सीधा जवाब: धनतेरस और दिवाली की ख़रीदारी के बीच दिल्ली-NCR के बाज़ारों में ट्रैफ़िक पुलिस सख़्त है। 4 नवंबर 2026 को दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस (सेंट्रल रेंज) और MCD के संयुक्त अभियान में करोल बाग में 333 चालान कटे, 32 रेहड़ी-पटरी अतिक्रमण हटाए गए और 67 गाड़ियाँ क्लैंप की गईं। उधर नोएडा ट्रैफ़िक पुलिस ने 5 से 8 नवंबर तक सेक्टर-18 और अट्टा मार्केट के लिए डायवर्ज़न प्लान जारी किया है और सड़क पर खड़ी गाड़ियाँ उठाने के लिए क्रेन लगातार घूमती रहेंगी।
करोल बाग में अभियान
सवालकरोल बाग में ट्रैफ़िक पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
जवाब: The Statesman के अनुसार यह अभियान आर्य समाज रोड, सरस्वती रोड, गुरुद्वारा रोड और अजमल ख़ान रोड पर चला। मक़सद था सड़क से रुकावटें हटाना, अनधिकृत पार्किंग रोकना और ख़रीदारों व पैदल चलने वालों के लिए रास्ता सुरक्षित करना। चालान नो-एंट्री, नो-पार्किंग और दूसरे उल्लंघनों के लिए किए गए।
ट्रैफ़िक पुलिस ने कहा है कि त्योहारी और शादी के सीज़न में ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी, और व्यापारियों, दुकानदारों और ख़रीदारों से अपील की है कि सड़क और फ़ुटपाथ खाली रखें और तय पार्किंग का इस्तेमाल करें।
| कार्रवाई (करोल बाग, 4 नवंबर 2026) | संख्या |
|---|---|
| चालान (नो-एंट्री, नो-पार्किंग आदि) | 333 |
| रेहड़ी-पटरी अतिक्रमण हटाए | 32 |
| गाड़ियाँ क्लैंप | 67 |
नोएडा का डायवर्ज़न प्लान
सवालनोएडा में दिवाली के दौरान कौन से रास्ते बदले गए हैं?
जवाब: TV9 भारतवर्ष के अनुसार नोएडा ट्रैफ़िक पुलिस का प्लान 5 से 8 नवंबर तक लागू है: सेक्टर-18 और अट्टा मार्केट में भीड़ बढ़ने पर, अट्टापीर से अट्टा चौक जाने वाले वाहन बाएँ मुड़कर रायरेज़िडेंसी चौक, फिर कैम्ब्रिज स्कूल के सामने एलिवेटेड रोड के नीचे से यू-टर्न लेकर सेक्टर-28 कार मार्केट होते हुए निकाले जाएँगे।
- सेक्टर-18 और अट्टा मार्केट में भीड़ बढ़ने पर, अट्टापीर से अट्टा चौक जाने वाले वाहन बाएँ मुड़कर रायरेज़िडेंसी चौक, फिर कैम्ब्रिज स्कूल के सामने एलिवेटेड रोड के नीचे से यू-टर्न लेकर सेक्टर-28 कार मार्केट होते हुए निकाले जाएँगे।
- अट्टा चौक से अट्टापीर जाने वाले वाहन GIP मॉल के सामने से, फ़िल्मसिटी फ़्लाईओवर के नीचे यू-टर्न लेकर DLF/सेंटर स्टेज मॉल के रास्ते जाएँगे।
- फ़िल्मसिटी और गुरुद्वारा से सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन की तरफ़ का ट्रैफ़िक सेक्टर-18 अंडरपास से गुज़रेगा।
- नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर भारी, मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों की नो-एंट्री रहेगी; दादरी में लुहारली टोल से NTPC तिराहा तक मालवाहक वाहन बंद रहेंगे।
Hindustan Times के अनुसार अट्टा मार्केट और अट्टापीर के बीच ऑटो और ई-रिक्शा पर भी रोक है। 4 नवंबर को चिल्ला बॉर्डर, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, महाराजा अग्रसेन मार्ग और अट्टा मार्केट समेत कई जगह भारी जाम रहा; एलिवेटेड रोड की मरम्मत के चलते डायवर्ज़न ने इसे और बढ़ाया। नोएडा के ट्रैफ़िक आँकड़ों पर हमारी पोस्ट नोएडा यातायात माह 2026 भी देखें।

बाज़ार जाते समय पार्किंग के नियम
सवालत्योहार पर बाज़ार जाते समय गाड़ी कहाँ और कैसे पार्क करें?
