सीधा जवाब: कर्नाटक के यादगीर ज़िले के शाहपुर तालुक में शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 की देर रात क़रीब 11 से 11:30 बजे के बीच इब्राहिमपुर गाँव / DBL कैंप के पास निर्माणाधीन छह-लेन चेन्नई-सूरत एक्सप्रेसवे पर एक तेज़ रफ़्तार कार (KA-34 N-6622) बेकाबू होकर निर्माणाधीन पुल की दीवार से टकरा गई। कार में सवार चारों युवकों की मौत हो गई—ड्राइवर गुरुराज सुरेश चव्हाण/चौहान (29), रेड्डी बामला राठौड़ (33), गोविंद सीत्या चव्हाण (28) और कुमार रामू राठौड़ (26)। शाहपुर थाने में केस दर्ज हुआ है (वार्ता भारती, सालार न्यूज़, सियासत डेली, डेक्कन हेराल्ड)।
हादसा कैसे हुआ
सवालयादगीर एक्सप्रेसवे पुल हादसा कैसे हुआ?
जवाब: सालार न्यूज़ और सियासत के अनुसार चारों युवक कलबुर्गी ज़िले के जेवरगी से यादगीर की ओर जा रहे थे। रफ़्तार तेज़ होने के कारण ड्राइवर का नियंत्रण छूटा और कार एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन पुल/दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
वार्ता भारती के मुताबिक ड्राइवर गुरुराज और आगे बैठे रेड्डी की मौके पर मौत हो गई। पीछे बैठे गोविंद और कुमार गंभीर घायल हुए; उन्हें एम्बुलेंस से यादगीर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ रात क़रीब 1:20 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। चारों मृतक यादगीर तालुक के अलग-अलग तांडों (बस्तियों) के रहने वाले थे—सियासत के अनुसार तीन मल्हार तांडा और एक लिंगेरी तांडा से।
मृतक रेड्डी के भाई मंग्या बामला राठौड़ ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया कि ड्राइवर गुरुराज तेज़ और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था, जिससे कार बेकाबू होकर पुल से टकराई। सियासत के अनुसार यादगीर SP पृथ्विक शंकर ने मौके का मुआयना किया।
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| तारीख़ / समय | शुक्रवार 6 नवंबर 2026, रात ~11:00–11:30 |
| जगह | इब्राहिमपुर / DBL कैंप के पास, शाहपुर तालुक, यादगीर |
| सड़क | निर्माणाधीन छह-लेन चेन्नई-सूरत एक्सप्रेसवे/हाईवे |
| वाहन | कार KA-34 N-6622 |
| मौत | 4 — गुरुराज (29), रेड्डी (33), गोविंद (28), कुमार (26) |
| केस | शाहपुर पुलिस थाना |
रिपोर्टों में अंतर
सवालयादगीर हादसे की रिपोर्टों में क्या अंतर हैं?
जवाब: मौत कहाँ हुई: वार्ता भारती/सालार — दो की मौके पर, दो की अस्पताल में; सियासत — चारों की मौके पर; डेक्कन हेराल्ड — दो ने शाहपुर के अस्पताल में दम तोड़ा (वार्ता भारती में यादगीर सरकारी अस्पताल)।; ड्राइवर की उम्र: वार्ता भारती/सालार/डेक्कन हेराल्ड — 29 साल; सियासत — 35 साल।; सरनेम: चव्हाण / चौहान / Chouhan—अंग्रेज़ी रिपोर्टों में अलग-अलग स्पेलिंग।
- मौत कहाँ हुई: वार्ता भारती/सालार — दो की मौके पर, दो की अस्पताल में; सियासत — चारों की मौके पर; डेक्कन हेराल्ड — दो ने शाहपुर के अस्पताल में दम तोड़ा (वार्ता भारती में यादगीर सरकारी अस्पताल)।
- ड्राइवर की उम्र: वार्ता भारती/सालार/डेक्कन हेराल्ड — 29 साल; सियासत — 35 साल।
- सरनेम: चव्हाण / चौहान / Chouhan—अंग्रेज़ी रिपोर्टों में अलग-अलग स्पेलिंग।
- टक्कर किससे: कुछ रिपोर्टों में “निर्माणाधीन पुल”, कुछ में पुल की “प्रोटेक्शन वॉल”—दोनों एक ही ढाँचे की बात करती दिखती हैं।
हाईवे पर तेज़ कार की टक्कर का एक और मामला: इटावा, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर ट्रक में घुसी कार।

निर्माणाधीन हाईवे पर रात का सफ़र—सुरक्षा टिप्स
सवालनिर्माणाधीन हाईवे या एक्सप्रेसवे पर रात में कैसे सुरक्षित चलें?
