दिवाली-छठ 2026 पर घर जा रहे हैं? बस-ट्रेन और अपनी गाड़ी से सुरक्षित सफ़र की पूरी चेकलिस्ट

सीधा जवाब: 2026 में दिवाली रविवार, 8 नवंबर और छठ पूजा (संध्या अर्घ्य) रविवार, 15 नवंबर को है। इन दिनों दिल्ली-NCR से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वालों की भारी भीड़ रहती है। सफ़र सुरक्षित रखने की सबसे ज़रूरी बातें: ट्रेन या बस में पटाखे बिल्कुल न ले जाएँ (रेलवे अधिनियम की धारा 164 में 3 साल तक की जेल का प्रावधान है), सिर्फ़ अधिकृत बसों से सफ़र करें, ओवरलोड वाहन में न चढ़ें, और अपनी गाड़ी से जा रहे हैं तो थकान में गाड़ी न चलाएँ।

2026 में दिवाली और छठ कब है?

सवाल2026 में दिवाली और छठ कब है?

जवाब: दिवाली (लक्ष्मी पूजा): रविवार, 8 नवंबर 2026; छठ पूजा: नहाय-खाय से उषा अर्घ्य: 13–16 नवंबर 2026 (संध्या अर्घ्य रविवार, 15 नवंबर) यानी 6–7 नवंबर और 12–14 नवंबर के आसपास सबसे ज़्यादा भीड़ की उम्मीद रखें, और लौटते समय 16 नवंबर के बाद।

त्योहार तारीख़
दिवाली (लक्ष्मी पूजा) रविवार, 8 नवंबर 2026
छठ पूजा: नहाय-खाय से उषा अर्घ्य 13–16 नवंबर 2026 (संध्या अर्घ्य रविवार, 15 नवंबर)

बसें: क्या तैयारी है?

अमर उजाला (23 अक्टूबर 2026) के अनुसार गोरखपुर रोडवेज ने दिवाली-छठ के लिए दिल्ली, कानपुर और लखनऊ रूट पर क़रीब 300 बसें चलाने की तैयारी की है। यात्री बढ़ने पर फेरे बढ़ाए जाएँगे और बसों की तकनीकी ख़राबी पहले से दूर कराई जा रही है।

बस चुनते समय ये देखें:

  1. टिकट अधिकृत बस अड्डे, आधिकारिक काउंटर या वेबसाइट से लें। सड़क किनारे सस्ते टिकट के लालच में न आएँ।
  2. ओवरलोड बस (छत पर सवारी, गलियारे में भीड़) में न चढ़ें।
  3. चढ़ते ही इमरजेंसी गेट और खिड़की की जगह देख लें।
  4. बस में गैस सिलेंडर, पेट्रोल या पटाखे जैसा ज्वलनशील सामान न रखें, और कोई दूसरा रखे तो कंडक्टर को बताएँ।
  5. दिल्ली-NCR में अभी GRAP स्टेज-1 लागू है। इसके तहत दूसरे राज्यों से आने वाली इंटर-स्टेट बसों में सिर्फ़ EV, CNG या BS-VI डीज़ल बसों को अनुमति है। प्राइवेट बस बुक करते समय पूछ लें, ताकि बीच रास्ते रोक न लगे।
  6. UPSRTC बस से जुड़ी जानकारी के लिए हेल्पलाइन 1800-180-2877 है।
रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेन (प्रतीकात्मक)
Photo: antriksh via Pixabay · Pixabay

ट्रेन: पटाखे बिल्कुल नहीं

सवालक्या ट्रेन में पटाखे ले जा सकते हैं?

जवाब: त्योहार पर लोग घर के लिए पटाखे साथ ले जाते हैं, लेकिन ट्रेन में यह अपराध है। रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 164 के अनुसार ट्रेन में ख़तरनाक सामान ले जाने पर 3 साल तक की जेल, ₹1,000 तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं, और इससे हुए नुक़सान की ज़िम्मेदारी भी बनती है।

ट्रेन में सुरक्षा के लिए:

  • कन्फ़र्म या वैध टिकट के साथ ही सफ़र करें; दरवाज़े पर लटककर या छत पर न चढ़ें।
  • भीड़ में बच्चों और बुज़ुर्गों का ख़ास ध्यान रखें; प्लेटफ़ॉर्म पर पीली लाइन के पीछे रहें।
  • अनजान लोगों से खाने-पीने की चीज़ न लें।

अपनी गाड़ी से सफ़र कर रहे हैं?

