सीधा जवाब: 4 और 5 नवंबर 2026 को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और आसपास के इलाक़ों में चार अलग-अलग सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। The New Indian Express की 6 नवंबर की रिपोर्ट में ये चार मामले एक साथ दर्ज हैं: पोरूर टोल के पास बजरी लदी लॉरी से पिलियन महिला की मौत, अर्कॉट रोड पर नशे में शेयर ऑटो से बुज़ुर्ग पैदल यात्री की मौत, नवालूर के पास बाइक-बाइक टक्कर में छात्र की मौत, और कदंबड़ी फ़्लाईओवर के पास ब्रेक फेल होने से पलटी लॉरी में ड्राइवर की मौत।
चार हादसे क्या थे
सवालचेन्नई के चार अलग हादसों में क्या हुआ?
जवाब: 1. पोरूर टोल—पेराच्ची (38): The New Indian Express और The Hindu के अनुसार बुधवार शाम/रात मदुरावoyal अलापक्कम निवासी पेराच्ची पति के साथ मोटरसाइकिल पर पिलियन थीं। पोरूर टोल प्लाज़ा के पास बजरी लदी लॉरी ने बाइक को टक्कर मारी; पेराच्ची पहियों के नीचे आ गईं। पति मुथुसामी को मामूली चोटें आईं। लॉरी ड्राइवर विग्नेश (विल्लुपुरम) गिरफ़्तार। Hindu के अनुसार दंपति तंबरम से कार्यक्रम के बाद घर लौट रहे थे।
2. वडापलानी अर्कॉट रोड—सौक्करराज / साउक्करराज (63): बुधवार रात/गुरुवार को वडापलानी में अर्कॉट रोड पर कमला थिएटर के पास पैदल चल रहे बुज़ुर्ग को शेयर ऑटो ने टक्कर मार दी; सिर की गंभीर चोट से मौत। पुलिस ने ड्राइवर एम. अंबारासन को गिरफ़्तार किया और जाँच में पाया कि वह नशे में गाड़ी चला रहा था। नाम की स्पेलिंग रिपोर्टों में Sowkarraj / Saukkarraj अलग है।
3. नवालूर—परवीन कुमार (17): New Indian Express के अनुसार एदयूर के प्रथम वर्ष पॉलिटेक्निक छात्र परवीन कुमार की दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में मौत; दूसरी बाइक पर गोकुलाकृष्णन और निशा समेत तीन घायल। इस मामले की विस्तृत स्वतंत्र पुष्टि हमें English राउंडअप के अलावा सीमित मिली।
4. कदंबड़ी फ़्लाईओवर—देवेंद्रन (47): गुरुवार सुबह कदंबड़ी फ़्लाईओवर के पास विल्लुपुरम कुलाथूर निवासी लॉरी ड्राइवर देवेंद्रन की लॉरी में कथित ब्रेक फेल होकर नाले/खाई में पलटने से मौत; फायर-रेस्क्यू ने क़रीब एक घंटे बाद केबिन से शव निकाला।
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| अवधि | 4–5 नवंबर 2026 (दो दिन) |
| मौतें | 4 (पेराच्ची, सौक्करराज, परवीन कुमार, देवेंद्रन) |
| प्रमुख कारक (रिपोर्ट) | भारी लॉरी-बाइक टक्कर; नशे में शेयर ऑटो; बाइक-बाइक; ब्रेक फेल |
| गिरफ़्तारियाँ | विग्नेश (लॉरी), अंबारासन (शेयर ऑटो) — रिपोर्टों के अनुसार |
नोट: चारों मामलों का पूरा राउंडअप मुख्य रूप से New Indian Express पर है; पोरूर और वडापलानी की पुष्टि The Hindu से भी होती है। नवालूर और कदंबड़ी के लिए हमने अतिरिक्त English स्रोत सीमित पाए, इसलिए विवरण Express पर आधारित हैं।
नशे में ड्राइविंग
सवालवडापलानी शेयर ऑटो मामले में नशे में ड्राइविंग पर क्या कार्रवाई हुई?