जवाब: निर्माण क्षेत्र में रफ़्तार आधी करें: डायवर्ज़न, अधूरे पुल और अचानक लेन बदलना रात में दिखते नहीं।; हाई-बीम पर भरोसा न करें: बैरिकेड पर रिफ़्लेक्टर न हों तो दीवार बहुत पास आकर दिखती है।; थकान में न चलाएँ: देर रात सफ़र हो तो ड्राइवर बदलें या रुककर आराम करें।; पीछे की सीट पर भी सीट बेल्ट: पीछे बैठे यात्रियों के लिए भी बेल्ट उतनी ही ज़रूरी है।
- निर्माण क्षेत्र में रफ़्तार आधी करें: डायवर्ज़न, अधूरे पुल और अचानक लेन बदलना रात में दिखते नहीं।
- हाई-बीम पर भरोसा न करें: बैरिकेड पर रिफ़्लेक्टर न हों तो दीवार बहुत पास आकर दिखती है।
- थकान में न चलाएँ: देर रात सफ़र हो तो ड्राइवर बदलें या रुककर आराम करें।
- पीछे की सीट पर भी सीट बेल्ट: पीछे बैठे यात्रियों के लिए भी बेल्ट उतनी ही ज़रूरी है।
- ख़तरनाक जगह की शिकायत करें: बिना रोशनी या बिना संकेत वाले निर्माण क्षेत्र की शिकायत NHAI हेल्पलाइन 1033 पर करें।
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित सफ़र के नियम
सवालएक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब: एक्सप्रेसवे पर रफ़्तार ज़्यादा होती है, इसलिए छोटी-सी चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है। इन बातों का ध्यान रखिए: बोर्ड पर लिखी रफ़्तार ही मानें: अलग-अलग वाहनों और हिस्सों के लिए गति सीमा अलग होती है, और मौसम (जैसे कोहरा) में अस्थायी रूप से घटाई भी जाती है।; लेन अनुशासन: धीमे वाहन बाईं लेन में रहें, दाईं लेन सिर्फ़ ओवरटेक के लिए है। बार-बार लेन बदलना ख़तरनाक है।
- बोर्ड पर लिखी रफ़्तार ही मानें: अलग-अलग वाहनों और हिस्सों के लिए गति सीमा अलग होती है, और मौसम (जैसे कोहरा) में अस्थायी रूप से घटाई भी जाती है।
- लेन अनुशासन: धीमे वाहन बाईं लेन में रहें, दाईं लेन सिर्फ़ ओवरटेक के लिए है। बार-बार लेन बदलना ख़तरनाक है।
- बीच सड़क कभी न रुकें: फ़ोन, रास्ता पूछने या सामान ठीक करने के लिए कैरिजवे पर रुकना जानलेवा हो सकता है। रुकना ही हो तो तय रेस्ट एरिया या शोल्डर पर।
- टायर और गाड़ी की जाँच: सफ़र से पहले टायर का दबाव, घिसाव, कूलेंट और ब्रेक देख लें। तेज़ रफ़्तार पर कमज़ोर टायर फटने का ख़तरा बढ़ता है।
- थकान को हल्के में न लें: नींद या आँखें भारी लगें तो रुककर आराम करें; लंबे सफ़र में बीच-बीच में ब्रेक लें।
- दूरी बनाए रखें: आगे वाली गाड़ी से इतनी दूरी रखें कि अचानक ब्रेक पर रुक सकें।
| मुसीबत | क्या करें |
|---|---|
| गाड़ी ख़राब | बाईं ओर शोल्डर पर, हैज़र्ड लाइट, पीछे चेतावनी तिकोन |
| सवारियाँ | बैरियर के पार सुरक्षित जगह खड़ी हों, गाड़ी में न बैठें |
| मदद | NHAI हेल्पलाइन 1033 या 112 पर कॉल करें |
रात में सफ़र: ज़्यादा सावधानी क्यों ज़रूरी