जवाब: तय पार्किंग में ही गाड़ी खड़ी करें; सड़क किनारे, फ़ुटपाथ पर या दुकान के आगे "दो मिनट" के लिए भी न रोकें।; संभव हो तो मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन से जाएँ; नोएडा पुलिस ने भी यही अपील की है।; किसी के गेट, दूसरी गाड़ी के आगे या ड्राइववे पर गाड़ी लगाने से बचें; इससे झगड़ा और टोइंग दोनों होते हैं।
- तय पार्किंग में ही गाड़ी खड़ी करें; सड़क किनारे, फ़ुटपाथ पर या दुकान के आगे “दो मिनट” के लिए भी न रोकें।
- संभव हो तो मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन से जाएँ; नोएडा पुलिस ने भी यही अपील की है।
- किसी के गेट, दूसरी गाड़ी के आगे या ड्राइववे पर गाड़ी लगाने से बचें; इससे झगड़ा और टोइंग दोनों होते हैं।
- गाड़ी टो हो जाए तो घबराएँ नहीं; ज़रूरी काग़ज़ लेकर तय यार्ड से छुड़ाएँ। पूरी प्रक्रिया हमारी पोस्ट टोइंग: नियम, जुर्माना और गाड़ी वापस कैसे लें में है।
- अगर किसी ने आपकी गाड़ी ब्लॉक कर दी है, तो बहस करने की बजाय ब्लॉक पार्किंग गाइड के तरीके अपनाएँ।
पार्किंग से जुड़े क़ानूनी प्रावधान और अच्छी आदतें
सवालग़लत पार्किंग पर क़ानून क्या कहता है?
जवाब: पार्किंग के झगड़े अक्सर छोटी-सी बात से शुरू होकर बड़े विवाद बन जाते हैं। क़ानून और थोड़ी समझदारी, दोनों मिलकर इन्हें रोक सकते हैं। धारा 122: सार्वजनिक जगह पर गाड़ी को ऐसी हालत में छोड़ना मना है जिससे दूसरों को ख़तरा, रुकावट या असुविधा हो; धारा 127: लावारिस या रुकावट बनी गाड़ी को अधिकृत अधिकारी टो करवा सकते हैं; टोइंग का ख़र्च मालिक से लिया जाता है
| प्रावधान (मोटर वाहन अधिनियम) | मतलब |
|---|---|
| धारा 122 | सार्वजनिक जगह पर गाड़ी को ऐसी हालत में छोड़ना मना है जिससे दूसरों को ख़तरा, रुकावट या असुविधा हो |
| धारा 127 | लावारिस या रुकावट बनी गाड़ी को अधिकृत अधिकारी टो करवा सकते हैं; टोइंग का ख़र्च मालिक से लिया जाता है |
पार्क करते समय ये आदतें अपनाएँ:
- किसी का गेट, गली का मुहाना, फ़ायर एग्ज़िट या एम्बुलेंस का रास्ता न रोकें।
- “No Parking” बोर्ड और पीली/लाल पट्टियों का ध्यान रखें।
- गाड़ी पर संपर्क का कोई सुरक्षित तरीका रखें, ताकि रुकावट होने पर लोग झगड़ने के बजाय आप तक पहुँच सकें।
- कॉलोनी या सोसाइटी में तय पार्किंग नियमों और RWA की व्यवस्था का पालन करें।
जब आपका रास्ता रुका हो: गुस्से में गाड़ी को नुक़सान न पहुँचाएँ और न ही हाथापाई करें। पहले आसपास पूछें, फिर स्थानीय ट्रैफ़िक पुलिस या 112 पर सूचना दें। गाड़ी की तस्वीर (नंबर के साथ) ले लें। शांत रहकर क़ानूनी रास्ता अपनाना हमेशा बेहतर है।
गाड़ी टो हो जाए तो घबराएँ नहीं
सवालगाड़ी टो हो जाए तो क्या करें?
जवाब: नो-पार्किंग या रास्ता रोकने वाली जगह पर खड़ी गाड़ी को ट्रैफ़िक पुलिस टो करवा सकती है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 127 ऐसी गाड़ी को हटाने और ख़र्च मालिक से लेने का प्रावधान करती है। गाड़ी न मिले तो पहले ये करें: आसपास देखें: कई शहरों में टो करने के बाद जगह पर चॉक से निशान या सूचना छोड़ी जाती है।
- आसपास देखें: कई शहरों में टो करने के बाद जगह पर चॉक से निशान या सूचना छोड़ी जाती है।
- चोरी समझकर घबराने से पहले अपने शहर की ट्रैफ़िक पुलिस हेल्पलाइन या नज़दीकी ट्रैफ़िक सर्कल से पूछें; 112 पर कॉल करके भी जानकारी ली जा सकती है।
- पता चल जाए कि गाड़ी टो हुई है, तो RC, ड्राइविंग लाइसेंस और पहचान पत्र (मूल या DigiLocker में) लेकर बताए गए पिट/यार्ड पर जाएँ।
- चालान और टोइंग शुल्क भरकर रसीद लें।
- गाड़ी लेते समय उसकी हालत जाँचें; नुक़सान दिखे तो वहीं लिखित में दर्ज कराएँ और तस्वीरें लें।
| काग़ज़ | क्यों |
|---|---|
| RC | मालिकाना हक़ साबित करने के लिए |
| ड्राइविंग लाइसेंस / पहचान पत्र | पहचान के लिए |
| भुगतान का साधन | चालान और टोइंग शुल्क के लिए |
देर न करें: कई शहरों में तय समय के बाद गाड़ी रखने का रोज़ का शुल्क भी लगता है। अपने शहर की ट्रैफ़िक पुलिस की वेबसाइट पर टोइंग और शुल्क की ताज़ा जानकारी देखें।
अपना मोबाइल नंबर सुरक्षित रखें
