सीधा जवाब: मॉनसून में तीन बड़े ख़तरे होते हैं: जलभराव (पानी की गहराई का अंदाज़ा न होना, गाड़ी बंद होना), फिसलन/एक्वाप्लेनिंग (टायर और सड़क के बीच पानी की परत), और कम विज़िबिलिटी। सामान्य नियम: अगर पानी की गहराई का अंदाज़ा नहीं, या पानी गाड़ी के पहिये के आधे से ऊपर लगे, तो उसमें गाड़ी न उतारें; स्पीड कम रखें, आगे की दूरी दोगुनी करें, अचानक ब्रेक-स्टीयरिंग से बचें, और लो-बीम हेडलाइट जलाएँ। सफ़र से पहले टायर, ब्रेक और वाइपर ज़रूर जाँचें।
जलभराव: कब गाड़ी न उतारें
सवालपानी भरी सड़क पर गाड़ी कब नहीं उतारनी चाहिए?
जवाब: पानी की गहराई का अंदाज़ा न हो, या पानी बह रहा हो।; पानी पहिये के आधे से ऊपर लगे (कार की बनावट के अनुसार अलग हो सकता है)।; अंडरपास में पानी भरा हो: यहाँ गहराई अक्सर धोखा देती है।; खुले मैनहोल या गड्ढे का ख़तरा हो।।
- पानी की गहराई का अंदाज़ा न हो, या पानी बह रहा हो।
- पानी पहिये के आधे से ऊपर लगे (कार की बनावट के अनुसार अलग हो सकता है)।
- अंडरपास में पानी भरा हो: यहाँ गहराई अक्सर धोखा देती है।
- खुले मैनहोल या गड्ढे का ख़तरा हो।
अगर पानी पार करना ही पड़े: – पहले गियर में, धीमी और एक जैसी रफ़्तार से; बीच में न रुकें। – सामने से आते वाहनों की लहर से बचें। – पार करने के बाद ब्रेक हल्के-हल्के दबाकर सुखाएँ।
गाड़ी पानी में बंद हो जाए तो: – दोबारा स्टार्ट न करें: इंजन में पानी जाने से बड़ा नुकसान हो सकता है। – पानी बढ़ रहा हो तो सबसे पहले ख़ुद सुरक्षित बाहर निकलें। – बीमा कंपनी/मैकेनिक को बुलाएँ; इंजन सुरक्षा कवर हो तो पॉलिसी देखें।
फिसलन और एक्वाप्लेनिंग
सवालबारिश में गाड़ी फिसलने लगे तो क्या करें?
जवाब: स्टीयरिंग हल्का लगे: एक्सेलरेटर धीरे छोड़ें, स्टीयरिंग सीधा; गाड़ी खिसकने लगे: अचानक ब्रेक नहीं; जिधर जाना है उधर हल्का स्टीयर; पहली बारिश: सड़क पर तेल-धूल से सबसे ज़्यादा फिसलन दोपहिया सवार: सड़क पर पेंट की पट्टियों, मैनहोल ढक्कन और कीचड़ पर ख़ास ध्यान दें; मोड़ पर झुकाव कम।
| संकेत | क्या करें |
|---|---|
| स्टीयरिंग हल्का लगे | एक्सेलरेटर धीरे छोड़ें, स्टीयरिंग सीधा |
| गाड़ी खिसकने लगे | अचानक ब्रेक नहीं; जिधर जाना है उधर हल्का स्टीयर |
| पहली बारिश | सड़क पर तेल-धूल से सबसे ज़्यादा फिसलन |

कम विज़िबिलिटी
सवालबारिश में कम विज़िबिलिटी में कैसे चलाएँ?
जवाब: लो-बीम हेडलाइट जलाएँ; हाई-बीम बारिश में चमक बढ़ाती है।; हैज़र्ड लाइट चलते हुए नहीं : केवल रुकी गाड़ी के लिए।; विंडशील्ड पर धुंध हो तो AC/डीफ़ॉगर का इस्तेमाल करें।; बहुत तेज़ बारिश में सुरक्षित जगह (पार्किंग/ढाबा) पर रुककर इंतज़ार करें, शोल्डर पर नहीं।।
- लो-बीम हेडलाइट जलाएँ; हाई-बीम बारिश में चमक बढ़ाती है।
- हैज़र्ड लाइट चलते हुए नहीं: केवल रुकी गाड़ी के लिए।
- विंडशील्ड पर धुंध हो तो AC/डीफ़ॉगर का इस्तेमाल करें।
- बहुत तेज़ बारिश में सुरक्षित जगह (पार्किंग/ढाबा) पर रुककर इंतज़ार करें, शोल्डर पर नहीं।
मॉनसून से पहले चेकलिस्ट
सवालमॉनसून से पहले गाड़ी में क्या जाँचें?
