सीधा जवाब: दिल्ली में विंटर एक्शन प्लान के पहले दिन, रविवार 1 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे तक दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस और परिवहन विभाग ने 14,930 वाहनों की जाँच की और 1,539 वाहनों (क़रीब 10.31%) को बॉर्डर से लौटा दिया। बिना वैध PUC के 566 चालान कटे, जिन पर ₹56.6 लाख का जुर्माना लगा। निर्माण स्थलों पर धूल नियम तोड़ने की पर्यावरण क्षतिपूर्ति मिलाकर पहले दिन कुल ₹68.4 लाख की पेनल्टी लगी (TNIE/PTI)।
पहले दिन के आँकड़े
सवालदिल्ली विंटर एक्शन प्लान के पहले दिन क्या कार्रवाई हुई?
जवाब: The New Indian Express (PTI इनपुट के साथ) के अनुसार: ग़ैर-दिल्ली प्री-BS-VI नियम के तहत जाँचे गए वाहन: 14,930; लौटाए गए वाहन: 1,539; एंट्री नियम के चालान / ज़ब्त वाहन: 127 / 62; लौटाए गए LMV / LCV / HGV / बस: 140 / 54 / 95 / 34; दोपहिया, तिपहिया व अन्य: जाँचे / लौटाए / ज़ब्त: 1,423 / 789 / 38; नॉन-डेस्टिनेड वाहन: जाँचे / लौटाए: 7,279 /…
| कार्रवाई | आँकड़ा |
|---|---|
| ग़ैर-दिल्ली प्री-BS-VI नियम के तहत जाँचे गए वाहन | 14,930 |
| लौटाए गए वाहन | 1,539 |
| एंट्री नियम के चालान / ज़ब्त वाहन | 127 / 62 |
| लौटाए गए LMV / LCV / HGV / बस | 140 / 54 / 95 / 34 |
| दोपहिया, तिपहिया व अन्य: जाँचे / लौटाए / ज़ब्त | 1,423 / 789 / 38 |
| नॉन-डेस्टिनेड वाहन: जाँचे / लौटाए | 7,279 / 314 |
| छूट वाले वाहन (CNG, EV, ज़रूरी सेवाएँ) जिन्हें जाने दिया | 740 |
| PUCC चालान (ट्रैफ़िक पुलिस 493 + परिवहन विभाग 73) | 566, ₹56.6 लाख |
| एंट्री नियम तोड़ने का जुर्माना | ₹2 लाख |
| धूल नियम: 300 निर्माण स्थल जाँचे, 32 में उल्लंघन | ₹9.8 लाख पर्यावरण क्षतिपूर्ति |
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने X पर लिखा कि टीमें एंट्री पाबंदी, PUC और निर्माण धूल के नियमों पर नज़र रख रही हैं, और लोगों से PUC वैध रखने की अपील की। ETInfra (TOI) की रिपोर्ट के अनुसार दूसरे दिन, सोमवार को रात 8 बजे तक 8,263 वाहन जाँचे गए और 1,228 लौटाए गए।
कौन से वाहन रोके जा रहे हैं
सवालदिल्ली में कौन से वाहनों की एंट्री पर रोक है?
जवाब: TNIE के अनुसार दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड प्री-BS-VI वाहनों की एंट्री पर 31 जनवरी तक रोक है। CNG, इलेक्ट्रिक और ज़रूरी सेवाओं वाले वाहनों को छूट है, जिनकी जाँच करके उन्हें जाने दिया जा रहा है। जिन ट्रकों की मंज़िल दिल्ली नहीं है (नॉन-डेस्टिनेड), रिपोर्टों के अनुसार उन्हें ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफ़ेरल एक्सप्रेसवे से जाने को कहा गया है।
प्लान में दूसरे क़दम भी हैं: अधिकृत पार्किंग की फ़ीस 28 फ़रवरी तक दोगुनी कर दी गई है, सरकारी और निजी दफ़्तरों को 1 नवंबर से 31 जनवरी तक 50% उपस्थिति रखने को कहा गया है, और 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक कुछ छूट के साथ निर्माण-तोड़फोड़ पर पूरी रोक रहेगी (TNIE)।

बिना PUC फ़्यूल नहीं
सवालक्या बिना वैध PUC के दिल्ली में पेट्रोल-डीज़ल मिलेगा?
जवाब: दिल्ली में बिना वैध PUC सर्टिफ़िकेट के पेट्रोल पंप पर फ़्यूल नहीं मिलता। इस नियम का पूरा ब्योरा हमारी पोस्ट दिल्ली में "नो PUC, नो फ़्यूल" स्थायी नियम और अक्टूबर 2026 में दिल्ली-NCR व हरियाणा में नो PUC नो फ़्यूल में है।
वाहन चालक क्या करें
सवालदिल्ली जाने से पहले वाहन चालक क्या जाँच लें?