जवाब: वडापलानी मामले में पुलिस ने साफ़ कहा कि शेयर ऑटो ड्राइवर नशे में था। शहर में रात के शेयर ऑटो और कैब अक्सर तेज़ और लापरवाह चलाए जाते हैं; नशा इसमें और जोखिम जोड़ता है। नशे में ड्राइविंग के ख़िलाफ़ हाल की कार्रवाई पर हमारी पोस्ट बेंगलुरु स्पेशल ड्राइव: 617 नशे में ड्राइविंग केस और अहमदाबाद निकोल: नशे में Fortuner हादसा भी देखें।
अगर आपको लगे कि ड्राइवर नशे में है—शेयर ऑटो हो या कैब—तो सवारी छोड़ दें और 112 पर शिकायत दर्ज कराएँ। पैदल चलते बुज़ुर्ग रात में रिफ़्लेक्टिव कपड़े और फ़ुटपाथ का इस्तेमाल करें।

शहर में कैसे सुरक्षित रहें
सवालशहर की सड़कों पर रात में कैसे सुरक्षित रहें?
जवाब: पिलियन हमेशा हेलमेट बाँधें; रात में चमकीले/रिफ़्लेक्टिव कपड़े पहनें।; टोल प्लाज़ा, फ़्लाईओवर और सर्विस रोड जंक्शन पर रफ़्तार कम रखें—यहाँ अचानक लेन बदलना आम है।; शेयर ऑटो/कैब में अगर ड्राइवर नशे या बहुत तेज़ लगे तो उतर जाएँ।; लॉरी-ट्रक ड्राइवर ब्रेक, लाइट और टायर की रोज़ाना जाँच करें; ब्रेक फेल संदेह हो तो तुरंत सुरक्षित जगह रोकें।
- पिलियन हमेशा हेलमेट बाँधें; रात में चमकीले/रिफ़्लेक्टिव कपड़े पहनें।
- टोल प्लाज़ा, फ़्लाईओवर और सर्विस रोड जंक्शन पर रफ़्तार कम रखें—यहाँ अचानक लेन बदलना आम है।
- शेयर ऑटो/कैब में अगर ड्राइवर नशे या बहुत तेज़ लगे तो उतर जाएँ।
- लॉरी-ट्रक ड्राइवर ब्रेक, लाइट और टायर की रोज़ाना जाँच करें; ब्रेक फेल संदेह हो तो तुरंत सुरक्षित जगह रोकें।
- बाइक पर ओवरस्पीड और गलत तरफ़ गाड़ी चलाना आमने-सामने की टक्कर का बड़ा कारण है।
शराब पीकर गाड़ी नहीं: घर पहुँचने के सुरक्षित विकल्प
सवालशराब पीने के बाद घर कैसे पहुँचें?
