सीधा जवाब: नवी मुंबई के कोपरखैरणे में वाशी-कोपरखैरणे रोड पर एक चलती Tata Indica कार में अचानक आग लग गई। ड्राइवर ने कार पास खड़ी एक SUV के बगल में रोकी, जिससे आग SUV तक भी फैल गई। Times of India के अनुसार पुलिस ने प्रथम दृष्टया CNG सिलेंडर का गैस्केट फटने को वजह बताया, और नियमों का पालन किए बिना CNG सिलेंडर लगवाने पर ड्राइवर के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की।
क्या हुआ था?
सवालयह CNG हादसा कैसे हुआ?
जवाब: Times of India की रिपोर्ट के अनुसार: कोपरखैरणे फायर स्टेशन को शाम करीब 4 बजे कॉल मिली और टीम 5 मिनट में पहुँची।; Indica कार पूरी तरह जल गई। पास खड़ी SUV आंशिक रूप से जली, क्योंकि दमकलकर्मियों ने आग को आगे फैलने से रोक दिया।; किसी के घायल होने की ख़बर रिपोर्ट में नहीं है।।
- कोपरखैरणे फायर स्टेशन को शाम करीब 4 बजे कॉल मिली और टीम 5 मिनट में पहुँची।
- Indica कार पूरी तरह जल गई। पास खड़ी SUV आंशिक रूप से जली, क्योंकि दमकलकर्मियों ने आग को आगे फैलने से रोक दिया।
- किसी के घायल होने की ख़बर रिपोर्ट में नहीं है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
सवालपुलिस ने क्या कार्रवाई की?
जवाब: कोपरखैरणे के सीनियर इंस्पेक्टर के अनुसार प्रथम दृष्टया आग CNG सिलेंडर का गैस्केट फटने से लगी। ड्राइवर ने अनिवार्य नियमों का पालन किए बिना कार में CNG सिलेंडर लगवाया था। उसके ख़िलाफ़: भारतीय न्याय संहिता (BNS): 125: लापरवाही से दूसरों की जान या सुरक्षा ख़तरे में डालना; भारतीय न्याय संहिता (BNS): 324(2): शरारत (mischief) से नुकसान; मोटर वाहन अधिनियम: 52: वाहन में अनधिकृत बदलाव; मोटर वाहन अधिनियम: 182A(4): वाहन में…
| क़ानून | धारा | किस बारे में |
|---|---|---|
| भारतीय न्याय संहिता (BNS) | 125 | लापरवाही से दूसरों की जान या सुरक्षा ख़तरे में डालना |
| भारतीय न्याय संहिता (BNS) | 324(2) | शरारत (mischief) से नुकसान |
| मोटर वाहन अधिनियम | 52 | वाहन में अनधिकृत बदलाव |
| मोटर वाहन अधिनियम | 182A(4) | वाहन में बदलाव से जुड़े अपराध और दंड |
ड्राइवर को BNSS के तहत नोटिस दिया गया।

बिना मंज़ूरी CNG किट: ख़तरा भी, अपराध भी
सवालबिना मंज़ूरी CNG किट क्यों ख़तरनाक है?
जवाब: मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 के अनुसार गाड़ी में ऐसा बदलाव नहीं किया जा सकता जिससे RC में दर्ज जानकारी बदल जाए, जब तक नियमों के तहत मंज़ूरी न हो। CNG किट लगवाने का सही रास्ता है: टाइप-अप्रूव्ड किट ही लें, जो आपकी गाड़ी के मॉडल के लिए मान्य हो।; अधिकृत रेट्रोफिटर से ही लगवाएँ और बिल व सर्टिफिकेट लें।; RC में CNG की एंट्री कराएँ (RTO/VAHAN के ज़रिए)।
- टाइप-अप्रूव्ड किट ही लें, जो आपकी गाड़ी के मॉडल के लिए मान्य हो।
- अधिकृत रेट्रोफिटर से ही लगवाएँ और बिल व सर्टिफिकेट लें।
- RC में CNG की एंट्री कराएँ (RTO/VAHAN के ज़रिए)।
- सिलेंडर की मेटल प्लेट और हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट सँभालकर रखें। Gas Cylinders (Amendment) Rules, 2025 के तहत CNG सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट हर 3 साल में ज़रूरी है।
सस्ते “लोकल” किट या बिना जाँच के सिलेंडर से गैस लीक और आग का ख़तरा बढ़ता है। बीमा क्लेम में भी दिक्कत आ सकती है, अगर किट RC में दर्ज न हो।
चलती CNG गाड़ी में धुआँ या गैस की गंध आए तो?