जवाब: टायर: ट्रेड की गहराई ठीक हो; घिसे टायर एक्वाप्लेनिंग बढ़ाते हैं।; ब्रेक: पैड और फ़्लुइड।; वाइपर: रबर फटा हो तो बदलें; वॉशर में पानी।; लाइट: हेडलाइट, टेल लाइट, इंडिकेटर।; बिजली: बैटरी टर्मिनल पर जंग नहीं।; साथ में: टॉर्च, छाता, फ़र्स्ट-एड।।
- टायर: ट्रेड की गहराई ठीक हो; घिसे टायर एक्वाप्लेनिंग बढ़ाते हैं।
- ब्रेक: पैड और फ़्लुइड।
- वाइपर: रबर फटा हो तो बदलें; वॉशर में पानी।
- लाइट: हेडलाइट, टेल लाइट, इंडिकेटर।
- बिजली: बैटरी टर्मिनल पर जंग नहीं।
- साथ में: टॉर्च, छाता, फ़र्स्ट-एड।
सही हेलमेट कैसे चुनें
सवालसही हेलमेट कैसे चुनें?
जवाब: हेलमेट तभी जान बचाता है जब वह अच्छी क्वालिटी का हो और ठीक से पहना गया हो। सड़क किनारे बिकने वाले सस्ते, पतले हेलमेट सिर्फ़ चालान से बचाते हैं, चोट से नहीं। क़ानूनी बात: सड़क परिवहन मंत्रालय के "Helmet for Riders of Two-Wheeler Motor Vehicles (Quality Control) Order, 2020" के तहत 1 जून 2021 से दोपहिया चालकों के हेलमेट का BIS प्रमाणित होना ज़रूरी है।
| क्या देखें | क्यों |
|---|---|
| ISI मार्क और IS 4151 | मानक के अनुसार बना और जाँचा गया हेलमेट |
| सही नाप | ढीला हेलमेट टक्कर में सिर से निकल सकता है |
| चिन-स्ट्रैप | हर बार बाँधें; बिना स्ट्रैप हेलमेट बेकार है |
| साफ़ वाइज़र | खरोंच वाला वाइज़र रात में रोशनी बिखेरता है |
| पुराना या गिरा हुआ हेलमेट | ज़ोर से गिरा या टक्कर खाया हेलमेट अंदर से कमज़ोर हो सकता है, बदल दें |
पीछे बैठने वाले भी: हेलमेट सिर्फ़ चालक के लिए नहीं, पीछे बैठने वाले के लिए भी उतना ही ज़रूरी है। बच्चों के लिए उनके नाप का हेलमेट लें।
पहनने का सही तरीका: हेलमेट माथे के ऊपर तक आए, दोनों तरफ़ से कसा हुआ लगे, और स्ट्रैप इतना कसा हो कि ठुड्डी और स्ट्रैप के बीच एक-दो उंगली ही जाए।
डिजिटल काग़ज़: मोबाइल में रखें, परेशानी से बचें
ड्राइविंग लाइसेंस या RC घर पर भूल जाना आम बात है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने अगस्त 2018 में राज्यों को एडवाइज़री भेजी कि DigiLocker या mParivahan ऐप में उपलब्ध ड्राइविंग लाइसेंस, RC और दूसरे परिवहन दस्तावेज़ मूल काग़ज़ों के बराबर क़ानूनी रूप से मान्य माने जाएँ।
| दस्तावेज़ | कहाँ रखें |
|---|---|
| ड्राइविंग लाइसेंस | DigiLocker / mParivahan |
| RC (रजिस्ट्रेशन) | DigiLocker / mParivahan |
| बीमा पॉलिसी | बीमा कंपनी की PDF/ऐप; कई पॉलिसियाँ DigiLocker में भी जुड़ती हैं |
| PUC | puc.parivahan.gov.in से डाउनलोड |
कैसे शुरू करें:
- आधिकारिक ऐप स्टोर से DigiLocker या mParivahan ऐप डाउनलोड करें।
- मोबाइल नंबर/आधार से लॉग-इन करें।
- “Issued Documents” में परिवहन विभाग से अपना लाइसेंस और RC जोड़ें।
ध्यान रखें: फ़ोन की गैलरी में रखी फ़ोटो या स्कैन कॉपी वही दर्जा नहीं रखती जो इन आधिकारिक ऐप में जारी दस्तावेज़ रखता है। फ़ोन की बैटरी चार्ज रखें, और लंबे सफ़र में एक फ़ोटोकॉपी भी साथ रखें। किसी अनजान “दस्तावेज़ अपडेट” लिंक पर अपनी जानकारी न डालें।
रात में सफ़र: ज़्यादा सावधानी क्यों ज़रूरी
रात में दिखाई कम देता है, थकान और नींद का असर बढ़ जाता है, और सड़क किनारे बिना रोशनी के खड़े वाहन अचानक सामने आ जाते हैं। रात के सफ़र में ये आदतें मदद करती हैं:
- डिपर का सही इस्तेमाल: सामने से गाड़ी आए या आगे किसी गाड़ी के पीछे चल रहे हों, तो हाई-बीम से लो-बीम पर आएँ। सामने की तेज़ रोशनी से बचने के लिए नज़र सड़क के बाएँ किनारे पर रखें।
