सीधा जवाब: केंद्र सरकार ने गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि 2025 में देश में सड़क हादसों में 1,83,382 लोगों की मौत हुई। Hindustan Times के अनुसार यह 2024 की 1,77,175 मौतों से 3.5% ज़्यादा है, जबकि कुल हादसे 5.3% बढ़कर 5,13,563 हो गए। उत्तर प्रदेश में मौतें सबसे तेज़ी से बढ़ीं, जबकि पंजाब में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई। यानी सड़कें अब भी हर दिन औसतन 500 से ज़्यादा जानें ले रही हैं, और इसे बदलने में हर ड्राइवर की भूमिका है।
मुख्य आंकड़े
सवाल2025 में सड़क हादसों में कितनी मौतें हुईं?
जवाब: 2025 में मौतें: 1,83,382; 2024 में मौतें: 1,77,175; बढ़ोतरी: 3.5%; 2025 में कुल हादसे: 5,13,563 (5.3% ज़्यादा); 2015 में मौतें: 1,46,133; 10 साल में बढ़ोतरी: 25.5%; 2020-24 का सालाना औसत: लगभग 1,62,182 (2025 इससे 13.1% ज़्यादा) सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ये आंकड़े कांग्रेस सांसद बेनी बहनन के सवाल के लिखित जवाब में दिए। 1,83,382 मौतों का मतलब है रोज़ औसतन लगभग 502 जानें।
| बात | आंकड़ा (लोकसभा जवाब, HT, 24 जुलाई 2026) |
|---|---|
| 2025 में मौतें | 1,83,382 |
| 2024 में मौतें | 1,77,175 |
| बढ़ोतरी | 3.5% |
| 2025 में कुल हादसे | 5,13,563 (5.3% ज़्यादा) |
| 2015 में मौतें | 1,46,133 |
| 10 साल में बढ़ोतरी | 25.5% |
| 2020-24 का सालाना औसत | लगभग 1,62,182 (2025 इससे 13.1% ज़्यादा) |
किन राज्यों में बढ़ीं?
सवालकिन राज्यों में सड़क हादसों में मौतें सबसे ज़्यादा बढ़ीं?
जवाब: उत्तर प्रदेश: 24,118: 27,550; महाराष्ट्र: 15,715: 16,756; बिहार: 9,347: 10,397; गुजरात: 7,717: 8,402 उत्तर प्रदेश में सबसे तेज़ बढ़ोतरी दर्ज हुई: एक साल में 3,432 मौतें ज़्यादा। बिहार में भी लगभग 1,050 मौतें बढ़ीं। ये वे राज्य हैं जहाँ बड़ी आबादी, लंबे हाईवे और तेज़ी से बढ़ते वाहन, तीनों साथ हैं।
| राज्य | 2024 | 2025 |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 24,118 | 27,550 |
| महाराष्ट्र | 15,715 | 16,756 |
| बिहार | 9,347 | 10,397 |
| गुजरात | 7,717 | 8,402 |

कहाँ घटीं?
सवालकिन राज्यों में सड़क हादसों में मौतें घटीं?
जवाब: कुछ राज्यों ने राष्ट्रीय रुझान के उलट सुधार दिखाया। पंजाब में मौतें 4,759 से घटकर 3,062 रह गईं, जो सबसे बड़ी गिरावट है। अरुणाचल प्रदेश में 168 से 83 और मिज़ोरम में 110 से 51 मौतें हुईं। बड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ (6,945 से 6,464), कर्नाटक (12,390 से 12,146) और तेलंगाना (7,949 से 7,566) में भी कमी आई। दिल्ली में मौतें 1,551 से घटकर 1,463 रहीं।
| राज्य | 2024 | 2025 |
|---|---|---|
| पंजाब | 4,759 | 3,062 |
| कर्नाटक | 12,390 | 12,146 |
| तेलंगाना | 7,949 | 7,566 |
| दिल्ली | 1,551 | 1,463 |
और क्या बताया गया?
इसी सत्र में सरकार ने एक और सुरक्षा मुद्दे पर जवाब दिया: CERT-In को पता चला कि कुछ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बैटरी मैनेजमेंट मोबाइल ऐप से चलते ई-रिक्शा को अचानक बंद किया जा सकता था। ऐसे ऐप हटाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय को रिपोर्ट किया गया। मंत्रालय ने 17 जून को दोपहिया, तिपहिया और यात्री व मालवाहक वाहनों के लिए साइबर सुरक्षा और सॉफ़्टवेयर अपडेट से जुड़े मसौदा नियम भी जारी किए।
आम आदमी के लिए इसका मतलब
सवालइन आंकड़ों का आम आदमी के लिए क्या मतलब है?