सवालचलती CNG गाड़ी में धुआँ या गंध आए तो क्या करें?
जवाब: तुरंत गाड़ी सड़क किनारे सुरक्षित जगह रोकें, इंजन बंद करें।; सभी लोग बाहर निकलें और गाड़ी से दूर रहें।; कोशिश करें कि गाड़ी दूसरी खड़ी गाड़ियों, दुकानों या पेट्रोल पंप के पास न रोकें, ताकि आग न फैले।; आग दिखे तो 101 (फायर) या 112 पर कॉल करें। ख़ुद आग बुझाने का जोखिम न लें।।
- तुरंत गाड़ी सड़क किनारे सुरक्षित जगह रोकें, इंजन बंद करें।
- सभी लोग बाहर निकलें और गाड़ी से दूर रहें।
- कोशिश करें कि गाड़ी दूसरी खड़ी गाड़ियों, दुकानों या पेट्रोल पंप के पास न रोकें, ताकि आग न फैले।
- आग दिखे तो 101 (फायर) या 112 पर कॉल करें। ख़ुद आग बुझाने का जोखिम न लें।
पुरानी CNG गाड़ी ख़रीदते समय जाँच सूची
सवालपुरानी CNG गाड़ी ख़रीदते समय क्या जाँचें?
जवाब: कम ख़र्च के कारण बहुत से परिवार और टैक्सी-ऑटो चालक पुरानी CNG गाड़ी ख़रीदते हैं। सस्ती गाड़ी तभी फ़ायदे का सौदा है जब उसकी गैस किट और सिलेंडर सुरक्षित हों। RC में CNG दर्ज: RC पर ईंधन में CNG लिखा हो, या बाद में लगी किट का endorsement हो; हाइड्रो टेस्ट: सिलेंडर का पिछला टेस्ट कब हुआ, सर्टिफ़िकेट और सिलेंडर पर लगी तारीख़ देखें; अगला टेस्ट 3 साल के भीतर;…
| क्या जाँचें | कैसे |
|---|---|
| RC में CNG दर्ज | RC पर ईंधन में CNG लिखा हो, या बाद में लगी किट का endorsement हो |
| हाइड्रो टेस्ट | सिलेंडर का पिछला टेस्ट कब हुआ, सर्टिफ़िकेट और सिलेंडर पर लगी तारीख़ देखें; अगला टेस्ट 3 साल के भीतर |
| सिलेंडर की हालत | जंग, गड्ढे, उभार या वेल्डिंग के निशान न हों |
| किट का फ़िटमेंट सर्टिफ़िकेट | किसने किट लगाई, कब लगाई |
| बीमा | पॉलिसी में CNG किट दर्ज हो |
| लीक टेस्ट | किसी अधिकृत वर्कशॉप से ख़रीदने से पहले जाँच करवाएँ |
ये संकेत दिखें तो सौदा न करें: सिलेंडर पर वेल्डिंग या रंग से छिपाए गए निशान, बिना काग़ज़ की किट, विक्रेता का “काग़ज़ बाद में बन जाएँगे” कहना, या हाइड्रो टेस्ट की तारीख़ बहुत पहले निकल चुकी होना।
ख़रीदने के बाद RC ट्रांसफ़र के साथ बीमा भी अपने नाम कराएँ और CNG किट की जानकारी बीमा कंपनी को दें।
CNG गाड़ी की नियमित देखभाल
CNG गाड़ी चलाने में सस्ती है, लेकिन इसकी गैस किट को पेट्रोल गाड़ी से ज़्यादा ध्यान चाहिए। नियमित देखभाल हादसे का जोखिम घटाती है और माइलेज भी बनाए रखती है।
| क्या | कब/कैसे |
|---|---|
| किट की लीक जाँच | हर सर्विस पर, अधिकृत वर्कशॉप से |
| पाइप और रबर के हिस्से | दरार, घिसाव या ढीलापन दिखे तो बदलें |
| गैस फ़िल्टर और रेगुलेटर | कंपनी/किट निर्माता की बताई अवधि पर |
| स्पार्क प्लग | CNG में इन पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है; नियमित जाँच |
| सिलेंडर की बाहरी हालत | जंग, गड्ढे, उभार; सिलेंडर के क्लैंप कसे हों |
| हाइड्रो टेस्ट | तय समय पर, PESO मान्यता प्राप्त केंद्र से |
रोज़ की आदतें:
- गाड़ी में गैस की गंध आए तो उसे नज़रअंदाज़ न करें।
- डिक्की में सिलेंडर के पास भारी या नुकीला सामान न रखें।
- गर्मी में गाड़ी को लंबे समय तक धूप में बंद खड़ा रखने से बचें, और सिलेंडर को ढककर या छिपाकर रंग-रोगन न कराएँ।