जवाब: PUC की वैधता अभी जाँचें। तरीक़ा हमारी गाइड ऑनलाइन PUC कैसे चेक करें और PUC सेंटर कैसे ढूँढें में है।; गाड़ी का BS मानक जानें। RC में फ़्यूल और नॉर्म देखें; दिल्ली के बाहर की प्री-BS-VI गाड़ी है तो 31 जनवरी तक दिल्ली में एंट्री की योजना न बनाएँ, जब तक वह छूट वाली श्रेणी में न हो।; काला धुआँ छोड़ने वाली गाड़ी की सर्विस कराएँ।
- PUC की वैधता अभी जाँचें। तरीक़ा हमारी गाइड ऑनलाइन PUC कैसे चेक करें और PUC सेंटर कैसे ढूँढें में है।
- गाड़ी का BS मानक जानें। RC में फ़्यूल और नॉर्म देखें; दिल्ली के बाहर की प्री-BS-VI गाड़ी है तो 31 जनवरी तक दिल्ली में एंट्री की योजना न बनाएँ, जब तक वह छूट वाली श्रेणी में न हो।
- काला धुआँ छोड़ने वाली गाड़ी की सर्विस कराएँ। ऐसी गाड़ी की शिकायत कैसे करें, यह काले धुएँ वाले वाहन की शिकायत में देखें।
- ग़लत चालान लगे तो ग़लत ई-चालान की शिकायत के तरीक़े अपनाएँ।
PUC ऑनलाइन जाँच और सर्टिफ़िकेट के नियम
सवालPUC सर्टिफ़िकेट की वैधता ऑनलाइन कैसे जाँचें?
जवाब: प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफ़िकेट बताता है कि जाँच के दिन आपकी गाड़ी का धुआँ तय मानकों के भीतर था। इसे बनवाना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है समय पर नवीनीकरण। ऑनलाइन वैधता कैसे देखें: puc.parivahan.gov.in पर जाएँ।; "PUC Certificate" विकल्प में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आख़िरी अंक डालें।; सर्टिफ़िकेट की वैधता की तारीख़ देखें और ज़रूरत हो तो प्रिंट/डाउनलोड करें।।
- puc.parivahan.gov.in पर जाएँ।
- “PUC Certificate” विकल्प में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आख़िरी अंक डालें।
- सर्टिफ़िकेट की वैधता की तारीख़ देखें और ज़रूरत हो तो प्रिंट/डाउनलोड करें।
| बात | क्या करें |
|---|---|
| PUC कहाँ बनता है | अधिकृत PUC जाँच केंद्र, अक्सर पेट्रोल पंपों पर |
| जाँच के समय | केंद्र से कंप्यूटर से बना सर्टिफ़िकेट लें, जिस पर गाड़ी की तस्वीर/रीडिंग हो |
| फ़ेल हो जाए | सर्विस कराकर दोबारा जाँच कराएँ; काला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है |
| वैधता ख़त्म होने वाली हो | पहले से नवीनीकरण कराएँ, आख़िरी दिन का इंतज़ार न करें |
क़ानून क्या कहता है: मोटर वाहन अधिनियम की संशोधित धारा 190(2) के तहत सड़क सुरक्षा, शोर या वायु प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन करके गाड़ी चलाने पर 3 महीने तक जेल या ₹10,000 तक जुर्माना या दोनों, और 3 महीने के लिए लाइसेंस रखने से अयोग्यता का प्रावधान है। साफ़ धुआँ सिर्फ़ चालान से बचने के लिए नहीं, आपके अपने परिवार की साँसों के लिए भी ज़रूरी है।
प्रदूषण वाले दिनों में गाड़ी वाले क्या कर सकते हैं
सर्दियों में कई शहरों की हवा बहुत ख़राब हो जाती है, और गाड़ियों का धुआँ इसकी एक बड़ी वजह है। हर व्यक्ति की छोटी-छोटी आदतें मिलकर फ़र्क़ डालती हैं:
| आदत | फ़ायदा |
|---|---|
| लंबे रेड सिग्नल/जाम में इंजन बंद | धुआँ और ईंधन दोनों बचते हैं |
| कारपूल या एक गाड़ी में साथ जाना | सड़क पर कम गाड़ियाँ |
| छोटी दूरी पैदल/साइकिल या सार्वजनिक परिवहन | शून्य या बहुत कम धुआँ |
| समय पर सर्विस और PUC | इंजन साफ़ जलता है |
| टायर में सही हवा | इंजन पर कम ज़ोर, कम धुआँ |
| धुआँ छोड़ती गाड़ी को नज़रअंदाज़ न करें | काला धुआँ इंजन की ख़राबी का संकेत है |