बहुत से लोग गाड़ी के शीशे पर अपना मोबाइल नंबर लिख देते हैं ताकि ज़रूरत पड़ने पर कोई संपर्क कर सके। नीयत अच्छी है, लेकिन सबके सामने लिखा नंबर ग़लत हाथों में भी जा सकता है।
| खुले में नंबर लिखने का जोखिम | उदाहरण |
|---|---|
| अनचाही कॉल और मैसेज | रात-बेरात कॉल, परेशान करने वाले मैसेज |
| ठगी की कोशिश | “आपकी गाड़ी का चालान/KYC” के नाम पर लिंक या OTP माँगना |
| निजी जानकारी का दुरुपयोग | नंबर से सोशल मीडिया या दूसरी जानकारी खोजना |
| महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए ख़ास जोखिम | पीछा करना या परेशान करना |
सुरक्षित रहने के तरीके:
- गाड़ी पर सीधा नंबर लिखने के बजाय ऐसा तरीका अपनाएँ जिसमें सामने वाला आपसे संपर्क कर सके लेकिन आपका नंबर न देखे।
- किसी अनजान कॉल पर OTP, बैंक या FASTag की जानकारी न दें।
- संदिग्ध कॉल या मैसेज की रिपोर्ट दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल की “चक्षु” सुविधा पर करें।
- पैसे की ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
संपर्क में रहना ज़रूरी है, लेकिन अपनी निजता की क़ीमत पर नहीं।

निष्कर्ष
त्योहार की ख़रीदारी में थोड़ी सी लापरवाही से चालान, टोइंग और जाम तीनों झेलने पड़ सकते हैं। तय पार्किंग, मेट्रो और पहले से रास्ता देखकर निकलना सबसे आसान उपाय है। अगर आपकी गाड़ी से किसी का रास्ता रुक जाए, तो वह आपसे संपर्क कर सके, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाएँ; स्कैन करके कॉल या मैसेज होता है और आपका नंबर किसी को नहीं दिखता। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड PARKING PROBLEM IN INDIA AND THEIR SOLUTION भी पढ़ सकते हैं।
आख़िरी अपडेट: 5 नवंबर 2026
स्रोत (Sources)
- The Statesman, Hundreds of vehicles fined, encroachments removed amid special enforcement drive at Karol Bagh (4 नवंबर 2026): https://www.thestatesman.com/cities/delhi/hundreds-of-vehicles-fined-encroachments-removed-amid-special-enforcement-drive-at-karol-bagh-1503658931.html
- TV9 भारतवर्ष, नोएडा में दिवाली की शॉपिंग करने जा रहे? घर से निकलने से पहले देख लें ट्रैफिक प्लान (4 नवंबर 2026): https://www.tv9hindi.com/state/uttar-pradesh/noida-diwali-traffic-advisory-diversion-parking-rules-dhanteras-guide-avoid-jams-3954517.html
- Hindustan Times, Festive rush, diversions bring Noida, Gr Noida traffic to crawl (5 नवंबर 2026): https://www.hindustantimes.com/cities/noida-news/festive-rush-diversions-bring-noida-gr-noida-traffic-to-crawl-101793819046557.html
- मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (धारा 122, 127) (India Code): https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/9460/1/a1988-59.pdf
- दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, FAQ: https://traffic.delhipolice.gov.in/faq
- संचार साथी (DoT), चक्षु: https://sancharsaathi.gov.in/
- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in/
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. करोल बाग अभियान में कितने चालान कटे?
4 नवंबर 2026 को 333 चालान कटे, 32 अतिक्रमण हटे और 67 गाड़ियाँ क्लैंप हुईं।
2. नोएडा का डायवर्ज़न कब तक है?
नोएडा ट्रैफ़िक पुलिस की एडवाइज़री 5 से 8 नवंबर 2026 तक के लिए है।
3. क्या नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रक चल सकेंगे?
नहीं, इस अवधि में एक्सप्रेसवे पर भारी, मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों की नो-एंट्री रहेगी।
4. सड़क पर गाड़ी खड़ी करने पर क्या होगा?
नोएडा पुलिस के अनुसार सख़्त कार्रवाई होगी और गाड़ियाँ उठाने के लिए क्रेन घूमती रहेंगी। दिल्ली में क्लैंपिंग और चालान दोनों हो रहे हैं।
5. नोएडा में जाम या दिक़्क़त हो तो कहाँ शिकायत करें?
नोएडा ट्रैफ़िक पुलिस ने हेल्पलाइन 9971009001, व्हाट्सऐप नंबर 7065100100 और सोशल मीडिया हैंडल @noidatraffic जारी किया है।
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