहत पाँच साल तक की जेल या ₹1 करोड़ तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं; यह प्रावधान मुख्य रूप से निर्देश लागू करने वालों, जैसे पंप संचालकों, पर लागू होता है।
वाहन मालिक क्या करें?
सवालनोएडा, गुरुग्राम, फ़रीदाबाद के वाहन मालिक क्या करें?
जवाब: PUC की तारीख़ देखें: पुराने सर्टिफ़िकेट पर वैधता की तारीख़ देखें, या परिवहन विभाग की वेबसाइट पर वाहन नंबर से ऑनलाइन जाँचें।; एक्सपायर हो तो तुरंत बनवाएँ: नज़दीकी अधिकृत PUC सेंटर पर टेस्ट कराएँ; कई पंपों पर ही सेंटर होते हैं।; टेस्ट में फ़ेल हो तो: इंजन की सर्विसिंग, एयर फ़िल्टर और फ़्यूल सिस्टम ठीक कराकर दोबारा टेस्ट कराएँ।
- PUC की तारीख़ देखें: पुराने सर्टिफ़िकेट पर वैधता की तारीख़ देखें, या परिवहन विभाग की वेबसाइट पर वाहन नंबर से ऑनलाइन जाँचें।
- एक्सपायर हो तो तुरंत बनवाएँ: नज़दीकी अधिकृत PUC सेंटर पर टेस्ट कराएँ; कई पंपों पर ही सेंटर होते हैं।
- टेस्ट में फ़ेल हो तो: इंजन की सर्विसिंग, एयर फ़िल्टर और फ़्यूल सिस्टम ठीक कराकर दोबारा टेस्ट कराएँ।
- फ़ोन में कॉपी रखें: स्टाफ़ को दिखाने के लिए PUC की फ़ोटो या डिजिटल कॉपी साथ रखें।
- नोएडा, गुरुग्राम, फ़रीदाबाद वाले: NCR का हिस्सा होने के कारण यह नियम आप पर भी लागू है; बाहर से आने वाली गाड़ियाँ भी ध्यान रखें।
प्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं
सवालप्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं?
जवाब: सर्दियों में कई शहरों की हवा बहुत ख़राब हो जाती है, और गाड़ियों का धुआँ इसकी एक बड़ी वजह है। हर व्यक्ति की छोटी-छोटी आदतें मिलकर फ़र्क़ डालती हैं: लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद: धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं; कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना: सड़क पर कम गाड़ियाँ; छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन: शून्य या बहुत कम धुआँ; समय पर सर्विस और PUC: इंजन साफ़…
| आदत | फ़ायदा |
|---|---|
| लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद | धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं |
| कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना | सड़क पर कम गाड़ियाँ |
| छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन | शून्य या बहुत कम धुआँ |
| समय पर सर्विस और PUC | इंजन साफ़ जलता है |
| टायर में सही हवा | इंजन पर कम ज़ोर, कम धुआँ |
| धुआँ छोड़ती गाड़ी को नज़रअंदाज़ न करें | काला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है |
सेहत का ध्यान भी: बहुत ख़राब हवा वाले दिनों में दोपहिया चालक और खुली गाड़ियों के ड्राइवर सबसे ज़्यादा धुआँ झेलते हैं। ज़रूरत न हो तो भीड़ के समय सफ़र टालें, और साँस की बीमारी वाले लोग डॉक्टर की सलाह मानें।
आधिकारिक जानकारी कहाँ देखें: अपने शहर की हवा की गुणवत्ता (AQI) और प्रदूषण से जुड़ी पाबंदियों की जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), राज्य प्रदूषण बोर्ड और ट्रैफ़िक पुलिस की आधिकारिक घोषणाओं से लें। सोशल मीडिया पर चल रही “कल से गाड़ियाँ बंद” जैसी अफ़वाहों पर भरोसा न करें।
डिजिटल काग़ज़: मोबाइल में रखें, परेशानी से बचें