सवालअपनी गाड़ी से लंबा सफ़र कर रहे हैं तो क्या ध्यान रखें?

जवाब: निकलने से पहले जाँच: टायर की हवा और हालत, ब्रेक, लाइटें, वाइपर, कूलेंट और स्टेपनी।; काग़ज़ात साथ रखें: RC, बीमा, PUC और ड्राइविंग लाइसेंस (DigiLocker/mParivahan में भी रख सकते हैं)।; थकान में न चलाएँ: हर 2 घंटे या क़रीब 150–200 किमी पर रुककर आराम करें। नींद आए तो सुरक्षित जगह रुककर झपकी लें।; रात और कोहरे में ख़ास सावधानी: नवंबर में सुबह-रात कोहरा शुरू हो सकता है।

  1. निकलने से पहले जाँच: टायर की हवा और हालत, ब्रेक, लाइटें, वाइपर, कूलेंट और स्टेपनी।
  2. काग़ज़ात साथ रखें: RC, बीमा, PUC और ड्राइविंग लाइसेंस (DigiLocker/mParivahan में भी रख सकते हैं)।
  3. थकान में न चलाएँ: हर 2 घंटे या क़रीब 150–200 किमी पर रुककर आराम करें। नींद आए तो सुरक्षित जगह रुककर झपकी लें।
  4. रात और कोहरे में ख़ास सावधानी: नवंबर में सुबह-रात कोहरा शुरू हो सकता है। रफ़्तार कम रखें, लो-बीम और फ़ॉग लाइट इस्तेमाल करें।
  5. गाड़ी ओवरलोड न करें, और छत पर ज़्यादा सामान न बाँधें।
  6. शराब पीकर गाड़ी बिल्कुल न चलाएँ।
  7. एक्सप्रेसवे पर तय गति-सीमा का पालन करें; FASTag में पर्याप्त बैलेंस रखें।

ज़रूरी हेल्पलाइन

सेवा नंबर
पुलिस / इमरजेंसी 112
एम्बुलेंस 108
राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI) 1033
UPSRTC 1800-180-2877

बस यात्री अपनी सुरक्षा के लिए क्या करें

सवालबस में सफ़र करते समय अपनी सुरक्षा के लिए क्या करें?

जवाब: लंबी दूरी की बसों, ख़ासकर रात की स्लीपर बसों में यात्री अक्सर सबसे ज़्यादा असहाय होते हैं। कुछ आदतें मुश्किल समय में फ़र्क़ ला सकती हैं: बैठते ही रास्ता पहचानें: मुख्य दरवाज़ा, आपातकालीन खिड़की/दरवाज़ा और शीशा तोड़ने वाला हथौड़ा कहाँ है, यह देख लें। स्लीपर बस में अपनी बर्थ से निकलने का रास्ता समझ लें।

  • बैठते ही रास्ता पहचानें: मुख्य दरवाज़ा, आपातकालीन खिड़की/दरवाज़ा और शीशा तोड़ने वाला हथौड़ा कहाँ है, यह देख लें। स्लीपर बस में अपनी बर्थ से निकलने का रास्ता समझ लें।
  • गलियारा ख़ाली रखें: बैग, बोरी या सामान रास्ते में न रखें; आग या पलटने की हालत में यही रास्ता जान बचाता है।
  • ज्वलनशील सामान नहीं: पेट्रोल, गैस सिलेंडर, पटाखे जैसी चीज़ें बस में न ले जाएँ, और कोई ले जा रहा हो तो कंडक्टर को बताएँ।
  • ड्राइवर को टोकें: तेज़ रफ़्तार, फ़ोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाना या थका हुआ ड्राइवर दिखे तो विनम्रता से टोकें; ज़रूरत हो तो 112 पर सूचना दें।
  • सीटबेल्ट हो तो लगाएँ: जिन बसों में सीटबेल्ट है, उनका इस्तेमाल करें।
  • टिकट और बस नंबर संभालें: परिवार को बस का नंबर और यात्रा का समय भेज दें।
आपात स्थिति क्या करें
धुआँ या जलने की गंध ड्राइवर को तुरंत रुकने को कहें, सबको जगाएँ
आग सामान छोड़कर नज़दीकी रास्ते से निकलें, धुएँ में झुककर चलें
बस पलटी पहले बच्चों और बुज़ुर्गों को निकालने में मदद करें, फिर बस से दूर हटें