जवाब: आंकड़े बड़े हैं, लेकिन बचाव के तरीके बहुत आसान हैं: हेलमेट और सीट बेल्ट: दोपहिया पर दोनों सवार अच्छी क्वालिटी का हेलमेट पहनें; कार में पीछे बैठे लोग भी बेल्ट लगाएँ।; रफ़्तार: तय स्पीड लिमिट का पालन करें, ख़ासकर हाईवे और रात में।; नशा और फ़ोन: शराब पीकर या फ़ोन चलाते हुए गाड़ी न चलाएँ।; ग़लत साइड: थोड़ी दूरी बचाने के लिए उल्टी दिशा में न चलें।
- हेलमेट और सीट बेल्ट: दोपहिया पर दोनों सवार अच्छी क्वालिटी का हेलमेट पहनें; कार में पीछे बैठे लोग भी बेल्ट लगाएँ।
- रफ़्तार: तय स्पीड लिमिट का पालन करें, ख़ासकर हाईवे और रात में।
- नशा और फ़ोन: शराब पीकर या फ़ोन चलाते हुए गाड़ी न चलाएँ।
- ग़लत साइड: थोड़ी दूरी बचाने के लिए उल्टी दिशा में न चलें।
- घायल की मदद: हादसा दिखे तो 112 पर कॉल करें; मदद करने वाले को क़ानूनी सुरक्षा मिलती है।
मुआवज़े और बीमा क्लेम के लिए ज़रूरी काग़ज़
सवालहादसे के बाद मुआवज़े या बीमा क्लेम के लिए कौन-से काग़ज़ चाहिए?
जवाब: हादसे के बाद परिवार सदमे में होता है और काग़ज़ों पर ध्यान नहीं जाता। लेकिन यही काग़ज़ आगे इलाज के ख़र्च, बीमा क्लेम या मुआवज़े में काम आते हैं। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत घायल व्यक्ति, गाड़ी/संपत्ति का मालिक या मृतक के क़ानूनी वारिस मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) में मुआवज़े का आवेदन कर सकते हैं।
| काग़ज़ | क्यों ज़रूरी |
|---|---|
| FIR / पुलिस रिपोर्ट की कॉपी | हादसे का आधिकारिक रिकॉर्ड |
| अस्पताल की पर्ची, मेडिकल रिपोर्ट, बिल | चोट और ख़र्च का सबूत |
| गाड़ी का नंबर, RC, बीमा पॉलिसी की जानकारी | किस बीमा कंपनी से दावा होगा |
| मौक़े की तस्वीरें, गवाहों के नंबर | हादसा कैसे हुआ, इसका सबूत |
| आय का सबूत (सैलरी स्लिप, ITR आदि) | मुआवज़े की गणना में काम आता है |
| मृत्यु के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र | वारिसों के दावे के लिए |
अपनी गाड़ी के नुकसान पर: बीमा कंपनी को तुरंत सूचना दें, सर्वे से पहले गाड़ी की मरम्मत न कराएँ, और क्लेम नंबर लिख लें। किसी बिचौलिए को काग़ज़ या पैसे देने से पहले सोचें; सीधे बीमा कंपनी या वकील से बात करना सुरक्षित है।
हादसे की जगह पर पहले 10 मिनट: क्या करें
चोट लगने के बाद का पहला घंटा सबसे क़ीमती माना जाता है, इसलिए हादसे की जगह पर मौजूद आम लोग बहुत कुछ कर सकते हैं। ज़रूरी है कि मदद करते हुए आप ख़ुद सुरक्षित रहें।
- अपनी सुरक्षा पहले: अपनी गाड़ी सड़क से हटाकर रोकें, हैज़र्ड लाइट जलाएँ। रात या कोहरे में पीछे से आ रहे वाहनों को इशारा करने के लिए किसी को दूर खड़ा करें।
- 112 पर कॉल करें: जगह का नाम, नज़दीकी पहचान (पुल, ढाबा, पेट्रोल पंप, किलोमीटर पत्थर) और घायलों की संख्या बताएँ।
- इंजन बंद कराएँ: हादसे वाली गाड़ी का इंजन बंद करवाएँ। ईंधन या गैस की गंध आए तो बीड़ी-सिगरेट और चिंगारी से दूर रहें।
- बिना ज़रूरत न हिलाएँ: गर्दन या रीढ़ में चोट की आशंका हो तो घायल को तभी हटाएँ जब आग या दूसरी गाड़ी से तुरंत ख़तरा हो।
- ख़ून रोकें: बहते ख़ून पर साफ़ कपड़े से लगातार दबाव रखें।
- होश में रखें: घायल से बात करते रहें, भीड़ हटाएँ ताकि हवा मिले। बेहोश व्यक्ति के मुँह में पानी न डालें।
- अस्पताल पहुँचाएँ: एम्बुलेंस देर से आए और घायल को ले जाना सुरक्षित हो, तो नज़दीकी अस्पताल ले जाएँ।
वीडियो बनाने से ज़्यादा ज़रूरी है मदद करना। अगर आप ख़ुद कुछ नहीं कर सकते, तो कम से कम सही जगह और जानकारी के साथ 112 पर कॉल ज़रूर करें।
जब टक्कर मारकर भाग जाए: हिट-एंड-रन मुआवज़ा