- किट में कोई भी बदलाव या मरम्मत सिर्फ़ अधिकृत जगह से, और उसका बिल संभालकर रखें।
सस्ती “लोकल” मरम्मत से बचाया गया पैसा किसी हादसे के आगे बहुत छोटा है।

निष्कर्ष
CNG सस्ती ज़रूर है, लेकिन बिना मंज़ूरी का जुगाड़ महँगा पड़ सकता है: गाड़ी जल सकती है, दूसरों की संपत्ति को नुकसान हो सकता है, और क़ानूनी केस भी बन सकता है। इससे जुड़ी जानकारी के लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश: हाईवे से आवारा पशु हटाए जाएँ, NHAI और राज्यों की ज़िम्मेदारी तय और जयपुर हरमाड़ा डंपर हादसा: बेकाबू डंपर ने कई वाहनों को टक्कर मारी, शहरों में भारी वाहनों की निगरानी पर बहस और 48 घंटे में दो बड़े हादसे: फलोदी (राजस्थान) और चेवेल्ला (तेलंगाना) से क्या सबक भी देखें। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड Help in an Emergency Situations भी पढ़ सकते हैं।
अगर किसी की खड़ी गाड़ी ख़तरे में हो, तो मालिक तक जल्दी पहुँचना ज़रूरी है। गाड़ी पर लगा Rakshak Code QR स्कैन करके कोई भी आपसे संपर्क कर सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 10 नवंबर 2025
स्रोत (Sources)
- The Times of India, “Moving car catches fire in Koparkhairane, SUV parked on roadside gutted, FIR against car driver for altering CNG kit”: https://timesofindia.indiatimes.com/city/navi-mumbai/moving-car-catche-fies-in-kkhairane-suv-parked-on-roadside-gutted-fir-against-car-driver-for-altering-cng-kit/articleshow/125205526.cms
- Gas Cylinders (Amendment) Rules, 2025, G.S.R. 225(E) (सरकारी साइट पर प्रति): https://thc.nic.in/Central%20Governmental%20Rules/Gas%20Cylinder%20Rules,%202016.pdf
- मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (India Code): https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/9460/1/a1988-59.pdf
- MoRTH, CNG/LPG किट endorsement (CNG Vahan Sewa) एडवाइज़री: https://morth.nic.in/en/advisory-regarding-endorsement-cnglpg-kits-through-cng-vahan-sewa-letter-dated-15112018-0
- IOAGPL, CNG सिलेंडर हाइड्रो टेस्टिंग: https://ioagpl.com/hydro-testing/
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. नवी मुंबई की कार में आग किस वजह से लगी?
पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया CNG सिलेंडर का गैस्केट फटना वजह थी।
2. ड्राइवर पर FIR क्यों हुई?
क्योंकि उसने नियमों का पालन किए बिना CNG सिलेंडर लगवाया था। उस पर BNS और मोटर वाहन अधिनियम की धाराएँ लगाई गईं।
3. क्या पुरानी पेट्रोल कार में CNG लगवाना क़ानूनी है?
हाँ, अगर किट टाइप-अप्रूव्ड हो, अधिकृत फिटर ने लगाई हो और RC में एंट्री हो।
4. CNG गाड़ी में गैस की गंध आए तो क्या करें?
गाड़ी सुरक्षित जगह रोककर इंजन बंद करें, सबको बाहर निकालें, आसपास आग या चिंगारी न होने दें, और अधिकृत वर्कशॉप से जाँच कराए बिना गाड़ी न चलाएँ।
5. पुरानी CNG गाड़ी में सबसे पहले कौन-सा काग़ज़ देखें?
RC में CNG का endorsement और सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट सर्टिफ़िकेट; दोनों न हों तो गाड़ी के काग़ज़ और सुरक्षा पर सवाल है।



