सीधा जवाब: ओडिशा के राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) ने क्योंझर और जाजपुर ज़िलों से गुज़रने वाले बड़बिल-पानीकोइली हाईवे पर इंटेलिजेंट एनफ़ोर्समेंट मैनेजमेंट सिस्टम (IEMS) चालू कर दिया है। 1 नवंबर 2026 से इस सिस्टम में पकड़े गए ओवरस्पीड, बिना हेलमेट, दोपहिया पर तीन सवारी और गलत दिशा में गाड़ी चलाने जैसे उल्लंघनों पर सीधे ई-चालान जारी होगा। स्पीड लिमिट दोपहिया के लिए 60, हल्के मोटर वाहन के लिए 100 और भारी वाहन के लिए 80 किमी/घंटा तय है।
क्या बदल रहा है
सवालबड़बिल-पानीकोइली हाईवे पर 1 नवंबर से क्या बदल रहा है?
जवाब: Odishabarta और ETV भारत की 30 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार यह फ़ैसला वाणिज्य और परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना के निर्देश पर लिया गया है। अब तक हाईवे पर चालान ज़्यादातर पुलिस या परिवहन दस्ते के मौक़े पर रोकने से कटता था। IEMS में कैमरे और सॉफ़्टवेयर उल्लंघन पकड़ते हैं और गाड़ी के नंबर के आधार पर चालान मालिक के मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार IEMS मुख्य रूप से ये उल्लंघन देखेगा:
| उल्लंघन | किस पर लागू |
|---|---|
| ओवरस्पीडिंग | सभी वाहन, तय सीमा से ज़्यादा रफ़्तार पर |
| बिना हेलमेट | दोपहिया चालक और पीछे बैठी सवारी |
| तीन सवारी (ट्रिपल राइडिंग) | दोपहिया |
| गलत दिशा में ड्राइविंग | सभी वाहन |
स्पीड लिमिट
सवालबड़बिल-पानीकोइली हाईवे पर स्पीड लिमिट कितनी है?
जवाब: परिवहन विभाग ने इस हाईवे के लिए ये अधिकतम रफ़्तार बताई है: दोपहिया: 60 किमी/घंटा; हल्के मोटर वाहन (कार, जीप आदि): 100 किमी/घंटा; भारी वाहन (ट्रक, बस): 80 किमी/घंटा ध्यान रखें, बस्तियों, स्कूलों या मोड़ों के पास बोर्ड पर इससे कम सीमा लिखी हो तो वही मानी जाएगी।
| वाहन | अधिकतम रफ़्तार |
|---|---|
| दोपहिया | 60 किमी/घंटा |
| हल्के मोटर वाहन (कार, जीप आदि) | 100 किमी/घंटा |
| भारी वाहन (ट्रक, बस) | 80 किमी/घंटा |

क़ानूनी आधार
सवालकैमरे से ई-चालान किस क़ानून के तहत भेजा जाता है?
जवाब: कैमरे से चालान भेजने का आधार मोटर वाहन अधिनियम की धारा 136A (2019 के संशोधन से जुड़ी) और केंद्रीय मोटर वाहन नियमों का नियम 167A है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने 11 अगस्त 2021 को अधिसूचना GSR 575(E) से नियम 167A जारी किया था। PIB के अनुसार इसके तहत:
- राज्य सरकारें राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के हाई-रिस्क और ज़्यादा ट्रैफ़िक वाले हिस्सों पर और दस लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहरों (और नियम में दिए 132 शहरों) के अहम चौराहों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाएँगी।
- स्पीड कैमरा, CCTV, स्पीड गन, बॉडी कैमरा, डैशबोर्ड कैमरा, ANPR और वज़न मशीन जैसे उपकरण इसमें शामिल हैं।
- ऐसे चालान के साथ उल्लंघन की साफ़ फ़ोटो, उपकरण का माप, तारीख़-समय-जगह, लागू धारा और साक्ष्य अधिनियम के तहत प्रमाणपत्र होना चाहिए।
इसका मतलब है कि अगर चालान आए तो आप उसमें फ़ोटो और जगह-समय की जानकारी देखकर जाँच सकते हैं कि उल्लंघन सच में आपकी गाड़ी का है या नहीं।
वाहन चालक क्या करें
- मोबाइल नंबर अपडेट रखें: ई-चालान RC से जुड़े नंबर पर आता है। नंबर बदल गया हो तो परिवहन पोर्टल पर अपडेट कराएँ।
- चालान सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल पर जाँचें: SMS में आए अनजान लिंक पर भुगतान न करें। फ़र्ज़ी चालान से बचने के तरीक़े: फ़र्ज़ी ई-चालान SMS कैसे पहचानें।
- गलत चालान पर आपत्ति करें: फ़ोटो में नंबर साफ़ न हो या गाड़ी आपकी न हो तो शिकायत दर्ज करें: गलत चालान को कैसे चुनौती दें।
- हेलमेट पीछे बैठने वाले के लिए भी: कैमरा दोनों सवारों को देखता है: पीछे बैठने वालों के लिए हेलमेट-सीट बेल्ट नियम।
चालान ऑनलाइन कैसे देखें और भरें
सवालअपना ट्रैफ़िक चालान ऑनलाइन कैसे देखें और भरें?