- रफ़्तार हेडलाइट की पहुँच के भीतर: जितनी दूर रोशनी में दिख रहा है, उतनी दूरी में रुक पाने वाली रफ़्तार रखें।
- नींद से लड़ें नहीं, रुकें: जम्हाई, आँखें भारी होना या लेन से भटकना नींद के संकेत हैं। सुरक्षित जगह रुककर आराम करें।
- खड़े वाहनों से सावधान: हाईवे पर बिना लाइट खड़े ट्रक या ट्रैक्टर-ट्रॉली बड़ा ख़तरा हैं; दूर से रफ़्तार कम करें।
- अपनी गाड़ी को दिखने लायक रखें: हेडलाइट, टेल-लाइट, ब्रेक लाइट और रिफ़्लेक्टर साफ़ और चालू हों।
- शीशे साफ़: गंदा विंडस्क्रीन रात में रोशनी बिखेरता है।
| जोखिम | बचाव |
|---|---|
| सामने से चकाचौंध | नज़र बाएँ किनारे पर, रफ़्तार कम |
| नींद | रुककर आराम, संभव हो तो ड्राइवर बदलें |
| सड़क किनारे खड़ा वाहन | दूर से धीमे, ओवरटेक सोच-समझकर |

निष्कर्ष
मॉनसून में धैर्य ही सबसे बड़ी सुरक्षा है: धीमे चलें, पानी का अंदाज़ा न हो तो रुकें, और गाड़ी को तैयार रखें। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड TRAFFIC RULES EVERYONE MUST FOLLOW भी पढ़ सकते हैं।
बारिश में किसी भी मुश्किल के लिए गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाइए। मदद करने वाला उसे स्कैन करके आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक पहुँच सकता है, आपका नंबर देखे बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 26 जून 2026
स्रोत (Sources)
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
- NHAI राजमार्गयात्रा (हेल्पलाइन 1033): https://rajmargyatra.nhai.gov.in/
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD): https://mausam.imd.gov.in/
- BIS, Helmet for Riders of Two-Wheeler Motor Vehicles (Quality Control) Order, 2020 (26 नवंबर 2020): https://www.bis.gov.in/wp-content/uploads/2020/12/Helmet-for-riders-of-Two-Wheeler-Motor-Vehicles-Quality-Control-Order-2020.pdf
- PIB, केवल BIS प्रमाणित दोपहिया हेलमेट: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1676466
- PIB, DigiLocker/mParivahan पर दस्तावेज़ों की मान्यता (अगस्त 2018): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1542222
- MoRTH एडवाइज़री, 8 अगस्त 2018 (Parivahan): https://parivahan.gov.in/sites/default/files/NOTIFICATION%26ADVISORY/08-08-2018.pdf
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. बारिश में हैज़र्ड लाइट जलाकर चलना सही है?
नहीं, यह दूसरों को भ्रमित करता है; लो-बीम काफ़ी है।
2. पानी में बंद गाड़ी स्टार्ट कर सकते हैं?
नहीं, इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है।
3. बारिश में कितनी दूरी रखें?
सामान्य से कम से कम दोगुनी।
4. क्या बिना ISI मार्क वाला हेलमेट बेचना मना है?
हाँ। Helmet for Riders of Two-Wheeler Motor Vehicles (Quality Control) Order, 2020 के तहत 1 जून 2021 से दोपहिया हेलमेट का BIS प्रमाणित (IS 4151:2015, ISI मार्क) होना ज़रूरी है।
5. क्या पुलिस DigiLocker में रखा ड्राइविंग लाइसेंस मानेगी?
हाँ। सड़क परिवहन मंत्रालय की 2018 की एडवाइज़री के अनुसार DigiLocker या mParivahan में उपलब्ध ड्राइविंग लाइसेंस, RC और दूसरे परिवहन दस्तावेज़ मूल दस्तावेज़ों के बराबर क़ानूनी रूप से मान्य हैं।