ड्राइविंग लाइसेंस या RC घर पर भूल जाना आम बात है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने अगस्त 2018 में राज्यों को एडवाइज़री भेजी कि DigiLocker या mParivahan ऐप में उपलब्ध ड्राइविंग लाइसेंस, RC और दूसरे परिवहन दस्तावेज़ मूल काग़ज़ों के बराबर क़ानूनी रूप से मान्य माने जाएँ।
| दस्तावेज़ | कहाँ रखें |
|---|---|
| ड्राइविंग लाइसेंस | DigiLocker / mParivahan |
| RC (रजिस्ट्रेशन) | DigiLocker / mParivahan |
| बीमा पॉलिसी | बीमा कंपनी की PDF/ऐप; कई पॉलिसियाँ DigiLocker में भी जुड़ती हैं |
| PUC | puc.parivahan.gov.in से डाउनलोड |
कैसे शुरू करें:
- आधिकारिक ऐप स्टोर से DigiLocker या mParivahan ऐप डाउनलोड करें।
- मोबाइल नंबर/आधार से लॉग-इन करें।
- “Issued Documents” में परिवहन विभाग से अपना लाइसेंस और RC जोड़ें।
ध्यान रखें: फ़ोन की गैलरी में रखी फ़ोटो या स्कैन कॉपी वही दर्जा नहीं रखती जो इन आधिकारिक ऐप में जारी दस्तावेज़ रखता है। फ़ोन की बैटरी चार्ज रखें, और लंबे सफ़र में एक फ़ोटोकॉपी भी साथ रखें। किसी अनजान “दस्तावेज़ अपडेट” लिंक पर अपनी जानकारी न डालें।

निष्कर्ष
PUC अब सिर्फ़ चालान से बचने का काग़ज़ नहीं, NCR में ईंधन पाने की शर्त भी है। कुछ सौ रुपये और कुछ मिनट का टेस्ट आपकी गाड़ी को सड़क पर और हवा को साफ़ रखता है। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड Pollution Under Control(PUC Certificate) FAQs भी पढ़ सकते हैं।
सड़क पर किसी मुसीबत में परिवार तक ख़बर पहुँचे, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए: मदद करने वाला उसे स्कैन करके आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक पहुँच सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
स्रोत (Sources)
- The Tribune, “‘No PUC, no fuel’: Haryana orders strict compliance at petrol pumps in NCR districts” (3 अक्टूबर 2026): https://www.tribuneindia.com/news/haryana/no-puc-no-fuel-haryana-orders-strict-compliance-at-petrol-pumps-in-ncr-districts/
- Parivahan, PUC जानकारी: https://puc.parivahan.gov.in/puc/
- CAQM: https://caqm.nic.in/
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB): https://cpcb.gov.in/
- PIB, DigiLocker/mParivahan पर दस्तावेज़ों की मान्यता (अगस्त 2018): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1542222
- MoRTH एडवाइज़री, 8 अगस्त 2018 (Parivahan): https://parivahan.gov.in/sites/default/files/NOTIFICATION%26ADVISORY/08-08-2018.pdf
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. ‘नो PUC, नो फ़्यूल’ नियम कब से लागू है?
CAQM के निर्देश 101 के तहत 1 अक्टूबर 2026 से पूरे दिल्ली-NCR में।
2. क्या CNG स्टेशन पर भी PUC जाँचा जाएगा?
हाँ। निर्देशों के अनुसार पेट्रोल, डीज़ल और CNG, तीनों स्टेशनों पर।
3. बिना PUC गाड़ी चलाने पर कितना जुर्माना है?
हरियाणा परिवहन विभाग के अनुसार लागू नियमों के तहत ₹10,000 तक।
4. PUC कितने समय बाद ज़रूरी होता है?
केंद्रीय मोटर वाहन नियम के अनुसार पहले रजिस्ट्रेशन से एक साल बाद हर वाहन के पास वैध PUCC होना चाहिए।
5. रेड लाइट पर इंजन बंद करने से कोई फ़र्क़ पड़ता है?
हाँ, लंबे रेड सिग्नल या जाम में इंजन बेवजह चालू रखने से धुआँ और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं; सुरक्षित हो तो इंजन बंद करना बेहतर आदत है।