सवालरात में गाड़ी चलाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब: रात में दिखाई कम देता है, थकान और नींद का असर बढ़ जाता है, और सड़क किनारे बिना रोशनी के खड़े वाहन अचानक सामने आ जाते हैं। रात के सफ़र में ये आदतें मदद करती हैं: डिपर का सही इस्तेमाल: सामने से गाड़ी आए या आगे किसी गाड़ी के पीछे चल रहे हों, तो हाई-बीम से लो-बीम पर आएँ।
- डिपर का सही इस्तेमाल: सामने से गाड़ी आए या आगे किसी गाड़ी के पीछे चल रहे हों, तो हाई-बीम से लो-बीम पर आएँ। सामने की तेज़ रोशनी से बचने के लिए नज़र सड़क के बाएँ किनारे पर रखें।
- रफ़्तार हेडलाइट की पहुँच के भीतर: जितनी दूर रोशनी में दिख रहा है, उतनी दूरी में रुक पाने वाली रफ़्तार रखें।
- नींद से लड़ें नहीं, रुकें: जम्हाई, आँखें भारी होना या लेन से भटकना नींद के संकेत हैं। सुरक्षित जगह रुककर आराम करें।
- खड़े वाहनों से सावधान: हाईवे पर बिना लाइट खड़े ट्रक या ट्रैक्टर-ट्रॉली बड़ा ख़तरा हैं; दूर से रफ़्तार कम करें।
- अपनी गाड़ी को दिखने लायक रखें: हेडलाइट, टेल-लाइट, ब्रेक लाइट और रिफ़्लेक्टर साफ़ और चालू हों।
- शीशे साफ़: गंदा विंडस्क्रीन रात में रोशनी बिखेरता है।
| जोखिम | बचाव |
|---|---|
| सामने से चकाचौंध | नज़र बाएँ किनारे पर, रफ़्तार कम |
| नींद | रुककर आराम, संभव हो तो ड्राइवर बदलें |
| सड़क किनारे खड़ा वाहन | दूर से धीमे, ओवरटेक सोच-समझकर |
हादसे की जगह पर पहले 10 मिनट: क्या करें
चोट लगने के बाद का पहला घंटा सबसे क़ीमती माना जाता है, इसलिए हादसे की जगह पर मौजूद आम लोग बहुत कुछ कर सकते हैं। ज़रूरी है कि मदद करते हुए आप ख़ुद सुरक्षित रहें।
- अपनी सुरक्षा पहले: अपनी गाड़ी सड़क से हटाकर रोकें, हैज़र्ड लाइट जलाएँ। रात या कोहरे में पीछे से आ रहे वाहनों को इशारा करने के लिए किसी को दूर खड़ा करें।
- 112 पर कॉल करें: जगह का नाम, नज़दीकी पहचान (पुल, ढाबा, पेट्रोल पंप, किलोमीटर पत्थर) और घायलों की संख्या बताएँ।
- इंजन बंद कराएँ: हादसे वाली गाड़ी का इंजन बंद करवाएँ। ईंधन या गैस की गंध आए तो बीड़ी-सिगरेट और चिंगारी से दूर रहें।
- बिना ज़रूरत न हिलाएँ: गर्दन या रीढ़ में चोट की आशंका हो तो घायल को तभी हटाएँ जब आग या दूसरी गाड़ी से तुरंत ख़तरा हो।
- ख़ून रोकें: बहते ख़ून पर साफ़ कपड़े से लगातार दबाव रखें।
- होश में रखें: घायल से बात करते रहें, भीड़ हटाएँ ताकि हवा मिले। बेहोश व्यक्ति के मुँह में पानी न डालें।
- अस्पताल पहुँचाएँ: एम्बुलेंस देर से आए और घायल को ले जाना सुरक्षित हो, तो नज़दीकी अस्पताल ले जाएँ।
वीडियो बनाने से ज़्यादा ज़रूरी है मदद करना। अगर आप ख़ुद कुछ नहीं कर सकते, तो कम से कम सही जगह और जानकारी के साथ 112 पर कॉल ज़रूर करें।

निष्कर्ष