बाहर निकलकर 112 पर कॉल करें और जगह की सटीक पहचान बताएँ।

निकलने से पहले गाड़ी की 5 मिनट की जाँच

सवाललंबे सफ़र से पहले गाड़ी में क्या-क्या जाँचें?

जवाब: कई हादसे गाड़ी की छोटी-सी ख़राबी से शुरू होते हैं, जिसे निकलने से पहले पकड़ा जा सकता था। यह जाँच सूची किसी भी कार, बाइक या छोटे व्यावसायिक वाहन के लिए काम की है: टायर: हवा का दबाव कंपनी की बताई मात्रा के अनुसार; घिसाव, कट या उभार तो नहीं; ब्रेक: पैडल ढीला या आवाज़ तो नहीं; बाइक में आगे-पीछे दोनों ब्रेक; लाइट और इंडिकेटर: हेडलाइट (लो/हाई), ब्रेक लाइट, इंडिकेटर,…

क्या देखें कैसे
टायर हवा का दबाव कंपनी की बताई मात्रा के अनुसार; घिसाव, कट या उभार तो नहीं
ब्रेक पैडल ढीला या आवाज़ तो नहीं; बाइक में आगे-पीछे दोनों ब्रेक
लाइट और इंडिकेटर हेडलाइट (लो/हाई), ब्रेक लाइट, इंडिकेटर, पीछे के रिफ़्लेक्टर
वाइपर और शीशे वाइपर ठीक चले, शीशे और मिरर साफ़ हों
तरल पदार्थ इंजन ऑयल, कूलेंट, ब्रेक ऑयल का स्तर
काग़ज़ ड्राइविंग लाइसेंस, RC, बीमा और PUC

गाड़ी में ये चीज़ें रखें: फ़र्स्ट-एड किट, टॉर्च, चेतावनी तिकोन, पानी, चार्ज किया फ़ोन और परिवार/इमरजेंसी के नंबर।

ख़ुद की जाँच भी: नींद पूरी हो, शराब या नींद लाने वाली दवा न ली हो, और रास्ता पहले से देख लिया हो। परिवार को बता दें कि आप कब निकले और कब तक पहुँचने का अंदाज़ा है।

हाईवे पर मदद और शिकायत के आधिकारिक रास्ते

नेशनल हाईवे पर सफ़र करते समय मुसीबत आए या सड़क में कोई ख़राबी दिखे, तो इन आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें:

ज़रूरत कहाँ संपर्क करें
हाईवे पर गाड़ी ख़राब, हादसा, सड़क पर रुकावट NHAI हेल्पलाइन 1033
किसी भी आपात स्थिति (पुलिस, एम्बुलेंस, आग) 112
गड्ढे, टूटी सड़क, टोल या सुविधा से जुड़ी शिकायत NHAI का राजमार्गयात्रा ऐप
FASTag से ग़लत कटौती FASTag जारी करने वाला बैंक, और 1033

राजमार्गयात्रा NHAI का नागरिक-केंद्रित ऐप है, जिसमें हाईवे से जुड़ी जानकारी, आसपास की सुविधाएँ और शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है।

कॉल करते समय क्या बताएँ: हाईवे का नंबर (जैसे NH-48), किस शहर से किस शहर की ओर जा रहे हैं, नज़दीकी किलोमीटर पत्थर, टोल प्लाज़ा, ढाबा या पुल, और क्या मदद चाहिए। जितनी सटीक जानकारी, उतनी जल्दी मदद।

