सीधा जवाब: घने कोहरे में सबसे ज़रूरी तीन बातें हैं: रफ़्तार इतनी रखें कि जितनी दूर दिख रहा है उतनी दूरी में रुक सकें, आगे वाली गाड़ी से सामान्य से कहीं ज़्यादा दूरी रखें, और हाई बीम की जगह लो बीम व फॉग लाइट इस्तेमाल करें। नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर हर साल की तरह 15 दिसंबर 2025 से 15 फ़रवरी 2026 तक हल्के वाहनों की स्पीड लिमिट 100 से घटाकर 75 km/h की जा रही है।
कोहरे में चेन-टक्कर क्यों होती है?
सवालकोहरे में चेन-टक्कर क्यों होती है?
जवाब: कोहरे में दिखने की दूरी कुछ ही मीटर रह जाती है। एक गाड़ी अचानक ब्रेक लगाती है, पीछे वाली को देर से दिखता है, और फिर एक के बाद एक कई गाड़ियाँ टकरा जाती हैं। एक्सप्रेसवे पर तेज़ रफ़्तार और कम दूरी इस ख़तरे को कई गुना बढ़ा देती है।
स्पीड: दिखने की दूरी के हिसाब से
सवालकोहरे में आगे वाली गाड़ी से कितनी दूरी रखें?
जवाब: स्पीड लिमिट अधिकतम सीमा है, लक्ष्य नहीं। घने कोहरे में उससे भी काफ़ी धीमे चलें।; स्पीडोमीटर पर नज़र रखें; कोहरे में रफ़्तार का अंदाज़ा ग़लत हो जाता है।; अचानक ब्रेक से बचें; धीरे-धीरे रफ़्तार कम करें।। यमुना एक्सप्रेसवे: 75 km/h (सामान्य 100): 60 km/h; नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे: 75 km/h (सामान्य 100): 50 km/h
सवालकोहरे में कितनी स्पीड रखें?
जवाब: स्पीड लिमिट अधिकतम सीमा है, लक्ष्य नहीं। घने कोहरे में उससे भी काफ़ी धीमे चलें।; स्पीडोमीटर पर नज़र रखें; कोहरे में रफ़्तार का अंदाज़ा ग़लत हो जाता है।; अचानक ब्रेक से बचें; धीरे-धीरे रफ़्तार कम करें।। स्थानीय नियम का उदाहरण: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) प्रशासन के अनुसार 15 दिसंबर से 15 फ़रवरी तक:
- स्पीड लिमिट अधिकतम सीमा है, लक्ष्य नहीं। घने कोहरे में उससे भी काफ़ी धीमे चलें।
- स्पीडोमीटर पर नज़र रखें; कोहरे में रफ़्तार का अंदाज़ा ग़लत हो जाता है।
- अचानक ब्रेक से बचें; धीरे-धीरे रफ़्तार कम करें।
| सड़क | हल्के वाहन | भारी वाहन |
|---|---|---|
| यमुना एक्सप्रेसवे | 75 km/h (सामान्य 100) | 60 km/h |
| नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे | 75 km/h (सामान्य 100) | 50 km/h |

दूरी: “3 सेकंड” से ज़्यादा
सामान्य मौसम में आगे वाली गाड़ी से कम से कम 2-3 सेकंड की दूरी अच्छी मानी जाती है। कोहरे में इसे दोगुना या उससे ज़्यादा करें। आगे वाली गाड़ी की टेल लाइट से “चिपककर” चलना ख़तरनाक है, क्योंकि उसके रुकते ही आपके पास समय नहीं बचेगा।
लाइट्स: क्या जलाएँ, क्या नहीं
सवालकोहरे में कौन सी लाइट जलाएँ?
जवाब: लो बीम हेडलाइट जलाएँ: हाई बीम न जलाएँ; कोहरा रोशनी लौटाकर आँखें चौंधिया देता है; फॉग लाइट (अगर लगी हैं) चालू रखें: सिर्फ़ पार्किंग लाइट के भरोसे न चलें; रुकना पड़े तो सड़क से पूरी तरह हटकर हैज़र्ड लाइट जलाएँ: लेन में गाड़ी रोककर खड़े न रहें
| करें | न करें |
|---|---|
| लो बीम हेडलाइट जलाएँ | हाई बीम न जलाएँ; कोहरा रोशनी लौटाकर आँखें चौंधिया देता है |
| फॉग लाइट (अगर लगी हैं) चालू रखें | सिर्फ़ पार्किंग लाइट के भरोसे न चलें |
| रुकना पड़े तो सड़क से पूरी तरह हटकर हैज़र्ड लाइट जलाएँ | लेन में गाड़ी रोककर खड़े न रहें |
सफ़र से पहले की तैयारी
- विंडशील्ड और वाइपर: घिसे वाइपर बदलें; डीफ़ॉगर काम कर रहा हो।
- लाइटें: हेडलाइट, टेल लाइट, फॉग लाइट और इंडिकेटर चेक करें।
- रिफ़्लेक्टिव टेप: कमर्शियल वाहनों पर पीछे रिफ़्लेक्टिव टेप ज़रूरी है; ये रात और कोहरे में दिखने में मदद करते हैं।
- समय बदलें: संभव हो तो सुबह-सुबह के घने कोहरे में सफ़र टालें।
कोहरे में ड्राइविंग के दौरान
- खिड़की थोड़ी खोलें, ताकि बाहर की आवाज़ें (हॉर्न, ब्रेक) सुन सकें।
- सड़क के बाएँ किनारे की सफ़ेद पट्टी को गाइड की तरह इस्तेमाल करें।
- ओवरटेक से बचें।
- मोबाइल, तेज़ म्यूज़िक जैसी चीज़ों से ध्यान न भटकाएँ।
- बहुत ज़्यादा कोहरा हो तो सुरक्षित जगह (ढाबा, पेट्रोल पंप) पर रुककर इंतज़ार करें।
सही हेलमेट कैसे चुनें
सवालसही हेलमेट कैसे चुनें?