अधूरा एक्सप्रेसवे दिन में सीधा और ख़ाली लगता है, लेकिन रात में वही अधूरा पुल जानलेवा बन सकता है। निर्माण क्षेत्र में धीरे चलें और थकान में गाड़ी न चलाएँ। हादसा दिखे तो 112 पर कॉल करें और खुद तेज़ ट्रैफ़िक वाली सड़क (कैरिजवे) पर खड़े न हों। अपनी गाड़ी पर Rakshak Code QR लगाएँ, ताकि स्कैन करने वाला बिना नंबर देखे परिवार से संपर्क कर सके। इस विषय की बुनियादी जानकारी के लिए हमारी पुरानी गाइड REASONS FOR ROAD ACCIDENT IN INDIA भी पढ़ सकते हैं।
आख़िरी अपडेट: 8 नवंबर 2026
स्रोत (Sources)
- Vartha Bharati, Yadgir: Four persons killed as car collides with an under-construction bridge (7 Nov 2026): https://english.varthabharati.in/karnataka/yadgir-four-persons-killed-as-car-collides-with-an-under-construction-bridge-2289194
- Salar News, Four youths killed as car crashes into under-construction expressway bridge in Yadgir (7 Nov 2026): https://www.salarnews.in/state-news/details/51014/four-youths-killed-as-car-crashes-into-under-construction-expressway-bridge-in-yadgir
- The Siasat Daily, Car crashes into wall on under-construction expressway, 4 killed (7 Nov 2026): https://www.siasat.com/car-crashes-into-wall-on-under-construction-expressway-4-killed-3571395/
- Deccan Herald, Four youths killed after car crashes into protection wall of under-construction bridge in Yadgir (8 Nov 2026): https://www.deccanherald.com/india/karnataka/four-youths-killed-after-car-crashes-into-protection-wall-of-under-construction-bridge-in-yadgir-4211616
- NHAI राजमार्गयात्रा (हेल्पलाइन 1033): https://rajmargyatra.nhai.gov.in/
- MoRTH, सड़क सुरक्षा: https://morth.gov.in/road-safety
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. हादसा कहाँ हुआ?
कर्नाटक के यादगीर ज़िले के शाहपुर तालुक में इब्राहिमपुर गाँव / DBL कैंप के पास, निर्माणाधीन चेन्नई-सूरत एक्सप्रेसवे पर।
2. कितने लोगों की मौत हुई?
कार में सवार चारों युवकों की—गुरुराज, रेड्डी, गोविंद और कुमार।
3. हादसे की वजह क्या बताई गई?
शिकायत और शुरुआती जानकारी के अनुसार तेज़ रफ़्तार और लापरवाह ड्राइविंग से कार बेकाबू होकर निर्माणाधीन पुल से टकराई।
4. केस कहाँ दर्ज हुआ?
शाहपुर पुलिस थाने में; मृतक रेड्डी के भाई मंग्या बामला राठौड़ की शिकायत पर।
5. क्या चारों की मौत मौके पर हुई थी?
वार्ता भारती और सालार न्यूज़ के अनुसार ड्राइवर और आगे बैठे यात्री की मौके पर मौत हुई, जबकि पीछे बैठे दोनों युवकों ने अस्पताल में रात क़रीब 1:20 बजे दम तोड़ा। सियासत डेली की शुरुआती रिपोर्ट में चारों की मौके पर मौत लिखी गई। हमने विस्तृत रिपोर्ट वाले संस्करण को प्राथमिक माना है।