सेहत का ध्यान भी: बहुत ख़राब हवा वाले दिनों में दोपहिया चालक और खुली गाड़ियों के ड्राइवर सबसे ज़्यादा धुआँ झेलते हैं। ज़रूरत न हो तो भीड़ के समय सफ़र टालें, और साँस की बीमारी वाले लोग डॉक्टर की सलाह मानें।
आधिकारिक जानकारी कहाँ देखें: अपने शहर की हवा की गुणवत्ता (AQI) और प्रदूषण से जुड़ी पाबंदियों की जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), राज्य प्रदूषण बोर्ड और ट्रैफ़िक पुलिस की आधिकारिक घोषणाओं से लें। सोशल मीडिया पर चल रही “कल से गाड़ियाँ बंद” जैसी अफ़वाहों पर भरोसा न करें।

निष्कर्ष
पहले ही दिन हर दस में से क़रीब एक जाँचा गया वाहन लौटा दिया गया, इसलिए सर्दियों में दिल्ली जाने से पहले PUC और गाड़ी का BS मानक ज़रूर जाँच लें। PUC और बीमा की तारीख़ याद रखने में Rakshak Code मदद करता है: गाड़ी के QR से रिमाइंडर मिलते हैं, ताकि बॉर्डर या पेट्रोल पंप पर परेशानी न हो। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड Pollution Under Control(PUC Certificate) FAQs भी पढ़ सकते हैं।
आख़िरी अपडेट: 3 नवंबर 2026
स्रोत (Sources)
- The New Indian Express, Delhi pollution curbs: 1,539 vehicles turned back on day 1, Rs 68.4 lakh in fines imposed (2 नवंबर 2026): https://www.newindianexpress.com/cities/delhi/2026/Nov/02/delhi-pollution-curbs-rs-684-lakh-in-fines-imposed-on-day-1-1539-vehicles-turned-back
- ETInfra / Times of India, Delhi vehicle checks at borders turn back 1 in 10 vehicles: https://infra.economictimes.indiatimes.com/news/urban-transportation/delhi-vehicle-checks-at-borders-turn-back-1-in-10-vehicles/135479242
- NDTV Profit, Delhi pollution: 4,500 PUC challans issued in 15 days: https://www.ndtvprofit.com/india/delhi-pollution-4-500-puc-challans-issued-in-15-days-40-teams-deployed-to-enforce-vehicle-ban-from-nov-1-12244354
- Hindustan Times, Over 4.5 lakh PUC challans issued in Delhi till Oct 27: https://www.hindustantimes.com/india-news/over-4-5-lakh-puc-challans-issued-in-delhi-till-oct-27-traffic-police-data-101793239648260.html
- Parivahan PUC पोर्टल: https://puc.parivahan.gov.in/
- मोटर वाहन अधिनियम, धारा 190(2) (2019 संशोधन सहित) (Indian Kanoon): https://indiankanoon.org/doc/168501353/
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB): https://cpcb.gov.in/
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. पहले दिन कितने वाहन लौटाए गए?
TNIE के अनुसार 14,930 जाँचे गए वाहनों में से 1,539 को लौटाया गया, और 62 वाहन ज़ब्त हुए।
2. PUC न होने पर कितने चालान कटे?
566 चालान, जिनमें ₹56.6 लाख का जुर्माना लगा। इनमें 493 चालान ट्रैफ़िक पुलिस और 73 परिवहन विभाग ने काटे।
3. क्या CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को रोका जा रहा है?
नहीं। पहले दिन 740 छूट वाले वाहनों (CNG, EV और ज़रूरी सेवाएँ) की जाँच करके उन्हें जाने दिया गया।
4. पाबंदियाँ कब तक हैं?
अलग-अलग पाबंदियाँ 1 नवंबर से 28 फ़रवरी के बीच लागू हैं; ग़ैर-दिल्ली प्री-BS-VI वाहनों पर रोक 31 जनवरी तक है।
5. ये पाबंदियाँ कब तक रहेंगी?
TNIE के अनुसार विंटर एक्शन प्लान की पाबंदियाँ 1 नवंबर से 28 फ़रवरी के बीच अलग-अलग अवधि के लिए लागू हैं; ग़ैर-दिल्ली प्री-BS-VI वाहनों की एंट्री पर रोक 31 जनवरी तक है।
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