जवाब: हेलमेट तभी जान बचाता है जब वह अच्छी क्वालिटी का हो और ठीक से पहना गया हो। सड़क किनारे बिकने वाले सस्ते, पतले हेलमेट सिर्फ़ चालान से बचाते हैं, चोट से नहीं। क़ानूनी बात: सड़क परिवहन मंत्रालय के "Helmet for Riders of Two-Wheeler Motor Vehicles (Quality Control) Order, 2020" के तहत 1 जून 2021 से दोपहिया चालकों के हेलमेट का BIS प्रमाणित होना ज़रूरी है।
| क्या देखें | क्यों |
|---|---|
| ISI मार्क और IS 4151 | मानक के अनुसार बना और जाँचा गया हेलमेट |
| सही नाप | ढीला हेलमेट टक्कर में सिर से निकल सकता है |
| चिन-स्ट्रैप | हर बार बाँधें; बिना स्ट्रैप हेलमेट बेकार है |
| साफ़ वाइज़र | खरोंच वाला वाइज़र रात में रोशनी बिखेरता है |
| पुराना या गिरा हुआ हेलमेट | ज़ोर से गिरा या टक्कर खाया हेलमेट अंदर से कमज़ोर हो सकता है, बदल दें |
पीछे बैठने वाले भी: हेलमेट सिर्फ़ चालक के लिए नहीं, पीछे बैठने वाले के लिए भी उतना ही ज़रूरी है। बच्चों के लिए उनके नाप का हेलमेट लें।
पहनने का सही तरीका: हेलमेट माथे के ऊपर तक आए, दोनों तरफ़ से कसा हुआ लगे, और स्ट्रैप इतना कसा हो कि ठुड्डी और स्ट्रैप के बीच एक-दो उंगली ही जाए।
निकलने से पहले गाड़ी की 5 मिनट की जाँच
कई हादसे गाड़ी की छोटी-सी ख़राबी से शुरू होते हैं, जिसे निकलने से पहले पकड़ा जा सकता था। यह जाँच सूची किसी भी कार, बाइक या छोटे व्यावसायिक वाहन के लिए काम की है:
| क्या देखें | कैसे |
|---|---|
| टायर | हवा का दबाव कंपनी की बताई मात्रा के अनुसार; घिसाव, कट या उभार तो नहीं |
| ब्रेक | पैडल ढीला या आवाज़ तो नहीं; बाइक में आगे-पीछे दोनों ब्रेक |
| लाइट और इंडिकेटर | हेडलाइट (लो/हाई), ब्रेक लाइट, इंडिकेटर, पीछे के रिफ़्लेक्टर |
| वाइपर और शीशे | वाइपर ठीक चले, शीशे और मिरर साफ़ हों |
| तरल पदार्थ | इंजन ऑयल, कूलेंट, ब्रेक ऑयल का स्तर |
| काग़ज़ | ड्राइविंग लाइसेंस, RC, बीमा और PUC |
गाड़ी में ये चीज़ें रखें: फ़र्स्ट-एड किट, टॉर्च, चेतावनी तिकोन, पानी, चार्ज किया फ़ोन और परिवार/इमरजेंसी के नंबर।
ख़ुद की जाँच भी: नींद पूरी हो, शराब या नींद लाने वाली दवा न ली हो, और रास्ता पहले से देख लिया हो। परिवार को बता दें कि आप कब निकले और कब तक पहुँचने का अंदाज़ा है।
रात में सफ़र: ज़्यादा सावधानी क्यों ज़रूरी
रात में दिखाई कम देता है, थकान और नींद का असर बढ़ जाता है, और सड़क किनारे बिना रोशनी के खड़े वाहन अचानक सामने आ जाते हैं। रात के सफ़र में ये आदतें मदद करती हैं:
- डिपर का सही इस्तेमाल: सामने से गाड़ी आए या आगे किसी गाड़ी के पीछे चल रहे हों, तो हाई-बीम से लो-बीम पर आएँ। सामने की तेज़ रोशनी से बचने के लिए नज़र सड़क के बाएँ किनारे पर रखें।
- रफ़्तार हेडलाइट की पहुँच के भीतर: जितनी दूर रोशनी में दिख रहा है, उतनी दूरी में रुक पाने वाली रफ़्तार रखें।
- नींद से लड़ें नहीं, रुकें: जम्हाई, आँखें भारी होना या लेन से भटकना नींद के संकेत हैं। सुरक्षित जगह रुककर आराम करें।
- खड़े वाहनों से सावधान: हाईवे पर बिना लाइट खड़े ट्रक या ट्रैक्टर-ट्रॉली बड़ा ख़तरा हैं; दूर से रफ़्तार कम करें।