कई हादसों में टक्कर मारने वाला वाहन पकड़ा नहीं जाता। ऐसे पीड़ितों के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने 25 फ़रवरी 2022 को “Compensation to Victims of Hit and Run Motor Accidents Scheme, 2022” अधिसूचित की, जो 1 अप्रैल 2022 से पुरानी सोलेशियम योजना, 1989 की जगह लागू है।
| स्थिति | पहले (सोलेशियम योजना) | अब (2022 योजना) |
|---|---|---|
| मृत्यु | ₹25,000 | ₹2,00,000 |
| गंभीर चोट | ₹12,500 | ₹50,000 |
कैसे आवेदन करें:
- हादसे की FIR या पुलिस रिपोर्ट की कॉपी लें, जिसमें लिखा हो कि वाहन का पता नहीं चला।
- इलाज के काग़ज़, मेडिकल रिपोर्ट और (मृत्यु के मामले में) पोस्टमार्टम रिपोर्ट व मृत्यु प्रमाण पत्र संभालकर रखें।
- योजना में दावा “Claims Enquiry Officer” के पास तय फ़ॉर्म में किया जाता है; मंज़ूरी “Claims Settlement Commissioner” देते हैं और राशि सीधे बैंक खाते में आती है। अपने इलाक़े के सही दफ़्तर की जानकारी पुलिस थाने या ज़िला प्रशासन से लें।
- बैंक खाते का विवरण और पहचान पत्र साथ रखें।
मंत्रालय के अनुसार आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया गया है। अगर बाद में वाहन पकड़ा जाता है, तो मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) में अलग से दावा भी किया जा सकता है।

निष्कर्ष
हर आंकड़े के पीछे एक परिवार है। सरकार सड़कें और नियम बेहतर कर रही है, लेकिन हेलमेट, बेल्ट, सही रफ़्तार और नशे से दूरी, ये फ़ैसले हमारे हाथ में हैं। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड REASONS FOR ROAD ACCIDENT IN INDIA भी पढ़ सकते हैं।
हादसे के समय परिवार तक जल्दी ख़बर पहुँचे, इसके लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए: मदद करने वाला उसे स्कैन करके आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक पहुँच सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 25 जुलाई 2026
स्रोत (Sources)
- Hindustan Times, “Road crash deaths rose by 3.5% to 183,382 in 2025, government tells Lok Sabha” (24 जुलाई 2026): https://www.hindustantimes.com/india-news/road-crash-deaths-rose-by-3-5-to-183-382-in-2025-government-tells-lok-sabha-101784872030023.html
- MoRTH, Road Accidents in India: https://morth.gov.in/en/road-accident-in-india
- MoRTH, Good Samaritan: https://morth.gov.in/en/good-samaritan
- मोटर वाहन अधिनियम, 1988, धारा 166 (मुआवज़े के लिए आवेदन): https://indiacode.ecourtsindia.com/mv-act/section/166/
- PIB, हिट-एंड-रन पीड़ितों के मुआवज़े की नई योजना (25 फ़रवरी 2022): https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=1801698
- PIB, लोकसभा उत्तर: हिट-एंड-रन मुआवज़ा और Motor Vehicle Accident Fund: https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1845885
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. 2025 में सड़क हादसों में कितनी मौतें हुईं?
लोकसभा में सरकार के जवाब के अनुसार 1,83,382, जो 2024 से 3.5% ज़्यादा है।
2. 2025 में कुल कितने सड़क हादसे हुए?
5,13,563, जो पिछले साल से 5.3% ज़्यादा है।
3. किस राज्य में सबसे ज़्यादा मौतें बढ़ीं?
उत्तर प्रदेश में, जहाँ मौतें 24,118 से बढ़कर 27,550 हो गईं।
4. किस राज्य में सबसे बड़ी गिरावट आई?
पंजाब में, जहाँ मौतें 4,759 से घटकर 3,062 रह गईं।
5. सड़क हादसे में मुआवज़े का दावा कहाँ होता है?
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) में; दावा जितनी जल्दी हो सके करना बेहतर है और FIR, मेडिकल काग़ज़ व वाहन/बीमा की जानकारी संभालकर रखनी चाहिए।