शिकायत करते समय: तस्वीर लें (सुरक्षित जगह से), जगह का नाम लिखें और शिकायत नंबर संभालकर रखें, ताकि बाद में उसकी स्थिति देख सकें।

रात में हाईवे पर गाड़ी (प्रतीकात्मक)
Photo: tookapic via Pixabay · Pixabay

निष्कर्ष

त्योहार की ख़ुशी तभी पूरी है जब सब सुरक्षित घर पहुँचें। जल्दबाज़ी न करें, पटाखे ट्रेन-बस में न रखें, और थकान में गाड़ी न चलाएँ। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड TRAFFIC RULES EVERYONE MUST FOLLOW भी पढ़ सकते हैं।

अपनी गाड़ी से जा रहे हैं तो उस पर Rakshak Code QR लगा लें। रास्ते में कोई परेशानी हो, गाड़ी कहीं खड़ी हो या हादसा हो जाए, तो कोई भी स्कैन करके कॉल, WhatsApp या इमरजेंसी कॉन्टैक्ट बटन से आपके परिवार तक पहुँच सकता है, आपका नंबर दिखाए बिना।

त्योहारों पर तेज़ रफ़्तार, ओवरलोडिंग और थकान के ख़तरों पर हमारी पुरानी रिपोर्ट भी पढ़ें: त्योहारों में सड़क सुरक्षा।

आख़िरी अपडेट: 26 अक्टूबर 2026

स्रोत (Sources)

  1. Drik Panchang, दीपावली कैलेंडर 2026: https://www.drikpanchang.com/diwali/diwali-puja-calendar.html?year=2026
  2. Drik Panchang, छठ पूजा कैलेंडर 2026: https://www.drikpanchang.com/chhath/chhath-puja-calendar.html?year=2026
  3. अमर उजाला, “दिवाली-छठ पर घर पहुंचना होगा आसान, चलेंगी 300 बसें” (23 अक्टूबर 2026): https://www.amarujala.com/gorakhpur/getting-home-for-diwali-and-chhath-will-be-easier-300-buses-will-be-in-operation-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1494206-2026-10-23
  4. रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 164 (Indian Kanoon): https://indiankanoon.org/doc/1352424/
  5. PIB, “CAQM invokes Stage-I of GRAP in Delhi-NCR” (21 अक्टूबर 2026): https://www.pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=2326133&lang=1&reg=3
  6. UP 112, संपर्क और हेल्पलाइन नंबर: https://112.up.gov.in/
  7. MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
  8. NHAI राजमार्गयात्रा: https://rajmargyatra.nhai.gov.in/
  9. राजमार्गयात्रा, About Us: https://rajmargyatra.nhai.gov.in/aboutus

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या ट्रेन में थोड़े से पटाखे ले जा सकते हैं?

नहीं। पटाखे ख़तरनाक सामान हैं; रेलवे अधिनियम की धारा 164 के तहत 3 साल तक की जेल, ₹1,000 तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

2. दिल्ली-NCR से बाहर जाने वाली प्राइवेट बस पर GRAP का असर?

GRAP स्टेज-1 के अनुसार दूसरे राज्यों से आने-जाने वाली बसों में EV, CNG या BS-VI डीज़ल बसों को ही NCR में चलने की अनुमति है। बुकिंग के समय ऑपरेटर से पूछ लें।

3. लंबे सफ़र में कितनी देर बाद रुकें?

आम सलाह है कि हर 2 घंटे पर 10–15 मिनट रुकें, और नींद आए तो गाड़ी बिल्कुल न चलाएँ।

4. बस से जाएँ तो किस बात का ध्यान रखें?

सिर्फ़ अधिकृत बस अड्डे या आधिकारिक काउंटर/वेबसाइट से टिकट लें, ओवरलोड बस में न चढ़ें और इमरजेंसी गेट की जगह देख लें।

5. बस में आग लगे तो सबसे पहले क्या करें?

घबराएँ नहीं, सामान छोड़कर सबसे नज़दीकी दरवाज़े, आपातकालीन खिड़की या दरवाज़े से निकलें, धुएँ में झुककर चलें और बाहर निकलकर बस से दूर खड़े होकर 112 पर कॉल करें।

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