- अपनी गाड़ी को दिखने लायक रखें: हेडलाइट, टेल-लाइट, ब्रेक लाइट और रिफ़्लेक्टर साफ़ और चालू हों।
- शीशे साफ़: गंदा विंडस्क्रीन रात में रोशनी बिखेरता है।
| जोखिम | बचाव |
|---|---|
| सामने से चकाचौंध | नज़र बाएँ किनारे पर, रफ़्तार कम |
| नींद | रुककर आराम, संभव हो तो ड्राइवर बदलें |
| सड़क किनारे खड़ा वाहन | दूर से धीमे, ओवरटेक सोच-समझकर |

निष्कर्ष
कोहरे में “थोड़ा धीमे, थोड़ा दूर” का नियम ही सबसे भरोसेमंद है। देर से पहुँचना, न पहुँचने से बेहतर है। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड TRAFFIC RULES EVERYONE MUST FOLLOW भी पढ़ सकते हैं।
कोहरे में अगर आप कहीं फँस जाएँ, तो परिवार तक संपर्क ज़रूरी होता है। गाड़ी पर लगा Rakshak Code QR मदद करने वाले को आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट तक पहुँचने देता है, आपका नंबर दिखाए बिना।
सुरक्षित चलाइए, और पहुँच में रहिए।
आख़िरी अपडेट: 10 दिसंबर 2025
स्रोत (Sources)
- The Times of India, “Speed limit on Yamuna Expressway set to reduce to 75kmph till Feb 15”, 6 दिसंबर 2025: https://timesofindia.indiatimes.com/city/noida/speed-limit-on-yamuna-expressway-set-to-reduce-to-75kmph-till-feb-15/articleshow/125795488.cms
- Hindustan Times, “Speed limit on Noida and Yamuna Expressway to reduce from December 15”: https://www.hindustantimes.com/cities/noida-news/speed-limit-on-noida-and-yamuna-expressway-to-reduce-from-december-15-101764958751932.html
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/en/road-safety
- BIS, Helmet for Riders of Two-Wheeler Motor Vehicles (Quality Control) Order, 2020 (26 नवंबर 2020): https://www.bis.gov.in/wp-content/uploads/2020/12/Helmet-for-riders-of-Two-Wheeler-Motor-Vehicles-Quality-Control-Order-2020.pdf
- PIB, केवल BIS प्रमाणित दोपहिया हेलमेट: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1676466
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. कोहरे में हाई बीम क्यों नहीं जलानी चाहिए?
हाई बीम की रोशनी कोहरे की बूँदों से टकराकर वापस आती है और सामने का दृश्य और धुंधला कर देती है।
2. क्या चलते समय हैज़र्ड लाइट जलानी चाहिए?
हैज़र्ड लाइट रुकी हुई या ख़तरे में खड़ी गाड़ी का संकेत है। चलते समय इससे पीछे वाले भ्रमित हो सकते हैं, और इंडिकेटर भी नहीं दिखते। चलते समय लो बीम और फॉग लाइट बेहतर हैं।
3. यमुना एक्सप्रेसवे पर सर्दियों में स्पीड लिमिट क्या है?
15 दिसंबर 2025 से 15 फ़रवरी 2026 तक हल्के वाहनों के लिए 75 km/h और भारी वाहनों के लिए 60 km/h।
4. सफ़र से पहले गाड़ी में क्या-क्या जाँचें?
टायर (हवा और घिसाव), ब्रेक, लाइट, इंडिकेटर, वाइपर और हॉर्न जाँचें, और ड्राइविंग लाइसेंस, RC, बीमा और PUC साथ रखें।
5. क्या बिना ISI मार्क वाला हेलमेट बेचना मना है?
हाँ। Helmet for Riders of Two-Wheeler Motor Vehicles (Quality Control) Order, 2020 के तहत 1 जून 2021 से दोपहिया हेलमेट का BIS प्रमाणित (IS 4151:2015, ISI मार्क) होना ज़रूरी है।