जवाब: धारा 185 के तहत ख़ून में 30 mg प्रति 100 ml से ज़्यादा अल्कोहल के साथ गाड़ी चलाना अपराध है। 2019 संशोधन के बाद पहली बार 6 महीने तक जेल या ₹10,000 तक जुर्माना या दोनों, और 3 साल के भीतर दोबारा पकड़े जाने पर 2 साल तक जेल या ₹15,000 तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। लेकिन असली ख़तरा जुर्माना नहीं, हादसा है।
| विकल्प | कब काम आता है |
|---|---|
| डेज़िग्नेटेड ड्राइवर | ग्रुप में कोई एक व्यक्ति पूरी शाम शराब न पिए और सबको घर छोड़े |
| कैब/ऑटो | शहर में, देर रात भी |
| मेट्रो/बस | आख़िरी सेवा का समय पहले देख लें |
| वहीं रुक जाना | शादी या दूर के समारोह में |
| परिवार को बुलाना | पास में रहते हों |
कुछ ग़लतफ़हमियाँ: कॉफ़ी, ठंडा पानी या खाना खाने से ख़ून में अल्कोहल जल्दी कम नहीं होता; शरीर को समय चाहिए। “बस एक पेग” भी शरीर, वज़न और खाली पेट के हिसाब से सीमा पार करा सकता है। देर रात तक पीने के बाद अगली सुबह भी शरीर में अल्कोहल रह सकता है।
दोस्त ज़िद करे तो: चाबी अपने पास ले लें, कैब बुक कर दें, और उसकी गाड़ी में न ख़ुद बैठें, न दूसरों को बैठने दें।
भारी वाहनों के साथ सड़क साझा करते समय
सवालट्रक या डंपर के पास गाड़ी चलाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब: ट्रक, डंपर और ट्रेलर बड़े और भारी होते हैं, उन्हें रुकने में ज़्यादा दूरी लगती है और ड्राइवर को आसपास की कई जगहें दिखाई नहीं देतीं। छोटे वाहन, बाइक और पैदल चलने वाले इन्हीं "अंधे कोनों" (ब्लाइंड स्पॉट) में सबसे ज़्यादा ख़तरे में होते हैं।
| ख़तरे की जगह | क्या करें |
|---|---|
| ट्रक के ठीक पीछे | इतनी दूरी रखें कि साइड-मिरर में ट्रक ड्राइवर दिखे |
| ट्रक के बाएँ बगल में | ज़्यादा देर न रुकें; मुड़ते समय ट्रक बाईं ओर दबता है |
| ढलान और मोड़ | ओवरटेक न करें; भारी वाहन के ब्रेक पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है |
| सड़क किनारे खड़ा ट्रक | रात में दूर से रफ़्तार कम करें; कई ट्रकों पर रिफ़्लेक्टर या लाइट नहीं होती |
ओवरटेक करने के नियम सीधे हैं: सिर्फ़ दाईं ओर से, तभी जब आगे साफ़ दिखे; इंडिकेटर दें, और ट्रक से आगे निकलकर इतनी दूरी बनाकर ही वापस लेन में आएँ कि वह आपको पीछे से न छुए।
भारी वाहन चालकों के लिए: ओवरलोडिंग न करें, लंबे सफ़र में आराम लें, ख़राब होने पर गाड़ी सड़क से पूरी तरह हटाएँ और पीछे चेतावनी तिकोन, पार्किंग लाइट या रिफ़्लेक्टर लगाएँ। सड़क पर बिना रोशनी के खड़ा ट्रक रात में बहुत बड़ा ख़तरा है।
हादसे की जगह पर पहले 10 मिनट: क्या करें
चोट लगने के बाद का पहला घंटा सबसे क़ीमती माना जाता है, इसलिए हादसे की जगह पर मौजूद आम लोग बहुत कुछ कर सकते हैं। ज़रूरी है कि मदद करते हुए आप ख़ुद सुरक्षित रहें।
- अपनी सुरक्षा पहले: अपनी गाड़ी सड़क से हटाकर रोकें, हैज़र्ड लाइट जलाएँ। रात या कोहरे में पीछे से आ रहे वाहनों को इशारा करने के लिए किसी को दूर खड़ा करें।
- 112 पर कॉल करें: जगह का नाम, नज़दीकी पहचान (पुल, ढाबा, पेट्रोल पंप, किलोमीटर पत्थर) और घायलों की संख्या बताएँ।
- इंजन बंद कराएँ: हादसे वाली गाड़ी का इंजन बंद करवाएँ। ईंधन या गैस की गंध आए तो बीड़ी-सिगरेट और चिंगारी से दूर रहें।