जवाब: आजकल ज़्यादातर चालान कैमरों या पुलिस के हैंडहेल्ड डिवाइस से इलेक्ट्रॉनिक रूप में कटते हैं। अपने चालान की सही स्थिति देखने का सबसे भरोसेमंद तरीका सरकारी e-Challan पोर्टल है। ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (किसी मैसेज के लिंक से नहीं)।; चालान की स्थिति देखने वाले विकल्प में गाड़ी नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें।
- ब्राउज़र में ख़ुद echallan.parivahan.gov.in टाइप करें (किसी मैसेज के लिंक से नहीं)।
- चालान की स्थिति देखने वाले विकल्प में गाड़ी नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें।
- चालान की तारीख़, जगह, उल्लंघन और रक़म जाँचें; जहाँ तस्वीर उपलब्ध हो, वह भी देखें।
- सही लगे तो पोर्टल पर ही ऑनलाइन भुगतान करें और रसीद डाउनलोड करके रखें।
- चालान ग़लत लगे या भुगतान का विकल्प न दिखे, तो वह कोर्ट/वर्चुअल कोर्ट में भेजा गया हो सकता है; इसके लिए अपने राज्य की ट्रैफ़िक पुलिस या वर्चुअल कोर्ट की जानकारी देखें।
| ठगी के संकेत | क्या करें |
|---|---|
| अनजान नंबर से लिंक वाला “चालान” मैसेज | लिंक न खोलें, पोर्टल पर ख़ुद जाँचें |
| APK फ़ाइल डाउनलोड करने को कहा जाए | बिल्कुल डाउनलोड न करें |
| “आज ही भरें वरना गिरफ़्तारी” जैसी धमकी | घबराएँ नहीं, यह दबाव की चाल है |
| पैसे कट गए | तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें |
आम ट्रैफ़िक नियम और जुर्माने: एक नज़र में
सवालआम ट्रैफ़िक नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना लगता है?