- बिना ज़रूरत न हिलाएँ: गर्दन या रीढ़ में चोट की आशंका हो तो घायल को तभी हटाएँ जब आग या दूसरी गाड़ी से तुरंत ख़तरा हो।
- ख़ून रोकें: बहते ख़ून पर साफ़ कपड़े से लगातार दबाव रखें।
- होश में रखें: घायल से बात करते रहें, भीड़ हटाएँ ताकि हवा मिले। बेहोश व्यक्ति के मुँह में पानी न डालें।
- अस्पताल पहुँचाएँ: एम्बुलेंस देर से आए और घायल को ले जाना सुरक्षित हो, तो नज़दीकी अस्पताल ले जाएँ।
वीडियो बनाने से ज़्यादा ज़रूरी है मदद करना। अगर आप ख़ुद कुछ नहीं कर सकते, तो कम से कम सही जगह और जानकारी के साथ 112 पर कॉल ज़रूर करें।

निष्कर्ष
दो दिनों में चार अलग मौतें चेन्नई की सड़कों पर एक ही पैटर्न दिखाती हैं—भारी वाहन की रफ़्तार, नशा, दोपहिया की लापरवाही और मेंटेनेंस की कमी। नशे में गाड़ी न चलाएँ, पिलियन हेलमेट बाँधें और हादसा दिखे तो तुरंत 112 कॉल करें। अपनी गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाएँ, ताकि इमरजेंसी में स्कैन करने वाला बिना नंबर देखे आपके परिवार तक पहुँच सके। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड REASONS FOR ROAD ACCIDENT IN INDIA भी पढ़ सकते हैं।
आख़िरी अपडेट: 6 नवंबर 2026
स्रोत (Sources)
- The New Indian Express, Four killed in separate road accidents in Chennai (6 नवंबर 2026): https://www.newindianexpress.com/cities/chennai/2026/Nov/06/four-killed-in-separate-road-accidents-in-chennai
- The Hindu, Elderly man hit by share auto dies in Vadapalani; drunk driver arrested (also covers Porur Peratchi) (5 नवंबर 2026): https://www.thehindu.com/news/cities/chennai/elderly-man-hit-by-share-auto-dies-in-vadapalani-drunk-driver-arrested/article71668772.ece
- The Indian Express, नए ट्रैफ़िक जुर्माने (1 सितंबर 2019): https://indianexpress.com/article/india/new-traffic-fines-list-motor-vehicles-act-2019-5955543/
- PIB, मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के प्रावधान (सारांश): https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/MVA.pdf
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. चेन्नई के इन चार हादसों में किनकी मौत हुई?
पेराच्ची (38, पोरूर), सौक्करराज/साउक्करराज (63, वडापलानी), परवीन कुमार (17, नवालूर) और देवेंद्रन (47, कदंबड़ी)।
2. नशे में ड्राइविंग वाला मामला कौन सा था?
वडापलानी अर्कॉट रोड पर शेयर ऑटो ने पैदल बुज़ुर्ग को टक्कर मारी; पुलिस ने ड्राइवर अंबारासन को नशे में ड्राइविंग के साथ गिरफ़्तार किया।
3. पोरूर हादसे में ड्राइवर गिरफ़्तार हुआ?
हाँ। बजरी लदी लॉरी के ड्राइवर विग्नेश (विल्लुपुरम) को गिरफ़्तार बताया गया है।
4. शहर में रात पैदल चलते समय क्या करें?
फ़ुटपाथ इस्तेमाल करें, चमकीले कपड़े पहनें, फ़ोन में ध्यान न भटकाएँ और तेज़ ऑटो/बाइक आने पर किनारे हो जाएँ।
9. नशे में गाड़ी चलाने पर क्या सज़ा है?
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत नशे में ड्राइविंग पर जुर्माना और/या जेल हो सकती है; लाइसेंस भी निलंबित हो सकता है। बीमा दावा भी प्रभावित होता है। स्थानीय पुलिस की जाँच और कोर्ट का फ़ैसला अंतिम होता है।
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