जवाब: मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के 63 प्रावधान 1 सितंबर 2019 से लागू हुए, जिनमें कई जुर्माने पहले से कई गुना बढ़ाए गए। नीचे केंद्रीय क़ानून में तय कुछ आम उल्लंघनों के जुर्माने हैं। ध्यान रहे, कई राज्य कुछ अपराधों में अपनी कंपाउंडिंग (मौक़े पर भुगतान) दरें तय करते हैं, इसलिए आपके राज्य में रक़म अलग हो सकती है।
| उल्लंघन (धारा) | 2019 संशोधन के बाद |
|---|---|
| सामान्य उल्लंघन (177) | ₹500 |
| ओवरस्पीडिंग, हल्का मोटर वाहन (183) | ₹1,000 से ₹2,000 |
| ख़तरनाक ड्राइविंग (184) | ₹5,000 तक |
| नशे में ड्राइविंग (185) | ₹10,000 तक (पहली बार) |
| बिना सीटबेल्ट (194B) | ₹1,000 |
| दोपहिया पर ओवरलोडिंग/तीन सवारी (194C) | ₹1,000 और 3 महीने लाइसेंस अयोग्यता |
| बिना हेलमेट (194D) | ₹1,000 और 3 महीने लाइसेंस अयोग्यता |
| एम्बुलेंस/आपात वाहन को रास्ता न देना (194E) | ₹10,000 |
| बिना बीमा (196) | ₹2,000 |
ध्यान रखें: जुर्माना सिर्फ़ सज़ा नहीं, चेतावनी है। हेलमेट, सीटबेल्ट और तय रफ़्तार, ये तीन आदतें ज़्यादातर चालानों और कई जानलेवा हादसों से बचा सकती हैं। चालान मिलने पर उसे आधिकारिक e-Challan पोर्टल पर ही जाँचें और भरें।

निष्कर्ष
कैमरे से चालान का मक़सद जुर्माना वसूलना कम और रफ़्तार व हेलमेट जैसी बुनियादी आदतें सुधारना ज़्यादा है। बड़बिल-पानीकोइली हाईवे पर चलने वाले सभी चालक तय रफ़्तार मानें, हेलमेट पहनें और गलत दिशा में गाड़ी न मोड़ें। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड REASONS FOR ROAD ACCIDENT IN INDIA भी पढ़ सकते हैं।
गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए। हाईवे पर कोई दिक़्क़त या हादसा हो तो कोई भी QR स्कैन करके आपके परिवार या इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक तुरंत ख़बर पहुँचा सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
आख़िरी अपडेट: 31 अक्टूबर 2026
स्रोत (Sources)
- Odishabarta, IEMS to Go Live on Barbil–Panikoili Highway from November 1 (30 अक्टूबर 2026): https://odishabarta.com/iems-to-go-live-on-barbil-panikoili-highway-from-november-1-automated-e-challans-to-begin/
- ETV Bharat ओड़िया, बड़बिल-पानीकोइली हाईवे पर 1 नवंबर से IEMS (30 अक्टूबर 2026): https://www.etvbharat.com/or/state/iems-system-to-be-implemented-on-barbil-panikoili-highway-starting-from-november-1-ors26103005341
- PIB, Notification for Electronic Monitoring and Enforcement of Road Safety (19 अगस्त 2021): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1747285
- ओडिशा परिवहन विभाग, DEESHA / IEMS: https://odishatransport.gov.in/content/DEESHA/1
- Parivahan ई-चालान पोर्टल: https://echallan.parivahan.gov.in/
- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in/
- The Indian Express, “New traffic fines take effect from today: Rs 1,000 for no helmet, Rs 10,000 for drunken driving” (1 सितंबर 2019): https://indianexpress.com/article/india/new-traffic-fines-list-motor-vehicles-act-2019-5955543/
- PIB/MoRTH, मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2019 के प्रमुख प्रावधान (30 जुलाई 2019): https://parivahan.gov.in/sites/default/files/NOTIFICATION%26ADVISORY/30-July-2019.pdf
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. बड़बिल-पानीकोइली हाईवे पर ई-चालान कब से शुरू होगा?
रिपोर्ट के अनुसार 1 नवंबर 2026 से IEMS से पकड़े गए उल्लंघनों पर सीधे ई-चालान जारी होगा।
2. किन उल्लंघनों पर कैमरा चालान भेजेगा?
मुख्य रूप से ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, दोपहिया पर तीन सवारी और गलत दिशा में ड्राइविंग।
3. इस हाईवे पर कार की अधिकतम रफ़्तार कितनी है?
हल्के मोटर वाहन के लिए 100 किमी/घंटा; दोपहिया के लिए 60 और भारी वाहन के लिए 80 किमी/घंटा।
4. क्या कैमरे से आए चालान को चुनौती दी जा सकती है?
हाँ। नियम 167A के अनुसार चालान के साथ फ़ोटो, माप, तारीख़-समय-जगह और प्रमाणपत्र होना चाहिए; गलती हो तो आधिकारिक पोर्टल या वर्चुअल कोर्ट में आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।
5. क्या ओडिशा में IEMS पहले भी कहीं लगा है?
ओडिशा परिवहन विभाग की वेबसाइट के अनुसार IEMS पहले NH-16 के पानीकोइली-रामेश्वर हिस्से पर लगाया गया था; बड़बिल-पानीकोइली हाईवे इसका नया कॉरिडोर है।


